प्रो सी बी श्रीवास्तव जी ने गीता का हिन्दी पद्यानुवाद किया है . जो "रचनाकार" पर ई बुक के रूप में प्रकाशित है , http://www.rachanakar.org/2011/12/blog-post_18.html पढ़ें समझें , कमेंट दे.

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vivek ranjan shrivastava

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Dec 20, 2011, 9:39:59 AM12/20/11
to Srimad Bhagavad Gita
यदि गीता को कट्टरपंथी साहित्य समझा जा रहा है तो इसमें उसे ऐसा कहने और
समझने वालो की ही भूल और भ्रम है , जिसे उन्हे सुधारने पर मजबूर होना
पड़ेगा . क्योकि श्रीमद्भगवतगीता तो एक धर्म ग्रंथ से बढ़कर जीवन जीने की
कला सिखाने वाली मार्गदर्शिका है . प्रश्न यह भी है कि यदि ऐसे लोगों के
कुरान के विषय में क्या विचार हैं ? नई पीढ़ी को हम अंग्रेजी ही सिखा रहे
हैं ,संस्कृत जानने वालो की कमी होती जा रही है ,गीता की प्रतिष्ठा के
लिये हमने अब तक कुछ किया भी कहाँ है ? मेरे पिता प्रो सी बी श्रीवास्तव
जी ने गीता का हिन्दी पद्यानुवाद किया है . जो "रचनाकार" पर ई बुक के रूप
में प्रकाशित है , http://www.rachanakar.org/2011/12/blog-post_18.html
पढ़ें समझें , कमेंट दे.
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