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प्रेस विज्ञप्ति
वाराणसी, 9 अप्रैल 2022
डीडी न्यूज़ पर छा गए काशी के चेतन उपाध्याय
धार्मिक स्थलों के लाऊडस्पीकर के चलते देश व्यापी बहस और बवाल के बीच दूरदर्शन समाचार (DD News) ने कल शुक्रवार 8 अप्रैल 2022 को प्राइम टाईम में रात 9 से 10 तक लाईव डिबेट प्रसारित किया जिसका शीर्षक था : "दो टूक : सियासत के लाउडस्पीकर"
इस लाईव बहस में एंकर, श्री अशोक श्रीवास्तव के साथ पैनल में 5 लोग शामिल थे जिनमें भाजपा और कांग्रेस के प्रवक्ता, हिन्दू और मुस्लिम धर्म के एक-एक प्रतिनिधि के साथ-साथ, ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ बिना किसी सरकारी अथवा विदेशी अनुदान के, पिछले 14 वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता अभियान और हेल्पलाइन चलाने वाली, वाराणसी की संस्था 'सत्या फाउंडेशन' के संस्थापक सचिव चेतन उपाध्याय को भी आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम में चेतन उपाध्याय ने कहा कि धार्मिक स्थलों में लगे लाउडस्पीकर को लेकर किसी विवाद की कोई गुंजाइश ही नहीं है क्योंकि इसको लेकर साफ़-साफ़ नियम कानून बने हुए हैं। चेतन ने कहा कि सेक्युलर हिन्दुस्तान में बनारस शायद अकेला जिला है जहाँ हिन्दू ही नहीं, मुस्लिमों के लाउडस्पीकर पर ढेरों मुकदमे हुए हैं और ऐसे 3 मामलों में वह खुद वादी रहे हैं मगर उनको इस बात का गर्व है कि वह उस गंगा जमुनी संस्कृति का हिस्सा हैं जहाँ पर उन्हें एक भी पत्थर या गाली गलौज का सामना नहीं करना पड़ा, गोली और बम तो बहुत दूर की बात है। चेतन उपाध्याय ने आगे कहा कि "मजहब नहीं सिखाता लाउडस्पीकर बजाना" और अगर ध्वनि प्रदूषण (विनियमन व नियंत्रण) नियम - 2000 के साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम- 1986 को जोड़ कर पढ़ा जाए और उन नियमों को पूरी तरह लागू करा दिया जाए तो किसी प्रकार के विवाद की गुंजाइश ही नहीं बचेगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार रात 10 से सुबह 6 बजे के बीच लाउडस्पीकर को 100% स्विच आफ करने का नियम है तो फिर क्यों सुबह-सुबह बजते हैं, धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर? इसी तरह से दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने अहम् आदेश में कहा है कि दिन के दौरान भी, यानी सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच, किसी भी धार्मिक स्थल में लाउडस्पीकर का मुँह अंदर की तरफ होना चाहिए और स्पीकर की ऊँचाई, ज़मीन से 8 फ़ीट से अधिक नहीं होनी चाहिए तो फिर मंदिर-मस्जिद में गुंबद पर स्पीकर क्यों बाँधे जाते हैं और उनका मुँह बाहर की तरफ क्यों रहता है? क्या इसी आदेश को नज़ीर बनाकर, देश की सभी राज्य सरकारें इस आदेश को लागू नहीं कर सकती हैं?
'सत्या फाउंडेशन' के चेतन उपाध्याय ने राजस्थान के करौली जैसी घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में कहा कि साइलेंस ज़ोन में यानी स्कूल-कालेज, अस्पताल, कोर्ट-कचहरी और मंदिर-मस्जिद व अन्य पूजा स्थलों के 100 मीटर के दायरे में, दिन हो या रात, लाउडस्पीकर तो क्या, स्कूटर का हार्न बजाना भी अपराध है और लिहाजा सड़क पर चलने वाली किसी भी बरात, राजनीतिक रैली या धार्मिक जुलूस में पारम्परिक वाद्य यंत्र तो ठीक , मगर लाउडस्पीकर और डीजे की अनुमति देना, दंगे को आमंत्रण देना है। लिहाजा इस पर सभी राज्य सरकारों को अविलम्ब प्रतिबंध लगाना चाहिए।
डीडी न्यूज़ पर प्रसारित कल रात की इस लाईव बहस में 'सत्या फाउंडेशन' के चेतन उपाध्याय के विचारों को 43::20 से 48:50 तक सुना जा सकता है :
(चेतन उपाध्याय)
सचिव, 'सत्या फाउंडेशन'
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