;ग्रेटर नोएडा, संवाददाता : यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे प्राधिकरण एक
के बाद एक नई योजनाएं ला रहा है। योजनाएं साकार होने पर क्षेत्र का
परिदृश्य बदल जाएगा। एक्सप्रेस-वे से होकर आगरा जाने वालों को विदेशों की
तरह खूबसूरत शहर का दीदार होगा। स्पेशल डेवलेपमेंट जोन, अंतरराष्ट्रीय
स्तर का फार्मूला वन रेसिंग ट्रैक, 21 हजार आवासीय भूखंड, वेयर हाउसिंग व
संस्थागत भूखंड की योजना लाने के बाद प्राधिकरण अब इंटीग्रेटेड टाउनशिप
की योजना ला रहा है। इसमें सौ-सौ एकड़ के चार भूखंड होंगे। योजना शुक्रवार
से ओपन होगी। बिड के माध्यम से भूखंड आवंटित किया जाएगा। शहर में स्कूल व
कमर्शियल गतिविधि से लेकर सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे प्राधिकरण पहले ही स्पेशल डेवलेपमेंट जोन
के लिए भूखंड आवंटित कर चुका है, जिसमें एक हजार हेक्टेयर में जेपी ग्रुप
स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बना रहा है। इसमें पचास हजार दर्शकों की क्षमता
वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर की हाकी स्टेडियम अकादमी भी होगी। इसके अलावा आठ
सौ एकड़ में फार्मूला वन रेसिंग टै्रक बनेगा। अकादमी के साथ रेजिडेंशियल
और कमर्शियल डेवलमेंट भी एक छत के नीचे होगा। एजूकेशन हब के रूप में
विकसित करने के लिए प्राधिकरण पहले ही 25 से 50 एकड़ के भूखंड संस्थागत के
लिए निकाल चुका है। तीन सौ से लेकर चार हजार वर्गमीटर के आवासीय भूखंडों
की योजना भी आ चुकी है।
प्राधिकरण के चेयरमैन ललित श्रीवास्तव ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस-वे के
किनारे नया शहर बसाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शहर का नाम न्यू
यमुना इंटीग्रेटेड टाउनशिप का नाम दिया गया है। इसमें सौ-सौ एकड़ के चार
भूखंड होंगे। प्राइवेट बिल्डरों को बिड के माध्यम से भूखंड आवंटित किए
जाएंगे। टाउनशिप में कालेज, स्कूल, मॉल, दुकानें, मल्टीप्लेक्स, खेल के
मैदान, पार्क समेत सारी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। बिल्डर को आवंटित भूखंड
में कितने प्रतिशत में सुविधाएं उपलब्ध करानी है और कितने में मकान का
निर्माण करना है, यह पहले से निर्धारित कर दिया गया है। आवंटित भूखंड के
पांच फीसदी क्षेत्र में संस्थागत, 35 फीसदी क्षेत्र रोड, पार्क, ओपन
स्पेस, पांच फीसदी कमर्शियल व 55 फीसदी क्षेत्र ग्रुप हाउसिंग के लिए
बिल्डर इस्तेमाल कर सकेगा। बिल्डर को शहर का नक्शा प्राधिकरण के अनुरूप
तैयार करना होगा। चेयरमैन ने बताया कि शहर का नक्शा इस तरह तैयार किया
जाएगा कि एक्सप्रेस-वे से जाने वालों को शहर की खूबसूरती बरबस अपनी तरफ
आकर्षित करे। प्राधिकरण ने टाउनशिप के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे
जमीन आरक्षित कर दी है।अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी होने वाली है।
बिल्डर को निर्धारित अवधि में विकास कार्य करना है। प्राधिकरण ने अभी
इसका खुलासा नहीं किया है कि बिल्डर को कितने सालों में शहर को विकसित
करना होगा।
च करने जा रही है। इसमें सौ-सौ एकड़ के प्लॉट्स होंगे। इस टाउनशिप में
ग्रुप हाउसिंग, मार्केट, स्कूल और हॉस्पिटल समेत कई सुविधाएं होंगी। यह
स्कीम 19 दिसंबर को लॉन्च करने की प्लानिंग है।
न्यू यमुना इंटिग्रेटेड टाउनशिप स्कीम में सौ एकड़ के दो या तीन प्लॉट
होंगे। आवेदकों की डिमांड पर प्लॉट्स की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है।
लैंड रेट और बाकी शर्तें गुरुवार तक तय हो जाएंगी। यह टाउनशिप अथॉरिटी की
रेजिडेंशल स्कीम के आसपास ही होगी। इसमें ग्रुप हाउसिंग के लिए 55 फीसदी
स्पेस होगा। 5 फीसदी जमीन इंस्टिट्यूशनल एरिया के लिए रिजर्व रखी गई है।
इतना ही स्पेस कमर्शल यूज के लिए होगा। इसके अलावा पार्क, पार्किंग और
बाकी की सुविधाएं भी होंगी।
यमुना अथॉरिटी की रेजिडेंशल, एसडीजेड और वेयरहाउस स्कीम पहले ही हिट हो
चुकी हैं। बाकी अथॉरिटीज से लैंड रेट कम होने और सुविधाओं की वजह से लोग
यमुना अथॉरिटी की स्कीमों में दिलचस्पी ले रहे हैं। इसी से उत्साहित
अथॉरिटी अब एक और स्कीम लॉन्च कर रही है। उम्मीद है कि इससे अथॉरिटी की
आर्थिक हालत भी सुधर
On Dec 17, 4:44 am, AM <arn...@gmail.com> wrote:
> So the name of this integrated township is 'New Yamuna Integrated
> Township'. This is surely the model of all new self contained
> townships in India.
> Looks like Sector 17, YEIDA (North of Sector 18 around Dankaur) is a
> prime candidate for this. Friday the scheme opens.
>
> On Dec 16, 5:20 pm, Pramod <singhpram...@gmail.com> wrote:
>
>
>
> > Dec 16, 11:17 pmबताएं
> > Twitter Delicious Facebook
>
> > ;ग्रेटर नोएडा, संवाददाता : यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे प्राधिकरण एक
> > के बाद एक नई योजनाएं ला रहा है। योजनाएं साकार होने पर क्षेत्र का
> > परिदृश्य बदल जाएगा। एक्सप्रेस-वे से होकर आगरा जाने वालों को विदेशों की
> > तरह खूबसूरत शहर का दीदार होगा। स्पेशल डेवलेपमेंट जोन, अंतरराष्ट्रीय
> > स्तर का फार्मूला वन रेसिंग ट्रैक, 21 हजार आवासीय भूखंड, वेयर हाउसिंग व
> > संस्थागत भूखंड की योजना लाने के बाद प्राधिकरण अब इंटीग्रेटेड टाउनशिप
> > की योजना ला रहा है। इसमें सौ-सौ एकड़ के चार भूखंड होंगे। योजना शुक्रवार
> > से ओपन होगी। बिड के माध्यम से भूखंड आवंटित किया जाएगा। शहर में स्कूल व
> > कमर्शियल गतिविधि से लेकर सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
>
> > यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे प्राधिकरण पहले ही स्पेशल डेवलेपमेंट जोन
> > के लिए भूखंड आवंटित कर चुका है, जिसमें एक हजार हेक्टेयर में जेपी ग्रुप
> > स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बना रहा है। इसमें पचास हजार दर्शकों की क्षमता
> > वाली अंतरराष्ट्रीय स्तर की हाकी स्टेडियम अकादमी भी होगी। इसके अलावा आठ
> > सौ एकड़ में फार्मूला वन रेसिंग टै्रक बनेगा। अकादमी के साथ रेजिडेंशियल
> > और कमर्शियल डेवलमेंट भी एक छत के नीचे होगा। एजूकेशन हब के रूप में
> > विकसित करने के लिए प्राधिकरण पहले ही 25 से 50 एकड़ के भूखंड संस्थागत के
> > लिए निकाल चुका है। तीन सौ से लेकर चार हजार वर्गमीटर के आवासीय भूखंडों
> > की योजना भी आ चुकी है।
>
> > प्राधिकरण के चेयरमैन ललित श्रीवास्तव ने बताया कि यमुना एक्सप्रेस-वे के
> > किनारे नया शहर बसाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शहर का नाम न्यू
> > यमुना इंटीग्रेटेड टाउनशिप का नाम दिया गया है। इसमें सौ-सौ एकड़ के चार
हाइवे शुरू होते ही बदल जाएगी तस्वीर
प्राधिकरण के चेयरमैन ललित श्रीवास्तव ने बताया कि दिसंबर 09 तक ग्रेटर
नोएडा से जेवर 40 किलोमीटर और आगरा से मथुरा के बीच 60 किलोमीटर लंबा
रास्ता चालू हो जाएगा। कॉमनवेल्थ गेम्स तक ग्रेटर नोएडा से आगरा 165
किलोमीटर हाइवे पर वाहन दौडऩे लगेंगे। 250 अंडरपास/ओवर ब्रिज में से कुछ
मार्ग 2013 तक ही पूरे हो सकेंगे। इसमें गलगोटिया कॉलेज के सामने दिल्ली
के एम्स जैसा फ्लाईओवर भी शामिल है। हाइवे चालू होते ही यमुना प्राधिकरण
रफ्तार पकड़ लेगा।
आगरा और दिल्ली की तरफ से बढ़ेगा दबाव
यमुना प्राधिकरण की विशेषता है कि इसमें एक तरफ दिल्ली, नोएडा, गुडग़ांव,
फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा से आकर लोग बसेंगे तो दूसरी तरफ आगरा, अलीगढ़,
मथुरा एवं बुलंदशहर की तरफ से लोग निवेश करने एवं रहने के लिए इच्छुक
हैं। इसलिए 2.57 लाख हेक्टेयर में बसने वाला प्राधिकरण बहुत ही शीघ्र
आबाद होगा/
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण आशियाना का सपना पूरा करने का एक मौका
पहले दे चुका है। अबकी बार थोड़ी लीक से हटकर योजना की तैयारी चल रही है।
मिनी टाउनशिप का खाका तैयार हो चुका है और इसी माह में होने वाली बोर्ड
बैठक में हरी झंडी दे दी जाएगी। इसके अलावा छोटे प्लाटों की योजना भी लाए
जाने की तैयारी हो चुकी है। हर तबके का ध्यान रखा जा रहा है।
प्राधिकरण के चेयरमैन ललित श्रीवास्तव ने बताया कि तीन से लेकर चार हजार
वर्ग मीटर के प्लाटों की योजना सफल हो चुकी है। अब छोटे प्लाटों की मांग
होने लगी है। ताकि कम आमदनी के लोगों का सपना भी पूरा हो सके। इस बार
120,160,200,225,250 और 300 वर्ग मीटर तक के प्लाटों की योजना लाई जानी
है। चंूकि प्राधिकरण ने मौजूदा समय में 22000 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण
कर रहा है। अगले माह तक अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी हो जानी है। यह
योजना दिसंबर के अंत तक लाने का प्रयास किया जा रहा है।
चेयरमैन ने बताया कि मिनी टाउनशिप के बारे में भी निवेशकों से बात की गई
है। काफी मात्रा में डवलपर्स तैयार हो गए हैं। मांग के मुताबिक ही यमुना
हाइवे के किनारे मिनी टाउनशिप का कॉन्सेप्ट तैयार कर लिया गया है। इसमें
प्लाट का साइज चार लाख वर्ग मीटर का होगा। कितने प्लाट होंगे, इस पर
विचार किया जा रहा है।
चंूकि यमुना प्राधिकरण भविष्य का शहर है। लंदन की तर्ज पर शहर बसाए
जाएंगे। मिनी टाउनशिप परिसर मेंं रहने वाले लोगों को कोई भी सामान खरीदने
के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होती है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर सभी
व्यवस्था टाउनशिप परिसर में ही होती है।
चेयरमैन ने बताया कि ग्रेटर नोएडा से लेकर आगरा तक यमुना हाइवे के किनारे
बहुत की सोच समझकर योजनाएं लाई जा रही हैं। परी चौक के पास दिल्ली के
एम्स जैसा फ्लाईओवर का निर्माण हो रहा है। यहीं से हाइवे शुरू होता है।
थोड़ी ही दूर पर भव्य गौतमबुद्ध नगर यूनविर्सिटी दिखाई देगी। इसके बाद
नाइट सफारी का फैला वन क्षेत्र होगा। प्लाटों की योजना में चार हजार वर्ग
मीटर के प्लाटों को हाइवे के किनारे रखा गया है। इसके बाद दर्जनों
प्रबंधन संस्थानों ने यूनिविर्सिटी के लिए प्लाट लिए हैं। लॉजिस्टक
पार्क, फार्मूला वन एवं प्रस्तावित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी हाइवे से
सटा हुआ है। आईटी इंडस्ट्री एवं अन्य औद्योगिक इकाइयां भी आनी हैं
> ...
>
> read more »
The venue of NYIT could well be north of Sector 18, otherwise Sector
17.
----------------------------------------
> ...
>
> read more »
with best regards
> ...
>
> read more »
Take care,
Arnab M
> ...
>
> read more »- Hide quoted text -
>
> - Show quoted text -
This scheme will be launched in Sector 22... right opposite to Jaypee land
in Sector 19.
Cheers...
Safal Suri
> --
> You have received this message because you subscribed to the Google
> "YEIDA" group.
>
> To visit this group, please click the link
> http://groups.google.com/group/yeida
>
> To post a message to this group, send an email to ye...@googlegroups.com
> _______________________________________________________________
> You can unsubscribe from YEIDA group through our web interface or via
> email. To unsubscribe through our web interface please go to
> http://groups.google.com/group/yeida, click the "Edit My Membership" link
> on the right-hand side of the group's homepage. Then click the
> "Unsubscribe" button on the page that appears.
>
> To unsubscribe from YEIDA group via email, please send an email to
> yeida+un...@googlegroups.com
>
> For any other information, kindly contact Arnab Mukharjee at
> arn...@gmail.com or Safal Suri at safa...@hotmail.com. Alternatively you
> may call Safal Suri on +91-9811182828.
Sector 22 starts at the 14th Km mark and ends at 28th Km mark from
Point Zero of YEW near Pari Chowk. So it is a 14 Km long sector on
YEW. Huge Sector indeed which will be an integrated township by
itself.
Take care,
Arnab M
> ...
>
> read more »
Sector 22 starts at meeting point of Sector 18 and Jaypee Sports City.
The entire sector is not reserved for Group Housing. It is only the portion
starting from Sector 18/Jaypee Crossing to 4 km odd long.
Cheers...
Safal Suri
Take care,
Arnab M
> ...
>
> read more »
Though "Kanshiram City" or "Dr. Ambedkar Nagar" are not too bad,
"Mayawati Nagari" would not be a turn on for sure:--))
Cant provide all info yet... but you can surely expect some BIG names in
near future... names that will make YOU love this place :)
Cheers...
Safal
Regards,
Deepak