ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण आशियाना का सपना पूरा करने का एक मौका
पहले दे चुका है। अबकी बार थोड़ी लीक से हटकर योजना की तैयारी चल रही है।
मिनी टाउनशिप का खाका तैयार हो चुका है और इसी माह में होने वाली बोर्ड
बैठक में हरी झंडी दे दी जाएगी। इसके अलावा छोटे प्लाटों की योजना भी लाए
जाने की तैयारी हो चुकी है। हर तबके का ध्यान रखा जा रहा है।
प्राधिकरण के चेयरमैन ललित श्रीवास्तव ने बताया कि तीन से लेकर चार हजार
वर्ग मीटर के प्लाटों की योजना सफल हो चुकी है। अब छोटे प्लाटों की मांग
होने लगी है। ताकि कम आमदनी के लोगों का सपना भी पूरा हो सके। इस बार
120,160,200,225,250 और 300 वर्ग मीटर तक के प्लाटों की योजना लाई जानी
है। चंूकि प्राधिकरण ने मौजूदा समय में 22000 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण
कर रहा है। अगले माह तक अधिग्रहण की प्रक्रिया भी पूरी हो जानी है। यह
योजना दिसंबर के अंत तक लाने का प्रयास किया जा रहा है।
चेयरमैन ने बताया कि मिनी टाउनशिप के बारे में भी निवेशकों से बात की गई
है। काफी मात्रा में डवलपर्स तैयार हो गए हैं। मांग के मुताबिक ही यमुना
हाइवे के किनारे मिनी टाउनशिप का कॉन्सेप्ट तैयार कर लिया गया है। इसमें
प्लाट का साइज चार लाख वर्ग मीटर का होगा। कितने प्लाट होंगे, इस पर
विचार किया जा रहा है।
चंूकि यमुना प्राधिकरण भविष्य का शहर है। लंदन की तर्ज पर शहर बसाए
जाएंगे। मिनी टाउनशिप परिसर मेंं रहने वाले लोगों को कोई भी सामान खरीदने
के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होती है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर सभी
व्यवस्था टाउनशिप परिसर में ही होती है।
चेयरमैन ने बताया कि ग्रेटर नोएडा से लेकर आगरा तक यमुना हाइवे के किनारे
बहुत की सोच समझकर योजनाएं लाई जा रही हैं। परी चौक के पास दिल्ली के
एम्स जैसा फ्लाईओवर का निर्माण हो रहा है। यहीं से हाइवे शुरू होता है।
थोड़ी ही दूर पर भव्य गौतमबुद्ध नगर यूनविर्सिटी दिखाई देगी। इसके बाद
नाइट सफारी का फैला वन क्षेत्र होगा। प्लाटों की योजना में चार हजार वर्ग
मीटर के प्लाटों को हाइवे के किनारे रखा गया है। इसके बाद दर्जनों
प्रबंधन संस्थानों ने यूनिविर्सिटी के लिए प्लाट लिए हैं। लॉजिस्टक
पार्क, फार्मूला वन एवं प्रस्तावित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी हाइवे से
सटा हुआ है। आईटी इंडस्ट्री एवं अन्य औद्योगिक इकाइयां भी आनी हैं
हाइवे शुरू होते ही बदल जाएगी तस्वीर
प्राधिकरण के चेयरमैन ललित श्रीवास्तव ने बताया कि दिसंबर 09 तक ग्रेटर
नोएडा से जेवर 40 किलोमीटर और आगरा से मथुरा के बीच 60 किलोमीटर लंबा
रास्ता चालू हो जाएगा। कॉमनवेल्थ गेम्स तक ग्रेटर नोएडा से आगरा 165
किलोमीटर हाइवे पर वाहन दौडऩे लगेंगे। 250 अंडरपास/ओवर ब्रिज में से कुछ
मार्ग 2013 तक ही पूरे हो सकेंगे। इसमें गलगोटिया कॉलेज के सामने दिल्ली
के एम्स जैसा फ्लाईओवर भी शामिल है। हाइवे चालू होते ही यमुना प्राधिकरण
रफ्तार पकड़ लेगा।
आगरा और दिल्ली की तरफ से बढ़ेगा दबाव
यमुना प्राधिकरण की विशेषता है कि इसमें एक तरफ दिल्ली, नोएडा, गुडग़ांव,
फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा से आकर लोग बसेंगे तो दूसरी तरफ आगरा, अलीगढ़,
मथुरा एवं बुलंदशहर की तरफ से लोग निवेश करने एवं रहने के लिए इच्छुक
हैं। इसलिए 2.57 लाख हेक्टेयर में बसने वाला प्राधिकरण बहुत ही शीघ्र
आबाद होगा/