सैक्स या सेक्स ?

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Ashutosh Kumar

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Dec 10, 2011, 9:23:06 AM12/10/11
to शब्द चर्चा
राजपाल ने नलिनी जमीला की ''एक सैक्स वर्कर की आत्मकथा ''छापी है .सैक्स
ठीक है या सेक्स ?

अजित वडनेरकर

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Dec 10, 2011, 9:31:14 AM12/10/11
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साधारण नियम तो e के लिए  और a के लिए के उच्चार का पता है।
गूगल पर सेक्स की इकहत्तर लाख और सैक्स की क़रीब दो लाख प्रविष्टियाँ मिलती हैं।


2011/12/10 Ashutosh Kumar <ashuv...@gmail.com>

राजपाल ने नलिनी जमीला की ''एक सैक्स वर्कर की आत्मकथा ''छापी है .सैक्स
ठीक है या सेक्स ?



--


अजित

http://shabdavali.blogspot.com/
मोबाइल-
औरंगाबाद- 07507777230

  


Abhay Tiwari

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Dec 10, 2011, 10:05:12 AM12/10/11
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अरविन्द कुमार जी के अनुसार 'जब वी मेट' को जब वी मैट' लिखा जाना चाहिये नहीं तो मेटिंग वाला मेट से इसको कैसे अलग करेंगे? (लिख कर मेट देने वाला अंग्रेज़ी का मेट) 

उस लिहाज़ से सैक्स लिखना ही सही तरीक़ा है।  

2011/12/10 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>

अजित वडनेरकर

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Dec 10, 2011, 10:16:32 AM12/10/11
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क्या सेक्स के भी मेट जैसे अर्थान्तर होते हैं ?


2011/12/10 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

kamal swaroop

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Dec 10, 2011, 10:22:14 AM12/10/11
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abhay bhai nirykt  nir utter hai

2011/12/10 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

अजित वडनेरकर

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Dec 10, 2011, 10:31:57 AM12/10/11
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अंग्रेजी में मेरा हाथ तंग है।
मैं सिर्फ़ अपनी जानकारी में इज़ाफ़ा करना चाहता हूँ।

2011/12/10 kamal swaroop <thirdpol...@gmail.com>

Abhay Tiwari

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Dec 10, 2011, 10:55:39 AM12/10/11
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न हों पर एक पद्धति तो लेनी होगी.. ये तो हो नहीं सकता कि कभी मेट की ध्वनि में पढ़ा जाय और कभी मैट की ध्वनि में? 

हांलाकि अभी तक सेक्स को सेक्स ही लिखा जाता है.. सैक्स लिखना अरविन्द कुमार जी के अनुसार अधिक वैज्ञानिक होगा। अब जैसे wet और wait में कैसे भेद किया जाय?  अभी दोनों को वेट ही लिखा जाता है। एक और तरीक़ा सम्भव है
wet वेट
wait वॆट
 यह तरीक़ा कीबोर्ड पर तो सम्भव है पर पारम्परिक नहीं है। 

अजित वडनेरकर

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Dec 10, 2011, 11:10:23 AM12/10/11
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यहाँ प्रश्न सेक्स का है। क्या अंग्रेजी में सेक्स जैसा कोई दूसरा शब्द इन्हीं हिज्जों के साथ अलग अर्थवत्ता के साथ मौजूद है ?
अगर है तब sex के दोनों रूपों में से एक अर्थ के लिए सैक्स और दूसरे के लिए सेक्स तार्किक होगा।
वर्ना हिन्दी की ऐ, ए मात्राओं के लिए सामान्य नियम e के लिए और के लिए a स्वर का ध्यान रखा जाए।
सेक्स के लिए सैक्स सर्वमान्य कर दिया जाए तब हिन्दी अखबारों की वर्तनी और बिगड़ेगी। e, a के सुविधाजनक नियम का पालन करते हुए मेरे जैसे कम अंग्रेजी जानने वाले नब्बे फ़ीसद सही उच्चार लिख लेते हैं जिन्हें डिक्शनरी में सत्यापित करने पर खून बढ़ा हुआ महसूस होता है। दस फ़ीसद मामलों में खुद को ठीक कर लिया जाता है।
अन्यथा e के लिए भी ऐ, ऐ और  a के लिए भी ए,ऐ जैसे अराजक प्रयोग और भी ज्यादा हो जाएँगे।



2011/12/10 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

Abhay Tiwari

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Dec 10, 2011, 11:18:21 AM12/10/11
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कोई सेक्स लिखे या सैक्स- कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता, समझा sex ही जाएगा क्योंकि इससे मिलता जुलता दूसरा शब्द कोई मौजूद नहीं है। भ्रम एक जैसे सुनाई पड़ने वाले कुछ दूसरे शब्दों को लेकर होता है जिनमें e और a के अलावा ai से भी फ़र्क़ होता है - जैसे 

wet, wait & VAT (value added tax)

इन तीनों मे कैसे अन्तर हो.. मेरे समझ में इसी चिंता के तहत अरविन्द कुमार जी ने ऐसा लिखा होगा। 

Vinod Sharma

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Dec 10, 2011, 11:20:59 AM12/10/11
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एक निवेदन मैं भी करना चाहूँगा कि SEX में E का वही उच्चारण है जो  set, get और pen में है, अतः यहाँ मतभेद की गुंजाइश नहीं है कि तर्कसंगत तो सेक्स ही है अब कोई इसे सैक्स लिखना चाहे तो मनाही तो नहीं है न।
अंग्रेजी में एक शब्द और है sack जिसका मतलब है बोरा बहुवचन हुआ sacks यानी बोरे। अब बोरों को भी सैक्स ही लिखा जाएगा दी sex को भी सैक्स तो क्या यह तर्कसंगत होगा?



2011/12/10 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

अजित वडनेरकर

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Dec 10, 2011, 11:43:11 AM12/10/11
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शुक्रिया अभय भाई।

विनोद भाई, अंग्रेजी का सेक्स तो हिन्दी में इस वर्ग का अकेला शब्द है जिसका धड़ल्ले से प्रयोग होता है। यह हिन्दी शब्दावली का अभिन्न हिस्सा है। बोरों के सन्दर्भ में सैक्स वाली बात दिलचस्प तो है, किन्तु यहाँ हिन्दी पर्याय का प्रयोग ही व्यावहारिक है। अन्यथा अभयजी वाली बात लागू होगी। अर्थात सन्दर्भ से स्पष्ट हो ही जाएगा कि यहाँ बोरे वाला सैक्स है, देह वाला सैक्स नहीं

2011/12/10 Vinod Sharma <vinodj...@gmail.com>
330.gif

Vinod Sharma

unread,
Dec 10, 2011, 11:44:38 AM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
उच्चारण की दृष्टि से अंग्रेजी के दो उच्चारणों के लिए हिंदी स्वर ए का प्रयोग हम करते हैं।
वस्तुतः अंग्रेजी में देखा जाए तो एक तो है लघु ए दूसरा है दीर्घ ए, इनके उदाहरण हैं
लघु ए  set, get met, sex
दीर्घ ए  wait waist great tale game
इन दोनों उच्चारणों को एक ही स्वर ए से व्यक्त करने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। 
2011/12/10 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>
यहाँ प्रश्न सेक्स का है। क्या अंग्रेजी में सेक्स जैसा कोई दूसरा शब्द इन्हीं हिज्जों के साथ अलग अर्थवत्ता के साथ मौजूद है ?

Dr. Sheo Shankar Jaiswal

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Dec 10, 2011, 12:02:36 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
English men 'sax' jaisa uchcharan ka koyee shabd nahin hai, jisaki
spelling 'sex' kee hee tarah ho, lekin arth doosara ho. Sex ka
uchcharan 'seks' hee sahee hai.

On 10/12/2011, Vinod Sharma <vinodj...@gmail.com> wrote:
> उच्चारण की दृष्टि से अंग्रेजी के दो उच्चारणों के लिए हिंदी स्वर ए का प्रयोग
> हम करते हैं।
> वस्तुतः अंग्रेजी में देखा जाए तो एक तो है लघु ए दूसरा है दीर्घ ए, इनके
> उदाहरण हैं
> लघु ए set, get met, sex
> दीर्घ ए wait waist great tale game
> इन दोनों उच्चारणों को एक ही स्वर ए से व्यक्त करने के कारण यह स्थिति उत्पन्न
> हुई है।
>

> <http://www.linkedin.com/in/sharmavinod>


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> 2011/12/10 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>
>

>> यहाँ प्रश्न *सेक्स* का है। क्या अंग्रेजी में सेक्स जैसा कोई दूसरा शब्द


>> इन्हीं हिज्जों के साथ अलग अर्थवत्ता के साथ मौजूद है ?
>> अगर है तब sex के दोनों रूपों में से एक अर्थ के लिए सैक्स और दूसरे के लिए
>> सेक्स तार्किक होगा।

>> वर्ना हिन्दी की* ऐ, ए *मात्राओं के लिए सामान्य नियम* e* के लिए* ए* और*
>> ऐ*के लिए
>> *a* स्वर का ध्यान रखा जाए।
>> *सेक्स* के लिए *सैक्स* सर्वमान्य कर दिया जाए तब हिन्दी अखबारों की वर्तनी
>> और बिगड़ेगी।* e, a* के सुविधाजनक नियम का पालन करते हुए मेरे जैसे कम


>> अंग्रेजी जानने वाले नब्बे फ़ीसद सही उच्चार लिख लेते हैं जिन्हें डिक्शनरी
>> में सत्यापित करने पर खून बढ़ा हुआ महसूस होता है। दस फ़ीसद मामलों में खुद
>> को
>> ठीक कर लिया जाता है।

>> अन्यथा *e* के लिए भी* ऐ, ऐ* और *a* के लिए भी* ए,ऐ* जैसे अराजक प्रयोग और


>> भी ज्यादा हो जाएँगे।
>>
>>
>>
>>
>>
>


--
Dr. S S Jaiswal

अजित वडनेरकर

unread,
Dec 10, 2011, 12:05:11 PM12/10/11
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डॉ साब 'seks' यानी एक मात्रा या दो मात्रा?


2011/12/10 Dr. Sheo Shankar Jaiswal <jais...@gmail.com>

दिनेशराय द्विवेदी

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Dec 10, 2011, 12:24:36 PM12/10/11
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अंग्रेजी में Sax भी है, जिस से सेक्सोफोन बनता है। Sax स्लेट की छतों को काटने के औजार का नाम है, दूसरा अर्थ है संगीत। डाक्टर हरदेव बाहरी ने इस का उच्चारण सैक्स लिखा है, जब कि Sex का सेक्स।
--
दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्थान, भारत
Dineshrai Dwivedi, Kota, Rajasthan,
क्लिक करें, ब्लाग पढ़ें ...  अनवरत    तीसरा खंबा

अजित वडनेरकर

unread,
Dec 10, 2011, 12:35:31 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
इंटरनेट खंगालने पर जो जानकारी मिली उसके अनुसार सेक्सोफोन बनानेवाले संगीतकार का नाम था Antoine-Joseph Sax. देखें यहाँ-

History of the Saxophone - Adolphe Sax




2011/12/10 दिनेशराय द्विवेदी <drdwi...@gmail.com>

ई-स्वामी

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Dec 10, 2011, 12:42:42 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
खुदा कसम ये एक ऐसी चर्चा है जो पढ कर लग रहा है की काश मैने शुरु की होती-
भारत के बाहर रहते हुए हिन्दी चिट्ठाकारी करते मैं स्वयं इन उच्चारणों से बहुत जूझा हूं. 

मेरे विचार में जैसे ऑ की ध्वनी का प्रयोग ओ [o] के लिये किया जाता है जैसे की कॉफ़ी coffee -हम कोफ़ी नहीं कहते. और वो एक अच्छा तरीका है.   
वैसे ही sex सेक्स
और sacks से~क्स या जैसा की इस चर्चा में ज़िक्र है सॅक्स या [मुझे बरहा में ढूंढना होगा वॆ वाली मात्रा ] जैसा कुछ होना चाहिए था. 
हमारे पास धीर्घ ध्वनी के लिये ऽ है जैसे हाऽय ... क्या उसका प्रयोग उचित होता मसलन sacks = सेऽक्स ?
wait वॆट वाला चिह्न आम प्रचलन मे नही है - होना चाहिए. 
यही बात 
cell/sell , sale
veil , well 
gel, jail आदी पर लागू है!  

लेकिन चिह्न तो लगेगा ही और कौन सा चिह्न या स्वर सही रहेगा इन बातों पर एक आम समझ तो कायम होती. 
देखा जाए तो मानकीकरण, प्रचलन का अभाव और कामचलाऊपन के चलते ही एक वैज्ञानिक लिपी के होते हुए भी आज हम इस परिस्थिती पर बात कर रहे हैं. 
 

eg

unread,
Dec 10, 2011, 2:41:44 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
वाह! आज तो यह फोरम भी सेक्सी हो गया! 'सेक्स' को सेक्स ही रहने दीजिये, कोई और नाम न सुझाइये। वैसे भी इसे लेकर भ्रांतियों की संख्या बहुत अधिक है,  और न उलझाइये।  

2011/12/10 ई-स्वामी <esw...@gmail.com>

ePandit | ई-पण्डित

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Dec 10, 2011, 9:17:49 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
शुक्र है अरविन्द जी ऐ या ऍ की मात्रा (ै या ॅ) के स्थान पर ए की मात्रा (े) लगाने की गलती के मामले में मुझसे इतिफाक रखते हैं। मैंने बहुत से अच्छे भले विद्वानों को (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों दुनिया में) यह गलती करते देखा है।

उदाहरण के लिये लोग टैस्ट (परीक्षा या मैच वाला) को भी टेस्ट ही लिख देते हैं फिर वह स्वाद वाले टेस्ट से अलग कैसे हुआ। रेड, गेस्ट, सेक्स, चेक आदि ऐसी ही कुछ गलतियाँ हैं। एक अन्य बड़ी गलती जो बहुत से लोग करते हैं वो है i को हिन्दी में आई लिखना जबकि यह आइ (उच्चारण करके देखिये ध्वनि ह्रस्व है, आयि है आयी नहीं) होना चाहिये, इस गलती को चलते लोग आई हॉस्पिटल, आईफोन, आईपैड आदि गलत तरीके से लिखते हैं जबकि ये क्रमशः आइ हॉस्पिटल, आइफोन, आइपैड आदि होने चाहिये।

अंग्रेजी शब्दों को हिन्दी में लिखने के मामले में इस प्रकार की बहुत सी गलतियाँ लोग करते हैं। मेरे विचार से इन गलतियों को प्रचलित करने के पीछे समाचारपत्रों की बड़ी भूमिका है।

१० दिसम्बर २०११ ८:३५ अपराह्न को, Abhay Tiwari <abha...@gmail.com> ने लिखा:



--
Shrish Benjwal Sharma (श्रीश बेंजवाल शर्मा)
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
If u can't beat them, join them.

ePandit: http://epandit.shrish.in/

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Dec 10, 2011, 9:19:34 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
सैक्स ही सही है, सेक्स नहीं। इसकी आइपीए ट्राँसक्रिप्सशन के अनुसार मूल उच्चारण भी सैक्स ही है और भारतीय उच्चारण भी।

१० दिसम्बर २०११ ७:५३ अपराह्न को, Ashutosh Kumar <ashuv...@gmail.com> ने लिखा:

राजपाल ने नलिनी जमीला की ''एक सैक्स वर्कर की आत्मकथा ''छापी है .सैक्स
ठीक है या सेक्स ?

दिनेशराय द्विवेदी

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Dec 10, 2011, 9:30:33 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
समाचार पत्रों ने भाषा को लिखने के मामले में बहुत कुछ बदलाव ला दिया है। वहाँ इने गिने लोग हैं जो इस पर ध्यान देते हैं। एक बार चल निकलने के बाद इन गलतियों को सुधारना असंभव सा हो जाता है।

2011/12/11 ePandit | ई-पण्डित <sharma...@gmail.com>

ePandit | ई-पण्डित

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Dec 10, 2011, 9:32:36 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
अजित जी अंग्रेजी शब्दों को हिन्दी में लिखने के लिये उच्चारण के अनुसार लिखा जायेगा न कि e को ए, a के लिये ऐ जैसे किसी नियम से। यह एक संयोग है कि कई शब्दों में ऐसा है, यह कोई नियम नहीं। इस तरह तो फिर late को लैट लिखना होगा।

हिन्दी/देवनागरी का मूल गुण ही इसका WYSIWYW (What You Speak Is What You Write) अर्थात उच्चारण और लेखन की एकरूपता है (कालक्रम में आये कुछ विकारों को छोड़ दें)। इसलिये अंग्रेजी शब्दों को भी हिन्दी में उनके उच्चारण के अनुसार ही लिखा जाना चाहिये।

यह नहीं हो सकता कि sex को लिखा तो सेक्स जाये और पढ़ा सैक्स जाये। यदि अखबारों में गलती प्रचलित है तो उसे सुधारा जाना चाहिये न कि उसे परम्परा बनाकर पक्का कर देना चाहिये।

१० दिसम्बर २०११ ९:४० अपराह्न को, अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com> ने लिखा:

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Dec 10, 2011, 9:39:41 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
वैसे तो बोरों को हिन्दी में आम तौर पर अंग्रेजी शब्द के रूप में लिखा नहीं जायेगा फिर यदि बोरों को भी सैक्स कहीं लिखा जा रहा है तो बिलकुल तर्कसंगत होगा, प्रसंग के अनुसार समझा जायेगा। कई भिन्नार्थी शब्द हैं जिनका उच्चारण एक जैसा होने पर प्रसंग के अनुसार अन्तर जाना जाता है।

उदाहरण के लिये,
  1. कैट सारा दूध पी गयी।
  2. उसने कैट का टैस्ट दिया है।
  3. मॉडलों ने कैटवॉक कर सबका मन मोह लिया।

एक और,

  1. सचिन का बैट जब चलता है तो कमाल हो जाता है। -- बल्ला
  2. ड्रैकुला में खून चूसने वाले बैट हैं। -- चमगादड़
१० दिसम्बर २०११ ९:५० अपराह्न को, Vinod Sharma <vinodj...@gmail.com> ने लिखा:

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Dec 10, 2011, 9:45:45 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
सही कहा आपने, समाचारपत्रों में तो सुधारना मुश्किल है पर हम खुद तो उनकी तरह गलत न लिखें। हम तो सही लिख ही सकते हैं।

अब उदाहरण के लिये सभी अखबार अगर जानकारी के अभाव में चिन्ह, श्रृंखला (सही - चिह्न, शृंखला) लिख रहे हैं तो हम भी उनके पीछे चलते हुये ऐसे नहीं लिख सकते। यह तो जानबूझकर मक्खी निगलने वाली बात हुई।

आइ, आई वाली पीछे बताई गलती के सन्दर्भ में बताना चाहूँगा कि सौभाग्य से दैनिक जागरण मैंने एकमात्र अखबार देखा है जो सही वर्तनी (आइ वाली) लिखने लगा है।

११ दिसम्बर २०११ ८:०० पूर्वाह्न को, दिनेशराय द्विवेदी <drdwi...@gmail.com> ने लिखा:

ashutosh kumar

unread,
Dec 10, 2011, 10:39:48 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com


जब सेक्स पर आम सहमति बन चली थी , पंडितजी ने फिर पतरा फैला दिया है.
अब क्या हो , संतों.
भाई , हम तो सेक्स ही सुनते , बोलते , लिखते आये हैं. ये सैक्स हिंदी - बरतानवी तलफ्फुज  को पीटती  अमरीकी दबंगई का नतीजा तो नहीं ?
 टेस्ट और टे'स्ट का फर्क तो साफ़ है.

Abhay Tiwari

unread,
Dec 10, 2011, 10:47:19 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
भई ये किस पद्धति से आप ने सफ़ाई हासिल की? हम ने तो कहीं नहीं देखी यह सफ़ाई? इसमें से कौन सा स्वाद वाला टेस्ट है ?

 अलबत्ता उर्दू के ऐन के लिए ऐसा प्रयोग हमने सरदार जाफ़री को करते देखा है पर वो भी प्रचलित नहीं हुआ.. मीर और ग़ालिब के दीवानों में ही बंद होकर रहा..

2011/12/11 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com>

ई-स्वामी

unread,
Dec 10, 2011, 11:02:07 PM12/10/11
to shabdc...@googlegroups.com
शुद्धतावाद बनाम व्यव्हारिकता के प्रसंग में एक बात कहूं - 
अमरीका मे दर-असल sex के दोनो उच्चारण प्रचलन मे हैं सेक्स भी और सैक्स भी - निर्भर करता है कि कौन कब इस शब्द का प्रयोग कर रहा है 
What is the sex of the newborn - सेक्स और डिक्शनरी में येही है.  
Damn that sexy car, man! - [damn that's a sexy car, man का अमरीकी-भदेसी ]-  डैय्म सैक्सी॓ऽ कार मैन!

यह कह चुकने के बाद - चर्चा का मुद्दा एकदम सही है वही wait और wet की भिन्नता को रेखांकित करने का मसला!  

2011/12/10 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com>

Dr. Sheo Shankar Jaiswal

unread,
Dec 11, 2011, 12:12:47 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
Dwivedi ji sahi farama rahe hain. Mera kahana tha ki 'sex' shabda isi
spelling ke sath doosara arth deta ho aur uchcharan ho 'sax' jaisa,
aisa nahin hai. 'sex' ka uchcharan 'seks' likhate huye ashaya tha ki
wahan swar 'get' jaisa hai, 'pat', 'fat' jaisa nahin. American Engish
men 'sexy' ko 'saxy' kahate honge, English English men wah 'sexy' hai,
'sex' jaisa uchcharan aur ant men short 'i' dhwani.

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Dec 11, 2011, 1:14:59 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
बात उच्चारण की ही है, अगर व्यक्ति उच्चारण भी सेक्स करता है तब तो सेक्स लिखना ठीक लेकिन भारतीय उच्चारण केवल और केवल सैक्स है तो सैक्स ही लिखना चाहिये।

एक उदाहरण से अपनी बात स्पष्ट करना चाहूँगा। Doctor का उच्चारण भारत में डॉक्टर और डाक्टर दोनों होता है तो उच्चारण अनुसार डाक्टर भी लिखना सही है। परन्तु Blog का उच्चारण केवल ब्लॉग ही होता है ब्लाग कोई नहीं बोलता तो उसे ब्लाग लिखना गलत है।

११ दिसम्बर २०११ ९:३२ पूर्वाह्न को, ई-स्वामी <esw...@gmail.com> ने लिखा:
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अजित वडनेरकर

unread,
Dec 11, 2011, 1:51:06 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
हिन्दी में तो कोई ऐसी बात नहीं करता।
मन्दिर निवास, आवास, घर भी है देवालय भी। हिज्जे तो एक एक समान ही हैं। ये अलग बात है कि मन्दिर या मंदिर का निवास के अर्थ में इस्तेमाल कविताई में ज्यादा हुआ है। रूढ़ार्थ देवालय ही है।
पर ऐसे अनेक उदाहरण है। अर्थानुसार अगर हिज्जे बदले जाएँ तो आलंकारिक भाषा लिखने के शौकीन खुदकशी करने लगेंगे क्योंकि तब यमक, अनुप्रास की बारह बज जाएगी। राइम के शौकीन कटोरा तुकबन्दियों के शब्दों की भीख माँगेंगे और हम उन्हें बताएँगे कि अब यह सब बन्द हो गया है। हर शब्द का उच्चारण अलग अलग है।
तुकों के दिन लद गए.....

2011/12/11 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>
पंडितजी, आपको जो लिखना हो लिखें,
मैं एक साधारण और समझ में आने लायक बात की गांठ बांध चुका हूँ और वह तार्किक है। आप पता नहीं किस उच्चारण की बात कर रहे हैं।
सवाल सेक्स का था। उसी पर कायम हूँ।
उसके बहाने अन्य शब्दों पर नहीं जा रहा हूँ। यहाँ होता ये है कि मुख्य बात एक तरफ़ रह जाती है, दुनिया जहान के बाकी सवाल पहले आ जाते हैं:)

मैं तो सेक्स को सेक्स ही उच्चारता हूँ और अंग्रेजी के जानकारों ने ही यह फार्मूला भी दिया है। सो किसी को दिल पर लेने की ज़रूरत नहीं है।

और आपसे यह किसने कह दिया कि परीक्षा वाला टेस्ट और स्वाद वाला टेस्ट अलग अलग है और दोनों का उच्चारण अलग करना ज़रूरी है?
दोनों ही परीक्षण हैं। सन्दर्भानुसार उनका प्रयोग होगा मगर हिज्जे एक ही रहेंगे।

सादर, साभार
अजित

2011/12/11 ePandit | ई-पण्डित <sharma...@gmail.com>
अजित जी अंग्रेजी शब्दों को हिन्दी में लिखने के लिये उच्चारण के अनुसार लिखा जायेगा न कि e को ए, a के लिये ऐ जैसे किसी नियम से। यह एक संयोग है कि कई शब्दों में ऐसा है, यह कोई नियम नहीं। इस तरह तो फिर late को लैट लिखना होगा।

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Dec 11, 2011, 1:54:20 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
भद्रजनों आपको फोनेटिक्स के अनुसार सही वर्तनी लिखने का तरीका बताता हूँ।

http://dictionary.com पर जायें और अपना वाँछित अंग्रेजी शब्द डालें। फिर उस नीचे जाकर उस शब्द हेतु Show IPA पर क्लिक करें तथा आइपीए ट्राँसक्रिप्शन नोट करें। ए या ऐ जैसी ध्वनियों वाले शब्दों हेतु या तो /eɪ/ होगा या /ɛ/ या /æ/
  1. आइपीए चिह्न देवनागरी के समकक्ष है जैसे gate (/geɪt/) में, तो बनेगा गेट। वैसे तो का उच्चारण है एइ परन्तु भारतीय लहजे (ऍक्सेंट) में ऐसे शब्दों में का ही उच्चारण होता है जैसे वेइट (नेटिव उच्चारण) को वेट (भारतीय उच्चारण) कहा जाता है।
  2. आइपीए चिह्न æ देवनागरी के समकक्ष है जैसे mac (/mæk/), chat (/tʃæt/) में, तो बनेगा मॅक, चॅट।
  3. आइपीए चिह्न ɛ देवनागरी के समकक्ष है जैसे sex (/sɛks/) में, तो बनेगा सैक्स। इस चिह्न वाली कुछ ध्वनियों में ह्स्व वाले ऐ (ऎ) का उच्चारण भी होता है परन्तु आइपीए में मेरे विचार से उसके लिये अलग चिह्न नहीं है। हिन्दी में भी ऎ एवं उसकी मात्रा का लेखन में आम प्रचलन न होने से उसकी जगह ऐ एवं उसकी मात्रा का ही प्रयोग कर लिया जाता है।
नोट:- आइपीए ट्राँसक्रिप्शन को दो / के बीच लिखा जाता है, यह इसकी नोटेशन का एक तरीका है। बाकी इसमें / का कोई अर्थ नहीं है।

मेरा सुझाव है कि अंग्रेजी शब्दों के उच्चारण एवं हिन्दी में लेखन की शुद्धता हेतु आइपीए सीख लेनी चाहिये। यह कोई विशेष कठिन नहीं केवल कुछ वर्ण चिह्न ही सीखने हैं। इससे बहुत से भ्रमों का स्वतः निवारण हो जाता है।


११ दिसम्बर २०११ ११:४४ पूर्वाह्न को, ePandit | ई-पण्डित <sharma...@gmail.com> ने लिखा:

Dr. Sheo Shankar Jaiswal

unread,
Dec 11, 2011, 2:03:09 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
'Test' aur 'taste' ki baat thodi gadabad ho gayi. Donon shabd arth aur
uchcharan donon men bhinn hain. Test se tested banata hai aur taste se
tasted. Ek men pareekshan hai, doosare men swad janana. Swad janana
bhi ek tarah ka pareekshan hai, yah baat alag hai.

On 11/12/2011, ePandit | ई-पण्डित <sharma...@gmail.com> wrote:
> भद्रजनों आपको फोनेटिक्स के अनुसार सही वर्तनी लिखने का तरीका बताता हूँ।
>
> http://dictionary.com पर जायें और अपना वाँछित अंग्रेजी शब्द डालें। फिर उस
> नीचे जाकर उस शब्द हेतु Show IPA पर क्लिक करें तथा आइपीए ट्राँसक्रिप्शन नोट
> करें। ए या ऐ जैसी ध्वनियों वाले शब्दों हेतु या तो /eɪ/ होगा या /ɛ/ या /æ/
>

> 1. आइपीए चिह्न *eɪ* देवनागरी *ए* के समकक्ष है जैसे gate (/geɪt/) में, तो
> बनेगा गेट। वैसे तो *eɪ* का उच्चारण है *एइ* परन्तु भारतीय लहजे (ऍक्सेंट)
> में ऐसे शब्दों में *ए* का ही उच्चारण होता है जैसे वेइट (नेटिव उच्चारण)
> को वेट (भारतीय उच्चारण) कहा जाता है।*
> *
> 2. आइपीए चिह्न *æ* देवनागरी *ऍ* के समकक्ष है जैसे mac (/mæk/), chat (/


> tʃæt/) में, तो बनेगा मॅक, चॅट।

> 3. आइपीए चिह्न *ɛ *देवनागरी *ऐ* के समकक्ष है जैसे sex (/sɛks/) में, तो


> बनेगा सैक्स। इस चिह्न वाली कुछ ध्वनियों में ह्स्व वाले ऐ (ऎ) का उच्चारण
> भी
> होता है परन्तु आइपीए में मेरे विचार से उसके लिये अलग चिह्न नहीं है।
> हिन्दी
> में भी ऎ एवं उसकी मात्रा का लेखन में आम प्रचलन न होने से उसकी जगह ऐ एवं
> उसकी मात्रा का ही प्रयोग कर लिया जाता है।
>
> नोट:- आइपीए ट्राँसक्रिप्शन को दो / के बीच लिखा जाता है, यह इसकी नोटेशन का
> एक तरीका है। बाकी इसमें / का कोई अर्थ नहीं है।
>
> मेरा सुझाव है कि अंग्रेजी शब्दों के उच्चारण एवं हिन्दी में लेखन की शुद्धता
> हेतु आइपीए सीख लेनी चाहिये। यह कोई विशेष कठिन नहीं केवल कुछ वर्ण चिह्न ही
> सीखने हैं। इससे बहुत से भ्रमों का स्वतः निवारण हो जाता है।
>
>
> ११ दिसम्बर २०११ ११:४४ पूर्वाह्न को, ePandit | ई-पण्डित <
> sharma...@gmail.com> ने लिखा:
>
>> बात उच्चारण की ही है, अगर व्यक्ति उच्चारण भी सेक्स करता है तब तो सेक्स

>> लिखना ठीक लेकिन भारतीय उच्चारण केवल और केवल सैक्स है तो *सैक्स* ही लिखना


>> चाहिये।
>>
>> एक उदाहरण से अपनी बात स्पष्ट करना चाहूँगा। Doctor का उच्चारण भारत में

>> डॉक्टर और डाक्टर दोनों होता है तो उच्चारण अनुसार *डाक्टर* भी लिखना सही


>> है। परन्तु Blog का उच्चारण केवल ब्लॉग ही होता है ब्लाग कोई नहीं बोलता तो

>> उसे *ब्लाग* लिखना गलत है।


>>
>> ११ दिसम्बर २०११ ९:३२ पूर्वाह्न को, ई-स्वामी <esw...@gmail.com> ने लिखा:
>>
>> शुद्धतावाद बनाम व्यव्हारिकता के प्रसंग में एक बात कहूं -
>>> अमरीका मे दर-असल sex के दोनो उच्चारण प्रचलन मे हैं सेक्स भी और सैक्स भी -
>>> निर्भर करता है कि कौन कब इस शब्द का प्रयोग कर रहा है
>>> What is the sex of the newborn - सेक्स और डिक्शनरी में येही है.
>>> Damn that sexy car, man! - [damn that's a sexy car, man का अमरीकी-भदेसी
>>> ]- डैय्म सैक्सी॓ऽ कार मैन!
>>>
>>> यह कह चुकने के बाद - चर्चा का मुद्दा एकदम सही है वही wait और wet की
>>> भिन्नता को रेखांकित करने का मसला!
>>>
>>> 2011/12/10 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com>
>>>
>>>>
>>>>
>>>> जब सेक्स पर आम सहमति बन चली थी , पंडितजी ने फिर पतरा फैला दिया है.
>>>> अब क्या हो , संतों.
>>>> भाई , हम तो सेक्स ही सुनते , बोलते , लिखते आये हैं. ये सैक्स हिंदी -
>>>> बरतानवी तलफ्फुज को पीटती अमरीकी दबंगई का नतीजा तो नहीं ?
>>>> टेस्ट और टे'स्ट का फर्क तो साफ़ है.
>>>>
>>>
>>>
>>>
>>> --
>>> http://hindini.com
>>> http://hindini.com/eswami
>>>
>>
>>
>>
>> --

>> *Shrish Benjwal Sharma* *(श्रीश बेंजवाल शर्मा <http://hindi.shrish.in>)*
>> ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
>> *If u can't beat them, join them.*
>>
>> ePandit <http://epandit.shrish.in/>:* *http://epandit.shrish.in/
>>
>
>
>
> --
> *Shrish Benjwal Sharma* *(श्रीश बेंजवाल शर्मा <http://hindi.shrish.in>)*
> ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
> *If u can't beat them, join them.*
>
> ePandit <http://epandit.shrish.in/>:* *http://epandit.shrish.in/

अजित वडनेरकर

unread,
Dec 11, 2011, 2:03:38 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
बहुत शुक्रिया पण्डितजी। प्रस्तुत सन्दर्भ में कम मगर सफर के सन्दर्भ में मेरे काम की जानकारी।

2011/12/11 ePandit | ई-पण्डित <sharma...@gmail.com>

अजित वडनेरकर

unread,
Dec 11, 2011, 2:05:08 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
ओह...सचमुच गलती हो गई।

2011/12/11 Dr. Sheo Shankar Jaiswal <jais...@gmail.com>

Abhay Tiwari

unread,
Dec 11, 2011, 2:26:12 AM12/11/11
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आप की बात पढ़कर तो मैं भी एक पल को घबड़ा गया, अजित भाई.. कहीं ऐसा तो नहीं कि मैं ही test व taste को अलग-अलग उच्चारित करता रहा!?  
फिर आप का अगला संदेश आ गया, जान में जान आई..  



2011/12/11 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>
ओह...सचमुच गलती हो गई।
329.png
361.gif

ashutosh kumar

unread,
Dec 11, 2011, 2:33:57 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com

डरते  सहमते निवेदन यह है कि मेरी समझ से जहाँ मात्रा पर कदरन जोर हो , वहाँ ' यों कर देते हैं. जैसे मैंने टे'स्ट में किया. ए का ए बचा रहा , ऐ नहीं हो गया , पर जोर तनिक बढ़ गया. test टेस्ट    taste टे'स्ट .

हाँ  , एक ही ध्वनि रखने वाले विभिन्न शब्दों के विभिन्न अर्थों की संभावना को हम खारिज कर देंगे तो हिंदी के अलंकार शास्त्र का तो पटरा  हो जायेगा , यहाँ मैं भोपाली भाई से सहमत हूँ.
बाकी वो क्या है आइ पी ए, इस से कैसे हिंदी सीखें , यह मेरी समझ से बाहर है .वैसे मेरी समझ में आइ पी एल भी नहीं आता.






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ePandit | ई-पण्डित

unread,
Dec 11, 2011, 2:39:30 AM12/11/11
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पंडितजी, आपको जो लिखना हो लिखें
 
नाराज काहे हो रहे हैं अजित भाई, लिखेगा तो हर कोई अपनी पसन्द का ही। सही गलत की चर्चा हो रही है तो तर्क तो सामने आयेंगी ही।

आप पता नहीं किस उच्चारण की बात कर रहे हैं।

क्या मैं अपनी बात समझा नहीं पाया।

मैं तो सेक्स को सेक्स ही उच्चारता हूँ
 
अगर आप सेक्स ही उच्चारते हैं तो फिर सेक्स लिखना ठीक ही है लेकिन आम भारतीय सैक्स उच्चारता है उस हिसाब से सेक्स ठीक नहीं।


और आपसे यह किसने कह दिया कि परीक्षा वाला टेस्ट और स्वाद वाला टेस्ट अलग अलग है और दोनों का उच्चारण अलग करना ज़रूरी है?
दोनों ही परीक्षण हैं। सन्दर्भानुसार उनका प्रयोग होगा मगर हिज्जे एक ही रहेंगे।

जी परीक्षा वाले या क्रिकेट मैच वाले Test का उच्चारण /tɛst/ = टैस्ट है जबकि स्वाद वाले Taste का उच्चारण /teɪst/ = टेस्ट है। आप दिये गये लिंक्स पर जाकर उनका उच्चारण (शब्द के नाम के बगल में स्पीकर का आइकॉन क्लिक करके) भी सुन सकते हैं और आइपीए ट्राँसक्रिप्शनों में अन्तर भी देख सकते हैं। तदनुसार हिन्दी वर्तनी भी अलग-अलग होगी।

सेक्स vs सैक्स, टेस्ट vs टैस्ट का अन्तर स्पष्ट करने के लिये मैं उनके उच्चारण रिकॉर्ड करके संलग्न कर रहा हूँ।

११ दिसम्बर २०११ १२:१० अपराह्न को, अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com> ने लिखा:
पंडितजी, आपको जो लिखना हो लिखें,
मैं एक साधारण और समझ में आने लायक बात की गांठ बांध चुका हूँ और वह तार्किक है। आप पता नहीं किस उच्चारण की बात कर रहे हैं।
सवाल सेक्स का था। उसी पर कायम हूँ।
उसके बहाने अन्य शब्दों पर नहीं जा रहा हूँ। यहाँ होता ये है कि मुख्य बात एक तरफ़ रह जाती है, दुनिया जहान के बाकी सवाल पहले आ जाते हैं:)

मैं तो सेक्स को सेक्स ही उच्चारता हूँ और अंग्रेजी के जानकारों ने ही यह फार्मूला भी दिया है। सो किसी को दिल पर लेने की ज़रूरत नहीं है।

और आपसे यह किसने कह दिया कि परीक्षा वाला टेस्ट और स्वाद वाला टेस्ट अलग अलग है और दोनों का उच्चारण अलग करना ज़रूरी है?
दोनों ही परीक्षण हैं। सन्दर्भानुसार उनका प्रयोग होगा मगर हिज्जे एक ही रहेंगे।

सादर, साभार
अजित

2011/12/11 ePandit | ई-पण्डित <sharma...@gmail.com>
Taste (टेस्ट).mp3
Test (टैस्ट).mp3
सेक्स.mp3
सैक्स.mp3

Abhay Tiwari

unread,
Dec 11, 2011, 2:40:55 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
दो बातें: 

१. हिन्दी में क्या अभी भी कोई अलंकारों का प्रयोग कर रहा है?
२. हिंदी भी क्या सीखनी पड़ेगी? 

और जवाब में दहाड़ की उम्मीद करूँगा! 

2011/12/11 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com>
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अजित वडनेरकर

unread,
Dec 11, 2011, 2:48:50 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
कोई नाराज़गी नहीं है पण्डितजी
बस, जल्दबाजी में लिख गया हूँ।
आप हमें क्षमा करें और
फोनेटिक उच्चारण पर नया सूत्र बनाया है
उस पर हमारी जिज्ञासा शान्त करें।

narayan prasad

unread,
Dec 11, 2011, 3:18:41 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
<<लेकिन आम भारतीय सैक्स उच्चारता है उस हिसाब से सेक्स ठीक नहीं।>>

हो सकता है कि आप जिस क्षेत्र में रहते हैं वहाँ के लोग ऐसा उच्चारण करते होंगे । आम भारतीय कहकर यह मत कहिए कि एक आम भारतीय को यह पता ही नहीं कि ए और ऐ में कोई अन्तर ही नहीं । पहले भी किसी और मामले में ऐसी बहस हो चुकी है ।
--- नारायण प्रसाद

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Dec 11, 2011, 4:04:53 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
नारायण जी आम भारतीय की बजाय शायद आम हिन्दी भाषी उत्तर भारतीय कहना चाहिये।

आपकी बात का अर्थ समझ रहा हूँ। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में उच्चारण की भिन्नता भी है। उदाहरण के लिये गुजराती संजय भाई ब्लॉग को ब्लोग, पॉडकास्ट को पोडकास्ट लिखते थे, जब हम कहते थे कि ये वर्तनी गलत है तो वे हैरान होते थे कि गलत कैसे है। बाद में हमें पता चला कि गुजराती में ऑ ध्वनि वाले अंग्रेजी शब्दों का उच्चारण ओ की तरह ही होता है यानि वे अपने उच्चारण के हिसाब से ठीक ही लिखते थे।


आम भारतीय कहकर यह मत कहिए कि एक आम भारतीय को यह पता ही नहीं कि ए और ऐ में कोई अन्तर ही नहीं ।

आपकी बात जायज होगी परन्तु जब red को रैड बोलने परन्तु रेड (जो कि छापा पड़ने वाले raid का उच्चारण है) लिखने वालों, pen को पैन बोलने परन्तु पेन (जो कि दर्द वाले pain का का उच्चारण है) लिखने वालों को देखता हूँ तो ऐसा ही लगता है कि उन्हें अन्तर नहीं पता।

११ दिसम्बर २०११ १:४८ अपराह्न को, narayan prasad <hin...@gmail.com> ने लिखा:

<<लेकिन आम भारतीय सैक्स उच्चारता है उस हिसाब से सेक्स ठीक नहीं।>>

हो सकता है कि आप जिस क्षेत्र में रहते हैं वहाँ के लोग ऐसा उच्चारण करते होंगे । आम भारतीय कहकर यह मत कहिए कि एक आम भारतीय को यह पता ही नहीं कि ए और ऐ में कोई अन्तर ही नहीं । पहले भी किसी और मामले में ऐसी बहस हो चुकी है ।
--- नारायण प्रसाद

दिनेशराय द्विवेदी

unread,
Dec 11, 2011, 5:21:15 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
हमारी मामी जी ब्लाउज को बिलाउज ही बोलती रही सारे जीवन, और भी अनेक शब्द। साहित्य और संगीत के मर्मज्ञ मामाजी ने उन पर गु्स्सा होने के स्थान पर आनन्द लेना सीख लिया। वे उन्हें वैसा ही बोलने के लिए उकसाते और आनन्द लेते । मामीजी को लिखना पढ़ना नहीं आता था। वर्ना कैसे लिखतीं अनुमान ही किया जा सकता है।

2011/12/11 ePandit | ई-पण्डित <sharma...@gmail.com>
नारायण जी आम भारतीय की बजाय शायद आम हिन्दी भाषी उत्तर भारतीय कहना चाहिये।

Rohit Gurjar

unread,
Dec 11, 2011, 6:01:07 AM12/11/11
to शब्द चर्चा
पण्डित जी,

Oxford dictionary (http://oald8.oxfordlearnersdictionaries.com/) में
ब्रिटिश और अमेरिकन दोनों उच्चारण दिए हैं।
Test शब्द का ब्रिटिश उच्चारण टेस्ट के करीब है.. और अमेरिकन उच्चारण
टैस्ट के करीब।
वैसे अपने आसपास जो Test का उच्चारण सुनता हूँ वो भी टेस्ट से मिलता
जुलता है.. हालाँकि थोड़ा फ़र्क ज़रुर है (ए को थोड़ा छोटा कर दिया जाता
है)।
इसी तरह pen और red का भी पेन और रेड से मिलता जुलता है।
फिर ये सवाल भी उठता है कि pen और pain में कैसे अंतर दिखाया जाए, तो
बेहतर ये होगा कि pain के लिए पेऽन या पे'न का प्रयोग किया जाए क्योंकि
यहाँ स्वर थोड़ा लम्बा खींचता है।
या शायद पॆन का प्रयोग भी किया जा सकता है, पर थोड़ी शंका है क्योंकि
मेरे ख्याल में ऎ का समावेश इसलिए किया गया है क्योंकि दक्षिण भारतीय
भाषाओं में
ए/ऐ की श्रेणी में तीन स्वर होते हैं। और उस हिसाब से ऎ का क्या उच्चारण
होगा ये मुझे पता नहीं।

वैसे हम अगर उच्चारण की शुद्धता पर बहुत ज़्यादा ज़ोर दें तो pen, pan और
pain ये तीनों ही पेन और पैन से भिन्न हैं।
फिर तो हमें इस शुद्धता को बरकरार रखने के लिए नए स्वर ईजात करने
पड़ेंगे।

अंग्रेजी के कुछ रोचक उदाहरण जहाँ तीनों स्वरों के साथ अर्थवान शब्द बनते
हैं..
men man main
pen pan pain
met mat mate
pet pat pate

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Dec 11, 2011, 10:11:11 AM12/11/11
to shabdc...@googlegroups.com
Test शब्द का ब्रिटिश उच्चारण टेस्ट के करीब है.. और अमेरिकन उच्चारण
टैस्ट के करीब।

रोहित जी, मैं दोनों उच्चारण सुने पर मुझे कोई भी टेस्ट जैसा नहीं लगा, दोनों टैस्ट जैसे ही लगे हाँ ब्रिटिश वाले में ऐ की ध्वनि थोड़ा ह्रस्व एवं अमेरिकी वाले में थोड़ी दीर्घ है।

वैसे यदि किसी शब्द के दो नेटिव उच्चारण हों (एक ब्रिटिश एक अमेरिकी) तो हमें अपने भारतीय उच्चारण (अधिकतर भारतीय उच्चारण या तो ब्रिटिश होते हैं या ब्रिटिश उच्चारण से बिगड़ कर बने होते हैं) के अनुसार ही लिखना चाहिये। उदाहरण के लिये ध्वनि वाले अधिकतर अंग्रेजी शब्दों के ब्रिटिश उच्चारण में तो की ध्वनि होती है जबकि अमेरिकी उच्चारण में की जैसे hot का ब्रिटिश उच्चारण हॉट है तो अमेरिकी हाट है पर भारत में शायद ही कोई हाट बोलता हो तो हमें हॉट ही लिखना चाहिये।


ए/ऐ की श्रेणी में तीन स्वर होते हैं। और उस हिसाब से ऎ का क्या उच्चारण
होगा ये मुझे पता नहीं।

मेरे विचार से अंग्रेजी शब्दों की ध्वनियों को मिलाकर चार होंगे ए, ऐ, ऍ और ऎ। इनमें से ए और बाकी तीनों की ध्वनि तो बिलकुल अलग है। आइपीए चिह्न // के समकक्ष है, आइपीए चिह्न /æ/ जिसकी ध्वनि दीर्घ है, के समकक्ष चिह्न है। बचा आइपीए चिह्न /ɛ/ जिसकी ध्वनि तुलनात्मक रूप से ह्रस्व मालूम पड़ती है , इसके समकक्ष (या शायद शुद्ध रूप से ) हो सकता है। /ɛ/ वाले शब्दों का उच्चारण सुनने पर उच्चारण थोड़ा ह्रस्व मालूम पड़ता है तो शायद सही अन्तर दिखाने हेतु का प्रयोग किया जा सकता है वर्ना सामान्य तौर पर चल सकता है। इस बारे में सही राय कोई फोनेटिक्स का अच्छा जानकार ही दे पायेगा।


वैसे हम अगर उच्चारण की शुद्धता पर बहुत ज़्यादा ज़ोर दें तो pen, pan और
pain ये तीनों ही पेन और पैन से भिन्न हैं।

इनकी ट्राँसक्रिप्शन के अनुसार,
pen = पैन (या शायद शुद्ध रूप में पॆन)
pan = पॅन
pain = पेन

११ दिसम्बर २०११ ४:३१ अपराह्न को, Rohit Gurjar <rohit...@gmail.com> ने लिखा:

Arvind Mishra

unread,
Dec 11, 2011, 7:24:07 PM12/11/11
to शब्द चर्चा

भैया अब सामान्य बोलचाल लेखन में यह सेक्स ही है तो इसे क्यों सैक्स का
 गौरव प्रदान करने में तुले हुए हैं ....फिर तो वेश्या को वैश्या,दरोगा
को दारोगा और  धूम को धूम्र  का भी फरमान जारी हो .....
On Dec 10, 7:23 pm, Ashutosh Kumar <ashuvand...@gmail.com> wrote:
> राजपाल ने नलिनी जमीला की ''एक सैक्स वर्कर की आत्मकथा ''छापी है .सैक्स
> ठीक है या सेक्स ?

Abhay Tiwari

unread,
Dec 12, 2011, 2:09:30 AM12/12/11
to shabdc...@googlegroups.com
एक रास्ता दक्षिणभारत से भी निकलता है.. वहाँ लेट (देरी वाला) का उच्चारण लइट होता है.. इसी तर्ज़ पर इंतज़ार वाले वेट को वइट उचारा जाता है.. 

अरविन्द भाई की दलील ठीक है पर वेश्या और वैश्या दो अलग-अलग शब्द हैं। धृतराष्ट्र का पुत्र युयुत्स एक वैश्या का पुत्र था गणिका या वेश्या का नहीं।   

2011/12/12 Arvind Mishra <drar...@gmail.com>

संजय | sanjay

unread,
Dec 12, 2011, 3:17:17 AM12/12/11
to shabdc...@googlegroups.com
वेश्य बैंक है जिसे अंग्रेजी प्रभाव में वेश्या बैंक कहा जाता है :) वेश्य वेपारी होता है. वेश्या सेक्स-कर्मी. हालाकि बैंक का नाम वैश्य है या वेश्य, इसमें संशय है. 

2011/12/12 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>



--
संजय बेंगाणी | sanjay bengani
छवि मीडिया एण्ड कॉम्यूनिकेशन
ए-507, स्मिता टावर, गुरूकुल रोड़,
मेमनगर , अहमदाबाद, गुजरात. 



narayan prasad

unread,
Dec 12, 2011, 4:30:20 AM12/12/11
to shabdc...@googlegroups.com
<<वेश्य वेपारी होता है. >>

यह आप क्या कह रहे हैं ? ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र - ये चार वर्ण के बारे में बच्चों को भी मालूम होता है ।

--- नारायण प्रसाद
2011/12/12 संजय | sanjay <sanjay...@gmail.com>

संजय | sanjay

unread,
Dec 12, 2011, 4:31:17 AM12/12/11
to shabdc...@googlegroups.com
:)

2011/12/12 narayan prasad <hin...@gmail.com>

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Dec 12, 2011, 9:38:41 AM12/12/11
to shabdc...@googlegroups.com
एक रास्ता दक्षिणभारत से भी निकलता है.. वहाँ लेट (देरी वाला) का उच्चारण लइट होता है.. इसी तर्ज़ पर इंतज़ार वाले वेट को वइट उचारा जाता है.. 

वाह फिर तो यह नेटिव अंग्रेजी उच्चारण के ज्यादा करीब है। आइपीए ट्राँसक्रिप्शन के अनुसार late का नेटिव उच्चारण लेइट  तथा wait का वेइट है। :-)

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Dec 12, 2011, 9:41:54 AM12/12/11
to shabdc...@googlegroups.com
वेश्य बैंक है जिसे अंग्रेजी प्रभाव में वेश्या बैंक कहा जाता है :) वेश्य वेपारी होता है. वेश्या सेक्स-कर्मी. हालाकि बैंक का नाम वैश्य है या वेश्य, इसमें संशय है.

यह अवश्य वैश्य बैंक होगा।

वेश्या = गणिका
वैश्य = वर्ण (बनिया वाला), वैश्या इसका स्त्रीलिंग होना चाहिये हालाँकि शायद वेश्या से कन्फ्यूजन के चलते इसको लोग प्रयोग करना टालते हों।

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Dec 12, 2011, 9:43:52 AM12/12/11
to shabdc...@googlegroups.com
अरविन्द जी समस्या ही यही है कि यह सामान्य लेखन में तो सेक्स है लेकिन सामान्य बोलचाल में सेक्स नहीं। उच्चारण और लेखन में एकरूपता न होने से ही यहाँ चर्चा हो रही है।

१२ दिसम्बर २०११ ५:५४ पूर्वाह्न को, Arvind Mishra <drar...@gmail.com> ने लिखा:

Abhay Tiwari

unread,
Dec 12, 2011, 9:51:45 AM12/12/11
to shabdc...@googlegroups.com
वेइट अच्छा है.. पर वेऽट लिखा जाय तो क्या वह ठीक होगा? 

2011/12/12 ePandit | ई-पण्डित <sharma...@gmail.com>

ashutosh kumar

unread,
Dec 12, 2011, 10:56:37 AM12/12/11
to shabdc...@googlegroups.com


संतों , मैं 'सेक्स ' ही लिखूंगा , और चाहूँगा कि सभी  लिखें .  भोपाली भाई गूगल की गवाही से स्थापित कर चुके हैं कि हिंदी में 'सेक्स 'ही चलन में है.
जहां तक तलफ्फुज़ की बात है  , हो सकता है अँगरेज़ और अमरीकी सैक्स बोलते हों , लेकिन हम चाह कर भी ठीक उन की तरह नही बोल सकते. और बोले भी क्यों ? क्या वे हमारे शब्दों को हमारी तरह बोलते हैं ? वे तो हमारे व्यक्तिवाचक नाम तक बिगाड़ देते हैं. मुंबई , दिल्ली , कोलकाता को बॉम्बे ,डैल्ही  , कैल्कटा वगैरह  बना देते हैं.  जैसे वे हमारे शब्दों को अपने ही लहजे में बोलते हैं ,( और उन्हें ऐसा करने का हक है ) , वैसे ही हम भी उन के शब्दों को . और यह देशी विदेशी का मसला भी नहीं है . कोलकाता भी हम हिंदी वालों के लिए कलकत्ता ही रहेगा. अब बताइए , क्या हम मराठी ढंग से ''तिलक ''( लोकमान्य ) बोल सकते हैं ? नहीं न ? तो हम तिलक ही बोलेंगे  और लिखेंगे.
हमारे लिए वही फोनेटिक्स काम की है , जो हिंदी तलफ्फुज़ बताती हो . ग़ैरहिंदी तलफ्फुज़ जान  कर हम क्या करेंगे .वो तो उन्ही ज़बानों को सीखने में काम आयेगी.
लेकिन खूब चर्चा रही. ढेर सारी बातें जानने को मिलीं.

ePandit | ई-पण्डित

unread,
Dec 12, 2011, 10:58:20 AM12/12/11
to shabdc...@googlegroups.com
ऽ (अवग्रह) अ की ध्वनि लम्बा खींचने के लिये होता है। यहाँ भी चल सकता है, वैसे आइपीए ट्राँसक्रिप्शन को सही लिप्यन्तरित करें तो वेइट बनेगा।

१२ दिसम्बर २०११ ८:२१ अपराह्न को, Abhay Tiwari <abha...@gmail.com> ने लिखा:

अजित वडनेरकर

unread,
Dec 12, 2011, 11:07:23 AM12/12/11
to shabdc...@googlegroups.com
सन्तुलित और सटीक आशुभाई...


2011/12/12 ePandit | ई-पण्डित <sharma...@gmail.com>
ऽ (अवग्रह) अ की ध्वनि लम्बा खींचने के लिये होता है। यहाँ भी चल सकता है, वैसे आइपीए ट्राँसक्रिप्शन को सही लिप्यन्तरित करें तो वेइट बनेगा।

१२ दिसम्बर २०११ ८:२१ अपराह्न को, Abhay Tiwari <abha...@gmail.com> ने लिखा:

वेइट अच्छा है.. पर वेऽट लिखा जाय तो क्या वह ठीक होगा? 


2011/12/12 ePandit | ई-पण्डित <sharma...@gmail.com>
एक रास्ता दक्षिणभारत से भी निकलता है.. वहाँ लेट (देरी वाला) का उच्चारण लइट होता है.. इसी तर्ज़ पर इंतज़ार वाले वेट को वइट उचारा जाता है.. 

वाह फिर तो यह नेटिव अंग्रेजी उच्चारण के ज्यादा करीब है। आइपीए ट्राँसक्रिप्शन के अनुसार late का नेटिव उच्चारण लेइट  तथा wait का वेइट है। :-)

--
Shrish Benjwal Sharma (श्रीश बेंजवाल शर्मा)
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
If u can't beat them, join them.

ePandit: http://epandit.shrish.in/




--
Shrish Benjwal Sharma (श्रीश बेंजवाल शर्मा)
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
If u can't beat them, join them.

ePandit: http://epandit.shrish.in/



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Abhay Tiwari

unread,
Dec 12, 2011, 11:23:24 AM12/12/11
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जो चल रहा है उसे रोकने के लिए पराक्रम करना निरर्थक है.. आप अपने वाले को चलाइये.. जिसको पसन्द आएगा तो वो भी पुराना बदलकर नया चला लेगा। इसमें मानक की चिंता नहीं करनी चाहिये क्योंकि हिन्दी जैसी बोली जाती है वैसी ही लिखी जाने की भाषा है, क्योंकि हमारी लिपि उस की सहूलियत देती है हालांकि ऐसा हमेशा होता नहीं तभी तो ऐसी समस्याएं पैदा होती हैं। इसके अलावा ज्ञ और क्ष को लेकर जो लिपि और ध्वनि को जो भेद है वो तो है ही.. जिसमें लिखा जाता है ज्ञान और क्षोभ पर बोला जाता है ग्यान और छोभ। 

फिर भी इस चर्चा के दौरान जो बात मुझे समझ आई है वो यूँ है- 

sex, get, wet आदि शब्दों के सही उच्चारण का उचित लिप्यान्तरण सैक्स, गैट, और वैट है;
max, rat, pat आदि शब्दों के सही उच्च्चारण का उचित लिप्यान्तरण मॅक्स, रॅट और पॅट है;
late, mate, weight (और wait भी) के सही उच्चारण का उचित लिप्यान्तरण लेट, मेट, वेट है [अभी के चलन से भिन्नता बताने के लिए जिसे लइट, मइट, वइट भी लिखा जा सकता है और लेइट, मेइट औए वेइट भी] 

मुश्किल यह है कि सभी लोग तथाथित 'सही' उच्चारण ही नहीं उचारते हैं.. उस स्थिति में अलग- अलग तरह से लिखने की सम्भावना बनी रहती है। यक्ष प्रश्न अंत में यही बचता है अगर सब लोग अपने-अपने ढंग से लिखेंगे तो मानक हिन्दी का क्या?  

 

2011/12/12 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>
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अजित वडनेरकर

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Dec 12, 2011, 11:34:21 AM12/12/11
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यह भी सटीक है अभय भाई।
मानक का सवाल हर भाषा में यक्ष प्रश्न है। आदर्श राज्य की अवधारणा जैसा। जो सूक्ष्म रूप में विचारा  जा सकता है मगर जिसका स्थूल अदृष्य है।


बोलियों की मिठास देखें या मानकीकरण देखें। क्षोभ का छोभ रूप बोलियों में है। लिखत की हिन्दी में नहीं।
ध्वनि व उच्चार की बारीकियाँ विशेषज्ञों का विषय है, आमजन का नहीं। उच्चारण से ज्यादा अभिव्यक्ति ही प्रमुख है मानव समूहों में।

2011/12/12 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>
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Abhay Tiwari

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Dec 12, 2011, 11:39:11 AM12/12/11
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मुझे तो लगता है अजित भाई कि मानक वर्तनी पर अत्यधिक ज़ोर हिन्दी भाषा व लिपि की प्रकृति के विरुद्ध है। इससे भाषा की व्यञ्जना जाती रहती है। 
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अजित वडनेरकर

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Dec 12, 2011, 11:46:45 AM12/12/11
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बिल्कुल सही कहा अभय भाई आपने। मेरा भी यही मत है।
हमारी बोलियाँ और लोकअभिव्यक्ति की सुरक्षा को मानकीकरण से पहले ही काफी नुकसान हो चुका है।
हिन्दी की सिमटती अर्थवत्ता के मूल में मानकीकरण का आग्रह ही है। बोलियों के ज़रिये जो प्राणवायु हिन्दी को मिलती थी, वह धीरे धीरे खत्म होती चली गई।
ड्रिप इरीगेशन जैसी बून्दों पर आश्रित कोई व्यवस्था भी भाषासिंचन में नहीं है।

नीरस भाषा लेकर क्या करेंगे, अत्यधिक चिह्नांकित लिपियों के ज़रिये हम अभिव्यक्ति देंगे या समाज में खीझ पैदा करेंगे...ये तमाम विचारणीय बिन्दु हैं जिनसे हम रोज़ाना ही दो-चार होते हैं।

2011/12/12 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>
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ई-स्वामी

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Dec 12, 2011, 2:04:34 PM12/12/11
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यारो/भाई/बंधुओं, 
ये तो हम सब जानते हैं 
रफ़ी साहब गाते हैं 
"बोहोत शुकरिया बडी मेहरबानी मेरी ज़िंदगी में हुज़ूर आप आए" 
हिन्दी में लिखेंगे 
"बहुत शुक्रिया बडी मेहरबानी ..."
यह तो कई शब्दों पर लागू है ... सहज और व्यव्हारिक अभिव्यक्ति की अपनी अहमियत और फ़ील होती ही है - लेकिन यहां हमे अपने शब्दों का पता है. 
अजीत जी की ही तरह मैं (तीसरी दफ़ा) याद दिलवाना चाहता हूं कि जब हमें अपनी भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों का उच्चारण बताना होता है तो दो वजहों से कठिनाई होती है - 
एक हमें खुद सटीक/मानक चिह्नों का पता नही होता दूसरे यदी हम उन्हें ढूंढ-ढांढ के प्रयोग कर भी लें तो भी डर बना रहता है कि पाठक पर गाज गिर पडेगी. और लैटिन हिज्जे वालों से अलबत्ता हमें सीख लेनी चाहिए कि उनके पास ज्यादा प्रायोगिक/प्रयुक्त तरीके तो हैं- जैसा श्रीश[ई-पंडित] नें "फ़ोनेटिक ..." वाले सूत्र में जोडा. बस इतनी सी बात है कि व्यव्हारिक तंग-दस्ती का आलम ना लगे, वक्ते-जरूरत तो बंदा थोडा सहज हो कर चिह्न/मानक लगा सके.   


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