मालूम हो कि यमुना ने 21 हजार प्लाट दिए हैं। जमीन की दर 4750 रुपये
प्रति वर्ग मीटर है। मान लीजिए 300 वर्ग मीटर का प्लाट 14.25 लाख रुपये
में मिला है, वही प्लाट बिकने पर 25 लाख रुपये से ऊपर पहुंच जाएगा।
प्लाट की कीमत अचानक इसलिए बढ़ गई है कि प्लाट ट्रांसफर करने पर
प्राधिकरण कुल कीमत का ढाई फीसदी लेगा। स्टांप विभाग इसके लिए दो फीसदी
लेगा। यानी कुल कीमत का साढ़े चार फीसदी यही होगा और बाजार में प्लाट
बिकने पर प्रीमियम भी देना होगा। मानकर चला जा रहा है कि प्लाट की कीमत
करीब 25 लाख से ऊपर ही जाएगी। जानकार मानते हैं कि जितनी कीमत प्राधिकरण
और स्टांप विभाग लेगा, उतना ही बाजार दर सुस्त हो जाएगी। चंूकि प्राधिकरण
और स्टांप विभाग चाहता है कि भले ही खरीददार को ’यादा भुगतान करना पड़े
लेकिन भविष्य में कोई धोखाधड़ी नहीं हो। इस व्यवस्था से खरीददार को
प्राधिकरण प्लाट का आवंटन पत्र भी देगा।