तपेदिक या टीबी समाचार सारांश: १२ जून २००८: अंक ६०

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Jun 11, 2008, 10:18:48 PM6/11/08
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तपेदिक या टीबी समाचार सारांश
अंक ६०
गुरूवार, १२ जून २००८
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International Union Against Tuberculosis and Lung Disease (IUATLD, The Union, www.iuatld.org), या तपेदिक या टीबी और अन्य फेफडे की बीमारियों के उन्मूलन के लिये अंतर्राष्ट्रीय संगठन - ने एक रपट जारी की है कि कैसे गैर-संक्रामक रोगों के नियंतरण को प्रभावकारी बनाया जाए - यह रपट खासकर इसलिए महत्व की है क्योंकि २१ मई २००८ को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ल्ड हैल्थ स्तातिस्तिक रपट २००८ जारी की थी जिसके अनुसार गैर संक्रामक रोगों का मृत्यु दर संक्रामक रोगों की तुलना में कहीं अधिक है - उदाहरण के तौर पर टीबी, एच.आई.वी, आदि जैसे संक्रामक रोगों से कही अधिक मृत्युदर है गैर-संक्रामक रोगों का जैसे की ह्रदय रोग, डायबिटीज़ या मधुमेह, या तम्बाकू-जनित और मोटापा जनित बीमारियाँ. परन्तु विश्व में अधिकांश ध्यान और संसाधन संक्रामक रोगों पर व्यय हो रहे हैं, और गैर संक्रामक रोगों के कार्यक्रम अभाव में संघर्ष कर रहे हैंइस वर्ल्ड हैल्थ स्तातिस्तिक रपट २००८ को डाउनलोड करने या पढ़ने के लिये यहाँ पर क्लिक्क कीजिये

यूनियन का कहना है कि गैर संक्रामक रोग जैसे कि डायबिटीज़, उच्च रक्त का दबाव या हाई बी.पी, ऐस्थामा या दमा का रोग, एपिलेपसी या मिर्गी का दौरा आदि के जन-स्वास्थ्य कार्यक्रमों को प्रभावकारी बनाने के लिये टीबी या तपेदिक के कार्यक्रमों से बहुत कुछ सीखने को मिलता है. तपेदिक या टीबी कार्यक्रमों को राजनीतिक समर्थन मिलने से और अत्यन्त सरल टीबी या तपेदिक की जांच हर सम्भव जगह पर उपलब्ध कराने से, एक ही प्रकार का टीबी या तपेदिक का मान्यता प्राप्त इलाज जिसे डोट्स कहते हैं, नियमित रूप से टीबी या तपेदिक के इलाज के लिये दवाइयों को मुहैया करना और टीबी या तपेदिक के इन कार्यक्रमों का ठीक से मूल्यांकन करना आदि इसको सफल बनने में कारगर रहे हैं.

यूनियन की इस रपट को डाउनलोड करने या पढ़ने के लिये, यहाँ पर क्लिक्क कीजिये

First HIV TB Global Leaders' Forum या पहला एच.आई.वी टीबी पर लीडर्स के लिये अंतर्राष्ट्रीय अधिवेशन जून २००८ को न्यू यार्क में आयोजित हुआ. इस अधिवेशन में, दुनिया के लगभग सभी देशों के सरकारों के वरिष्ठ प्रतिनिधि या राष्ट्रपति/ प्रधानमंत्री आदि ने भाग लिया.

इस अधिवेशन में सभी देशों के प्रतिनिधियों ने एक कॉल फॉर एक्शन पर हस्ताक्षर किया कि एच.आई.वी और टीबी या तपेदिक नियंतरण के कार्यक्रमों को मिलजुल कर चलाया जाए जिससे की एच.आई.वी और टीबी दोनों का मृत्यु दर कम हो सके.

एच.आई.वी से ग्रसित लोगों में टीबी या तपेदिक सबसे बड़ा अवसरवादी संक्रमण है, और मृत्यु का सबसे बड़ा कारण भी. जब कि टीबी या तपेदिक का इलाज मुमकिन है, डोट्स के माध्यम से नि:शुल्क है, इसलिए टीबी से होने वाली मृत्यु नि:संदेह चिंता की बात है. एच.आई.वी की जांच-इलाज की सुविधाएँ और टीबी या तपेदिक की जांच-इलाज की सुविधाएँ अभी तक अलग अलग कार्य कर रही हैं, जबकि एच.आई.वी और टीबी से ग्रसित व्यक्ति अक्सर एक ही होता है, खासकर कि उन छेत्रों में जहाँ एच.आई.वी का अनुपात अधिक है.

फर्स्ट HIV टीबी ग्लोबल लीदेर्स' फॉरम का कॉल फॉर एक्शन को डाउनलोड करने के लिये यहाँ पर क्लिक्क कीजिये
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