धन्यवाद
रावत
क्या प्रतिकर्षण और विकर्षण समानार्थी हैं और दोनों repulsion (attraction आकर्षण का विलोम) के लिए प्रयोग किए जाते हैं, या इनमें कोई अन्तर है।
धन्यवाद
रावत
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| 1 | AkarSaNa | , f. {I} the same as adj.; n. = prec., also bending (a bow). |
| 9 | vikarSaNa | a. & n. drawing asunder, bending (a bow). |
आकर्षक a:karshakआकर्षक a:karshak (a) attractive, charming, alluring; hence~ता (nf).
आकर्षण a:karshāṉआकर्षण a:karshāṉ (nm) attraction, charm, allurement;-शक्ति the power of gravitation; attraction.
a:karshakआकर्षक a:karshak (a) attractive, charming, alluring; hence~ता (nf).
आकर्षण a:karshāṉआकर्षण a:karshāṉ (nm) attraction, charm, allurement;-शक्ति the power of gravitation; attraction.
आकर्षित a:karshit
प्रतिकर्ष pratikarshप्रतिकर्ष pratikarsh (nm) anti-climax; repulsion.
प्रति/कर्षण pratikarshāṉप्रति/कर्षण pratikarshāṉ (nm) repulsion; back pull; ~कर्षित repulsed, thrown back; ~कर्षी repulsive; •शक्ति force of repulsion;
pratikarshप्रतिकर्ष pratikarsh (nm) anti-climax; repulsion.
प्रति/कर्षण pratikarshāṉप्रति/कर्षण pratikarshāṉ (nm) repulsion; back pull; ~कर्षित repulsed, thrown back; ~कर्षी repulsive; •शक्ति force of repulsion; कृष्ट repulsed, thrust backwards.
१. वह जो दूसरे को अपनी ओर खींचे । आकर्षण करनेवाला । खींचनेवाला ।२. सुंदर । आकर्षण २आकर्षण २संज्ञा पुं० चुंबक [को०] ।
आकर्षण
दूसरे को अपनी ओर खींचे । आकर्षण करनेवाला । खींचनेवाला ।२. सुंदर । आकर्षण २आकर्षण २संज्ञा पुं० चुंबक [को०] ।
आकर्षणआकर्षणसंज्ञा पुं० [सं०]
आकर्षण २आकर्षण २संज्ञा पुं० चुंबक [को०] ।
आकर्षणआकर्षणसंज्ञा पुं० [सं०] [वि० आकर्षित, आकृष्ट] १. किसी वस्तु का दूसरी वस्तु के पास उसकी
आकर्षण २आकर्षण २संज्ञा पुं० चुंबक [को०] ।
आकर्षणआकर्षणसंज्ञा पुं० [सं०] [वि० आकर्षित, आकृष्ट] १. किसी वस्तु का दूसरी वस्तु के पास उसकी शक्ति या प्रेरणा
एक प्रयोग जिसके द्वारा दूर देशस्थ पुरूष या पदार्थ पास में आ जाता है । क्रि० प्र०—करना । होना । यौ० — आकर्षण मंत्र । आकर्षण विघा । आकर्षण शत्कि । आकर्षणशत्कि
द्वारा दूर देशस्थ पुरूष या पदार्थ पास में आ जाता है । क्रि० प्र०—करना । होना । यौ० — आकर्षण मंत्र । आकर्षण विघा । आकर्षण शत्कि । आकर्षणशत्किआकर्षणशत्किसंज्ञा पुं०
पुरूष या पदार्थ पास में आ जाता है । क्रि० प्र०—करना । होना । यौ० — आकर्षण मंत्र । आकर्षण विघा । आकर्षण शत्कि । आकर्षणशत्कि179. विकर्षण : (page 4446)आकर्षणशत्किसंज्ञा पुं० [सं०] भौतिक
[सं०] १. बाण । तीर । २. खींचना । आकर्षण (को०)। ३. दूरी । फासला । अंतर (को०)। विकर्षणविकर्षणसंज्ञा पुं० [सं०] १. आकर्षण । खींचना । २. विभाग । हिस्सा । ३. एक शास्त्र का
बाण । तीर । २. खींचना । आकर्षण (को०)। ३. दूरी । फासला । अंतर (को०)। विकर्षणविकर्षणसंज्ञा पुं० [सं०] १. आकर्षण । खींचना । २. विभाग । हिस्सा । ३. एक शास्त्र का नाम, जिसमें
३. दूरी । फासला । अंतर (को०)। विकर्षणविकर्षणसंज्ञा पुं० [सं०] १. आकर्षण । खींचना । २. विभाग । हिस्सा । ३. एक शास्त्र का नाम, जिसमें आकर्षण करने की विद्या का वर्णन, है ।
विकर्षणसंज्ञा पुं० [सं०] १. आकर्षण । खींचना । २. विभाग । हिस्सा । ३. एक शास्त्र का नाम, जिसमें आकर्षण करने की विद्या का वर्णन, है । उ०—सत्य अस्त्र मायास्त्र महाबल घोर तेज तनुकारी । पुनि पर तेज विकर्षण लीजै
का नाम, जिसमें आकर्षण करने की विद्या का वर्णन, है । उ०—सत्य अस्त्र मायास्त्र महाबल घोर तेज तनुकारी । पुनि पर तेज विकर्षण लीजै सौम्य अस्त्र भयहारी—(शब्द०)। ४. कामदेव के एक वाण का नाम (को०)। ५. निवारण । हटाना । दूरीकरण (को०)।
करना (को०)। ७. अन्वेषण । जाँच । ८. कुश्ती का एक ढँग । अपनी ओर खींचकर गिराना या फेंकना (को०)। ९. प्रतिकूल कर्षण । विपरीत दिशा की ओर खींचना (को०)।