निकोड के दौर में “प्रखर देवनागरी लिपिक” एक नवीन सॉफ़्ट्वेयर

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Dr. Kavita Vachaknavee

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May 29, 2009, 6:20:04 AM5/29/09
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मीडिया डेस्क |  http://www.hindimedia.in/index.php?option=com_content&task=view&id=6602&Itemid=139

screen_shot.jpgमध्यप्रदेश के विदिशा जिले के गंज बासौदा निवासी कम्प्यूटर इंजीनियर श्री जगदीप सिंह दांगी ने एक नए सॉफ़्ट्वेयर "प्रखर देवनागरी लिपिक " को जारी किया है। जिससे टंकणकर्ता यूनिकोड आधारित देवनागरी (हिन्दी,मराठी,संस्कृत) पाठ्य को रेमिंगटन टंकण शैली में सहजता से टंकित कर सकेगा।

अब कंप्यूटर पर साधारण हिन्दी रेमिंगटन टंकण (हिन्दी टाईपिंग) जानने वाले भी यूनिकोड आधारित देवनारी लिपि (हिन्दी,मराठी,संस्कृत) युक्त पाठ्य को एवम् रोमन लिपि (अंग्रेजी) युक्त पाठ्य को अपने मन पसंद की-बोर्ड लेआउट यानि के रेमिंगटन की-बोर्ड लेआउट में संयुक्त रूप से सहजता से टंकण कर सकेंगें।

प्रखर देवनागरी लिपिक रेमिंगटन टंकण प्रणाली आधारित एक सरल शब्द संसाधक है। इस सॉफ़्टवेयर का संपूर्ण इंटरफ़ेस हिन्दी में होकर यूनिकोड आधारित देवनागरी लिपि में है। अभी तक कोई भी हिन्दी का ऐसा सॉफ़्टवेयर उपलब्ध नहीं था जो कि कम्प्यूटर उपयोगकर्ता को यूनिकोड आधारित हिन्दी पाठ्य रेमिंगटन की-बोर्ड लेआउट में लिखने की सुविधा प्रदान कर सका हो! आज हमारे देश में लाखों लोग ऐसे हैं जो की हिन्दी टाइप-राइटर पर हिन्दी टाईपिंग (रेमिंगटन की-बोर्ड लेआउट ) जानते हैं, लेकिन यदि वही लोग जब कम्प्यूटर पर टाईपिंग करना चाहते हैं, तब रेमिंगटन लेआउट में यूनिकोड आधारित टाईपिंग की सुविधा न होने के कारण उनको काफ़ी दिक्कत होती है, लेकिन अब “प्रखर देवनागरी लिपिक” उक्त समस्या को पूरी तरह से समाप्त करते हुये उपयोगकर्ताओं के लिये एक नई सौगात है।

विशेषतायें:-

यह सॉफ़्ट्वेयर यूनिकोड आधारित देवनारी (हिन्दी,मराठी,संस्कृत) पाठ्य को रेमिंगटन की टंकण शैली अनुसार, टंकित करने की विशेष सुविधा प्रदान करता है। इस सॉफ़्ट्वेयर के माध्यम से देवनागरी लिपि एवम्  रोमन लिपि युक्त पाठ्य को संयुक्त रूप से एक ही पृष्ठ पर आसानी से टंकित किया जा सकता है।

यह सॉफ़्ट्वेयर विशेष तौर पर अस्की/इस्की (ASCII/ISCII) फ़ॉन्ट में टंकण करने वाले उपयोगकर्ताओं के लिये है, जोकि अस्की/इस्की (ASCII/ISCII) फ़ॉन्ट पर रेमिंगटन की टंकण शैली अनुसार टंकण करते हैं। इसके माध्यम से अस्की/इस्की (ASCII/ISCII) फ़ॉन्ट पर रेमिंगटन की टंकण शैली अनुसार टंकण करने वाले उपयोगकर्ता, अपनी आदत के अनुसार देवनागरी पाठ्य को बहुत आसानी से रेमिंगटन की टंकण शैली अनुसार यूनिकोड में 100% शुद्धता से टंकित कर सकते हैं।

प्रखर देवनागरी लिपिक कैसे कार्य करता है? यूनिकोड आधारित देवनागरी पाठ्य कैसे टंकित करें?

सर्वप्रथम {स्क्रोल लॉक} Scroll Lock को चालू {ऑन} करें, {स्क्रोल लॉक} Scroll Lock के चालू रहने पर यह सॉफ़्ट्वेयर आपको देवनागरी लिपि आधारित पाठ्य को यूनिकोड में टंकित करने की सुविधा प्रदान करता है। यदि {स्क्रोल लॉक} Scroll Lock बन्द {औफ़} है तब यह आपको रोमन लिपि में टंकित करने की सुविधा प्रदान करता है। यूनिकोड आधारित पाठ्य को आप ऑन स्क्रीन कुंजीपटल की सहायता से भी टंकित कर सकते हैं, इसको माउस के माध्यम से चलाया जा सकता है।

यूनिकोड आधारित देवनागरी पाठ्य को कैसे सुरक्षित करें?

आप टंकित की हुई फ़ाइल को फ़ाइल मीनू में दिये गये विकल्प "इस रूप में सहेजें (Save As...)" से फ़ाइल को सुरक्षित कर सकते हैं, जोकि *.RTF फ़ाइल के रूप में कम्प्यूटर पर सुरक्षित होगी।

यूनिकोड टंकण हेतु प्रखर देवनागरी लिपिक ही क्यों?

यूनिकोड के आगमन से पूर्व कंप्यूटर पर टंकण की दो विधियाँ बहुत प्रचलित थी जो कि इस प्रकार से हैं:-
१. रेमिंगटन टंकण शैली
२. इन-स्क्रिप्ट टंकण शैली

इनमे से रेमिंगटन टंकण शैली प्राचीन एवम् बहु-प्रचलित रही है, जोकि कंप्यूटर के आगमन के कई वर्षों पूर्व से टाईपिस्ट इसी शैली में jagdeep_dangi.jpgटाईप-राइटर पर टंकण करते आये हैं। कंप्यूटर के आने पर उपयोगकर्ताओं ने अस्की/इस्की (ASCII/ISCII) फ़ॉन्ट आधारित देवनागरी पाठ्य टंकण के लिये रेमिंगटन टंकण शैली और इन-स्क्रिप्ट टंकण शैली को अपनाया। रेमिंगटन टंकण शैली का सिद्धांत इस प्रकार से है  (The way you see, the way you type) अर्थात् "जिस तरीके से आपको पाठ दिखता है, वैसा ही आप टाईप करते हैं", जबकि इन-स्क्रिप्ट टंकण शैली का सिद्धांत इस प्रकार से है (The way you pronounce, the way you type) अर्थात् " जिस तरीके से आप पाठ्य का उच्चारण करते हैं, उसी तरीके से आप टाईप करते हैं"।

यूनिकोड के आगमन पर कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं को यूनिकोड आधारित देवनागरी लिपि टंकण हेतु दो विधियाँ दी गई जो इस प्रकार से हैं:-

१. इन-स्क्रिप्ट टंकण शैली और
२. फ़ॉनेटिक इंगलिश टंकण शैली

फ़ॉनेटिक इंगलिश टंकण शैली में हम अंग्रेजी में टाईप करते हैं तो हमें उसी के अनुरूप उच्चारण अनुसार देवनागरी पाठ्य प्राप्त होता है। लेकिन इस टंकण शैली में कार्य करने के लिये उपयोगकर्ता को अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान होना आवश्यक है। जोकि हिन्दी टंकणकर्ता के लिये असुविधाजनक एवम् कठिन है। वर्तमान में हिन्दी उपयोगकर्ताओं के लिये यूनिकोड आधारित देवनागरी टंकण हेतु इन-स्क्रिप्ट टंकण शैली में टंकण की सुविधा है, लेकिन इन-स्क्रिप्ट टंकण शैली में पाठ्य को टंकण करने में अधिक समय लगता है एवम् कई जटिल हिन्दी/संस्कृत के शब्दों को शुद्ध रूप से टंकित नहीं किया जा सकता है।

इसलिये कंप्यूटर पर यूनिकोड आधारित देवनागरी टाईपिंग के लिये रेमिंगटन टंकण शैली ही अधिक सरल एवम् उपयोगी है। इसमें हिन्दी/संस्कृत एवम् मराठी के जटिल से जटिल शब्दों को शुद्ध रूप से टंकित किया जा सकता है। इसके अलावा इस शैली से टंकण करने में टंकणकर्ता को अपेक्षाकृत कम समय लगता है, क्योंकि किसी शब्द विशेष को टाईप करने में कम से कम कुंजियों का इस्तेमाल करना होता है, जबकि उसी शब्द विशेष को अन्य टंकण शैली में टंकण करने में अपेक्षाकृत अधिक कुंजियों का इस्तेमाल करना पड़ता है। रेमिंगटन टंकण शैली पूर्व समय से प्रचलित होने के कारण प्रत्येक टंकणकर्ता इस शैली का अभ्यस्त है एवम् उसे कंप्यूटर पर यूनिकोड आधारित पाठ्य को रेमिंगटन टंकण शैली में टंकण करने में अत्यधिक सुविधा होगी।

उपरोक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुये प्रखर देवनागरी लिपिक सॉफ़्ट्वेयर विकसित किया गया है, जिससे कंप्यूटर पर टंकणकर्ता यूनिकोड आधारित देवनागरी (हिन्दी,संस्कृत,मराठी) पाठ्य को रेमिंगटन टंकण शैली में बखूवी शुद्ध रूप से एवम् सहजता से टंकण कार्य कर सके।

श्री दांगी ने सूचना क्रांति के दौर में कंप्यूटर सॉफ़्ट्वेयर क्षेत्र में अनूठा काम किया है। उन्होंने पूर्व में भी घर पर ही चार साल के कठोर परिश्रम से विश्व का प्रथम हिंदी इंटरनेट एक्सप्लोरर आई-ब्राउजर++, हिंदी-अंग्रेजी-हिंदी शब्दकोश, ग्लोबल वर्ड ट्रांसलेटर (अनुवादक), प्रखर देवनागरी फ़ॉन्ट परिवर्तक नामक सॉफ़्टवेयर बनाए हैं।

जो करोड़ों हिंदी भाषी लोगों को एक अनोखी सौगात हैं। इस कार्य के लिये वर्ष 2007 में श्री दांगी का नाम लिम्का बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकार्ड में भी दर्ज किया जा चुका है। इस वर्ष उनको कंप्यूटर के क्षेत्र में केबिन केयर एविलिटी फ़ाउंडेशन ने राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार और एक लाख रूपये की राशि के साथ साथ वर्ष 2008 का मास्टरी अवार्ड नई दिल्ली में प्रदान किया। वर्तमान में श्री दांगी केंद्र सरकार द्वारा संचालित अटल बिहारी वाजपेयी - भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवम् प्रबंधन संस्थान ग्वालियर में वैज्ञानिक के पद पर पदस्थ हो कर हिंदी सॉफ़्ट्वेयर के क्षेत्र में लगातार शोध कार्य कर रहे हैं।

narayan prasad

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May 29, 2009, 9:47:16 AM5/29/09
to technic...@googlegroups.com
<<अभी तक कोई भी हिन्दी का ऐसा सॉफ़्टवेयर उपलब्ध नहीं था जो कि कम्प्यूटर उपयोगकर्ता को यूनिकोड आधारित हिन्दी पाठ्य रेमिंगटन की-बोर्ड लेआउट में लिखने की सुविधा प्रदान कर सका हो! >>
 
यह सब गलतफहमी है । यूनिकोड रेमिंगटन की-बोर्ड ले-आउट बहुत पहले से प्रयोग में है । यह बात और है कि इसमें cut/ paste का सहारा लेना पड़ता है । पहले भी मैंने सूचित किया था कि एक ही यूनिकोड सम्पादित्र (editor) की सहायता से मैं नौ भारतीय लिपियों (बंगला, उड़िया, गुजराती, देवनागरी, पंजाबी, कन्नड, तेलुगु, मलयालम, तमिल) में टंकण कर सकता हूँ । की-बोर्ड ले-आउट रोमन-सेमिफोनेटिक एवं इन्स्क्रिप्ट है । परन्तु कोई दूसरा ले-आउट भी तैयार किया जा सकता है ।
--- नारायण प्रसाद

२९ मई २००९ १५:५० को, Dr. Kavita Vachaknavee <kavita.va...@gmail.com> ने लिखा:

narayan prasad

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May 29, 2009, 9:55:28 AM5/29/09
to technic...@googlegroups.com
रेमींगटन की-बोर्ड ले-आउट वाले सम्पादित्र का एक नमूना इसी चर्चा समूह के फाइल सेक्शन मे 9-3-2008 को अपलोड कर दिया गया था - "Remington-AK.htm".

२९ मई २००९ १९:१७ को, narayan prasad <hin...@gmail.com> ने लिखा:

Ravishankar Shrivastava

unread,
May 29, 2009, 10:02:06 AM5/29/09
to technic...@googlegroups.com
On 5/29/2009 7:25 PM, narayan prasad wrote:
> रेमींगटन की-बोर्ड ले-आउट वाले सम्पादित्र का एक नमूना इसी चर्चा समूह के फाइल सेक्शन
> मे 9-3-2008 को अपलोड कर दिया गया था - "Remington-AK.htm".
>
२९ मई २००९ १९:१७ को, narayan prasad <hin...@gmail.com
<mailto:hin...@gmail.com>> ने लिखा:

>
> <<अभी तक कोई भी हिन्दी का ऐसा सॉफ़्टवेयर उपलब्ध नहीं था जो कि कम्प्यूटर
> उपयोगकर्ता को यूनिकोड आधारित हिन्दी पाठ्य रेमिंगटन की-बोर्ड लेआउट में लिखने
> की सुविधा प्रदान कर सका हो! >>
> यह सब गलतफहमी है । यूनिकोड रेमिंगटन की-बोर्ड ले-आउट बहुत पहले से प्रयोग में है
> । यह बात और है कि इसमें cut/ paste का सहारा लेना पड़ता है । पहले भी मैंने
> सूचित किया था कि एक ही यूनिकोड सम्पादित्र (editor) की सहायता से मैं नौ
> भारतीय लिपियों (बंगला, उड़िया, गुजराती, देवनागरी, पंजाबी, कन्नड, तेलुगु,
> मलयालम, तमिल) में टंकण कर सकता हूँ । की-बोर्ड ले-आउट रोमन-सेमिफोनेटिक एवं
> इन्स्क्रिप्ट है । परन्तु कोई दूसरा ले-आउट भी तैयार किया जा सकता है ।
> --- नारायण प्रसाद
>
>
रेमिंगटन की बोर्ड बारहा समेत इंडिक आईएमई तथा कैफे हिन्दी यूनिकोड टाइपिंग टूल में भी
उपलब्ध है, तथा ऑनलाइन/ऑफलाइन औजार के रूप में तो यह बहुत समय से मेरे गूगल पेज व रमण
कौल के जालस्थल - यूनिनागरी पर भी उपलब्ध है.
रवि

narayan prasad

unread,
May 29, 2009, 12:34:43 PM5/29/09
to technic...@googlegroups.com
<<रेमिंगटन की बोर्ड .... रमण

कौल के जालस्थल  - यूनिनागरी पर भी उपलब्ध है.>>
 
लेकिन रमण कौल जी के जाल-स्थल पर के रेमिंगटन कीबोर्ड में कई खामियाँ हैं (जैसे, "घ" और "ऒ" के लिए दो-दो कुंजियों का प्रावधान है, जबकि "ॠ" का प्रावधान नहीं है । "ऌ" का प्रयोग नहीं के बराबर है जबकि इसका प्रावधान है । Remington-AK.htm में कई अन्य सुविधाएँ हैं जो अन्य सम्पादित्रों में नहीं हैं (जैसे वैदिक स्वर के लिए अनुदात्त एवं स्वरित चिह्न ) । चूँकि इसे संस्थापित (इन्स्टॉल) करने की आवश्यकता नहीं, एक बार इस फाइल पर डबल-क्लिक कर चेक कर सकते हैं ।
 
<<बारहा >>
 
Baraha कन्नड शब्द "बरह" का रोमन लिप्यन्तरण है । इसका अर्थ है - लिखावट (writing) । "बारहा" या "बरहा" लिखना गलत है । संस्कृत की तरह कन्नड में जैसे लिखा जाता है, वैसे ही पढ़ा जाता है । अतः "बरह" के अन्तिम अन्तर्निहित अ स्वर का पूर्ण उच्चारण होता है । इसे देवनागरी में "बरहऽ" लिखा जा सकता है ।

---नारायण प्रसाद

२९ मई २००९ १९:३२ को, Ravishankar Shrivastava <ravir...@gmail.com> ने लिखा:

Suresh Shukla

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May 29, 2009, 1:58:24 PM5/29/09
to technic...@googlegroups.com
नमस्ते कविताजी,

पूर्ण समाधान के लिए यह प्रयोग करें:
http://anektameekta.blogspot.com/2009/03/devnagri-hindi-typing-complete-solution.html

नमस्ते,
सुरेश

२९ मई २००९ १५:५० को, Dr. Kavita Vachaknavee
<kavita.va...@gmail.com> ने लिखा:
>
>

> आगमन के कई वर्षों पूर्व से टाईपिस्ट इसी शैली में टाईप-राइटर पर टंकण करते आये

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