सड़क है न बिजली, न टेलिफोन लाइनें, न अस्पताल। हमने सपना देखा है। हम खुद इसे अपने गाँव लाएँगे – अवाम की ताकत से, मिलकर – एकजुट होकर। उस गाँव में जहाँ हमारा जन्म हुआ था, हमारे पुरखों ने सांसें ली हैं। हमने सपना देखा है। छोटा सा सपना। हम मानते हैं कि ग्राम समुदाय की सहभागिता इसे संभव करेगी। टेंगराहा ग्रामवासी लोक-कल्याण समिति उसकी बस एक शुरुआत है। और इस गाँव की गरीबी और अशिक्षा के विरुद्ध इस लड़ाई में हमारा साथ देंगे - मुक्त स्रोत के तौर-तरीके और सूचना प्रोद्यौगिकी की ताकत। अपने इस लक्ष्य को हमने अपने पंजीकृत स्मृति पत्र में संस्था पंजीयन अधिनियम 1860 के तहत दर्ज भी कराया है -
http://tengrahagramvasi.org/objectives/
आपका सहयोग बेहद जरूरी है खासकर इस मेलिंग लिस्ट/समूह को चलाए रखने के लिए। आप अपने विचार रखें, चर्चा करें और उसे गाँव के लिए लागू किए जाने का वातावरण बनाएँ।
गाँव की यह वेबसाइट अभी निर्माणाधीन है और उसमें हम आगे कई चीजें जोड़ेंगे।