कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों की समता कमिटी में मुसलमानों के पसमांदा समाज से भी प्रतिनिधित्व देना होगा।
वर्तमान बिल के इस ड्राफ्ट में अल्पसंख्यकों के प्रतिनिधित्व की कहीं कोई चर्चा ही नहीं है।
UGC का नया बिल केन्द्र सरकार के मन में अल्पसंख्यकों के प्रति भेदभाव को दर्शाता है।
यह दुख का विषय है कि लोग अपने-अपने अधिकारों के बारे में बोल रहे हैं, पर मुसलमानों के हक के बारे में न सरकार और न ही समाज के किसी अन्य वर्ग को चिंता है।
इससे भी ज्यादा दुख की बात यह है कि जो कुछ नेता खुद को मुसलमानों का रहनुमा दिखाकर मुसलमानों का वोट लेते रहते हैं, वे भी इस बिल में मुसलमानों की हकमारी पर चुप्पी साधे हुए हैं।
समता कमिटी में अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व दिलाने के लिये सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी।
सैयद तहसीन अहमद
चेयरमैन, पार्लियामेंट्री बोर्ड
सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)