किसी कार्यालय से प्रेषित अंग्रेज़ी में तैयार और हिंदी में हस्ताक्षरित पत्र को हिंदी में प्रेषित पत्रों में गिने जाने का कोई प्रावधान नहीं है।
राजभाषा विभाग का ऐसा कोई आदेश है ही नहीं तो मिलेगा कहाँ से!
राजभाषा नियमों में भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
राष्ट्रपति के विभिन्न आदेशों में भी ऐसा कोई संदर्भ नहीं है।
राजभाषा नियम 7 के प्रावधानों के तहत किसी कर्मचारी द्वारा प्रस्तुत कोई अपील, अभ्यावेदन तथा आवेदन पत्र यदि हिन्दी में अथवा हिंदी में हस्ताक्षरित है तो उसपर की जाने वाली कार्रवाई तथा उसके उत्तर आदि केवल हिंदी में दिए जाने हैं। इस संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय का मिथिलेश कुमार बनाम भारत सरकार मामले में पारित दिनांक: 01-05-2013 का निर्णय भी देखा जा सकता
है।