हिंदी के सर्वश्रेष्ठ शोध प्रबंध

2,184 views
Skip to first unread message

Anunad Singh

unread,
Jul 14, 2011, 6:23:38 AM7/14/11
to Scientific and Technical Hindi (वैज्ञानिक तथा तकनीकी हिन्दी)
क्या हिन्दी के २०-२५  सर्वश्रेष्ठ  शोध प्रबंधों की सूची कहीं मिला सकती है?  सर्वश्रेष्ठ १०० की सूची मिल जाय तो और भी बढ़िया.

-- अनुनाद

GangaSahay Meena

unread,
Jul 15, 2011, 2:09:43 AM7/15/11
to technic...@googlegroups.com
अच्‍छे विश्‍वविद्यालयों (बीएचयू, इलाहाबाद, डीयू, जेएनयू आदि) का कैटलॉग देखिए. इनमें से किसी का भी ऑनलाइन नहीं है. इसलिए जाना ही पडेगा.

2011/7/14 Anunad Singh <anu...@gmail.com>
क्या हिन्दी के २०-२५  सर्वश्रेष्ठ  शोध प्रबंधों की सूची कहीं मिला सकती है?  सर्वश्रेष्ठ १०० की सूची मिल जाय तो और भी बढ़िया.

-- अनुनाद

--
आपको यह संदेश इसलिए प्राप्त हुआ क्योंकि आपने Google समूह "Scientific and Technical Hindi (वैज्ञानिक तथा तकनीकी हिन्दी)" समूह की सदस्यता ली है.
इस समूह में पोस्ट करने के लिए, technic...@googlegroups.com को ईमेल भेजें.
इस समूह से सदस्यता समाप्त करने के लिए, technical-hin...@googlegroups.com को ईमेल करें.
और विकल्पों के लिए, http://groups.google.com/group/technical-hindi?hl=hi पर इस समूह पर जाएं.



--
Ganga Sahay Meena
Assistant Professor in Hindi
Centre of Indian Languages
Jawaharlal Nehru University
New Delhi-67
Mob- 9868489548
gsmeena.blogspot.com
gsmeena.wordpress.com
lokrajniti.blogspot.com
sahityikpatrakar.blogspot.com
lohiaphotos.blogspot.com

Anunad Singh

unread,
Jul 15, 2011, 3:57:40 AM7/15/11
to technic...@googlegroups.com
मेरा मतलब केवल साल- दो साल पुराने शोधा प्रबंधों से नहीं था.  मैं ऐतिहासिक रूप से प्रसिद्ध एवं महत्वपूर्ण (उत्कृष्ट) माने गए सभी शोधा प्रबंधों की सूची चाहता हूँ.  क्या किसी हिन्दी के विद्वान ने इस  तरह का संकलन करने का प्रयास किया है?

-- अनुनाद


१५ जुलाई २०११ ११:३९ पूर्वाह्न को, GangaSahay Meena <gsmee...@gmail.com> ने लिखा:

Dr. Kavita Vachaknavee

unread,
Jul 15, 2011, 5:16:54 AM7/15/11
to technic...@googlegroups.com

अच्छे वि. वि. केवल बीएचयू, इलाहाबाद, डीयू या जे एन यू  आदि ही नहीं हैं, ये सभी कालविशेष में अलग अलग कारणों से ख्यात रहे हैं ; आवश्यक नहीं कि वे कारण सर्वदा ही शिक्षा की गुणवत्ता रहा है. शोध की बात तो सामान्य शिक्षा (अध्ययन अध्यापन ) के बाद आती है.
इसके अतिरिक्त भी अनेकानेक महत्वपूर्ण शोधकार्य अन्य संस्थानों में हुए हैं, होते आए हैं.

वस्तुतः अनुनाद जी का  आदि प्रश्न ही सीमित और अस्पष्ट था. अब अपने दूसरे ईमेल में उन्होने यद्यपि कुछ स्पष्ट किया है किन्तु यह भी निर्विवाद नहीं है. 
किसी व्यक्ति का यह कहना कि `अंग्रेजी के सर्वश्रेष्ठ ' जैसे अधुरा और भ्रान्त है तैसे ही `हिन्दी के' कहना भी अधूरा और भ्रान्त. 

हिन्दी में यद्यपि अंग्रेजी की भान्ति भाषा और साहित्येतर विषयों  पर  काम न के बराबर हैं किन्तु भाषा और साहित्य मात्र में ही कितने अनुशासन, सैकड़ों
 शाखाएँ और प्रति -शाखाएँ  है. फिर इन्के कालक्रम का विभाजन है. अब जैसे कोई कहे कि हिन्दी की सर्वश्रेष्ठ ५० पुस्तकें कौन-सी हैं तो क्या इनका निर्धारण ऐसे झटके में किया जा सकता है? या कभी भी किया जा सकता है? कभी नहीं. उन्में विधाओं का क्रम और अनुक्रम बनेगा, काल का क्रम और अनुक्रम बनेगा, प्रवृत्त्यों का भी बनेगा. तिस पर भी निर्धारण नहीं होगा क्योंकि सामान्य अध्येता की रुचि - अरुचि और मूल्यांकन का भी अपना अलग महत्व है . फिर सबसे बडी बात यह कि मूल्यांकन अथवा श्रेष्ठता की लिस्टिंग करने वाला व्यक्ति किन मानकों पर ऐसा करता है, किस आधार पर करता है, स्वयं किन किन पूर्वाग्रहों से युक्त है आदि;  उसकी रुचि का क्षेत्र और सीमाएँ क्या क्या हैं, कहाँ कहाँ से सामग्री का चयन वह करता है, क्या हिन्दी के शोधकार्य का इतिहास उसे उपलब्ध है, क्या सभी ग्रन्थ उपलब्ध हैं, उसके अपने पैमाने क्या हैं  ..... आदि अनेकानेक  निर्धारक तत्व और भी हैं.

इसलिए सर्वश्रेष्ठ शोध कार्य की खोज पर भी अत्यन्त शोध, धैर्य और समर्पण की आवश्यकता है; यद्यपि यह तय है कि परिणाम तब भी सही और खरे नहीं आएँगे. 

अभी इतना ही 
- (डॉ.) कविता वाचक्नवी

      GoogleFacebookTwitterBlogger





2011/7/15 Anunad Singh <anu...@gmail.com>

Dr. Kavita Vachaknavee

unread,
Jul 15, 2011, 5:30:15 AM7/15/11
to technic...@googlegroups.com

कृपया हाईलाईटर् लगे भागों को क्रम से इस प्रकार पढ़ें  - 

 १ )  अधूरा
२ )   अंग्रेजी की तुलना में 
३)    इनके 
४)   उनमें 
५)   प्रवृत्तियों 

2011/7/15 Dr. Kavita Vachaknavee <kavita.va...@gmail.com>

Abhishek Avtans

unread,
Jul 15, 2011, 6:38:42 AM7/15/11
to technic...@googlegroups.com
हिंदी भाषा पर हुए शोध कार्यों की सूची प्रो विमलेश कांति वर्मा के संपादन में प्रकाशित हुई है।
उनकी वेबसाइट पर उपलब्ध विवरण यह है
STUDIES ON HINDI: A COMPRESHENSIVE BIBLIOGRAPHY
Published by Pilgrims Publishing, Varanasi, India. 2007. p. 467. The bibliography enlists all the important books, dissertations and monographs on Hindi language in all the major languages from the earliest times to the end of the last century
 
सादर

--
आपको यह संदेश इसलिए प्राप्त हुआ क्योंकि आपने Google समूह "Scientific and Technical Hindi (वैज्ञानिक तथा तकनीकी हिन्दी)" समूह की सदस्यता ली है.
इस समूह में पोस्ट करने के लिए, technic...@googlegroups.com को ईमेल भेजें.
इस समूह से सदस्यता समाप्त करने के लिए, technical-hin...@googlegroups.com को ईमेल करें.
और विकल्पों के लिए, http://groups.google.com/group/technical-hindi?hl=hi पर इस समूह पर जाएं.



--

Abhishek Avtans अभिषेक अवतंस


Anunad Singh

unread,
Jul 15, 2011, 7:34:07 AM7/15/11
to technic...@googlegroups.com
कविता जी,

कविता जी, आपने जो समस्याएँ गिनाई हैं  वे लगभग सब जगह आतीं हैं.  इनके बावजूद भी  हर वर्ष  पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्मविभूषण  आदि दिए जाते हैं. फिल्मों के विविध पुरस्कार दिए जाते हैं. विभिन्न साहित्यिक पुरस्कार दिए जाते हैं. यहाँ तक कि नोबेल पुरस्कार भी विवादरहित नहीं होते.
दुनिया में अनेकानेक आविष्कार हुए हैं,  फिर भी लोग 'दस आविष्कार जिन्होंने दुनिया बदल दी'  जैसे नाम वाले लेख लिखते हैं.

इसलिए हिन्दी के किसी सुविज्ञ व्यक्ति ने यदि ऐसी किसी सूची के निर्माण का प्रयास किया है तो वह पर्याप्त होगी.  समस्या तो तब आयेगी जब इस तरह की  कई सूचियाँ उपलब्ध हों.  यहाँ तो एक सूची के भी लाले पड़े हैं.

-- अनुनाद

Anuradha R.

unread,
Jul 15, 2011, 7:45:01 AM7/15/11
to technic...@googlegroups.com
"समस्या तो तब आयेगी जब इस तरह की  कई सूचियाँ उपलब्ध हों.  यहाँ तो एक सूची के भी लाले पड़े हैं. "

वाह अनुनाद जी, बिल्कुल सही जगह पर अंगुली रखी है आपने। इस भावना से मैं भी सहमत हूं।

 मैंने भी गूगल पर खोजने की कोशिश की, पर कुछ खास नहीं मिला। वि. वि. के शोध प्रबंध वहां से बाहर नहीं आ पाते, सही है। पर इतने वर्षों में कई शोध कार्य पुस्तक रूप में भी आए होंगे। किसी हिंदी के विद्वान से संपर्क करना पड़ेगा। 
-अनुराधा
2011/7/15 Anunad Singh <anu...@gmail.com>

--
आपको यह संदेश इसलिए प्राप्त हुआ क्योंकि आपने Google समूह "Scientific and Technical Hindi (वैज्ञानिक तथा तकनीकी हिन्दी)" समूह की सदस्यता ली है.
इस समूह में पोस्ट करने के लिए, technic...@googlegroups.com को ईमेल भेजें.
इस समूह से सदस्यता समाप्त करने के लिए, technical-hin...@googlegroups.com को ईमेल करें.
और विकल्पों के लिए, http://groups.google.com/group/technical-hindi?hl=hi पर इस समूह पर जाएं.



--
LIFE IS BEAUTIFUL.....Live it to the fullest!!!!

Dr Rajeev kumar Rawat

unread,
Jul 15, 2011, 8:22:26 AM7/15/11
to technic...@googlegroups.com
मित्रो

एक प्रयास किया जा सकता है-

1.भारतीय विश्वविद्यालय संघ, नई दिल्ली के दायित्व में यह एक कार्य़ है कि वह समस्त वि.विद्यालयों में हुए शोध के विषय में अपनी पत्रिका में प्रकाशित करे- एक तरह से यह एक नोडल संस्था हो सकती थी- पर शायद ही इसके विषय में हम में से अधिकांश जानते हों-यह प्रमाण है इसकी ईमानदारी से काम करने का और सक्रियता का........( AIU House, 16 Comrade Indrajit Gupta Marg (Kotla Marg),New Delhi -110002 INDIA Ph: 91-11-23230059; 23232429; 23232305Fax : 91-11- 23232131For more queries please mail atin...@aiuweb.org )

2. दोष इस संस्था का नहीं - हम अपने वि.वि. में ही देखें तो वहां के पुस्तकालय में वहां हुए शोधों की भी अद्यतन सूची नहीं है ,और पुस्तकालयों के डाटा बेस , अभिलेख संरक्षण आदि के विषय में तो क्या कहूं , पिछले महीने उपाधियां निकलवाने के लिए अपने वि.वि. जाना हुआ था- प्रशासनिक भवन , ग्रऩ्थालय की दुर्दशा देख कर रोना आ गया- आपमें से मेरे साथ के लोग या वरिष्ठ जन यदि आज अपने विवि में जाएं तो रो ही पड़ेगे----- ऐसे में शोध का रिकार्ड-- 

3. वि.वि. प्रशासन का यह दायित्व होता है कि वह अपने यहां हुए शोधों के विषय में संघ को लिखित में सूचित करे और संघ उसे अपनी पत्रिका में प्रकाशित करे, जिससे कि सब उसके विषय में जान सकें---------------- किंतु दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हुआ और न कोई ऐसा करना चाहता है क्यों कि इससे सभी के निहित गंदे स्वार्थ जुड़े हैं-- एक जगह की थीसिस थोड़ा सा उलटफेर कर दूसरी जगह चल जाती है- लोग यहां तक कि प्राध्यापक स्तर के लोग ठेके पर थीसिस लिखते हैं और उपाधि जुगाड़ करते हैं------


  रहने दो अनुनाद जी किस कीचड़ में हाथ डाल दिया--

और ये जो स्वनामधन्य वि.वि. के नाम गिनाए जा रहे हैं न. यदि कोई आपमें से वहां का शोधार्थी रहा हो तो उससे असलियत पूछिए...

अपने स्तर पर हम यह कर सकते हैं कि हम अपने सदस्यों के बीच इस चर्चा को रखें कि वे अपने-अपने अनुभवों के आधार पर नाम, अनुनाद जी को भेजे-- करीब 200 नाम आ जाने के बाद आदरणीय जोशी जी, मल्होत्रा जी , कविता जी, मीणाजी, अनुराधा जी आदि सक्रिय विद्वान सदस्यों का एक पैनल जांच कर अपनी राय दे..

श्री जय प्रकाश भारती जी ने हिंदी की सर्वश्रेष्ठ 100 पुस्तकों की एक पुस्तक प्रकाशित की थी , अन्य लेखक कवि गण अपनी अपनी दृष्टि से 51 ,100 सर्वश्रेष्ठ कहानियां, कविताएं आदि प्रकाशित करते ही रहतेहैं तो यह मंच भी अपनी ओर से ऐसा कालजयी प्रयास कर सकता है ,, 

मेरी सेवाएं भी सदैव अर्पित हैं किंतु यह कहना यहां उचित होगा कि मेरी थीसिस और विशेष अध्ययन क्षेत्र भारतीय संविधान रहा है हिंदी नहीं- यहां तो मैं रोजी रोटी की तलाश में भटकते फटकते पहूंचा हूं.

सादर

2011/7/14 Anunad Singh <anu...@gmail.com>
क्या हिन्दी के २०-२५  सर्वश्रेष्ठ  शोध प्रबंधों की सूची कहीं मिला सकती है?  सर्वश्रेष्ठ १०० की सूची मिल जाय तो और भी बढ़िया.

-- अनुनाद

--
आपको यह संदेश इसलिए प्राप्त हुआ क्योंकि आपने Google समूह "Scientific and Technical Hindi (वैज्ञानिक तथा तकनीकी हिन्दी)" समूह की सदस्यता ली है.
इस समूह में पोस्ट करने के लिए, technic...@googlegroups.com को ईमेल भेजें.
इस समूह से सदस्यता समाप्त करने के लिए, technical-hin...@googlegroups.com को ईमेल करें.
और विकल्पों के लिए, http://groups.google.com/group/technical-hindi?hl=hi पर इस समूह पर जाएं.



--
डॉ. राजीव कुमार रावत  Dr. R. K. Rawat
हिन्दी अधिकारी          Hindi Officer
राजभाषा विभाग         Rajbhasha Vibhag
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर 721302
Indian Institute of Technology Kharagpur
09564156315,09614887714,09641049944,08653807663
off- 03222 281864 fax- 03222 281718,res- 03222 281865
dr.raje...@yahoo.co.in , rkr...@hijli.iitkgp.ernet.in


ePandit | ई-पण्डित

unread,
Jul 16, 2011, 11:53:37 AM7/16/11
to technic...@googlegroups.com
शायद हिन्दी साहित्य निकेतन नामक प्रकाशन समूह ने भी शोध-प्रबंधों के सम्बन्ध में एक पुस्तक निकाली है। समूह के मुखिया डॉ॰ गिरिराजशरण अग्रवाल इस बारे में जानकारी दे सकेंगे।

१५ जुलाई २०११ ५:५२ अपराह्न को, Dr Rajeev kumar Rawat <dr.raje...@gmail.com> ने लिखा:



--
Shrish Benjwal Sharma (श्रीश बेंजवाल शर्मा)
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
If u can't beat them, join them.

ePandit: http://epandit.shrish.in/

Dr Rajeev kumar Rawat

unread,
Jul 17, 2011, 1:42:25 AM7/17/11
to technic...@googlegroups.com
डॉ गिरिजाशरण अग्रवाल एवं मीना अग्रवाल के नाम से 5 खंडों में शोध संदर्भ पुस्तक हैं
नैट पर कोई संपर्क सूत्र नहीं दिया गया है, simplybooks.com 
किसी के व्यक्तिगत परिचय में यदि डॉ गिरिजा शरण जी का कोई नं हो तो संपर्क किया जा सकता है

सादर



2011/7/16 ePandit | ई-पण्डित <sharma...@gmail.com>

Dr. Durgaprasad Agrawal

unread,
Jul 17, 2011, 3:19:20 AM7/17/11
to technic...@googlegroups.com
गिरिराज शरण अग्रवाल जी का ईमेल पता यह है: 


१७ जुलाई २०११ ११:१२ पूर्वाह्न को, Dr Rajeev kumar Rawat <dr.raje...@gmail.com> ने लिखा:



--

Please read

My blog 'Jog Likhee'
at
http://dpagrawal.blogspot.com
Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages