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जनसत्ता, 17 जून 2010
हरियाणा के सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यानपरंपरागत जल स्रोतों, वन क्षेत्रों और वन्य जीवों की सुरक्षा के दावे तो सरकारें बहुत करती हैं, पर हकीकत यह है कि इनसे संबंधित प्रयास घोषणाओं तक महदूद रह जाते हैं। पर्याप्त ध्यान न दिए जाने की वजह से अनेक झीलें, तालाब और दूसरे जल-स्रोत सूखते जा रहे हैं। जयपुर, उदयपुर आदि शहरों में पुरानी झीलों, तालाबों की उपेक्षा के कारण उनके सूखते जाने और फिर सरकार की मंजूरी से उन पर रिहाइशी और व्यावसायिक भवनों के निर्माण का तथ्य भी जगजाहिर है।
हरियाणा के सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान की झील इस सिलसिले की ताजा कड़ी है। गौरतलब है कि जनवरी के बाद जब इस झील का पानी कम होने लगता है, हरियाणा का सिंचाई विभाग इसमें लगातार पानी छोड़ता रहता है। मगर इस साल जानबूझ कर पानी नहीं छोड़ा गया