कृष्णा से यूनिकोड परिवर्तक

65 views
Skip to first unread message

(Dr.) Kavita Vachaknavee

unread,
Nov 19, 2012, 10:43:48 AM11/19/12
to technic...@googlegroups.com

क्या कृष्णा फॉन्ट से यूनिकोड परिवर्तक ऑनलाईन उपलब्ध है ? 


- (डॉ.) कविता वाचक्नवी

    GoogleFacebookTwitterBlogger


ken

unread,
Nov 19, 2012, 3:19:00 PM11/19/12
to technic...@googlegroups.com

(Dr.) Kavita Vachaknavee

unread,
Nov 19, 2012, 6:38:48 PM11/19/12
to technic...@googlegroups.com
ईमेल के लिए धन्यवाद। 

मैं इस साईट को पहले भी देख चुकी हूँ। 

यहाँ कृष्णा से संबन्धित कुछ नहीं है और प्रथम दृष्टया यही पता चलता है कि उन्होंने केवल इस समूह द्वारा उपलब्ध कराए परिवर्तकों के लिंक अपनी साईट पर लगा रखे हैं, वह भी कुछ पहले के। जिनमें हमारे लिए नया कुछ नहीं है। उस से कहीं अधिक परिवर्तक इस तकनीकी हिन्दी समूह द्वारा मुक्त स्रोत के रूप में उपलब्ध करवाए जा चुके हैं/ गए हैं। 
2012/11/19 ken <drk...@gmail.com>

Dr Rajeev kumar Rawat

unread,
Nov 19, 2012, 8:17:39 PM11/19/12
to technic...@googlegroups.com
साथियो,

प्रो. जगदीप डांगी जी का प्रखर अजमाइए,
वर्धा वि.वि की साइट पर जानकारी मिलेगी।
डांगी जी जब ग्वालियर में थे, उन्होंने इस पर बहुत काम किया है
और अब वर्धा वि वि में आचार्य नियुक्त हुए हैं।
उनके परिवर्तक से रोज रोज की खट खट से मुक्ति मिलती है 
मैंने एक खरीदने के लिए अनुरोध भेजा हुआ है। 

सादर


2012/11/19 (Dr.) Kavita Vachaknavee <kavita.va...@gmail.com>

क्या कृष्णा फॉन्ट से यूनिकोड परिवर्तक ऑनलाईन उपलब्ध है ? 


- (डॉ.) कविता वाचक्नवी

    GoogleFacebookTwitterBlogger


--
आपको यह संदेश इसलिए प्राप्त हुआ क्योंकि आपने Google समूह "Scientific and Technical Hindi (वैज्ञानिक तथा तकनीकी हिन्दी)" समूह की सदस्यता ली है.
इस समूह में पोस्ट करने के लिए, technic...@googlegroups.com को ईमेल भेजें.
इस समूह से सदस्यता समाप्त करने के लिए, technical-hin...@googlegroups.com को ईमेल करें.
और विकल्पों के लिए, http://groups.google.com/group/technical-hindi?hl=hi पर इस समूह पर जाएं.



--
डॉ. राजीव कुमार रावत,हिंदी अधिकारी
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर-721302
09641049944,09564156315

Anunad Singh

unread,
Nov 19, 2012, 10:50:23 PM11/19/12
to technic...@googlegroups.com
कविता जी,

कृष्णा फॉण्ट का परिवर्तक तो शायद नहीं है किन्तु आपका काम 'ऋचा से देवनागरी यूनिकोड परिवर्तक' से हो जाएगा।

यहाँ जाकर इसे डाउनलोड कर सकतीं हैं।
https://sites.google.com/site/technicalhindi/home/converters

-- अनुनाद

narayan prasad

unread,
Nov 19, 2012, 10:56:16 PM11/19/12
to technic...@googlegroups.com
उन्हें मैंने कृष्णा फोंट परिवर्तक व्यक्तिगत मेल से भेज दिया है । ऋचा और कृष्णा एक ही परिवार के फोंट हैं अर्थात् कैरक्टर मैपिंग एक ही है ।
--- नारायण प्रसाद

2012/11/20 Anunad Singh <anu...@gmail.com>

(Dr.) Kavita Vachaknavee

unread,
Nov 20, 2012, 7:10:43 AM11/20/12
to technic...@googlegroups.com

अनुनाद जी,

अभी देखा तो पाया कि नारायण जी ने मुझे दो संलग्नकों में परिवर्तक भेज दिया है। यद्यपि उसे अभी संस्थापित नहीं किया। अब करूँगी।

जानकारी के लिए आपका व संलग्नकों के लिए नारायण जी का आभार। 

अन्य भी जिन मित्रों ने जानकारी दी, उन सभी के प्रति आभारी हूँ। 
2012/11/20 Anunad Singh <anu...@gmail.com>

ken

unread,
Nov 20, 2012, 11:09:59 AM11/20/12
to technic...@googlegroups.com
Dr.Kavita,

Why do you like Krishna Font compared to Google's online Unicode font?
Please give example in typed sentence showing both fonts.

मंगलवार, 20 नवम्बर 2012 6:11:25 am UTC-6 को, DrKavita Vachaknavee ने लिखा:

(Dr.) Kavita Vachaknavee

unread,
Nov 20, 2012, 11:38:01 AM11/20/12
to technic...@googlegroups.com
बंधु,
 आपको यह भ्रम कैसे हो गया कि मैं यूनिकोड की अपेक्षा कृष्णा के प्रयोग को वरीयता देती या पसंद करती हूँ।

मेरे पत्रिकाओं में प्रकाशित होने के लिए लेखक जाने कहाँ कहाँ के कौन कौन से फॉन्ट में सामग्री भेजते हैं, उन्हें समझाएँ तो भी समझते नहीं और उन्हें बताया जाए कि मैं उस सामग्री को देख नहीं सकती क्योंकि केवल आपके कंप्यूटर में उस फॉन्ट के कारण आप ही देख पा रहे हैं, सब संसार नहीं, तो अधिक से अधिक वे यह करते हैं कि साथ में फॉन्ट भी भेज देते हैं। बहुधा मैं ऐसे लोगों की सामग्री प्रयोग ही नहीं करती। किन्तु कुछ इतने आयुवृद्ध होते हैं कि उन्हें समझा पाना सरल नहीं और न उनकी सामग्री को उनके प्रति सम्मान के चलते फेंक पाना संभव होता है। ऐसे में उस पर मगज़मारी करनी पड़ती है। 

मगज़मारी यूनिकोड वालों पर भी करनी पड़ती है क्योंकि लिपि में ऐसा अनाचार हिन्दी में है कि चन्द्रबिन्दु उड़ा देना तो सबसे कम साधारण बात है। 

इन सब चीजों को सही किए बिना मैं अपनी किसी नेटपत्रिका/ साईट में सामग्री प्रकाशित करने का जोखिम नहीं उठाती। 

...... इसलिए ये सब द्रविड़प्राणायाम करने पड़ते हैं, कर रही हूँ। न कि इसलिए कि यूनिकोड को वरीयता नहीं देती या उसकी अपेक्षा कुछ और प्रयोग करना चाहती हूँ। 

आशा है अब आपको दोनों फॉन्ट्स में उदाहरण देने वाली बात अनावश्यक प्रतीत हो गई होगी। 

धन्यवाद  


2012/11/20 ken <drk...@gmail.com>
Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages