दिनांक : ०७/०५/२०२६
प्रति,
Devendra Fadnavis
मुख्यमंत्री व गृहमंत्री, महाराष्ट्र राज्य
( English & Hindi Translation is below)
*विषय : महाराष्ट्रातील मजूर व महिलांवरील ऐतिहासिक आणि संघटित शोषणाची चौकशी करण्याबाबत मागणी*
मा. महोदय,
*“कॉंग्रेस से भाजपा तक — नसबंदी से uterus removal तक — इतिहास हमेशा जवाब मांगेगा।”*
*आणीबाणीच्या काळातील सक्तीच्या नसबंदी मोहिमेपासून ते महाराष्ट्रातील ऊसतोड महिला मजुरांच्या गर्भाशय काढण्याच्या धक्कादायक घटनांपर्यंत, इतिहास वारंवार दाखवतो की सत्ताधाऱ्यांच्या व्यवस्थेत गरीब आणि मजूर वर्गच बळी ठरतो.*
महाराष्ट्र गृह मंत्रालयाने जनतेसमोर खालील माहिती सादर करावी अशी माझी मागणी आहे :
*आणीबाणीच्या काळात महाराष्ट्रातील पुरुष मजुरांवर करण्यात आलेल्या नसबंदी शस्त्रक्रियांची माहिती.*
*महाराष्ट्रातील महिला शेतकरी व ऊसतोड मजुरांच्या गर्भाशय काढण्याच्या शस्त्रक्रियांची माहिती.*
*या प्रकरणांतील चौकशी, वैद्यकीय निष्काळजीपणा, मजूर शोषणाच्या तक्रारी आणि पीडित महिलांना देण्यात आलेली नुकसानभरपाई यांची माहिती.*
हा विषय केवळ वैद्यकीय नाही, तर मजूर शोषण, गरिबी, सक्ती आणि सत्तेच्या गैरवापराशी थेट संबंधित आहे.
ज्या वेदना कधीकाळी पुरुषांनी सक्तीच्या नसबंदीमुळे सहन केल्या, त्याच वेदना आज अनेक महिला मजूर रोजगार टिकवण्यासाठी सामाजिक आणि आर्थिक दबावाखाली गर्भाशय काढून घेतल्यामुळे सहन करत आहेत.
*अशा प्रकारचे शोषण शांततेत सुरू राहणे ही आपल्या सर्वांसाठी लाजिरवाणी गोष्ट आहे. न्याय मिळण्यास विलंब होणे हे राज्यासाठीही लज्जास्पद आहे.*
*मी, अॅड. विद्या नाईक, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ची राष्ट्रीय सचिव, या संपूर्ण प्रकरणाची स्वतंत्र आणि सखोल चौकशी करून संबंधित प्रत्येक व्यक्तीवर कठोर कारवाई करण्याची मागणी करते.*
तसेच, Sanjay Gandhi यांचे नाव सार्वजनिक योजना व संस्थांमधून पुनर्विचार करून हटविण्याची विनंती करते, ज्यामध्ये Sanjay Gandhi National Park याचाही समावेश आहे.
धन्यवाद.
अॅड. विद्या नाईक
LL.B, LL.M (Human Rights)
राष्ट्रीय सचिव
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)
Add: Mumbai, Maharashtra.
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“कॉंग्रेस से भाजपा तक—नसबंदी से uterus removal तक —
Date: 07/05/2026
To,
Devendra Fadnavis
Chief Minister & Home Minister, Maharashtra
*Subject: Demand for investigation into historical and organised exploitation of labourers and women in Maharashtra*
Respected Sir,
*“कॉंग्रेस से भाजपा तक — नसबंदी से uterus removal तक — इतिहास हमेशा जवाब मांगेगा।”*
From the forced sterilisation (“Nasbandi”) campaign during the Emergency period to the shocking uterus removal surgeries among women sugarcane labourers in Maharashtra, history continues to expose how the poor and labouring class become victims of systems controlled by the powerful.
*I request the Maharashtra Home Ministry to place before the public:
*Data regarding sterilisation operations conducted on male labourers in Maharashtra during the Emergency period.*
*Data regarding uterus removal surgeries among women farmer and sugarcane labourers in Maharashtra.*
*Details of investigations, medical negligence inquiries, labour exploitation complaints, and compensation provided to affected women.*
This issue is not merely medical; it is deeply connected to labour exploitation, poverty, coercion, and abuse of power.
The pain once inflicted upon men through forced sterilisation is today reflected in the suffering of countless women labourers whose wombs were removed under economic and social pressure for the sake of employment continuity.
*Shame on us if such exploitation continues in silence. Shame on the State if justice is delayed.*
I, Adv. Vidya Naik, National Secretary of Socialist Party (India), demand a complete and independent investigation and strict punishment against every person involved directly or indirectly.
I also urge the Government to reconsider the continuation of the name of Sanjay Gandhi in public schemes and institutions, including Sanjay Gandhi National Park.
Thank you,
Adv. Vidya Naik
LL.B, LL.M (Human Rights)
National Secretary
Socialist Party (India)
Add: Mumbai, Maharashtra.
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*“कॉंग्रेस से भाजपा तक — नसबंदी से uterus removal तक — इतिहास हमेशा जवाब मांगेगा।”*
दिनांक : 07/05/2026
प्रति,Devendra Fadnavis
मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री,
महाराष्ट्र राज्य
*विषय : महाराष्ट्र में मजदूरों और महिलाओं के ऐतिहासिक एवं संगठित शोषण की जांच की मांग*
माननीय महोदय,
*“कॉंग्रेस से भाजपा तक — नसबंदी से uterus removal तक — इतिहास हमेशा जवाब मांगेगा।”*
*आपातकाल के दौरान हुई जबरन नसबंदी अभियान से लेकर महाराष्ट्र की गन्ना काटने वाली महिला मजदूरों के गर्भाशय निकालने की भयावह घटनाओं तक, इतिहास बार-बार यह दिखाता है कि सत्ता की व्यवस्थाओं में गरीब और मजदूर वर्ग ही सबसे बड़ा शिकार बनता है।*
मैं महाराष्ट्र गृह मंत्रालय से निम्नलिखित जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करती हूँ :
*आपातकाल के दौरान महाराष्ट्र में पुरुष मजदूरों पर की गई नसबंदी शल्यक्रियाओं का विवरण।*
*महाराष्ट्र की महिला किसान एवं गन्ना मजदूरों के गर्भाशय निकालने की शल्यक्रियाओं का विवरण।*
*इन मामलों में हुई जांच, चिकित्सीय लापरवाही, मजदूर शोषण की शिकायतें तथा पीड़ित महिलाओं को दी गई क्षतिपूर्ति एवं सहायता का विवरण।*
*यह मुद्दा केवल चिकित्सीय नहीं है, बल्कि यह मजदूर शोषण, गरीबी, दबाव और सत्ता के दुरुपयोग से सीधे जुड़ा हुआ है।*
जिस पीड़ा को कभी पुरुषों ने जबरन नसबंदी के रूप में सहा था, आज वही पीड़ा अनेक महिला मजदूर रोजगार बनाए रखने के लिए सामाजिक और आर्थिक दबाव में गर्भाशय निकलवाकर सहन कर रही हैं।
*यदि ऐसा शोषण चुप्पी में चलता रहे तो यह हम सबके लिए शर्म की बात है। न्याय में देरी होना राज्य के लिए भी शर्मनाक है।*
*मैं, Adv. विद्या नाईक, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) की राष्ट्रीय सचिव, इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एवं व्यापक जांच तथा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े सभी लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग करती हूँ।*
साथ ही, Sanjay Gandhi के नाम पर चल रही सार्वजनिक योजनाओं एवं संस्थानों के नामों पर पुनर्विचार करने की भी मांग करती हूँ, जिसमें Sanjay Gandhi National Park भी शामिल है।
धन्यवाद।
Adv .विद्या नाईक
LL.B, LL.M (Human Rights)
राष्ट्रीय सचिव
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)
Add: Mumbai, Maharashtra.