इण्डियन सोसायटी एक्ट, 1860 के तहत पंजीकृत; पंजीकरण संख्या : 741 / 2000
सत्या फाउण्डेशन
डाक का पता: बी-14, विराट विला एपार्टमेण्ट, हर्ष गैस के पास, महमूरगंज, वाराणसी
प्रेस विज्ञप्ति
मस्तिष्क में सूजन से पीड़ित महिला की शिकायत पर बंद हुआ धार्मिक कार्यक्रम का लाउडस्पीकर
वाराणसी, 11 दिसंबर 2022
शादी विवाह से लेकर धार्मिक कार्यक्रमों में तेज लाउडस्पीकर और डीजे के चलन से आसपास के लोग बहुत अधिक परेशान होते हैं और कभी शिकायत करने पर भी पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो कभी पुलिस द्वारा शिकायतकर्ता का नाम लीक हो जाने के डर से लोग शोर के अत्याचार को सहने को विवश हो जाते हैं। ऐसे ही लोगों की सहायता के लिए 'सत्या फाउंडेशन' द्वारा वर्ष 2008 से लगातार, गुप्त शिकायत हेतु नि:शुल्क हेल्पलाइन चलाई जा रही है। शनिवार की रात लगभग 9 बजे 'सत्या फाउंडेशन' के हेल्पलाइन नंबर 9212735622 पर एक महिला ने शिकायत की कि वाराणसी के लक्सा थाना अंतर्गत सूरजकुंड पोखरे के पास स्थित, उनके घर के बगल में स्थित एक मंदिर में इतनी तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाया जा रहा है कि कहीं उनकी जान न निकल जाए। उक्त महिला ने यह भी बताया कि वह मस्तिष्क में सूजन की बीमारी से ग्रस्त हैं और जरूरत पड़ने पर वह अपने डाक्टर का पर्चा और रिपोर्ट भी दिखा सकती है। इस आपात परिस्थिति की गंभीरता को समझते हुए 'सत्या फाउंडेशन' के संस्थापक सचिव चेतन उपाध्याय ने तुरंत ही इसकी सूचना लक्सा थानाध्यक्ष को 9454404389 पर दी जिस पर उन्होंने त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद थानाध्यक्ष श्री सूरज कुमार तिवारी के निर्देश पर, रात 9.30 बजे मौके पर पहुँची पुलिस ने उक्त तेज लाउडस्पीकर को बंद करा दिया।
समझें नियम:
कुछ लोग भ्रम फैलाते हैं कि रात 10 बजे के बाद धीमी आवाज में लाउडस्पीकर बजाया जा सकता है जबकि यह सरासर झूठ है। शादी-विवाह हो या धार्मिक कार्यक्रम, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पटाखा, डीजे, बैंड, मशीन, हार्न, लाउडस्पीकर आदि को पूरी तरह से,100% स्विच ऑफ करने का नियम है और दिन के दौरान आवाज को धीमा रखने का कानूनी प्रावधान है। दिन के दौरान, सीमित घंटे के लिए लाउडस्पीकर बजाने के लिए भी मजिस्ट्रेट और स्थानीय थाने से अग्रिम में लिखित अनुमति (Permission Letter) लेनी पड़ती है। बिना लिखित अनुमति के या फिर अनुमति के बाद भी डेसीबल सीमा या समय सीमा का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम-1986 के तहत मुकदमा किया जा सकता है। ध्वनि प्रदूषण (विनियमन व नियंत्रण) नियम- 2000 के अनुसार, शोर को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को असीमित शक्तियां दी गयी हैं। दिन हो या रात, स्कूल-अस्पताल-कचहरी-पूजा स्थलों या अन्य नोटिफाइड स्थलों के 100 मीटर के दायरे में कोई भी शोर, यहाँ तक कि स्कूटर/बाइक का हार्न बजाना भी जुर्म है। किसी भी शहर या गाँव में कोई ऐसा स्थान नहीं है जहाँ पर स्कूल-अस्पताल-कचहरी-पूजा स्थल आदि न हों, लिहाजा दिन हो या रात, सड़क पर बैंड-बाजा, पटाखा, डी.जे. या लाउडस्पीकर बजाना बिल्कुल गलत है। दोषियों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम -1986 के तहत मुकदमा होने पर 1 लाख रुपये तक जुर्माना या 5 वर्ष तक की जेल या एक साथ दोनों सजा हो सकती है।
योगी सरकार में गुप्त शिकायत करना हुआ बेहद आसान:
शोर की शिकायत करने पर, नाम लीक होने पर, कई बार मारपीट और ह्त्या तक हो जाती थी मगर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक वाट्सअप नंबर जारी किया है जिसका नंबर है 7570000100 जहाँ पर शोर या किसी भी अपराध की आपको लिखित शिकायत करनी होती है जिसमें अंत में लिखना होता है कि "मेरा नाम और नंबर गुप्त रखा जाये. Please keep my name and number SECRET" और आपकी पहचान वास्तव में गुप्त रखी जाती है। इस वाट्सअप नंबर 7570000100 पर शिकायत करने पर दिन के दौरान साउंड को कम करवाती है उत्तर प्रदेश पुलिस और रात 10 से सुबह 6 बजे के बीच साउंड बॉक्स को पूरी तरह से, 100% स्विच आफ करवाती है पुलिस।
(चेतन उपाध्याय)
संस्थापक सचिव
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