इण्डियन सोसायटी एक्ट, 1860 के तहत पंजीकृत; पंजीकरण संख्या : 741 / 2000सत्या फाउण्डेशनडाक का पता: बी-14, विराट विला एपार्टमेण्ट, हर्ष गैस के पास, महमूरगंज, वाराणसीई-मेल: satyafoun...@gmail.com मोबाइल: 9212735622प्रेस विज्ञप्ति
शोर के नुकसानों से अवगत हुए स्कूली बच्चे, करेंगे यूपी पुलिस के वाट्सअप नंबर 7570000100 पर गुप्त शिकायत
वाराणसी, 25 दिसंबर 2022
वाराणसी के चौबेपुर थाना अंतर्गत, राजवाड़ी न्याय पंचायत के तहत गाँव - भंदहाँ कला के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को शोर के नुकसान और कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया. विद्यालय के वरिष्ठ सहायक शिक्षक श्री रमेश कुमार मौर्या की पहल पर कल शनिवार 24.12.2022 को विद्यालय के लगभग 350 विद्यार्थियों और शिक्षकों हेतु 'सत्या फाउंडेशन' की तरफ से ध्वनि प्रदूषण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ अभियान चलाने वाली संस्था 'सत्या फाउंडेशन' के संस्थापक सचिव श्री चेतन उपाध्याय ने बच्चों को ध्वनि की इकाई डेसीबल के बारे में सविस्तार समझाया। आगे इन बच्चों को बताया गया कि रात्रि 10:00 से सुबह 6:00 के बीच बैंड बाजा, पटाखा, मशीन और लाउडस्पीकर को 100% स्विच आफ करने का कानून है और कथित तौर पर 'कम' ध्वनि में लाउडस्पीकर को बजाने का कोई नियम नहीं है। प्रशासन और स्थानीय थाने से लिखित अनुमति लेकर ही, दिन के दौरान यानी सुबह 6 से रात 10 के बीच लाउडस्पीकर को कम ध्वनि में बजाने का नियम है ताकि आसपास के लोगों को पढ़ाई-लिखाई, विश्राम, बातचीत या सामान्य कामकाज में कोई दिक्कत ना हो. दिन के दौरान तेज शोर को पुलिस कम करवा सकती है। बिना डेसीबल मीटर के भी पुलिस द्वारा स्व-विवेक से ध्वनि को कम कराया जा सकता है। फिर से बताया कि रात्रि 10:00 से सुबह 6:00 के बीच ध्वनि को पूरी तरह से 100% स्विच ऑफ कराने का नियम है।
चेतन उपाध्याय ने बच्चों को बच्चों की भाषा में हंसाते-गुदगुदाते हुए बताया कि घर से 10 मिनट जल्दी निकलें तो बेवजह हार्न बजाने से बचा जा सकता है। प्रेशर हार्न पर पूर्ण रोक है मगर कानून के मुताबिक सामान्य हार्न भी इमरजेंसी यानी आपात स्थिति में ही बजाया जा सकता है और रात्रि 10:00 से सुबह 6:00 के बीच ट्रक-कार-स्कूटर- मोटरसाइकिल सभी के सामान्य हार्न पर भी पूर्ण प्रतिबंध है। इसी तरह दिन हो या रात, अस्पताल-स्कूल कॉलेज-धार्मिक स्थल और कोर्ट-कचहरी के 100 मीटर के दायरे में आप स्कूटर या मोटरसाइकिल का हार्न भी नहीं बजा सकते. 'सत्या फाउंडेशन' के चेतन उपाध्याय ने आगे बताया कि नियमों का उल्लंघन करने पर, दोषी को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम- 1986 के अंतर्गत ₹1,00,000 तक का जुर्माना या 5 साल तक की जेल या एक साथ दोनों सजा हो सकती है.
विद्यार्थियों को बताया गया कि अगर आप 112 पर कॉल करके ध्वनि प्रदूषण की शिकायत करते हैं तो तुरंत कार्रवाई होती है और अगर आप अपना नाम और नंबर गुप्त रखना चाहें तो आपकी पहचान गुप्त रखी जाती है। यू.पी. पुलिस के डायल 112 के व्हाट्सएप नंबर 7570000100 पर लिखित रूप से शिकायत भेजकर दिन में ध्वनि को कम और रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे के बीच पूरी तरह बंद करा सकते हैं। बस आपको अपनी लिखित शिकायत के अंत में लिखना पड़ेगा कि "कृपया शिकायतकर्ता का नाम और नंबर गुप्त रखा जाए" और वास्तव में आपकी पहचान गुप्त रखी जाती है। 'सत्या फाउंडेशन' द्वारा वर्षों से गुप्त शिकायत दर्ज कराने हेतु हेल्पलाइन नंबर की मांग की जा रही थी मगर योगी आदित्यनाथ जी की सरकार में यह गुप्त शिकायत की सुविधा शुरू हुई है जिसके लिए सभी छात्र छात्राओं ने एक साथ राज्य सरकार और पुलिस के लिए जोरदार तालियाँ बजायी।
सभी की जागरूकता से ही खत्म होगा शोर:चेतन उपाध्याय ने आगे कहा कि पहले हमें अपने घरों में शादी-विवाह में डी.जे. का पूर्ण बहिष्कार करना पड़ेगा और दिन के दौरान धीमी गति के लाउडस्पीकर को भी रात्रि 10:00 से सुबह 6:00 बजे के बीच स्विच ऑफ रखना पड़ेगा क्योंकि रात सोने के लिए होती है और नींद की कमी से ढेरों प्रकार की शारीरिक और मानसिक बीमारियाँ होती हैं। खुद को अनुशासित करने के बाद ही हम समाज को ठीक कर पाएंगे। पहले प्यार से समझाएं और अगर कोई ना माने तो गुप्त शिकायत के लिए यूपी पुलिस के डायल 112 के व्हाट्सएप नंबर 7570000100 पर मंदिर-मस्जिद या किसी भी धार्मिक स्थल के लाउडस्पीकर के खिलाफ भी शिकायत करें क्योंकि ध्वनि प्रदूषण नियम सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होता है।
कार्यक्रम की शुरुआत में आशा ट्रस्ट के समन्वयक श्री वल्लभाचार्य पाण्डेय ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया और कहा कि चेतन उपाध्याय किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं और बहुत अनोखे ढंग से अपने कार्य को आगे बढ़ाने में लगे हैं। प्रधानाचार्या श्रीमती चन्द्रावती देवी ने अतिथियों को भारत माता की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री रमेश कुमार मौर्या ने किया। इस मौके पर श्वेतकमल रघुवंशी, रितेश कुशवाहा, रमाशंकर यादव, प्रतिमा भारती, गायत्री सिंह, मंजू यादव, अर्चना सिंह, स्मिता सिंह, सरिता सिंह उपस्थित रहीं.Facebook Page: Chetan UpadhyayaYouTube: Satya Foundation Varanasi
संलग्न:
ध्वनि प्रदूषण जागरूकता कार्यक्रम के कुछ लिंक, फोटो और वीडियो
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