| समाचार :- दैनिक भास्कर & राजस्थान पत्रिका |
भदेसर. प्रख्यात कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मन्दिर में जन्माष्टमी पर्व पर बुधवार मध्य रात्रि में भगवान
की जन्मकी झांकी के दर्शन पाने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड पडा। मन्दिर परिसर ने गोकुल, वृंदावन का आभास करादिया। प्रात: से ही मन्दिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। मन्दिर के सामने कई बार कतारेंलग गई। मध्यरात्रि में मन्दिर के दोनों ही प्रवेश द्वारो पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओ की भीड जमा थी। इनश्रद्धालुओं में पैदल यात्री भी थे।
रात 12 बजे मंदिर के प्रवेश द्वार खुले तो श्रद्धालुओं का सैलाब उमड पडा। मुख्य मन्दिर में भगवान कृष्ण के जन्म के बाद बाल स्वरूप प्रतिमा को स्नान, सुगंघित इत्र का छिडकाव कर भगवान सांवलिया सेठ की प्रतिमा को बाल स्वरूप के वस्त्र धारण करवाकर मुख्य मन्दिर के
कपाट खुले तो हाथी घोडा पालकी, जय कन्हैयालाल की जयकारो से मंदिर गूंज उठा। इस दौरान आधे घंटे की विशेष
आरती की गई। बाद में पंजेरी व पंचामृत का प्रसाद वितरित किया गया। पूरे मन्दिर को आम, केले के पत्तो एवं बनावटी फूलों से सजाया गया। बाहरी क्षेत्र में आकर्षक विद्युत सज्ाा की गई। प्राकट्य स्थल मन्दिर में बडी संख्या में श्रद्धालुओं ने महा आरती में भाग लिया। भदेसर में गुरूवार को चारभुजा व लक्ष्मीनाथ मन्दिर की आकर्षक सजावट की गई। मण्डफिया में दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की भीड रही। इधर, मंडफिया में सांवलियाजी मित्र मण्डल इन्दौर द्वारा आयोजित भजन संध्या में जगदीश वैष्णव ने भजन की प्रस्तुति देकर भक्ति रस में डूबोए रखा। प्राकट्य स्थल मन्दिर के मंच पर न्यू राजस्थान आर्केस्ट्रा द्वारा भजनों की नृत्य के साथ प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
शेखर कुमावत