ग्रेटर नोएडा, संवाददाता : सूचनाएं छुपाने या समय पर नहीं देने के लिए
तीनों प्राधिकरणों के साथ-साथ प्रशासन के अफसरों को प्रदेश सूचना आयुक्त
ने कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि तीनों प्राधिकरण 15 जनवरी तक अपने
तमाम निर्णयों की सूचना वेबसाइट पर डालें। सूचना आयुक्त ने साफ कहा कि
नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण अपने किसी भी निर्णय
को जनता से नहीं छुपा सकेंगे। इतना ही नहीं, अगर प्राधिकरण ने किसी
व्यक्ति या संस्था को रियायती दर पर भूखंड दिया, तो उसका कारण भी आम
लोगों को बताना होगा।
जिले के दौरे पर आए सूचना आयुक्त ने बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पर
पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि सूचना के अधिकार को अभी और प्रभावी
बनाने की जरूरत है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा व गाजियाबाद विकास प्राधिकरण
साधन संपन्न हैं, इसलिए इन संस्थाओं को इस दिशा में सबसे पहले कदम उठाने
चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 74 हजार मामले ऐसे आ चुके
हैं, जिनमें संबंधित विभागों ने समय पर सूचना नहीं दी। सुनावाई के बाद
उनमें से 56 हजार शिकायतों का निस्तारण करते हुए लोगों को सूचना उपलब्ध
करवा दी गई है।
जिला प्रशासन को लगाने होंगे सूचना पट
सूचना आयुक्त ने कहा कि प्रशासन के अधीन सभी विभागों को अपने कार्यालय के
बाहर सूचना पट लगाने होंगे। पट पर प्रथम अपील सूचना अधिकारी का नाम, पता,
मोबाइल नंबर व जमा होने वाली फीस की रकम लिखनी होगी। पट लगवाने की
जिम्मेदारी सीडीओ सारिका मोहन व एडीएम वित्त शिवाकांत द्विवेदी को सौंपी
गई है। उन्होंने प्रशासन को समय पर सूचना उपलब्ध कराने के भी निर्देश
दिए।