इयात

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Rangnath

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May 1, 2013, 2:37:35 PM5/1/13
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'शमशेर' किस को ढूँढ़ रहे हो हयात में
बेजान-सी इयात अकेली है, और मैं !

शमशेर बहादुर सिंह के इस शे'र में इयात का क्‍या अर्थ है ?

Abhay Tiwari

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May 1, 2013, 10:52:24 PM5/1/13
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भाई, ये शब्द मेरी नज़र से पहले नहीं गुज़रा.. मेरे पास उपलब्ध कोशो में भी नहीं है.. 

डा० बोधिसत्व जिन्होने एक पत्रिका का शमशेर अंक सम्पादित किया है, ध्यान दें! 

दिल्ली वि०वि० में हिन्दी भाषा के प्राध्यापक डा० आशुतोष, सहायता करें! 


2013/5/2 Rangnath <rangna...@gmail.com>
'शमशेर' किस को ढूँढ़ रहे हो हयात में
बेजान-सी इयात अकेली है, और मैं !

शमशेर बहादुर सिंह के इस शे'र में इयात का क्‍या अर्थ है ?

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Rangnath Singh

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May 1, 2013, 11:58:01 PM5/1/13
to शब्द चर्चा
अभय जी, मैंने भी इसका अर्थ जानने का काफी प्रयास किया है। 


2013/5/2 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

Bodhi Sattva

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May 2, 2013, 8:46:01 AM5/2/13
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मेरे गाँव में  खास कर मुसलमान बच्चे इसे याद के स्थान पर इस्तेमाल करते रहे हैं। इयाद या इयात नाहीं बा जैसा वाक्य पद बनाते  हैं वे। शमशेर जी के शेर में  इयात का ऐसा ही संदर्भ दिख रहा है मुझे। आशुतोष जी क्या मैं गलत कह रहा हूँ।    


2013/5/2 Rangnath Singh <rangna...@gmail.com>



--
Dr. Bodhisatva, mumbai
0-9820212573

Anil Janvijay

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May 2, 2013, 9:02:08 AM5/2/13
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बोधिसत्त्व जी ने जो अनुमान लगाया है,  मैंने सवेरे ही वह अनुमान लगाया था। लेकिन वह मुझे जँचा नहीं। मुझे लगता है कि यहाँ छापे की ग़लती हुई है और यह शब्द 'हयात' ही होना चाहिए। 

2013/5/2 Bodhi Sattva <abo...@gmail.com>



--
anil janvijay
कृपया हमारी ये वेबसाइट देखें
www.rachnakosh.com

Moscow, Russia
+7 916 611 48 64 ( mobile)

sudhansu firdaus

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May 2, 2013, 9:37:00 AM5/2/13
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रुबा'इयात से कुछ हो सकता है यहाँ भी यही ध्वनी है 


2013/5/2 Anil Janvijay <anilja...@gmail.com>

ashutosh kumar

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May 2, 2013, 10:26:15 AM5/2/13
to शब्द चर्चा
इयात जैसा जैसा कोई शब्द नहीं है . अनिल जी  से सहमत हूँ कि इस शेर में दुबारा भी हयात लफ्ज़ ही इस्तेमाल हुआ है . 


2013/5/2 sudhansu firdaus <sudhans...@gmail.com>

अजित वडनेरकर

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May 2, 2013, 10:55:27 AM5/2/13
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हम भी इसे सुबह से इसे हयात ही समझ रहे थे.


2013/5/2 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com>



--


अजित

http://shabdavali.blogspot.com/
औरंगाबाद/भोपाल, 07507777230


  

Rangnath Singh

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May 2, 2013, 2:12:43 PM5/2/13
to शब्द चर्चा
मुझे एक मित्र से यह जानकारी मिली है कि वैसे इयात का कभी-कभी याद के संदर्भ में प्रयोग होता है लेकिन इस शे'र में इयात का अर्थ जिंदगी है। ऐसा प्रयोग दक्खिनी उर्दू में होता है। 

आशुतोष जी, कह रहे हैं कि यह छापे की गलती है तो इसकी भी जांच करनी चाहिए। मैंने कविता कोश के पाठ के आधार पर यह प्रश्‍न पूछा था। 


2013/5/2 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>

Bodhi Sattva

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May 2, 2013, 4:43:58 PM5/2/13
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अनिल भाई, मैंने अनुमान नहीं लगाया है। लोक वाणी में तमाम किताबी शब्द कहाँ से कहाँ तक खिसक जाते हैं। 
दक्खिनी हिंदी में क्या इस शब्द का प्रयोग सीधे-सीध हुआ है। प्रूफ की गलती होना असम्भव नहीं है। 

abo...@gmail.com

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May 3, 2013, 2:39:24 AM5/3/13
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Is kavyansh kaa mool kahaan se hai. Ise paath bhool maan kar rah jaanaa bhi theek naheen. Vaise yaat ke maane hotaa hai niraashaa, yahaan yaat kaa kavy prayog iyaat ke roop men shamsher ji ne kiyaa ho, yah bhi ho saktaa hai.
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From: Bodhi Sattva <abo...@gmail.com>
Date: Fri, 3 May 2013 02:13:58 +0530
Subject: Re: [शब्द चर्चा] इयात

Abhay Tiwari

unread,
May 3, 2013, 2:46:29 AM5/3/13
to shabdc...@googlegroups.com
पहले ये तय करें कि ये शुद्ध पाठ है या नहीं.. अगर पाठ ही अशुद्ध है तो बाक़ी बातें बेमानी हो जाती हैं.. 

अगर हो सके तो रंगनाथ इस शएर की ग़ज़ल का संदर्भ दें..  


2013/5/3 Bodhi Sattva <abo...@gmail.com>

Rangnath Singh

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May 3, 2013, 3:42:43 AM5/3/13
to शब्द चर्चा
अभय जी, आप ठीक कह रहे हैं, जब तक कि इस शे'र के मूल पाठ पर एकराय नहीं बन जाती तब तक यह चर्चा अनुचित है।

मुझसे किसी ने इस शेर का माने पूछा। मैंने कविता कोश पर जाकर देखा तो गजल का यही पाठ उपलब्ध था। इंटरनेट पर एकाध ब्लाग पर भी यही पाठ था।

बोधी जी, मैंने सिर्फ वहीं कहा है जो हमारे मित्र ने कहा। इयात का याद के संदर्भ में प्रयोग की पुष्टि तो आपने कर ही दी है। दक्खिनी उर्दू का मामला फिलहाल मुल्तवी कर देते हैं। जब इस शेर के मूल पाठ पर एक राय बन जाएगी तब दक्खिनी उर्दू की खोज करने की कोशिश की जाएगी।


2013/5/3 Bodhi Sattva <abo...@gmail.com>
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