पंकज शुक्ला एक प्रगतिशील पत्रकार हैं | और वर्तमान में नवदुनिया भोपाल में सिटी चीफ की हसियत से काम कर रहे हैं | आज उन्होंने एक उम्दा और अनोखे अंदाज में "हार गई हरियाली " शीर्षक से एक खबर प्रकाशित की |
आपके लिए रख रहा हूँ | आपको भी बेहतर लगे तो आप उन्हें भी लिख सकते हैं | उनका मेल आई डी है
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Prashant Kumar Dubey
Associate Coordiantor
Vikas Samvad
Bhopal
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इन्साफ जनता की रोटी है
जिस तरह रोटी की जरूरत रोज़ होती है
इन्साफ की जरूरत भी रोज़ है
बल्कि दिन मैं कई कई बार भी उसकी जरूरत है |
इन्साफ की रोटी जब इतनी महत्त्वपूर्ण है
तब दोस्तों कौन उसे पकायेगा ?
दूसरी रोटी की तरह
इन्साफ की रोटी भी
जनता के हाथों पकनी चाहिए
भरपेट, पौष्टिक, रोज़ ब रोज़ ||
ब्रेख्त
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