२००५ के संसोधन के बाद हिन्दु उत्तरा धिकार की धारा 6 के विसय में

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Shravan Dwivedi

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Sep 12, 2012, 11:08:06 AM9/12/12
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नमस्कार
   एक प्रकरण में जिसमें पैत्रिक संपती की वसीयत के का मामला था ।
जिसमें वसीयत को सही मन लाकिन फैसले के पैरा १२ में हिनदू उत्तरा
उत्तराधिकार अधिनियम की धार ६ के अनुसार पुत्रियों को सहदायकी का दरर्जा
प्रप्त हो हो मया है.। और पिता एक पुत्र और ६पुत्रियों को सह दयकी मान और
वसीयत को 1/8 लागु किया । जब की प्रकरण पेस करते समय २००८ में जो
उम्र उनमान मै वादी एवं प्रतिवादीकी दर्ज है उसके अनुसार अनुसार प्रतिवादी क्र १ का
जन्म १९५६ व न २ का १९५२ में होना प्रतीत होता है । बाकी सभी का जन्म १९५६ के बाद
का है । अब यदी १९५६ के बाद पैदा होने वाली सहदायकी नही हो गे । को माना जता तो वसीयत 1/3
संपती मे लागू हो गी। 1956 के बाद पैदा हने वाले सहदाकी नही है का मुद्दा कीसी ने नही उठाय है
अब आपील मैं इसके आधार में वसीयत 1/3 में लागु कराई जा सकती है। मै वादनी की की तरफ से
हूँ । जिसे अभी 1/4 मिला है । क्य उसा अपील करनी चाहिऐ ।वैसे प्रती वादी अपील अवस्य करे गे
तथा वसीयत को चुनैती देगें। 2005संसोधन के बाद हिन्दु उत्तराधिकार अधिनियम की धारा ६ की भासा
से ते एसा लगता है की सही सहदायकी का अधिकार प्रपत हो गया है। पहले इस धारा में ये लिखाथा
" जबकी कोई हिन्दु...............सहदायकी संपत्ती मे हित रखते हुऐ ईस अधिनियम के प्ररंभ के पस्चात मरे" आब जो नई धारा 6 बनी है उसमें ये सब्द नहीं है ।और उसको पढने से एसा ही लगता है की सभी पुत्रियों को सहदाकी का अधिकार मिल गया। एसा कोई न्य द्रस्टानत मिल सकता है जो 2005
के बाद इस कनफियुजन को स्पषट कर सके । उपरोक्त उलेखित फैसला अटैच फाईल मै है  ।
धन्यवाद
आपका

lalu lasi vale ka divane kes vasiyt hindu utrdikar.zip

shravan

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Sep 18, 2012, 2:47:33 PM9/18/12
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नमस्कार
     पुनः स्मृत

दिनेशराय द्विवेदी

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Sep 18, 2012, 2:52:18 PM9/18/12
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श्रवण  जी,
इस समूह को तो लगता है बंद ही करना पड़ेगा। क्यों कि यहाँ कोई वार्ता के लिए नहीं आ रहा है। आप सीधे मेरे ईमेल पते पर या फिर तीसरा खंबा पर समस्या को मेल कर दिया करें।
मैं इन दिनों बाहर था। आज ही लौटा हूँ।
पैतृक संपत्ति के मामले को संपूर्ण तथ्यों के बिना समझ सकना कठिन है। आप बताएँ कि दावा किस ने किया, क्या किया। संपत्ति किस की थी और जिस की संपत्ति थी उस के उत्तराधिकारी कौन कौन थे? वसीयत में क्या लिखा है और अधीनस्थ न्यायालय का निर्णय क्या है तो उत्तर देना आसान होगा।
-दिनेश

2012/9/19 shravan <shrava...@gmail.com>



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दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्थान, भारत
Dineshrai Dwivedi, Kota, Rajasthan,
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