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ॐ साईं श्री साईं ॐ श्री साईं
जो मन को रंग लेत है, साईं भक्ति के रंग |
मोह ममता के रंग से, कबहुँ न होए कुरंग ||
जय साईं कृपा
साईं वार की हार्दिक शुभ कामनाएं
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अनंत कोटि ब्रह्माण्ड नायक राजाधिराज योगिराज परब्रह्म श्री सचिदानंद समस्त सद्गुरु श्री साईं नाथ महाराज की जय !
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॥ ॐ सांई राम ॥
तुझ से मिलने के लिये मेरे सांई,
तेरे दर पे आना ज़रूरी तो नहीं,
तूँ जानता है सब के दिल की मेरे सांई,
लफज़ों में तुझे बताना जरूरी तो नहीं !!
हिल नहीं सकता एक पत्ता भी तेरी
रज़ा के बगैर मेरे सांई,
अपने बंदो को मगर यह अहसास
दिलाना जरूरी तो नहीं !!
माना कि तेरे चाहने वाले बहुत
है इस दुनिया में मेरे सांई,
मगर हम को इस कदर आज़माना
तेरी मजबूरी तो नहीं!!
तूँ तो पास है मेरे सांई
बहुत पास है मेरे,
मगर तुझ को मैं छूँ ना पाऊँ
ऐसी भी दूरी तो नहीं!!
खुद ही आके मिल जा मेरे सांई
मुझे पास नहीं बुलाना है अगर,
ये तेरी मज़बूरी है मेरे सांई
मेरी कोई मज़बूरी तो नही!!!