ऍ ऎ ऑ ऒ ॅ ॆ ॉ ॊ आदि - किस दिशा में जाना उचित ? looong post .. pls delete to avoid 'disturbance' .. or .. consider the serious issue !

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Pk Sharma

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Dec 28, 2012, 11:43:22 AM12/28/12
to technic...@googlegroups.com

2012/12/27 Madhusudan H Jhaveri <mjha...@umassd.edu>
ऐसे संकरित उच्चारण वाले अक्षरों पर चिंतन हुआ था। और उनके उच्चारण में, संदिग्धता होने के कारण उनकी स्वीकृति नहीं की गयी थी।

axar.in/kpm/svag या  में देवनागरी अक्षरों  का विस्तृत  विवरण देखें |

हर अक्षर के उच्चारण का स्थान है |

अंग्रेजी के उच्चारण वैसे निश्चित नहीं हैं !

पृथक पृथक भाषाओं से आने के कारण उन्हीं भाषाओं के उच्चारणों को
रखा गया है

फ़्रान्सीसी भाषा का अत्यधिक प्रभाव रहा
ग्रीस रोमन लॅटिन के शब्द भी भरे पड़े हैं |

हिन्दी पर संस्कृत का प्रभाव उसे उस के व्याकरण
से काफ़ी हद तक नियन्त्रित कर के रखता है |

तथापि अनेक विदेशी शब्दों का लोगों द्वारा इस्तेमाल
की वजह से ये भी हिन्दी में शामिल हो जाने से अंग्रेज़ी 
जैसा गोलमाल हो रहा है |
पी सी पुल्लिंग लेकिन टॅब्लॅट ? स्त्रीलिंग ! 
फ़ोन पुल्लिंग पर लॅन्ड लाईन स्त्रीलिंग !
चीज़ एक ही है |

मानक पर मतान्तर मानकीकरण के काम को झोत में डाल देता है !

धातु आधार होता है | परन्तु विदेशी शब्दों को धातु के रूप में 
स्वीकार करने पर अनेकों स्थापित ज्ञानियों की घोर आपत्ति
रोड़ा अटका देती है | दोनो मॉडरेटरों में भी एकमत नहीं नज़र आता |
मानककीकरण के लिये प्रशाशन के लोगों की अपनी अलग ही 
मजबूरियाँ  अहम  वगैराह बाधक बन जाते हैं |

समय की गति रुकती नहीं और  ऍस ऍम ऍस / ई मेल / नॅट के
प्रयेक्ता काम मानक न होने के कारण विचित्र विचित्र काम चलाऊ
चलन आरम्भ कर देते है | नियंत्रनहीन दिशाहीन विकल्प आवाम
में आसानी से मान्यता प्राप्त कर लेते हैं | और शेरनी तथा बाघ के
मिलन से एक विचित्र पशु मान्यता प्राप्त कर लेता है |

काम चलाऊ हल बस काम चलाऊ ही होते हैं |

विद्यामन्दिरों में ज्ञानी हाथ मलते रह जाते  हैं |

संस्कृत के अलावा अंग्रेज़ी , उर्दू ,  ऍस ऍम ऍस / ई मेल / नॅट ,
 हिंग्लिश आदि अनाथ हिन्दी  के मिले जुले अधिपति बन
बैठते है | गूगल हमें विचित्र विधियों से हिन्दी लिखने को
धकेल देता है ! और हम उदारता दिखाते हुए गूगल , फ़ायर फ़ॉक्स
को सहाता करने में अपने को भाग्यशाली समझने लगते हैं |
अपनी मात्रभाषा को ही रोमन में लिखने की सोचने लगते हैं |

समाधान ? 

समस्या पर थोड़ी सहमती तो हो !
फ़िर सोचें कि उचित क्या है
ओर
फ़िर सोचें कि अपना स्वार्थ सिद्ध करने 
के लिये  "उचित" कदम न लेने का "बढ़िया"
बहाना क्या हो जो अपने ज़मीर के "ज़्यादा"
न झकोड़े 

:-)) 






V S Rawat

unread,
Dec 28, 2012, 12:33:10 PM12/28/12
to technic...@googlegroups.com


2012/12/28 Pk Sharma <pksharm...@gmail.com>

 
तथापि अनेक विदेशी शब्दों का लोगों द्वारा इस्तेमाल
की वजह से ये भी हिन्दी में शामिल हो जाने से अंग्रेज़ी 
जैसा गोलमाल हो रहा है |
पी सी पुल्लिंग लेकिन टॅब्लॅट ? स्त्रीलिंग ! 
 
नहीं टैबलेट (यंत्र) भी पुल्लिंग है
 
मेरा पीसी ठीक चल रहा है
कि
मेरी पीसी ठीक चल रही है

उसी तरह
मेरा टैबलेट ठीक चल रहा है
कि
मेरी टैबलेट ठीक चल रही है

रावत
 

Pk Sharma

unread,
Dec 28, 2012, 12:59:44 PM12/28/12
to technic...@googlegroups.com
टॅब्लॅट दी जाती है खनो के लिये 
अब टॅब्लॅट दी जाती है खेल के लिये

हरेक का अपना औचित्य सुनने को मिलेगा :-)

टॅम्पो  (वॅन) आता है    और omni (van0 आती है




2012/12/28 V S Rawat <vsr...@gmail.com>

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