ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट,जेवर हेतु भारत सरकार से स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध

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YEIDA

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Feb 23, 2010, 7:48:32 PM2/23/10
to YEIDA
ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट,जेवर हेतु भारत सरकार से स्वीकृति प्रदान करने
का अनुरोध
लखनऊ:उत्तर प्रदेश के सांसदों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने आज नई दिल्ली में
भारत सरकार के नागर विमानन मंत्री श्री प्रफुल्ल पटेल से भेंट की और ताज
इन्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के लिये भारत सरकार से तत्काल स्वीकृति प्रदान
करने का अनुरोध किया।
प्रतिनिधिमण्डल ने कहा कि कैबिनेट की स्वीकृति लिये जाते समय केवल एक
शर्त रखी गयी थी कि 150 कि0मी0 की परिधि के भीतर एक दूसरा
अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाये जाने की स्थिति में नये एयरपोर्ट में
इन्दिरा गांधी इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के प्रवर्तक ‘डायल’ को ‘फर्स्ट राईट
ऑफ रिफ्यूज़ल’ एवं 10 प्रतिशत ‘प्राईस प्रिफरेन्स’ देना होगा और अनुबन्ध
में भी यही प्राविधान रखा गया है। ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट पर कैबिनेट से
स्वीकृति दिये जाने के समय इस शर्त पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सहमति
प्रदान कर दी गई थी। उस समय उत्तर प्रदेश सरकार से ताज इन्टरनेशनल
एयरपोर्ट के विकास के लिये बनाये जाने वाली ‘एस0पी0वी0’ में राज्य सरकार
की सहभागिता भी मांगी गई थी। इस सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा स्पष्ट
कर दिया गया था कि ताज एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी (सम्प्रति, यमुना एक्सप्रेस-
वे अथॉरिटी) ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना के लिये नोडल एजेन्सी होगी
एवम् एस0पी0वी0 में राज्य सरकार प्रतिनिधित्व एवं सहभागिता भी करेगी।
सांसदों के प्रतिनिधिमण्डल ने श्री प्रफुल्ल पटेल को अवगत कराया कि भारत
सरकार द्वारा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट की स्वीकृति हेतु लगाई गई आवश्यक
शर्तें उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 2007 में ही पूरी की जा चुकी हैं,
इसलिए ‘ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट’ की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा अविलम्ब
दी जानी चाहिये। प्रतिनिधि मण्डल ने बताया कि दिल्ली का एयर ट्रैफिक अब
केवल इन्दिरा गांधी इन्टरनेशनल एयरपोर्ट से ही हैण्डिल किया जाना सम्भव
नहीं है, इसलिये यह अत्यंत जरूरी हो गया है कि दिल्ली के लिये एक दूसरा
इन्टरनेशनल एयरपोर्ट ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर तत्काल स्वीकृत कर
दिया जाए। ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट के अभी स्वीकृत होने के बाद ही वर्ष
20015-16 तक दिल्ली के ‘‘एयर ट्रैफिक कंजेशन’’ का निदान हो सकेगा।
सांसदों ने जोरदार शब्दों में अवगत कराया कि पिछले तीन वर्षों में
ट्रैफिक की ग्रोथ अनुमानों की अपेक्षा कहीं ज्यादा रही है और कोई भी
व्यक्ति जो इन्दिरा गांधी इन्टरनेशनल एयरपोर्ट का उपयोग करता है, उसे
एयरपोर्ट में हो रहे ‘‘ट्रैफिक कंजेशन’’ का सामना करना पड़ता है।
प्रतिनिधिमण्डल ने इस बात पर भी जोर दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा
वर्ष 2007 की ट्रैफिक स्टडी के प्रोजेक्शन्स के आधार पर अध्ययन रिपोर्ट
भारत सरकार को भेज दी गई, जिसके अनुसार 2016 तक इन्दिरा गांधी इन्टरनेशनल
एयरपोर्ट में ट्रैफिक 100 मिलियन से अधिक अनुमानित है। इन्टरनेशनल
एयरपोर्ट अथॉरिटी का ‘‘ट्रैफिक प्रोजेक्शन’’ भी यही हैं।
प्रतिनिधिमण्डल ने इस बात पर भी जोर दिया कि ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट,
जेवर बनाने के लिये ट्रिगर प्वॉइण्ट या ट्रैफिक स्टडी कराये जाने की बात
अनावश्यक है। राज्य सरकार को 2003 में जो मूल स्वीकृति प्रदान की गई थी,
उसमें किसी ‘ट्रिगर प्वॉइण्ट’ या ‘ट्रैफिक स्टडी’ की आवश्यकता का उल्लेख
नहीं था। एटार्नी जनरल भारत सरकार ने स्पष्ट राय दी है कि डायल की बिड
कण्डीशन/एग्रीमेण्ट ग्रेटर नौयडा में अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट स्वीकृत
करने में किसी प्रकार की विधिक बाधा उत्पन्न नहीं करता है। सांसदों ने
कहा कि ‘डायल’ (डेलही इन्टरनेशनल एयरपोर्ट अथार्टी लिमिटेड) को
‘पोस्टबिड’ ‘बेनेफिट‘ नहीं दिया जाय। वैसे भी ‘एयरपोर्ट डेवलॅपमेण्ट
टैक्स डायल’ को दिया गया एक बहुत बड़ा ‘पोस्टबिड बेनेफिट’ है। अब
‘ट्रिगर’ की बात उठाना भी ‘डायल’ को ‘पोस्टबिड’ ‘बेनेफिट’ दिये जाने के
समान होगा।
प्रतिनिधि मण्डल ने उत्तर प्रदेश सरकार का पक्ष पूरी गम्भीरता से रखते
हुए इस बात पर जोर दिया कि इस स्वीकृति में विलम्ब के कारण जहां एक ओर
ट्रैफिक कन्जेशन दूर करने के लिए उपाय प्रारम्भ करने में अनावश्यक विलम्ब
हो रहा है, वहीं प्रदेश में अवस्थापना सुविधाओं के तेजी से विकास के लिए
प्रदेश सरकार के प्रयासों में बाधा उत्पन्न होने के फलस्वरूप उत्तर
प्रदेश के हितों की अनदेखी भी हो रही है। इसके अलावा प्रदेश में
अवस्थापना सुविधाओं के तेजी से विकास तथा आस-पास के क्षेत्रों में
प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के
लिए भारत सरकार को ताज इन्टरनेशनल एयरपोर्ट की स्वीकृति शीघ्र प्रदान कर
देनी चाहिए।
सांसदों के प्रतिनिधिमण्डल में डॉ0 अखिलेश दास, श्री सुरेन्द्र सिंह
नागर, श्री विजय बहादुर सिंह, श्री अम्बेथ राजन, डॉ0 बलिराम, श्री दारा
सिंह चौहान, श्री अवतार सिंह करीमपुरी, श्री रामपाल, श्री रमाशंकर राजभर,
श्री अशोक रावत, श्री भीष्म शिवशंकर तिवारी तथा श्री गोरखनाथ पाण्डेय
सम्मिलित थे।

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http://inbmedia.com/?p=17875
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raj yadav

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Feb 23, 2010, 11:31:17 PM2/23/10
to YEIDA
* BSP asks Centre to expedite work on Taj intl airport


STAFF WRITER 20:25 HRS IST

New Delhi, Feb 23 (PTI) BSP today put pressure on the Centre to
expedite work on the much-delayed Taj International airport in Greater
Noida.

A delegation of BSP MPs today met Civil Aviation Minister Praful Patel
and urged him to put the process of granting permission for the
airport on fast track.

Party MP Surendra Nagar, who was part of the delegation, told
reporters after the meeting that Patel has written to Prime Minister
Manmohan Singh for reconstitution of the Group of Ministers (GoM) on
Civil Aviation, which would hasten the process of constructing the
airport at Jewar in Greater Noida.

"The Civil Aviation minister told us that he has already written to
the PM on reconstitution of the GoM.

raj yadav

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Feb 23, 2010, 11:34:25 PM2/23/10
to YEIDA

जेवर में हवाई अड्डे पर नए सिरे से कवायद
Feb 23, 11:44 pm
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नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश के जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई
अड्डा बनाने को लेकर केंद्र सरकार नए सिरे से विचार शुरू कर सकती है।
केंद्रीय उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने संकेत दिए हैं कि परियोजना पर
केंद्रीय मंत्रियों की समिति बनाने के लिए वह प्रधानमंत्री से चर्चा
करेंगे। उत्तर प्रदेश बसपा के सांसद यह मामला लेकर उड्डयन मंत्री के पास
पहुंचे थे।

ग्रेटर नोएडा के नजदीक जेवर में प्रस्तावित ताज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर
राजनीति फिर गरमाने लगी है। मुख्यमंत्री मायावती, प्रधानमंत्री से अपने
इस ड्रीम प्रोजेक्ट की मंजूरी की गुहार पहले ही कर चुकी हैं। अब बसपा
सांसदों ने इस मामले में केंद्रीय मंत्री का दरवाजा खटखटाया है। बसपा
नेता दारा सिंह चौहान, अखिलेश दास, गौतमबुद्ध नगर से सांसद सुरेंद्र नागर
व सांसद कुशल तिवारी ने उड्डयन मंत्री से मुलाकात कर यह मामला उनके सामने
रखा।

सूत्रों के अनुसार, पटेल ने इस पर पुन: मंत्रियों का समूह बनाने का
प्रस्ताव प्रधानमंत्री के सामने रखने का आश्वासन दिया है। बैठक में यह
मामला भी उठा कि जेवर से आने वाले वर्षाें में कितना वायु परिवहन हासिल
हो सकेगा। केंद्र सरकार के एक आकलन के मुताबिक, 2026 तक यहां से करीब एक
करोड़ यात्रियों का परिवहन होगा। जबकि उत्तर प्रदेश सरकार का आकलन है कि
ट्रैफिक का यह स्तर 2016 तक प्राप्त किया जा सकता है। पटेल ने कहा कि इस
संदर्भ में भी चर्चा की जा सकती और वह सुझाव देंगे कि इस आकलन के लिए
दिल्ली में वर्तमान नया एयरपोर्ट बना रही कंपनी जीएमआर डायल को भी शामिल
किया जाए।

दिल्ली में दूसरा बड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने पर डायल के भावी
कारोबार पर असर पड़ सकता है। डायल केंद्र सरकार के साथ अपने अनुबंध के कुछ
प्रावधानों के सहारे इस परियोजना पर आपत्ति करती रही है।

यह परियोजना उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ व बुलंदशहर और ग्रेटर नोयडा की सीमा
पर स्थित जेवर में प्रस्तावित है। गौरतलब है कि बसपा प्रमुख मायावती ने
इस बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनने के बाद 26 मई, 2007 को
प्रधानमंत्री से मिलकर अपने इस पुराने ड्रीम प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की
गुहार की थी। उनका तर्क था कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कारिडोर योजना की
रोशनी में इस प्रोजेक्ट की खास अहमियत है। लिहाजा उसे मंजूरी मिलना जरुरी
है। इस मुलाकात के बाद मायावती ने इस मामले में प्रधानमंत्री से भी
सकारात्मक आश्वासन मिलने का दावा किया था।

मेरठ का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अलग प्रोजेक्ट

लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। उत्तर सरकार ने कुछ समाचार पत्रों में छपे इस
समाचार को गलत बताया है कि प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को
ग्रेटर नोएडा से मेरठ स्थानांतरित करने का निर्णय किया गया है।

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि जेवर ग्रेटर नोएडा में
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विकास तथा मेरठ की वर्तमान हवाई पट्टी का
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में उच्चीकरण दो स्वतंत्र परियोजनाएं
हैं, जिनका आपस में कोई संबंध नहीं है। प्रवक्ता ने कहा कि मेरठ की
वर्तमान हवाई पट्टी को पब्लिक-प्राईवेट पार्टनरशिप के आधार पर
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में उच्चीकृत किए जाने का प्रस्ताव है।
जिसके तहत प्रदेश सरकार ने आवश्यक अध्ययन करने एवं विकास कर्ता के चयन
में सहायता के लिए सलाहकार नियुक्त करने की कार्यवाही की है।

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अर्णब् मुखर्जी

unread,
Feb 24, 2010, 3:29:59 PM2/24/10
to YEIDA

These guys are joking with Meerut and Jewar International airport,
30Kms apart. Who are they trying to fool ?

Points to be noted:


"बैठक में यह मामला भी उठा कि जेवर से आने वाले वर्षा में कितना वायु
परिवहन हासिल
हो सकेगा। केंद्र सरकार के एक आकलन के मुताबिक, 2026 तक यहां से करीब एक
करोड़ यात्रियों का परिवहन होगा। जबकि उत्तर प्रदेश सरकार का आकलन है कि
ट्रैफिक का यह स्तर 2016 तक प्राप्त किया जा सकता है। "

According to IGI Airport the traffic projections are (Only Terminal 3
and not the whole IGI):
"Terminal 3

The state-of-the-art integrated terminal, called T3, of Indira Gandhi
International Airport (IGIA) in New Delhi is poised to be the world’s
third-largest, after Dubai in the United Arab Emirates and Beijing in
China, in terms of size. Once T3 starts operations before the 2010
Commonwealth Games in October, IGIA will become the world’s sixth-
largest in terms of capacity. T3 would increase the capacity of IGIA
to 60 million passengers annually, from 23 million after it starts
commercial operation in July 2010."

Out of all these news, few truth came out in the open. Read this
statement:
"केंद्रीय उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल मार्च में नागरिक उड्डयन क्षेत्र
पर हैदराबाद में आयोजित होने वाले दूसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के बारे
में संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रहे थे। मुश्किलों का जिक्र करते
हुए मंत्री का इशारा था कि निकट भविष्य में ग्रेटर नोएडा में हवाई अड्डा
बनना काफी मुश्किल है।"


---------------------------------------
Praful Patel already answered the Jewar Airport question directly and
UP Govt guys are now into a damage control mode. They are trying to
save the property price of the region which is primarily based on
speculation rather than substance. The traffic projection rebuttal of
1 Cr. passenger also did not make sense.

----------------------------------
Public will very unlikely buy into Meerut airport hype. So my take is,
this Jewar airport thing is very unlikely to happen and people should
take their profits from the market before it crashes. Long term /
endusers like me, will still live there whether there is airport or
not.

Ranjan

unread,
Feb 24, 2010, 11:47:29 PM2/24/10
to YEIDA
Dear Arnab,
The projection of 1Cr seems to be based on the great plan of "Bheanji"
who wants that we all now should travel by air, since last many years
they have not been able to run taxis/auto across the NCR border so
they now plan air taxis, all YEIDA / greater noida residents will
travel by air taxis to delhi & all delhi residents coming to work in
greater noida / YEIDA will take a flight from IGI & fly back in the
evening.

Infact 1Cr will soon be surpassed & then we will need another few
airport in the vicinity such as as Agra, Alighar, even greater noida
residents will then demand a local airport & for sure noida residents
need it badly due to over
congestion...................................so in nut shell India is
soon going to see a revolution in air travel, thanks to short vision
of our leaders.

Development of any area is not done by Intl. airport or other
infrastructure , its done by the real residents of that area, for Eg:
take greater noida today has over 14000 flats ready to move in but no
takers bcoz the investors have no interest in doing so, apart from
these 14000 flats there are so many sector houses available too. If
you go around greater noida you can clearly see that only 4 sectors
are developed bcoz of actual residents staying there.

I believe that the further addition of plots & flats on the expressway
will add another 3-4 lakh plot/flats in next 3-5 yrs but the issue
remains the same, basic infra structure apart from good roads is
missing, the 22kms express way itself is witnessing poor maintainence,
this year fog created havoc & driving down was such a problem that we
witnessed 7 major accidents & the worst was 18 cars rammed in pitch
white fog into a truck which the stupid driver halted in the 1st lane
due to flat tyre, after that accident the authority had arranged 4
PILOT vehicle which use to navigate a pool of cars & trucks, power
supply is too short in the entire area residents face 6-8 hrs of power
cuts.

More than the airport we need regular road taxis /buses & most
importantly we need 24hrs metro trains connectivity right upto YEIDA,
if this happens I bet you can see faster appreciation in land prices
than with airport news.

I see that this area will develop more as a residential township &
people will love to go 60-70kms to work in vicinity if the
transportation is improved. I see that people from delhi / noida will
migrate here & love to be a part of this green town where life will
be far better than congested delhi (noida being worse)

Short term speculators will badly need an airport to remain invested &
they are the ones who are hoping more than anyone else for an airport,
they are not interested in the development of the area.

Just for the record the airport feasible study is not done by GOM its
done by a International company which provides technical support to
DIAL.
DAIL is backed by GMR & GMR is backed by this company who built the
Heathrow Terminal 5.

Even after the damage control statements & hired press / media
briefings people in general will not buy the airport argument anymore,
they need much more than that in terms of infrastructure.

Regards
Ranjan

raj yadav

unread,
Feb 25, 2010, 10:39:16 AM2/25/10
to YEIDA
मेरठ एयरपोर्ट के लिए कंसलटेंट की तलाश
24 Feb 2010, 0219 hrs IST,नवभारत टाइम्स
प्रिन्ट ईमेल Discuss शेयर सेव कमेन्ट टेक्स्ट:
नोएडा ।। यूपी सरकार ने ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित इंटरनैशनल एयरपोर्ट
मेरठ में बनाने का फैसला किया है। यूपी के प्रमुख सचिव (सिविल

एविएशन) रविंद्र सिंह ने इस मामले में एक नोटिफिकेशन जारी कर एयरपोर्ट के
निर्माण के लिए कंसलटेंट की नियुक्ति के लिए टेंडर मांगे हैं।

मेरठ डिविजनल कमिश्नर व मेरठ डिवेलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन श्रवण कुमार
शर्मा ने कहा है कि ग्रेनो में प्रस्तावित इंटरनैशनल एयरपोर्ट मेरठ में
बनेगा। मेरठ डिवेलपमेंट अथॉरिटी को प्रोजेक्ट के लिए नोडल अथॉरिटी बनाया
गया है। अथॉरिटी ही एयरपोर्ट के लिए जगह मुहैया कराएगी। शर्मा ने कहा है
कि मेरठ के परतापुर में एक हवाई पट्टी पहले से ही है।

एक एयरपोर्ट इस इलाके के लिए काफी है। हवाई पट्टी को बाद में बढ़ाया
जाएगा, ताकि इस पर बडे़ जेट विमान उतर सकें और यहां से उड़ान भर सकें।
उन्होंने कहा कि मेरठ और ग्रेटर नोएडा के बीच दूरी देखते हुए इनके लिए
अलग-अलग एयरपोर्ट नहीं बनाए जा सकते।

अलीगढ़ और जेवर के बीच तलाशी जा रही है जमीन
ग्रेटर नोएडा।। मेरठ में काम आगे बढ़ने के बाद जेवर के पास भी विकल्प
खुला रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक दूरी को मसले को हल करने के लिए
जेवर और अलीगढ़ के बीच एयरपोर्ट के लिए जमीन तलाशी जा रही है। दरअसल,
जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट पर दिल्ली इंटरनैशनल एयरपोर्ट लिमिटेड
(डीआईएएल)ने ऐतराज जताया था। इसका कारण वह नियम बना जिसके मुताबिक दो
एयरपोर्टों के बीच की दूरी कम से कम 150 किलोमीटर होनी चाहिए। जेवर में
बनने वाले एयरपोर्ट की दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से हवाई दूरी
सिर्फ 68 किलोमीटर है। सूत्रों का कहना है कि अगर केंद्र सरकार ने दो
एयरपोर्ट के बीच दूरी को आधार बनाकर प्रोजेक्ट को रेड सिग्नल दिखाया तो
नया फॉर्म्युला सुझाकर गेंद केंद्र सरकार के पाले में फेंकी जा सकती है।

YEIDA

unread,
Feb 25, 2010, 1:51:46 PM2/25/10
to YEIDA

आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट की संभावना खठम
Feb 25, 12:07 am

आगरा। लंबे समय से आगरा में लंबित चल रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट की रही-सही
संभावना भी खत्म हो गई है। यूपी के बसपा सांसदों ने नई दिल्ली में उड्डयन
मंत्री प्रफुल्ल पटेल से मुलाकात कर जेवर (बुलंदशहर) में प्रस्तावित ताज
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को तेजी से पूरा करने का आग्रह किया।

दरअसल, आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का प्रस्ताव 11वीं योजना के पहले से
लटका है। सर्वेक्षण रिपोर्टो में आगरा के मार्बल, फीरोजाबाद के कांच
उद्योग, नोएडा के निर्यात जोन और यमुना एक्सप्रेस वे के दोनों ओर
प्रस्तावित स्पेशल इकनोमिक जोन का उल्लेख है। जेवर में जब ताज इंटरनेशनल
प्रोजेक्ट का प्रस्ताव आया तो आगरा के जन प्रतिनिधियों और व्यापारियों ने
इस पर आपत्ति जताई थी, लेकिन तब कहा गया कि इससे आगरा में अंतरराष्ट्रीय
हवाई अड्डे के प्रयासों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यही नहीं, उड्डयन
मंत्रालय द्वारा देश में 35 ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों की सूची में भी आगरा
का नाम दूसरे चरण में पहले नम्बर पर था। इसके बाद सर्वे करने टीमें भी
आई। तत्कालीन सांसद राज बब्बर ने भी प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखाई।

बाद में सेज प्रोजेक्ट अनिश्चितता में लटक गये और यमुना एक्सप्रेस वे के
दोनों ओर रिहायशी योजनायें, होटल, मोटल, एम्यूजमेंट पार्क ही नहीं
'फार्मूला वन' कार रेस ट्रैक परिसर विकसित करने जैसी योजनायें प्रस्तावित
होने लगीं। इसी बीच केन्द्रीय नीति बनी कि 150 किमी से कम दूरी पर नए
इंटरनेशनल एयरपोर्ट की अनुमति नहीं दी जायेगी। लिहाजा अब आगरा को
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मिलने की संभावना समाप्तप्राय हो गई है।
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/uttarpradesh/4_1_6212849.html

raj yadav

unread,
Mar 3, 2010, 3:17:05 AM3/3/10
to YEIDA
http://timesofindia.indiatimes.com/biz/india-business/India-needs-400-airports-3000-aircraft-in-10-years-Praful-Patel/articleshow/5636626.cms

HYDERABAD: India needs at least 400 airports and 3,000 aircraft in
the next 10 years to keep pace with the growing demand, Union civil
aviation minister Praful Patel said here on Wednesday.

He said as the aviation industry has been growing at 18 per cent CAGR,
the country needs up to 3,000 aircraft in the next ten years.

He also underscored the need for making air travel safer and more
secure.

"Our job is not over by creating infrastructure for aviation industry
to grow. We need safe and secure aviation. Indian aviation will not
grow at the cost of safety and security," the minister said during the
inauguration of India Aviation-2010, a five-day exhibition and
conference of international aviation began on Wednesday.

He said the bidding process for New Mumbai airport is expected to be
completed in a year.


http://timesofindia.indiatimes.com/biz/india-business/India-needs-400-airports-3000-aircraft-in-10-years-Praful-Patel/articleshow/5636626.cms

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