Krutidev 010 converter se kuchh samasyaayein

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V S Rawat g

unread,
Sep 27, 2012, 3:24:33 AM9/27/12
to th
कृतिदेव आदि प्रोपाइटरी फ़ॉन्ट के कन्वर्टर बहुत काम की चीज़ हैं। जब तक डीटीपी के
सॉफ़्टवेयर में यूनीकोड सपोर्ट नहीं आ जाता है, तब तक इस तरह के प्रोपाइटरी फ़ॉन्ट चलते
रहेंगे।

कृतिदेव कन्वर्टर में कुछ छोटी-छोटी समस्याएँ आ रही हैं।

1. कोलन ":" या विसर्ग का चिह्न कृतिदेव में रु में बदल जाता है, जिसे कृतिदेव फ़ॉन्ट में
% करना पड़ता है तो जाके कोलन या विसर्ग का चिह्न मिलता है।
क्या इसके लिए कोई तर्क निकाला जा सकता है कि अगर कोलन ":" या विसर्ग का चिह्न
बिना किसी शब्द के साथ, एकल रूप से हो, या पंक्ति का अंतिम अक्षर हो, या ) आदि के
बाद आए तो उसे % में बदला जाए क्योंकि ऐसी अवस्थाओं में इसके अंग्रेज़ी का कोलन होने की
अधिक संभावना है।
यह अभी मैन्युअली करना पड़ता है परिवर्तन के बाद।
35 # रु
37 % :


2 ' ' " " दोनों तरफ़ के सिंगल और डबल क्वोट कभी तो कृतिदेव में रिटेन हो जाते हैं,
कभी ष् या श् में बदल जाते हैं।
क्या इसका कोई तर्क है कि वर्ड यूनीकोड में इसके लिए कौन सा सटीक चिह्न इस्तेमाल करें,
या वर्ड की कौन सी सेटिंग रखें जिससे यह सही कन्वर्ट हो या कन्वर्ट न होकर एरियल
आदि एस्काई फ़ॉन्ट में ही रिटेन हो।
145 ‘ ‘ opening single quote
146 ’ ’ closing single quote
147 “ “ opening single quote
148 ” ” closing single quote
222 Þ " closing double quote
223 ß " opening double quote

3. जब यूनीकोड के कृतिदेव में कनवर्ट करते हैं तो कृतिदेव के बाकी अक्षर फ़ॉन्ट के आकार में
आते हैं, लेकिन यूनीकोड में अग्रेज़ी में लिखे सभी अंक शायद यूनीकोड फ़ॉन्ट में ही रहकर बाकी
पाठ से बहुत बड़े आकार के दिखने लगते हैं।

इसको मैं पहले कभी फ़ॉन्ट का ग्लोबल रिप्लेस करके ठीक कर चुका हूँ कि वो यूनीकोड से
कृतिदेव या एरियल में आ जाएँ लेकिन अब भूल चुका हूँ कि कैसे किया था।

क्या कोई इसका तर्क बता सकता है? यूनिकोड में भी अगर अंग्रेजी के अंक लिखे जाते हैं तो
वो एस्काई कोड 48-57 वाले होते हैं, यूनीकोड में अग्रेज़ी के कोई अलग अंक नहीं होते हैं,
यूनीकोड में हिन्दी के अंकों के लिए अलग कोड है। फिर ऐसा क्यों हो रहा है कि मंगल आदि
यूनीकोड फ़ॉन्ट में लिखे गए अंक बदलने में समस्या देते हैं?

इसी तरह से / आदि कुछ अन्य चिह्न में कृतिदेव में बहुत बड़े दिखते हैं।

इनमें से ज़्यादातर कोडिंग को न समझ पाने की वजह से हो रहा है। यदि कोई तर्क समझा
देगा तो उसे ग्लोबल रिप्लेस से जल्दी से ठीक किया जा सकेगा।

धन्यवाद।
रावत

Anunad Singh

unread,
Sep 30, 2012, 4:05:29 AM9/30/12
to technic...@googlegroups.com
रावत जी,
कॉलन और 'उद्धरण चिह्नों' की समस्या 'मिश्रण की समस्या' है। किसी 'डॉक' या 'रिच टेक्स्ट' में कई फॉण्टों में लिखी सामग्री को कॉपी करके टेक्स्ट में बदल दिया जाता है तो यह समस्या आ जाती है। इस पर पहले भी थोड़ी-बहुत चर्चा हुई है। आपका कहना बिलकुल सही है कि सन्दर्भ को ध्यान में रखकर परिवर्तन किया जाय तो कुछ हद तक समस्या से छुटकारा मिल सकता है। (जैसे खाली जगह के बाद विसर्ग आने का कोई प्रसंग नहीं होता)।

यूनिकोड को कृतिदेव में बदलकर किसी डॉक-एडिटर में देखने पर आने वाली जिस समस्या का उल्लेख आपने किया है उसका कारण जानने का सबसे सही तरीका होगा कि उस फाइल को एचटीएमएल में बदलकर उसके  एचटीएमएल कोड का ध्यानपूर्वक निरीक्षण किया जाय।

-- अनुनाद

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27 सितम्बर 2012 12:54 pm को, V S Rawat g <vsr...@gmail.com> ने लिखा:
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