हिंदी में हस्ताक्षरित पत्र को हिंदी में लिखा हुआ पत्र मानने से संबंधित राजभाषा विभाग का आदेश

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Hariraam

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Sep 5, 2013, 2:47:27 AM9/5/13
to rajb...@googlegroups.com
इस विषय संबंधी आदेश की प्रति राजभाषा विभाग के वेबसाइट पर नहीं मिली।
न ही नियम पुस्तिका में।
 
यदि इसकी प्रति कहीं उपलब्ध है तो कृपया इसकी कड़ी दें।
 
इसे राजभाषा विभाग के वेवसाइट पर उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।
हरिराम

विजय

unread,
Sep 5, 2013, 2:57:54 AM9/5/13
to rajb...@googlegroups.com
महोदय,
राजभाषा नियम 1976 का नियम 7(2) देखें ।(यह आवदेन,अभ्‍यावेदन से संबंधित हैं) जो राजभाषा विभाग की वेबसाईट पर उपलब्‍ध हैं ।
धन्‍यवाद ।

बृहस्पतिवार, 5 सितम्बर 2013 12:17:27 pm UTC+5:30 को, Hariraam ने लिखा:

Dr Rajeev kumar Rawat

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Sep 5, 2013, 3:39:30 AM9/5/13
to rajb...@googlegroups.com
मेरे विचार से यह नियम 7 (2)  पत्राचार की हिन्दी में गिनती के लिए भ्रामक है। हिन्दी में ह्स्ताक्षरित पत्र को कतई हिन्दी का नहीं माना जा सकता ।
यह नियम मात्र इस लिए है कि सरकार आवेदनकर्ता को उस भाषा में उत्तर दे जिसमें उसने हस्ताक्षर किया है हो सकता है कि वह आवेदन उसने किसी वकील से या किसी और से लिखाया हो किंतु वह उत्तर हिन्दी में चाहता है या हिन्दी उसे आती है। नौसेना भी इसी तरह का एक केस सर्वोच्च न्यायालय से हारी है।
सादर


2013/9/5 विजय <013....@gmail.com>

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--
डॉ. राजीव कुमार रावत,हिंदी अधिकारी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर-721302
09641049944,09564156315

ajai malik

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Sep 5, 2013, 5:27:23 AM9/5/13
to rajb...@googlegroups.com
किसी कार्यालय से प्रेषित अंग्रेज़ी में तैयार और हिंदी में हस्ताक्षरित पत्र को हिंदी में प्रेषित पत्रों में गिने जाने का कोई प्रावधान नहीं है।
राजभाषा विभाग का ऐसा कोई आदेश है ही नहीं तो मिलेगा कहाँ से!
राजभाषा नियमों में भी ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। 
राष्ट्रपति के विभिन्न आदेशों में भी ऐसा कोई संदर्भ नहीं है।   
राजभाषा नियम 7 के प्रावधानों के तहत किसी कर्मचारी द्वारा प्रस्तुत कोई अपील, अभ्यावेदन तथा आवेदन पत्र यदि हिन्दी में अथवा हिंदी में हस्ताक्षरित है तो उसपर की जाने वाली कार्रवाई तथा उसके उत्तर आदि केवल हिंदी में दिए जाने हैं। इस संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय का मिथिलेश कुमार बनाम भारत सरकार मामले में पारित दिनांक: 01-05-2013 का निर्णय भी देखा जा सकता है।

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विजय

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Sep 5, 2013, 6:01:25 AM9/5/13
to rajb...@googlegroups.com
आदरणीय मलिक सर,
कृपया दि.01/05/2013 के उच्‍चतम न्‍यायालय के निर्णय के संबंध में विस्‍तृत रुप से जानकारी देने की कृपा करें । जैसे केस नं.इ.
धन्‍यवाद ।

बृहस्पतिवार, 5 सितम्बर 2013 12:17:27 pm UTC+5:30 को, Hariraam ने लिखा:
इस विषय संबंधी आदेश की प्रति राजभाषा विभाग के वेबसाइट पर नहीं मिली।

ajai malik

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Sep 5, 2013, 12:53:43 PM9/5/13
to rajb...@googlegroups.com
बंधुवर प्रति संलग्न है।

From: विजय <013....@gmail.com>
To: rajb...@googlegroups.com
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Mithilesh Kumar Order (1).pdf

विजय

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Sep 6, 2013, 2:05:14 AM9/6/13
to rajb...@googlegroups.com
धन्‍यवाद आदरणीय मलिक सर,
यह बहुत ही महत्‍वपूर्ण निर्णय हैं ।
पुनश्‍च धन्‍यवाद ।
--विजय 


बृहस्पतिवार, 5 सितम्बर 2013 12:17:27 pm UTC+5:30 को, Hariraam ने लिखा:
इस विषय संबंधी आदेश की प्रति राजभाषा विभाग के वेबसाइट पर नहीं मिली।
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