रावत जी,
की-बोर्ड का प्रत्येक बटन एक अलग
अक्षर अर्थात चिन्ह को प्रदर्शित करता है. प्रत्येक फॉण्ट या अक्षर को दो भागों
में बाँटा जा सकता है. एक आंतरिक जिसमें प्रोग्रामर; फॉण्ट की वास्तविक संरचना(चिन्ह का कलातम आकार) डिजाइन करता है जैसे नार्मल, बोल्ड या इटैलिक, इमोजी इत्यादि। और
बाह्य जिसमें हम फॉण्ट को बड़ा,
छोटा, रंगीन इत्यादि करते है।"
अगर कंप्यूटर में पहले से ही बोल्ड या
इटैलिक फॉण्ट की फाइलें स्टॉल नहीं है तो आप उस फॉण्ट को किसी भी युक्ति से बोल्ड
या इटैलिक नहीं कर सकते है। जबकि रंग और आकार में बदलाव संभव होगा.
चूकि बोल्ड या इटैलिक इत्यादि होना
किसी भी अक्षर की आंतरिक संरचना का हिस्सा है इसलिए यह कार्य उन्हें उपयोग करने
वाले साफ्टवेयर जैसे माइक्रोसाफ्ट ऑफिस, लिब्रा ऑफिस, ओपन ऑफिस इत्यादि कर पाने
में अक्षम है। इसी लिए फॉण्ट डिजाइनर इन्हें अलग फाइलों के रूप में बनाकर उपलब्ध
कराता है।
उपरोक्त बातें मैंने फॉण्ट डिजाइनिंग में अपने निजी अनुभव के आधार पर लिखी हैं।
धन्यवाद
संदीप
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