> इसके बावजूद भी क्वेर्टी कुंजीपटल
> चला जा रहा है क्योंकि लोग उसके ही अभ्यस्त हो चुके हैं और नये को आजमाना ही नहीं
> चाहते।
नहीं, अनुनाद जी। यह बहुत महत्वपूर्ण बिंदु है कि कोई उसी कुंजीपटल का उपयोग करता है
जिस पर उसके हाथ अभ्यस्त हो चुके हैं, और किसी अक्षर को देखते या सोचते ही, मस्तिष्क के
उपयोग के बिना ही, उसकी अँगुलियाँ अपने आप ही चल कर उस अक्षर को टाइप कर देती हैं।
नए कुंजीपटल की बात तो दूर, अगर कीबोर्ड की हार्डवेयर में भी ज़रा सा भी परिवर्तन
होता है जिसके कारण हाथ या अँगुलियों को उन अभ्यस्त स्थानों पर कुंजी नहीं मिलती है,
तो बहुत विक्षोभ होता है। अँगुली गलत कुंजी दबाती है, और जब तक हम देखते और समझते हैं
कि गलत अक्षर टाइप हो गया है, तब तक हमारी टाइपिंग की गति के अनुसार कई और
अक्षर टाइप कर चुके होते हैं, और फिर उन अक्षरों को मिटा कर नए अक्षरों को टाइप
करता है, उससे काम की गति बहुत कम हो जाती है और दिमाग में अंसंतुष्टि आती है।
इसलिए यह बहुत व्यवहारिक समस्या है कि कीबोर्ड पर कुंजियाँ उसी स्थान पर मिलें और वो
कुंजी वही टाइप करे जिसके हम अभ्यस्त हैं.
रावत
--
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> रावत जी,
> मैं अभ्यस्त हुए हाथों की गति जानता और समझता हूँ। मैं उन्हें नया कुंजीपटल देने के पक्ष में
> नहीं हूँ। किन्तु लोग बदलते हैं; नयी पीढी आती है ; बहुत से लोग ऐसे भी हैं जो किसी कुंजी
> विशेष से बंधे या अभ्यस्त नहीं हैं।
> अच्छाई यह है कि अब बहुत से विकल्प उपलब्ध हैं। प्रश्न यह भी है कि क्या अब कुंजीपटल
> के मानकीकरण की कोई जरूरत रह गयी है? क्या इसके कोई मायने भी हैं?
जी हाँ, कुंजीपटल के मानकीकरण की अब तो और भी अधिक जरूरत हो गई है, क्योंकि मान
लीजिए कि मैं अपने घर पर एक कुंजीपटल का उपयोग करता हूँ, और मैं अपना कम्प्यूटर खराब
होने पर किसी साइबर में या किसी मित्र के यहाँ जाता हूँ, तो मैं पाता हूँ कि वहाँ कोई
दूसरा कुंजीपटल है जिस पर मैं अक्षर ढूँढते ही रह जाता हूँ और काम नहीं कर पाता हूँ।
जैसा अंग्रेजी के कुंजीपटल के लिए है, कि हम हर जगह एक ही कीबोर्ड पाते हैं और उसका
फटाफट उपयोग कर लेते हैं, वैसा ही हिंदी या किसी भी अन्य भारतीय या विदेशी भाषा के
लिए होना पड़ेगा कि हर भाषा के लिए एक विशिष्ट कुंजीपटल हो जो हर स्थान पर उपयोग
के लिए उपलब्ध हो, ताकि कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान पर समस्या का अनुभव न करे।
मैंने तो कई बार अपना पासवर्ड हिन्दी में लिखने का सोचा, जिसको अंग्रेज़ी भाषी तो फिर
हैक नहीं कर पाते, लेकिन फिर पाया कि अगर मुझे अपने पीसी के अलावा किसी जगह पर
पीसी पर पासवर्ड टाइप करना पड़ा तो वहाँ पर तो मैं अपना कुंजीपटल नहीं पा पाउँगा
और फिर तो मैं इसे टाइप भी नहीं कर पाउँगा।
ज्यादा विकल्प भी समस्या देंगे कि किसी साइबर पर कोई विकल्प लागू है, दूसरे साइबर पर
कोई और, और आजकल तो साइबरों पर सॉफ़्टवेयर सिक्योरिटी इतनी मज़बूत हो गई है कि
यूज़र कोई नया प्रोग्राम इन्स्टॉल ही नहीं कर पाता इसलिए हम अपना मनचाहा कीबोर्ड
इन्स्टॉल भी नहीं कर सकते हैं।
रावत
>
> -- अनुनाद
> ---------------------------------------------
>
> १५ अप्रैल २०११ १२:४४ अपराह्न को, V S Rawat <vsr...@gmail.com
> <mailto:vsr...@gmail.com>> ने लिखा:
यह इस बात को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया था कि टाइप करते समय लोगों की गति इतनी अधिक न हो जाय कि टाइपराइटर को उसे अनुसरण करने में दिक्कत आये।
इसके बावजूद भी क्वेर्टी कुंजीपटल चला जा रहा है क्योंकि लोग उसके ही अभ्यस्त हो चुके हैं और नये को आजमाना ही नहीं चाहते। कई लोगों ने बेहतर कुंजीपटल बनाये हैं किन्तु वे प्रचलन में नहीं आ पा रहे हैं।
--
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जैसा अंग्रेजी के कुंजीपटल के लिए है, कि हम हर जगह एक ही कीबोर्ड पाते हैं और उसका फटाफट उपयोग कर लेते हैं, वैसा ही हिंदी या किसी भी अन्य भारतीय या विदेशी भाषा के लिए होना पड़ेगा कि हर भाषा के लिए एक विशिष्ट कुंजीपटल हो जो हर स्थान पर उपयोग के लिए उपलब्ध हो, ताकि कोई भी व्यक्ति किसी भी स्थान पर समस्या का अनुभव न करे।
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मैं जानना चाहता हूँ कि क्या इंस्क्रिप्ट की डिजाइन वर्तमान तथ्यों को ध्यान में रखकर की गयी है? क्या हम कोई अन्य डिजाइने प्रस्तावित कर सकते हैं जिनमें कई बेहतर बातें हों?
आज हम तरह-तरह के कम्प्यूटर (डेस्कटॉप, लैपटॉप, पामटॉप) और मोबाइल आदि प्रयोग कर रहे हैं। इनमें इन्पुट देने के लिये विभिन्न तरीके सम्भव हैं - कुंजीपटल, बोलकर, मूस के द्वारा, टचस्क्रीन आदि) । किन्तु इनमें कुंजीपटल (कीबोर्ड) अब भी सर्वाधिक प्रचलित और उपयुक्त बना हुआ है।
--
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यदि कोई ऐसा टूल बनाया जाए जिसे सक्रिय करने के बाद हम इंस्क्रिप्ट
कुंजी दबाने के बाद भी Kruti Dev 010 में टाइप मुमकिन हो सके। सीधे वर्ड
या किसी भी शब्द संसाधक में टाइप करना संभव हो। क्या ऐसा टूल बनाना
संभव है? जहाँ तक मेरी जानकारी है बालेंदु शर्मा दाधीच जी के माध्यम
सॉफ़्टवेयर में यह सुविधा मौजूद है, परंतु संभवत: इससे "माध्यम" में ही
काम किया जा सकता है, सीधे वर्ड या किसी अन्य शब्द संसाधक में नहीं।
जहाँ तक मेरी जानकारी है, ऐसा टूल बना नहीं है। यदि है, तो कृपया अवगत कराएँ।
- आनंद
2011/4/16 Anunad Singh <anu...@gmail.com>:
रावत
On 4/16/2011 10:17 AM India Time, _Anunad Singh_ wrote:
> रावत जी,
>
> मैं वस्तुतः 'हार्ड' कुंजीपटल की नहीं, 'सॉफ्ट' कुंजीपटल के मानकीकरण पर प्रश्न लगा
> रहा था। इंस्क्रिप्ट एक तरह से 'सॉफ्ट' कुंजीपटल है। इसके काम करने के लिये नेपथ्य में
> (बैकग्राउण्ड में) एक प्रोग्राम काम कर रहा होता है।
>
> मान लीजिये देवनागरी लिखने के लिये आपने 'देवकुंज' नामक कोई कुंजीपटल इजाद किया है
> जो लोगों को इंस्क्रिप्ट से भी अधिक उपयुक्त लगता है। किन्तु यह मानकीकृत नहीं है। तो
> क्या हुआ? यदि आपने या किसी और ने गूगल इंडिक आईएमई में प्रयुक्त हो सकने वाला
> कोड बना दिया है जो सर्वसुलभ है। इसे आप अपने मित्र के पीसी पर भी पाएंगे। यदि नहीं
> है तो आप पांच मिनट में नेट से निकालकर उसकी पीसी पर स्थापित कर सकते हैं। और जो
> चीज उपयोगी होगी वह शीघ्र ही सर्वत्र फैल जायेगी।
>
> -- अनुनाद सिंह
> --------------------------------------
>
> १५ अप्रैल २०११ ५:५० अपराह्न को, V S Rawat <vsr...@gmail.com
> <mailto:vsr...@gmail.com <mailto:vsr...@gmail.com>>> ने लिखा:
इस संदर्भ में ई-पंडित जी द्वारा सुझाया गया लेख बहुत उपयोगी लग रहा है।
इस आलेख में एक वैकल्पिक कीबोर्ड भी सुझाया है। कृपया पढ़ें और अपनी राय
दें। इससे मार्गदर्शन लेकर आगे कार्य किया जा सकता है :
http://www.iitk.ac.in/kangal/papers/k2003004.pdf
साथ ही मेरी डिमांड पर भी गौर करें और यदि ऐसा औजार बन जाए तो कृपा होगी...
- आनंद
2011/4/16 V S Rawat <vsr...@gmail.com>: