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> श्रीमान क्या पद्मा इंटरनेट एक्सप्लोरर में भी काम करेगा
जी नहीं, पद्मा अपने वर्तमान रूप में केवल फ़ायरफ़ॉक्स पर काम करता है।
परंतु जैसे फ़ायरफ़ॉक्स पर ग्रीसमंकी जैसी स्क्रिप्ट हैं, वैसे ही आई ई पर भी कुछ सक्रिप्ट
उपलब्ध हैं जिनको आपको एक एड-ऑन के रूप में इंसटॉल करना पड़ेगा, उसके बाद ग्रीसमंकी के
कुछ ही कमांडों को छोड़कर बाकी सभी कमांड और ज़्यादातर पूरी स्क्रिप्टें आई ई पर चल
जाते हैं। इस तरह से आपको देखना पड़ेगा कि क्या पद्मा आई ई पर चल रहा है।
वैसे ऊपर का यह तात्पर्य "नहीं" है कि फ़ायरफ़ॉक्स पर पद्मा चलाने के लिए ग्रीसमंकी
आवश्यक है। परंतु क्योंकि इसको फ़ायरफ़ॉक्स के लिए बनाया गया है इसलिए आपको इसका कोड
लेकर आई पर किसी स्क्रिप्टिंग के लिए ढालना पड़ेगा।
दूसरा पक्ष यह है कि फ़ायरफ़ॉक्स ग्रीसमंकी स्क्रिप्टिंग को पॉलिसी रूप में सहयोग देता है
इसलिए फ़ायरफ़ॉक्स पर इसको लेकर बहुत विकास हुआ है और सभी इनका प्रयोग करते हैं, परंतु
आई ई किसी स्क्रिप्टिंग को पॉलिसी रूप में सहयोग "नहीं" देता है इसलिए आप उसके लिए
इतनी मेहनत करें भी तो भी उसका उपयोग करने वाले अधिक लोग नहीं होंगे।
रावत
>
> 2010/7/20 Anunad Singh <anu...@gmail.com <mailto:anu...@gmail.com>>
>
>
> 'पद्मा' , फायरफॉक्स ब्राउजर का एक एक्सटेंशन या ऐड-आन है जिसको फॉरयफॉक्स में
> जोड़ लेने के बाद भारतीय भाषाओं के गैर-यूनिकोडित वेब-पन्ने भी को यूनिकोडित
> होकर प्रदर्शित होते हैं। इसके साथ ही, जो मोजिला-आधारित ब्राउजर नहीं प्रयोग
> करते उनके लिये इसका दूसरा रूप "यूनिकोड कन्वर्शन गेटवे" बनाया गया है। सम्प्रति
> यह देवनागरी के बहुत से फाण्टों को परिवर्तित करने में सक्षम है ; जो फॉण्ट अब भी
> समर्थित नहीं हैं उनके लिये हम कोशिश करने जा रहे हैं।
>
> अधिक जानकारी यहाँ है -
> http://padma.mozdev.org/
>
> फायरफॉक्स का ऐड-आन यहाँ है -
> https://addons.mozilla.org/en-US/firefox/addon/873/
>
> यूनिकोड कन्वर्शन गेटवे
> http://uni.medhas.org/
>
> यूनिकोड कन्वर्शन गेटवे डाउनलोड
> http://sourceforge.net/project/showfiles.php?group_id=184498
>
>
> विशेषताएँ:
>
> * चूंकि यह वेबपन्नों (HTML) को सीधे यूनिकोडित करता है इसलिये फॉर्मटिंग नहीं
> बदलती; कई चरणों से नहीं गुजरना पड़ता; कम समय लगता है।
>
> * इसकी शुद्धता भी अच्छी है।
>
> * इसको आपके फायरफॉक्स ब्राउजर में इंस्टाल करना दो मिनट का काम है जो बिना
> किसी समस्या के पूरा हो जाता है।
>
> * इन यूनिकोड में परिवर्तित, मूल फॉर्मट सहित, वेबपन्नों को कॉपी-पेस्ट किया जा
> सकता है।
>
>
>
> वर्तमान में समर्थित देवनागरी फॉन्ट :
>
> * Bhaskar
>
> * Jagran
>
> * Ujala
>
> * Chanakya
>
> * ePatrika
>
> * Shusha
>
> * Shivaji
>
> * HTChanakya
>
> * Shree-Dev-0714
>
> * SHREE-PUDHARI fonts
>
> * Kruti Dev 010
>
> * DV-TT fonts : DV-TTGanesh, DV-TTYogesh, DV-TTSurekh,
> DV-TTGaneshEN, DV-TTYogeshEN and ...
>
> * DV-TTW fonts
>
> * DVW-TTGanesh, DVW-TTYogesh, DVW-TTSurekh, DVW-TTGaneshEN,
> DVW-TTYogeshEN...
>
>
> MillenniumVarun, MillenniumVarunFX , MillenniumVarunWeb
> font used by lokmat.com <http://lokmat.com/> site
>
>
> ManjushaBold, ManjushaMedium,
>
>
> Kiran font family
>
>
> अन्य सुविधाएं:
>
> * टेक्स्ट फाइल को भी यूनिकोडित करने की सुविधा है-
> http://uni.medhas.org/fileconverterindex.php5
>
> * यूनिकोडित पृष्ठों का लिप्यन्तरण -
> http://uni.medhas.org/girgit.php5
>
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श्रीमान क्या पद्मा इंटरनेट एक्सप्लोरर में भी काम करेगा
पद्मा के बारे में मैंने (तब जब इसमें शुषा फ़ॉन्ट को शामिल किया गया था) मई 2006 में एक
छोटा सा आलेख लिखा था.
लिंक यहाँ है (यह आलेखों का संकलन है.)
http://raviratlami.blogspot.com/2006/08/2006_115476089656869459.html
सादर,
रवि
पद्मा को फायरफॉक्स में जोड़कर चलने वाले बन्धु ध्यान रखें कि कुछ गैर-यूनिकोडित साइटें ( जैसे हिन्दी विश्वकोश, पाञ्चजन्य आदि) देखने के लिये पद्मा के विकल्प (options) में जाकर इनके यूआरएल (पते) वहाँ जोड़ने पड़ते हैं। इसके बाद ही उनको जब भी खोलेंगें वे स्वत: यूनिकोडित होकर आयेंगी। अधिक प्रसिद्ध साइटें (जैसे प्रभासाक्षी आदि) पहले से ही जुड़ी हुई हैं।
उपरोक्त सुविधा 'यूनिकोड कन्वर्शन गेटवे' में नहीं है। वहाँ जो साइटे उन्होने लिस्ट की हैं बस वही यूनिकोडित हो पाती हैं।
--
परन्तु आज यह काम नही कर रहा है!
http://tinyurl.com/krutidev010
इसे सुरक्षित कर बुकमार्क कर लें.
सादर,
रवि
सादर,
रवि
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यहाँ से डाउनलोड कर लें।
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1) Parivartan Download here:
http://www.ildc.in/htm/generic_sfc.htm
2) SIL Converter - More here:
http://raviratlami.blogspot.com/2010/05/blog-post_26.html
3) DangiSoft's Prakhar Converter . More here:
http://raviratlami.blogspot.com/2009/03/100.html
4) FontSuvidha. More here:
http://raviratlami.blogspot.com/2010/03/blog-post_22.html
5) MS TBIL data converter. More here:
http://raviratlami.blogspot.com/2007/10/blog-post_07.html
Regards,
Ravi
thanks a lot for indicating all these tools
Nirmal Verma