kaithi script sample

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V S Rawat g

unread,
Nov 5, 2012, 7:04:35 AM11/5/12
to th
कोई विशेष उद्देश्य नहीं है इस पोस्ट का।

बस एक जगह पर कैथी लिपि का ज़िक़्र पढ़ा तो गूगल पर ढूँढा, तो विकी में यह मिला।
http://en.wikipedia.org/wiki/Kaithi

तो चित्र संलग्न कर रहा हूँ।

अब देखिए,
http://scriptsource.org/cms/scripts/page.php?item_id=script_detail&key=Kthi
यह साइट तो कह रही है कि इनको इस लिपि का एक भी उदाहरण नहीं मिला है।

भारतीय भाषाओं के जैसी ही वर्णमाला है, बस लिपि अलग है।
अगर इस लिपि का कोई फ़ॉन्ट ही बना दिया जा सके तो यूनीकोड भारतीय भाषाओं को इस
लिपि में बिना किसी परिवर्तन के देखा जा सकेगा। इससे इस भाषा वालों को बहुत सुभीता
हो जाएगा।

पता नहीं ऐसी कितनी भाषाएँ और लिपियाँ विलुप्त होती जा रही हैं। अगर हम इनको
सहेजने के लिए कुछ कर सकें तो...

धन्यवाद।
--
रावत
Kaithi_handwritten.jpg

Vinod Sharma

unread,
Nov 5, 2012, 7:11:33 AM11/5/12
to technic...@googlegroups.com
रावतजी,
इतना आसान भी नहीं है। यह चित्र अलग-अलग अक्षरों का लिया गया है,
जब व्यक्ति प्रवाह में लिखता है तो कुछ भी समझ में नहीं आता। हर व्यक्ति की
लिखाई अलग होती है।

2012/11/5 V S Rawat g <vsr...@gmail.com>

--
रावत

--
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V S Rawat gmoz

unread,
Nov 5, 2012, 7:14:33 AM11/5/12
to th
अरे विकी पेज पर तो दिया है कि इसे तो यूनीकोड में जोड़ भी लिया गया है।
--
Rawat

ken

unread,
Nov 5, 2012, 10:16:26 AM11/5/12
to technic...@googlegroups.com
In the past India has spent so much time in creating new language scripts by modifying simple Brahmi script under different rulers based on local dialects.Now we spend more time in romanizing Indian language scripts.Are we going back to Brahmi?

Kaithi(Bhojpuri) is very close to Gujarati without shiro rekha'. 

http://www.omniglot.com/writing/bhojpuri.htm

http://www.omniglot.com/writing/gujarati.htm

सोमवार, 5 नवम्बर 2012 6:04:42 am UTC-6 को, Rawat ने लिखा:

Dr Rajeev kumar Rawat

unread,
Nov 5, 2012, 7:41:00 PM11/5/12
to technic...@googlegroups.com
जयपुर से मुझे भी एक फोन आया था कि कोई जमीन के कागजात हैं
वे अनुवाद करने हैं।
मुझे एक चीज समझ में नहीं आ रही कि आज तक कोई और मामला प्रकाश
में नहीं आया तो क्या  मात्र एक व्यक्ति के पास ही ऐसे कागजात होना
संदेहास्पद नहीं है और फिर ऐसे कागज का अनुवाद कराने के बाद वह व्यक्ति
निश्चित ही कोई लाभ लेगा और उसके अन्य भाई भतीजे उस पर केस करेंगे या
हो सकता है केस चल रहा हो, फिर उस अनुवाद की सत्यता और प्रामाणिकता का भी
झंझट हो सकता है और अनुवादक महोदय को कोर्ट भी जाना पड़ सकता है।

सादर.
डॉ. राजीव कुमार रावत,हिंदी अधिकारी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर-721302
09641049944,09564156315

Vinod Sharma

unread,
Nov 5, 2012, 9:41:06 PM11/5/12
to technic...@googlegroups.com
रावतजी,
यह वास्तविकता है कि बिहार और यूपी के हजारों लोगों के जमीन के कागजात
कैथी लिपि में हैं। इनके अनुवाद की जरूरत तब पड़ती है जब उस संपत्ति को 
किसी को बेचा जाए या हस्तांतरित किया जाए, तब ही रजिस्ट्री के लिए इन की
आवश्यकता होती है। हो सकता है बिहार या यूपी की कचहरियों में कुछ लोग 
अभी भी हों जो इनका अनुवाद कर देते हों। हाँ अपने पेशेवर अनुवादकों में कोई
अनुवादक नज़र नहीं आता। 
विनोद शर्मा

2012/11/6 Dr Rajeev kumar Rawat <dr.raje...@gmail.com>

--
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Dr Rajeev kumar Rawat

unread,
Nov 5, 2012, 9:52:31 PM11/5/12
to technic...@googlegroups.com
मैंने उन सज्जन से कह दिया था
कि हां यह चर्चा हमारे मंच पर हुई है और यदि विनोद भाई
नहीं कर पा रहे हैं तो मुझसे आशा न करें। 
फोटो चक्षुप्रिय है।
सादर

V S Rawat

unread,
Nov 7, 2012, 1:16:27 AM11/7/12
to technic...@googlegroups.com
मुझे तो यह विचार समझ में नहीं आया कि अगर कोई किसी अनुवाद का दुरुपयोग कर सकता है
तो किसी अनुवादक को उस पाठ का अनुवाद ही नहीं करना चाहिए।

ऐसे तो हम जितने लोगों के लिए भी अनुवाद करते हैं, हमें पूरा पता लगाना पड़ेगा कि वो लोग
उस अनुवाद का क्या-क्या कर रहे हैं, उनकी कही हुई बातों, या स्वाभाविक उपयोग दिखने
वाली बातों से परे जा कर भी।

धन्यवाद।
--
रावत

Dr Rajeev kumar Rawat

unread,
Nov 7, 2012, 2:28:32 AM11/7/12
to technic...@googlegroups.com
बड़े भैया
बात प्रामाणिकता एवं तथ्यों के आलोक में उस बात को सिद्ध करने की है। मेरा कहने का आशय यह है कि यदि हमने अपनी पतली सी जानकारी पर कर दिया और कोर्ट उसे नहीं समझ पाता है तब क्या किया जा सकता है जैसे हिन्दी, अंग्रेजी या और जिन भाषाओं का काम हम करते हैं उस सब को कोई भी शब्दकोशों
नैट शब्दावलियों से प्रमाणित भी कर सकता है लेकिन इस स्थिति में हमारी खुद की ही बात की सत्यता
सिद्ध करने के लिए अनुवादक के पास कुछ नहीं होगा।

और बात दुरुपयोग की नहीं सदुपयोग की भी है पर उसे प्रमाणित कौंन करेगा, हांलाकि यह कोर्ट की
माथापच्ची है कि उसे साक्ष्य माने अथवा न माने- हम तो पंडित है मौके के मंत्र पढ़ने हैं जन्मदिवस हो. विवाह हो. श्राद्ध हो या मुखाग्नि। 

V S Rawat

unread,
Nov 7, 2012, 3:36:22 AM11/7/12
to technic...@googlegroups.com
वो अनुवाद था ही नहीं। वो लिप्यांतर था। उसी चीज़ को कैथी लिपि से देवनागरी में लिखना
था, और शायद फिर देवनागरी से अंग्रेजी में अनुवाद करना होता।

लिपि पहचान कर अनुनाद जी ने बिना बर्मीज़, ब्हासा, मलय आदि भाषाएँ जाने वहाँ का
कन्वर्टर विकसित कर दिया। :-)

लिप्यांतर के लिए किसी प्रमाणीकरण की आवश्यकता क्यों कर पड़ेगी? मूल को तो अदालत में
देखा ही जाएगा, विशेषकर अगर दूसरे पक्ष मूल कैथी और देवनागरी लिप्यांतर में किसी अंतर का
दावा करते हैं।

रावत

Pk Sharma

unread,
Dec 15, 2012, 12:04:21 AM12/15/12
to technic...@googlegroups.com
रावत जी


2012/11/5 V S Rawat g <vsr...@gmail.com>
अगर इस लिपि का कोई फ़ॉन्ट ही बना दिया जा सके

i can do this work

 
तो यूनीकोड भारतीय भाषाओं को इस लिपि में बिना किसी परिवर्तन के देखा जा सकेगा।
इससे इस भाषा वालों को बहुत सुभीता हो जाएगा।
 
गणक पर लिखने व पढ़ने की सुविधा ?
पटल पर भारतीय भाषाओं को टंकन करा पाना - यह तो मेरा मन चाहा उद्देश्य है !
और वह भी निःशुल्क कराना ! और सरलता से करा पाना 
कोई माने या न माने यह तो मेरे मन को भाता है

 
पता नहीं ऐसी कितनी भाषाएँ और लिपियाँ विलुप्त होती जा रही हैं। अगर हम इनको सहेजने के लिए कुछ कर सकें तो...

अवश्य ही करना है
लिपि से ज़्यादा ज़रूरी भाषा को बचाने का काभ है
उसी भाषा में तो उस समुदाय की सभ्यता का ब्योरा होता है

तथापि लिपि के गणक पर अंकित करने हेतु फ़ॉन्ट तो चाहियेगा ही

और कोई सदस्य ईस प्रयास में योगदान करना चाहेगा
एक एक स्वर / व्यंजन के लिये अति धैर्य से फ़ॉन्ट 
अंकित करना होगा

कैथी में मात्राएँ होती हैं क्या ?


 


--
now use indian languages on pc more easily with :

IT'S EASY !!    IT'S FREE !!!

Pk Sharma

unread,
Dec 15, 2012, 12:11:02 AM12/15/12
to technic...@googlegroups.com


2012/12/15 Pk Sharma <pksharm...@gmail.com>

रावत जी


2012/11/5 V S Rawat g <vsr...@gmail.com>
अगर इस लिपि का कोई फ़ॉन्ट ही बना दिया जा सके

i can do this work

हिन्दी की आशूलिपी व अंग्रेज़ी की शॉर्ट हॅन्ड के लिये यह काम
मै कर चुका हूँ 

आठ बिन्दी वाली बिन्दुलिपी (ब्रेल) पर काम चालू है
छ़ः  बिन्दी वाली बिन्दुलिपी (ब्रेल) पर काम हो चुका है


V S Rawat

unread,
Dec 15, 2012, 1:15:42 AM12/15/12
to technic...@googlegroups.com
यह पोस्ट करने के बाद में देखा था तो यूनीकोड ने कैथी का भी कोड जारी
किया हुआ है। यह कुछ गुजराती प्रकार की लिपि है। मात्राएँ हैं। यूनीकोड
पेज पर जा के इसके कोड का पीडीएफ़ देख लीजिए.

रावत

2012/12/15 Pk Sharma <pksharm...@gmail.com>:

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>
>

Pk Sharma

unread,
Dec 15, 2012, 2:09:11 AM12/15/12
to technic...@googlegroups.com







2012/12/15 V S Rawat <vsr...@gmail.com>

यह पोस्ट करने के बाद में देखा था तो यूनीकोड ने कैथी का भी कोड जारी
किया हुआ है। यह कुछ गुजराती प्रकार की लिपि है। मात्राएँ हैं। यूनीकोड
पेज पर जा के इसके कोड का पीडीएफ़ देख लीजिए.

देखा था

कोड पॉइन्ट तो fix कर दिये गये हैं

पर बिना फ़ॉन्ट के उनको प्रयोग नहीं किया जा सकता है

यही समस्या देवनागरी के नये वर्णों में भी आ रही है
कोड पॉइन्ट तो fix कर दिये गये हैं लेकिन ये वर्ण मंगल फ़ॉन्ट में
दिखायी नहीं देते      वरन् अपराजिता संग दो और फ़ॉन्टों में
प्रदर्शित हो जाते है

सबक कैथी के लिये नये फ़ॉन्ट बनाने ही होंगे

अन्य लोप होने के ख़तरे में पड़ी भाषाओं को भी उनके फ़ॉन्ट
बना बना कर गणक पर टंकन कर लोप होने से बचाया जा सकता है 




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