ग्रेटर नोएडा।। यमुना एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए कंपनी को जमीन देने
का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुं च गया है। किसान प्रशांत गुर्जर ने
सुप्रीम कोर्ट में दी गई अर्जी में आरोप लगाया है कि निर्माण करने वाली
निजी कंपनी को औने-पौने दामों में जमीन दी गई और स्टांप ड्यूटी में छूट
देकर कंपनी को नाजायज लाभ पहुंचाया गया। सोमवार को इस मामले की सुनवाई
हुई। अगली सुनवाई 7 जनवरी को होगी।
ग्रेटर नोएडा से आगरा तक बनाए जाने वाले यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए
निर्माण कंपनी को तय शर्तों के अनुसार नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कुल 1
हजार हेक्टेयर जमीन दी गई है। अथॉरिटी ने किसानों की जमीन का अधिग्रहण
किया और कंपनी को सौंप दिया। साथ ही कंपनी के नाम हस्तांतरण में स्टांप
ड्यूटी फ्री कर दी गई है। इसके विरोध में यहां के किसान ने सुप्रीम कोर्ट
में याचिका डाली थी।