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Rajkumar Makwana
27/10/2024
बढ़ती उम्र में इन्हें छोड़ दीजिए।।
*बढ़ती उम्र में इन्हें छोड़ दीजिए।।* From FB by ब्रह्मचर्य यूथ एक दो बार समझाने से यदि कोई नहीं समझ रहा
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बढ़ती उम्र में इन्हें छोड़ दीजिए।।
*बढ़ती उम्र में इन्हें छोड़ दीजिए।।* From FB by ब्रह्मचर्य यूथ एक दो बार समझाने से यदि कोई नहीं समझ रहा
27/10/2024
Rajkumar Makwana
30/05/2023
is it worth the penny? / શું તે એક પૈસા જેટલું ય મૂલ્યવાન છે?. / क्या यह एक पैसा के लायक (कीमती) है?
अफलानि दुरन्तानि समव्ययफलानि च। अशक्यानि च वस्तूनि नारभेत विचक्षणः॥ बल्ललादेवस्य भोजप्रभन्धात्
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is it worth the penny? / શું તે એક પૈસા જેટલું ય મૂલ્યવાન છે?. / क्या यह एक पैसा के लायक (कीमती) है?
अफलानि दुरन्तानि समव्ययफलानि च। अशक्यानि च वस्तूनि नारभेत विचक्षणः॥ बल्ललादेवस्य भोजप्रभन्धात्
30/05/2023
Rajkumar Makwana
29/05/2023
Do not smell, hear or see and perish.../ સૂંઘશો નહીં, સાંભળશો નહીં કે જુઓ નહીં અને નાશ પામો.. / न सूंघें, न सुनें, न देखें और नष्ट हो जाएं...
उपस्थितविनाशः पथ्यवाक्यं न शृणोति ॥चाणक्यसूत्रं ३९५॥ दीपनिर्वाणगन्धम् च न सुहृद्वाक्यमरुन्धतीम्। न
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Do not smell, hear or see and perish.../ સૂંઘશો નહીં, સાંભળશો નહીં કે જુઓ નહીં અને નાશ પામો.. / न सूंघें, न सुनें, न देखें और नष्ट हो जाएं...
उपस्थितविनाशः पथ्यवाक्यं न शृणोति ॥चाणक्यसूत्रं ३९५॥ दीपनिर्वाणगन्धम् च न सुहृद्वाक्यमरुन्धतीम्। न
29/05/2023
Rajkumar Makwana
28/05/2023
Do not pollute / પ્રદૂષિત કરશો નહીં / प्रदूषित मत करो
नाप्सु मूत्रं कुर्यात् चाणक्यसूत्रम् ४०६ न मूत्रं पथि कुर्वीत न भस्मनि न गोव्रजे न फालकृष्टे न जले न
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Do not pollute / પ્રદૂષિત કરશો નહીં / प्रदूषित मत करो
नाप्सु मूत्रं कुर्यात् चाणक्यसूत्रम् ४०६ न मूत्रं पथि कुर्वीत न भस्मनि न गोव्रजे न फालकृष्टे न जले न
28/05/2023
Rajkumar Makwana
27/05/2023
it shows, no? / તે બતાવે છે, ના? यह दिखाता है, नहीं?
it shows, no? व्यवहारेऽन्तर्गतमाकारः सूचयति चाणक्यनीतिसूत्रं॥ ५५४॥ आकरैरिङ्गितैर्गत्या चेष्ठया भाषणेन
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it shows, no? / તે બતાવે છે, ના? यह दिखाता है, नहीं?
it shows, no? व्यवहारेऽन्तर्गतमाकारः सूचयति चाणक्यनीतिसूत्रं॥ ५५४॥ आकरैरिङ्गितैर्गत्या चेष्ठया भाषणेन
27/05/2023
Rajkumar Makwana
26/05/2023
Soothing hands of friendship / મિત્રતાના સુખદાયક હાથ / दोस्ती के सुखदायक हाथ
Soothing hands of friendship न तन्मित्रं यस्य कोपाद्बिभेति यद्वा शङ्कितेनोर्पचर्यं। यस्मिन्मित्रे
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Soothing hands of friendship / મિત્રતાના સુખદાયક હાથ / दोस्ती के सुखदायक हाथ
Soothing hands of friendship न तन्मित्रं यस्य कोपाद्बिभेति यद्वा शङ्कितेनोर्पचर्यं। यस्मिन्मित्रे
26/05/2023
Rajkumar Makwana
25/05/2023
That day will come/તે દિવસ આવશે/ वह दिन आएगा
या साधूंस्च खलान् करोति विदुषो मूर्खान् हितान् द्वेषिणः। प्रत्यक्षं कुरुते परोक्षममृतं हालहलं
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That day will come/તે દિવસ આવશે/ वह दिन आएगा
या साधूंस्च खलान् करोति विदुषो मूर्खान् हितान् द्वेषिणः। प्रत्यक्षं कुरुते परोक्षममृतं हालहलं
25/05/2023
Rajkumar Makwana
24/05/2023
strange bonanza /अजीब उपहार /વિચિત્ર સમૃદ્ધિ-ભેટ
भग्नाशस्य करण्डपिण्डिततनोः म्लानेन्द्रियस्य क्षुधा कृत्वाखुर् विवरं स्वयं निपतितो नक्तं मुखे भोगिनः।
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strange bonanza /अजीब उपहार /વિચિત્ર સમૃદ્ધિ-ભેટ
भग्नाशस्य करण्डपिण्डिततनोः म्लानेन्द्रियस्य क्षुधा कृत्वाखुर् विवरं स्वयं निपतितो नक्तं मुखे भोगिनः।
24/05/2023
Rajkumar Makwana
23/05/2023
Right delegation and execution / અધિકાર સોંપણી અને અમલ / सही कार्यभार (प्रतिनिधिमंडल) और निष्पादन
भृत्यैर्विना स्वयं राजा लोकाऽनुग्रहकारिभिः। मयूखैरिव दीप्तांशुस्तेजस्व्यपि न शोभते॥ विष्णुशर्मविरचिते
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Right delegation and execution / અધિકાર સોંપણી અને અમલ / सही कार्यभार (प्रतिनिधिमंडल) और निष्पादन
भृत्यैर्विना स्वयं राजा लोकाऽनुग्रहकारिभिः। मयूखैरिव दीप्तांशुस्तेजस्व्यपि न शोभते॥ विष्णुशर्मविरचिते
23/05/2023
Rajkumar Makwana
22/05/2023
Bottled imp / બોટલ્ડ imp / बोतलबंद छोटा सा भूत
तपःसारः इन्द्रियनिग्रहः॥४७५॥ चाणक्यसूत्राद् यौवनं धनसंपत्तिः प्रभुत्त्वमविवेकिता॥ एकैकमप्यनर्थाय किमु
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Bottled imp / બોટલ્ડ imp / बोतलबंद छोटा सा भूत
तपःसारः इन्द्रियनिग्रहः॥४७५॥ चाणक्यसूत्राद् यौवनं धनसंपत्तिः प्रभुत्त्वमविवेकिता॥ एकैकमप्यनर्थाय किमु
22/05/2023
Rajkumar Makwana
21/05/2023
Influence of contacts / સંપર્કોનો પ્રભાવ / संपर्कों का प्रभाव
सन्तप्तायसि संस्थितस्य पयसो नामापि न श्रूतते मुक्ताकरतया तदेव नळिनीपत्रस्थितं दृश्यते।
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Influence of contacts / સંપર્કોનો પ્રભાવ / संपर्कों का प्रभाव
सन्तप्तायसि संस्थितस्य पयसो नामापि न श्रूतते मुक्ताकरतया तदेव नळिनीपत्रस्थितं दृश्यते।
21/05/2023
Rajkumar Makwana
20/05/2023
His company washes away all flaws./ તેની કંપની બધી ખામીઓને ધોઈ નાખે છે. /उनकी कंपनी सभी दोषों को धो देती है।
दोषाकरोऽपि कुटिलोऽपि कळङ्गितोऽपि मित्रावसानसमये विहितोदयोऽपि चन्द्रस्तदाऽपि हरवल्लभतामुपैति
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His company washes away all flaws./ તેની કંપની બધી ખામીઓને ધોઈ નાખે છે. /उनकी कंपनी सभी दोषों को धो देती है।
दोषाकरोऽपि कुटिलोऽपि कळङ्गितोऽपि मित्रावसानसमये विहितोदयोऽपि चन्द्रस्तदाऽपि हरवल्लभतामुपैति
20/05/2023
Rajkumar Makwana
19/05/2023
Harsh words burn the heart for ever / કઠોર શબ્દો હંમેશ માટે હૃદયને બાળી નાખે છે/ कटु वचन हृदय को सदा के लिए जला देते हैं
अग्निदाहादपि विशिष्टं वाक्पारुष्यं॥७५॥ चाणक्यसूत्राद् agnidāhādapi viśiṣṭaṁ vākpāruṣyaṁ||75||
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Harsh words burn the heart for ever / કઠોર શબ્દો હંમેશ માટે હૃદયને બાળી નાખે છે/ कटु वचन हृदय को सदा के लिए जला देते हैं
अग्निदाहादपि विशिष्टं वाक्पारुष्यं॥७५॥ चाणक्यसूत्राद् agnidāhādapi viśiṣṭaṁ vākpāruṣyaṁ||75||
19/05/2023
Rajkumar Makwana
18/05/2023
Balance between dignity and desire. / ગૌરવ અને ઇચ્છા વચ્ચે સંતુલન. / गरिमा और इच्छा के बीच संतुलन।
Balance between dignity and desire. भ्रान्तं देशमनेकदुर्ग्गविषमं प्राप्तं न किञ्चित् फलं। त्यक्त्वा
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Balance between dignity and desire. / ગૌરવ અને ઇચ્છા વચ્ચે સંતુલન. / गरिमा और इच्छा के बीच संतुलन।
Balance between dignity and desire. भ्रान्तं देशमनेकदुर्ग्गविषमं प्राप्तं न किञ्चित् फलं। त्यक्त्वा
18/05/2023
Rajkumar Makwana
17/05/2023
Concept of relativity / સાપેક્ષતાનો ખ્યાલ / सापेक्षता की अवधारणा
परिक्षीणः कश्चित् स्पृहयति यवानां प्रसृतये स पश्चात्संपूर्णः कलयति धरित्रीं तृणसमां। अतश्चानैकान्ता
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Concept of relativity / સાપેક્ષતાનો ખ્યાલ / सापेक्षता की अवधारणा
परिक्षीणः कश्चित् स्पृहयति यवानां प्रसृतये स पश्चात्संपूर्णः कलयति धरित्रीं तृणसमां। अतश्चानैकान्ता
17/05/2023
Rajkumar Makwana
16/05/2023
Panic and be damned / ગભરાશો અને શાપિત થાઓ / घबराओ और शापित हो
अप्रतीकारेषु व्यसनेष्वनादरो न कर्तव्यः॥२५२॥ चाणक्यसूत्राद् ॥याते समुद्रेऽपि हि पोतभङ्गे सांयात्रिको
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Panic and be damned / ગભરાશો અને શાપિત થાઓ / घबराओ और शापित हो
अप्रतीकारेषु व्यसनेष्वनादरो न कर्तव्यः॥२५२॥ चाणक्यसूत्राद् ॥याते समुद्रेऽपि हि पोतभङ्गे सांयात्रिको
16/05/2023
Rajkumar Makwana
15/05/2023
Accurate accounting / સચોટ હિસાબ /सटीक लेखा
न ततो हि सहायार्थे माता भार्या च तिष्ठति। न पुत्रमित्रौ न ज्ञातिर्धर्मस्तिष्ठति केवलः॥३३॥
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Accurate accounting / સચોટ હિસાબ /सटीक लेखा
न ततो हि सहायार्थे माता भार्या च तिष्ठति। न पुत्रमित्रौ न ज्ञातिर्धर्मस्तिष्ठति केवलः॥३३॥
15/05/2023
Rajkumar Makwana
13/05/2023
It is in the fingers that play the lute/ તે આંગળીઓમાં છે જે વાંસળી વગાડે છે/ यह उंगलियों में है जो वीणा बजाते हैं
अश्वः शस्त्रं शास्त्रं वीणा वाणी नरश्च नारी च। पुरुषविशेषं प्राप्ता भवत्ययोग्याश्च योग्याश्च॥११९॥
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It is in the fingers that play the lute/ તે આંગળીઓમાં છે જે વાંસળી વગાડે છે/ यह उंगलियों में है जो वीणा बजाते हैं
अश्वः शस्त्रं शास्त्रं वीणा वाणी नरश्च नारी च। पुरुषविशेषं प्राप्ता भवत्ययोग्याश्च योग्याश्च॥११९॥
13/05/2023
Rajkumar Makwana
12/05/2023
*बुजुर्ग नहीं भाग्यशाली बनिए
*बुजुर्ग नहीं भाग्यशाली बनिए* ❤️❤️ 📚🧘🏼♂️🕉️🎂🌷🪗🎻 जापान में डॉ. वाडा 70 साल से अधिक उम्र के लोगों को
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*बुजुर्ग नहीं भाग्यशाली बनिए
*बुजुर्ग नहीं भाग्यशाली बनिए* ❤️❤️ 📚🧘🏼♂️🕉️🎂🌷🪗🎻 जापान में डॉ. वाडा 70 साल से अधिक उम्र के लोगों को
12/05/2023
Rajkumar Makwana
11/05/2023
Unwavering Stance / अटूट रुख / અટલ વલણ
क्षुधार्तो न तृणं चरति सिंहः॥१६४॥ चाणक्यसूत्राद् संपत्तौ च विपत्तौ च महतां एकरूपता। उदये सविता रक्तः
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Unwavering Stance / अटूट रुख / અટલ વલણ
क्षुधार्तो न तृणं चरति सिंहः॥१६४॥ चाणक्यसूत्राद् संपत्तौ च विपत्तौ च महतां एकरूपता। उदये सविता रक्तः
11/05/2023
Rajkumar Makwana
10/05/2023
Inherently Rich સ્વાભાવિક રીતે સમૃદ્ધ
करे श्राघ्य्स्त्यागः शिरसि गुरुपादप्रणमता मुखे सत्या वाणी विजयि भुजयोर्वीर्यमतुलं। हृदि स्वच्छ
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Inherently Rich સ્વાભાવિક રીતે સમૃદ્ધ
करे श्राघ्य्स्त्यागः शिरसि गुरुपादप्रणमता मुखे सत्या वाणी विजयि भुजयोर्वीर्यमतुलं। हृदि स्वच्छ
10/05/2023
Rajkumar Makwana
08/05/2023
wisest answers (Yudhistir)/ સૌથી સમજદાર જવાબ (યુધિષ્ઠિર ) /सबसे बुद्धिमान जवाब
yakṣa uvāca- ko modate kimāścaryaṁ kaḥ pantha kā ca vārtikā| vada me catura praśnān mṛtā jīvantu
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wisest answers (Yudhistir)/ સૌથી સમજદાર જવાબ (યુધિષ્ઠિર ) /सबसे बुद्धिमान जवाब
yakṣa uvāca- ko modate kimāścaryaṁ kaḥ pantha kā ca vārtikā| vada me catura praśnān mṛtā jīvantu
08/05/2023
kmnhns
08/05/2023
Pakau Corner
A Man is Trying to Cross the Street As he steps off the curb a car comes screaming around the corner
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Pakau Corner
A Man is Trying to Cross the Street As he steps off the curb a car comes screaming around the corner
08/05/2023
Rajkumar Makwana
07/05/2023
Tainted money is abhorrent / કલંકિત ધન ઘૃણાજનક છે / दूषित धन घृणित है
अवमानेनागतमैश्वर्यं अवमन्यते साधुः॥१६०॥ चाणक्यनीत्यां अधमा धनमिच्छन्ति धनं मानश्च मध्यमाः। उत्तमाः
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Tainted money is abhorrent / કલંકિત ધન ઘૃણાજનક છે / दूषित धन घृणित है
अवमानेनागतमैश्वर्यं अवमन्यते साधुः॥१६०॥ चाणक्यनीत्यां अधमा धनमिच्छन्ति धनं मानश्च मध्यमाः। उत्तमाः
07/05/2023
Rajkumar Makwana
07/05/2023
T H R E E S O M E !
No words to describe..... Patient Photographer " !!!!! http://fotki.yandex.ru/users/dreamnataly/
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T H R E E S O M E !
No words to describe..... Patient Photographer " !!!!! http://fotki.yandex.ru/users/dreamnataly/
07/05/2023
Rajkumar Makwana
07/05/2023
सुप्रभात सभी सदस्य
-- Extra dose :- You can found more stuffs on net as under; Blog. 1.2 https://whatsappmesseging.
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सुप्रभात सभी सदस्य
-- Extra dose :- You can found more stuffs on net as under; Blog. 1.2 https://whatsappmesseging.
07/05/2023
Rajkumar Makwana
06/05/2023
Prayer to water at the time of upasana to sandhya. / સંધ્યાની પૂજા સમયે જળ ચઢાવવાની પ્રાર્થના / / संध्या / शाम की पूजा के दौरान जल अर्पण की प्रार्थना
आपो वा इदग्ँ सर्वं विश्वाभूतान्यापः प्राणा वा आपः पशवः आपः अन्नमापः। अमृतमापः च्छन्दाग्ँस्याप
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Prayer to water at the time of upasana to sandhya. / સંધ્યાની પૂજા સમયે જળ ચઢાવવાની પ્રાર્થના / / संध्या / शाम की पूजा के दौरान जल अर्पण की प्रार्थना
आपो वा इदग्ँ सर्वं विश्वाभूतान्यापः प्राणा वा आपः पशवः आपः अन्नमापः। अमृतमापः च्छन्दाग्ँस्याप
06/05/2023
Rajkumar Makwana
05/05/2023
The brave thrives by valour / બહાદુર પરાક્રમ પર ખીલે છે / वीर शौर्य से फलता-फूलता है
मदसिक्तमुखैर्मृगाधिपः करिभिर्वर्तयते स्वयं हतैः। लघयन्खलु तेजसाजगन्न महानिच्छति भूतिमन्यतः॥ भारवेः
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The brave thrives by valour / બહાદુર પરાક્રમ પર ખીલે છે / वीर शौर्य से फलता-फूलता है
मदसिक्तमुखैर्मृगाधिपः करिभिर्वर्तयते स्वयं हतैः। लघयन्खलु तेजसाजगन्न महानिच्छति भूतिमन्यतः॥ भारवेः
05/05/2023
Rajkumar Makwana
05/05/2023
The Five Fires / પાંચ આગ / पांच आग
पञ्चाग्नयो मनुष्येण परिचर्याः प्रयत्नतः। पिता माताग्निरात्मा च गुरुश्च भरतर्षभ॥६२॥ महाभारते
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The Five Fires / પાંચ આગ / पांच आग
पञ्चाग्नयो मनुष्येण परिचर्याः प्रयत्नतः। पिता माताग्निरात्मा च गुरुश्च भरतर्षभ॥६२॥ महाभारते
05/05/2023
Rajkumar Makwana
04/05/2023
Anger saps the strength /क्रोध शक्ति को चूस लेता है /
शुचि भूषयति श्रुतं वपुः प्रशमस्तस्य भवत्य्लङ्क्रिया। प्रशमाभरणं पराक्रमः स नयापादितसिद्धिभूषणः॥
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Anger saps the strength /क्रोध शक्ति को चूस लेता है /
शुचि भूषयति श्रुतं वपुः प्रशमस्तस्य भवत्य्लङ्क्रिया। प्रशमाभरणं पराक्रमः स नयापादितसिद्धिभूषणः॥
04/05/2023