desi words in Chola Mati Ka - song from Peepli Live

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V S Rawat

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Aug 12, 2010, 1:26:09 AM8/12/10
to shabdc...@googlegroups.com
Another song from the same film also has several rural words that
might richly add to our vocabulary. Some words are not clear in
hearing the song. Hope someone will listen to the song and give the
correct words, and the meanings/ origin, etc.

What I understood is she is saying "this body is made of earth/ soil,
it can't be depended upon."
--

Film: Peepli (Live)
Song: Chola Mati Ke
Music: Nageen Tanvir
Lyrics: Gangaram Sakhet
Singers: Nageen Tanvir

Chola maati ke ram
Ekar ka barosa?
chola maati ke re

Drona jaise guru chale gaye, karan jaise daahik, Sangai kaaran jaise daani
Bali jaise beer chale gaye, raavan jas abhimani

Kaunho rahees, na kaunho rahaye bhaiya hi sab ke paari, ek din aayi
sab ki paari
Kaal ko dola chhode nahin, raja rank bikhari

Bhause paay lage barahe the, hari ka naam sumar le, sangi hari ke naam
sumar le
Aye duniya maaya ke re pagla, jeevan mukti kar le
--

Sanjeet

unread,
Aug 12, 2010, 4:32:57 AM8/12/10
to shabdc...@googlegroups.com
यह गाना मूलत: छत्तीसगढ़ी लोकगीत है।
 मूल गीत यह है


चोला माटी के हे राम
एकर का भरोसा, चोला माटी के हे रे।
द्रोणा जइसे गुरू चले गे, करन जइसे दानी
संगी करन जइसे दानी
बाली जइसे बीर चले गे, रावन कस अभिमानी
चोला माटी के हे राम
एकर का भरोसा.....
कोनो रिहिस ना कोनो रहय भई आही सब के पारी
एक दिन आही सब के पारी
काल कोनो ल छोंड़े नहीं राजा रंक भिखारी
चोला माटी के हे राम
एकर का भरोसा.....
भव से पार लगे बर हे तैं हरि के नाम सुमर ले संगी
हरि के नाम सुमर ले
ए दुनिया माया के रे पगला जीवन मुक्ती कर ले
चोला माटी के हे राम
एकर का भरोसा.....

हिंदी अनुवाद देखें तो ऐसा होगा
 यह शरीर  रुपी चोला मिट्टी का है राम
इसका क्या भरोसा, शरीर मिट्टी का है रे
द्रोण जैसे गुरु चले गए, कर्ण जैसे दानी
साथी कर्ण जैसे दानी
बालि जैसे वीर चले गए,  रावण जैसे अभिमानी
चोला मिट्टी का है राम
इसका क्या भरोसा…
ना कोई था न कोई रहेगा, भई सबकी आएगी पारी
काल किसी को छोड़ता नहीं है, राजा-रंक, भिखारी
चोला मिट्टी का है राम
इसका क्या भरोसा…
भव ( भवसागर)  से पार लगने के लिए  तुम हरि का नाम सुमर लो साथी
हरि का नाम सुमर लो
यह दुनिया माया की है पगले, जीवन मुक्ति कर ले
चोला मिट्टी का है राम
इसका क्या भरोसा…


इस गीत का मूल लेखक गंगाराम शिवारे (शिवहरे/सखेट) को माना जाता है जिन्होंने प्रसिद्ध नाट्यकर्मी हबीब तनवीर की सलाह से इसमें हेरफेर भी किए थे। सबसे पहले इस गीत का थिएटर में प्रयोग हबीब तनवीर जी ने ही अपने नया थिएटर में किया था। तब भी इसे उनकी बेटी नगीन तनवीर नें ही गाया था और पिपली लाइव फिल्म में भी नगीन ने ही गाया है। ( फिलहाल इसकी रॉयल्टी को लेकर विवाद भी छिड़ा है लेकिन वह बात इस पोस्ट से अलग है इसलिए यहां नहीं।)

गीत के संदर्भ में विस्तृत जानकारी यहां देखी जा सकती है।

 http://akaltara.blogspot.com/2010_07_01_archive.html

अब रही इस गाने में  प्रयुक्त छत्तीसगढ़ी शब्दों की उत्पत्ति आदि के बारे में बात, तो किसी स्थानीय भाषाविज्ञान के जानकार से जानकारी ले कर देने की कोशिश करता हूं। छत्तीसगढ़ी शब्दों के हिंदी अर्थ तो बता सकता हूं लेकिन  गूढ़ जानकारी लेनी ही पड़ेगी।
--
......................संजीत..........................
0-9425503242
0-9302403242

http://sanjeettripathi.blogspot.com/


V S Rawat

unread,
Aug 12, 2010, 5:14:32 AM8/12/10
to shabdc...@googlegroups.com
संजीत जी, बहुत बढ़िया जानकारी दी। बहुत बहुत साधुवाद।

मोटा-मोटी तो लगभग सभी शब्दों के अर्थ समझ में आ रहे हैं, इसलिए और खोज करने की
आवश्यकता नहीं है।

रावत

On 8/12/2010 2:02 PM India Time, _Sanjeet_ wrote:

> *यह गाना मूलत: छत्तीसगढ़ी लोकगीत है।
> मूल गीत यह है *


>
> चोला माटी के हे राम
> एकर का भरोसा, चोला माटी के हे रे।
> द्रोणा जइसे गुरू चले गे, करन जइसे दानी
> संगी करन जइसे दानी
> बाली जइसे बीर चले गे, रावन कस अभिमानी
> चोला माटी के हे राम
> एकर का भरोसा.....
> कोनो रिहिस ना कोनो रहय भई आही सब के पारी
> एक दिन आही सब के पारी
> काल कोनो ल छोंड़े नहीं राजा रंक भिखारी
> चोला माटी के हे राम
> एकर का भरोसा.....
> भव से पार लगे बर हे तैं हरि के नाम सुमर ले संगी
> हरि के नाम सुमर ले
> ए दुनिया माया के रे पगला जीवन मुक्ती कर ले
> चोला माटी के हे राम
> एकर का भरोसा.....
>

> *हिंदी अनुवाद देखें तो ऐसा होगा*


> यह शरीर रुपी चोला मिट्टी का है राम
> इसका क्या भरोसा, शरीर मिट्टी का है रे
> द्रोण जैसे गुरु चले गए, कर्ण जैसे दानी
> साथी कर्ण जैसे दानी
> बालि जैसे वीर चले गए, रावण जैसे अभिमानी
> चोला मिट्टी का है राम
> इसका क्या भरोसा…
> ना कोई था न कोई रहेगा, भई सबकी आएगी पारी
> काल किसी को छोड़ता नहीं है, राजा-रंक, भिखारी
> चोला मिट्टी का है राम
> इसका क्या भरोसा…
> भव ( भवसागर) से पार लगने के लिए तुम हरि का नाम सुमर लो साथी
> हरि का नाम सुमर लो
> यह दुनिया माया की है पगले, जीवन मुक्ति कर ले
> चोला मिट्टी का है राम
> इसका क्या भरोसा…
>
>
> इस गीत का मूल लेखक गंगाराम शिवारे (शिवहरे/सखेट) को माना जाता है जिन्होंने प्रसिद्ध
> नाट्यकर्मी हबीब तनवीर की सलाह से इसमें हेरफेर भी किए थे। सबसे पहले इस गीत का थिएटर
> में प्रयोग हबीब तनवीर जी ने ही अपने नया थिएटर में किया था। तब भी इसे उनकी बेटी
> नगीन तनवीर नें ही गाया था और पिपली लाइव फिल्म में भी नगीन ने ही गाया है। (
> फिलहाल इसकी रॉयल्टी को लेकर विवाद भी छिड़ा है लेकिन वह बात इस पोस्ट से अलग है
> इसलिए यहां नहीं।)
>

> *गीत के संदर्भ में विस्तृत जानकारी यहां देखी जा सकती है।*

ghughuti basuti

unread,
Aug 14, 2010, 3:49:29 AM8/14/10
to शब्द चर्चा
संजीत, इस मनमोहक गीत के बोल बताने के लिए आभार। बचपन में ऐसे न जाने
कितने गीत सुने हैं जिनकी अब केवल हलकी सी याद ही शेष है। एक भिक्षु जब
भिक्षा लेने आता आ तो इकतारे पर कुछ ऐसा गाता था..
राम नाम सुखदाई,
भजन कर भाई
यह जीवन दो दिन का।
ये जीवन तेरा माटी का..........
.........
ये जीवन तेरा पानी का बुलबुला .....
रैदास के भजन से मिलता जुलता?
ऐसे ही और भी भजन गीत आदि थे जो अब सुनने को नहीं मिलते।
घुघूती बासूती

अजित वडनेरकर

unread,
Aug 14, 2010, 3:59:37 AM8/14/10
to shabdc...@googlegroups.com
बहुत सुंदर संजीत। मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ की ओर लपके हुए हैं बॉलीवुड वाले।

2010/8/12 Sanjeet <ved....@gmail.com>



--
शुभकामनाओं सहित
अजित
http://shabdavali.blogspot.com/
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