राज मिस्त्री

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Sandeep kumar

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Aug 20, 2012, 8:57:46 AM8/20/12
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राज मिस्त्री को राज मिस्त्री ही क्यो कहते हैं?

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Sandeep

Abhay Tiwari

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Aug 20, 2012, 9:09:35 AM8/20/12
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जिस तरह राज वैद्य और राज नर्तकी होता है, शायद उसी तरह राज मिस्त्री भी हो.. वैसे भी पहले गरीब लोग अपने घर स्वयं ही बनाया करते थे.. महलों आदि के लिए ही कारीगर की आवश्यक्ता होती थी.. या इसका सम्बन्ध सम्मान से भी जुड़ा हो सकता है.. जैसे सिपाही को सम्मान देने के लिए लोग हवलदार या दीवान जी कहने लगते हैं.. 

वैसे अब तो 'राज मिस्त्री' के स्थान पर लोग बहुधा 'राज' ही कहते हैं.. और मित्र अपना मत देंगे! 

2012/8/20 Sandeep kumar <aboutsa...@gmail.com>

हंसराज सुज्ञ

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Aug 20, 2012, 9:22:42 AM8/20/12
to शब्द चर्चा
राजाओं की विशेष पसंद या न्युक्ति के कारण मिस्त्री आदि को यह पदवी दी जाती थी।
राजवैद्य, राजपुरोहित, आदि की तरह……
यह स्थान प्राप्त करने वाले अपने लिए इसे बडा सम्मान मानते थे।
अब न राजा है न वो राज, किन्तु वह श्रेष्ठता बोध अपनी जाति के साथ ढो रहे है।
यह राजमिस्त्री शब्द नया प्रतीत होता है पुराने समय में शायद राजशिल्पी या राजसूत्रकार कहा जाता था।


 सविनय,
हंसराज "सुज्ञ"

&#2360;&#2369;&#2332;&#2381;&#2334;


Date: Mon, 20 Aug 2012 18:27:46 +0530
Subject: [शब्द चर्चा] राज मिस्त्री
From: aboutsa...@gmail.com
To: shabdc...@googlegroups.com

Anil Janvijay

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Aug 20, 2012, 11:22:15 AM8/20/12
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मेरा अनुमान है कि शायद यह राजेह मिहतरी था। राजेह का मतलब फ़ारसी में मुख्य, प्रधान, श्रेष्ठ, बेहतर, उत्तम होता है। इसलिए मुख्य मिस्त्री को ही राजेह मिहतरी कहा जाता था जो कालांतर में बदलकर राज मिस्त्री हो गया।   

2012/8/20 हंसराज सुज्ञ <hansra...@msn.com>



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अजित वडनेरकर

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Aug 21, 2012, 2:28:02 AM8/21/12
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राजमिस्त्री शब्द का शासन के प्रमुख कारीगर जैसे पद से लेना देना था, ऐसा लगता नहीं । राज शब्द में विशिष्ट, कुशल, खास, प्रमुख या मुख्य जैसा भाव भी है । इसका अर्थ कुशल कारीगर से है जो काम समझे, योजना बनाए और काम सम्पन्न कराए । विभिन्न कोशों में इसे मास्टर मैसन कहा गया है । मिस्त्री या मिस्तरी शब्द अंग्रेजी के मास्टर से बना है और औपनिवेशिक काल की देन है जब पारम्परिक राज व्यवस्था का खात्मा हो रहा था । ऐसे में राज शब्द का राज्याश्रित पद से रिश्ता नहीं जुड़ता । आप्टे के संस्कृत हिन्दी कोश के विशिष्ट संस्करण का नाम राज-संस्करण है । इसका अर्थ विशिष्ट-संस्करण ही है । राजगीर और राजमिस्त्री एक ही हैं । राजा के यहाँ एक ही काम के लिए दो पद या दो लोगों का क्या काम ? ज़ाहिर है पश्चिमी पद्धती के भवन निर्माण काम के सम्बंध में राजमिस्त्री शब्द बाद में प्रचलित हुआ, पहले राजगीर रहा होगा । राजगीर यानी मुख्य कारीगर वह कोई भी हो सकता है अर्थात बढ़ई या शिल्पकार भी । विशिष्ट अर्थों में तो राजमिस्त्री पत्थरों और निर्माण सामग्री की नापजोख के साथ संगतराशी के हुनर में माहिर होता था । आज से दो सदी पहले तक चाहे मुगल शैली हो या गॉथिक शैली, भवन निर्माण में मूलतः बड़े पत्थरों की कटाई और चिनाई का काम ही महत्वपूर्ण था और इसमें ही कुशल प्रवीण लोगों की ज़रूरत होती थी । ऐसा मिस्त्री जो खुद भी काम करना जानता है और दूसरों से करवाना भी । जो अपने साथ दो-चार सहायक भी रखता है । इस तरह उस्ताद के दर्जे पर पहुँचे हुए मिस्त्री को राजमिस्त्री का नाम मिला । राजमिस्त्री यानी संगतराशी के हुनर का उस्ताद ।  ( -सफ़र के "उस्ताद" शब्द पर लिखे आलेख का अँश)


2012/8/20 Anil Janvijay <anilja...@gmail.com>



--


अजित

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औरंगाबाद/भोपाल, 07507777230


  


Sandeep kumar

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Aug 21, 2012, 3:12:18 AM8/21/12
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अजित सर शुक्रिया, शंका का पूर्ण समाधान हुआ. बाकी साथियों का भी आभार.

2012/8/21 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>



--
Sandeep

अजित वडनेरकर

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Aug 21, 2012, 7:05:08 AM8/21/12
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प्रसंगवश
मराठी, तेलुगू और कन्नड़ में राजबिंडा या इसी अर्थ में हिन्दी के राजदुलारा शब्द पर पर गौर करें । यहाँ राज शब्द विशेषण है और प्रमुख, खास, विशिष्ट वाला भाव इसमें है न कि राजकीय सम्बन्धी राजदुलारा यानी विशेष प्यारा, सबसे लाड़ला आदि ।



2012/8/21 Sandeep kumar <aboutsa...@gmail.com>

अजित वडनेरकर

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Aug 21, 2012, 7:07:35 AM8/21/12
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"न कि राजकीय सम्बन्धी ।"
(कृपया पिछले वाक्य में "सम्बन्धी" के बाद पूर्णविराम के साथ पढ़े, अन्यथा वाक्य उलझन पैदा करेगा । )

हंसराज सुज्ञ

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Aug 21, 2012, 7:47:53 AM8/21/12
to शब्द चर्चा
अजित जी,
शायद राज शब्द का अर्थ ही प्रधान, मुख्य व प्रमुख है।
राजा में राज्य के प्रधान मुखिया या प्रमुख का भाव है।
यही विशेषण अन्यत्र समूह प्रधान वाची हो? (राजमिस्त्री)
गुण प्रधान वाची भी हो? (राजदुलारा)
और सम्बंध वाची भी हो। (राजवैद्य)
अर्थात् भाव के अनुसार अर्थ।

अजित वडनेरकर

unread,
Aug 21, 2012, 8:17:11 AM8/21/12
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राज में उक्त भाव तो है ही मगर "राज" का रूढ़ार्थ "राजा"," शासक",  "राज्य", और "शासन" सम्बन्धी संदर्भों से जुड़ता है । इसलिए यहाँ स्पष्ट किया कि "राज" उपसर्ग का आशय हमेशा "राज्य का" या "राज्य सम्बन्धी" नहीं होता । हिन्दी शब्दसागर में भी "राज" प्रविष्टि के अन्तर्गत  "कोई श्रेष्ठ वस्तु । किसी वर्ग की सर्वश्रेष्ठ वस्तु " जैसे आशय के साथ इसी राज का रिश्ता "राजगीर"  ( प्रकारान्तर से "राजमिस्त्री" ) से जोड़ा गया है ।


2012/8/21 हंसराज सुज्ञ <hansra...@msn.com>

Baljit Basi

unread,
Aug 21, 2012, 8:44:26 AM8/21/12
to शब्द चर्चा
फारसी में राज के लिए राज़ शब्द है. बेशक यह भी आगे राज से ही संबधित
होगा .फारसी में राज़दार का मतलब भी यही राज है. इस लिए यह फारसी से ही
आया होगा. मिस्त्री पुर्तगाली *मेस्त्रे से आया है जिस में इसका यही
अर्थ है. यह अंग्रेजी मास्टर और हमारे महिता का ही सुजाति है.
बलजीत बासी

On 21 अग, 07:47, हंसराज सुज्ञ <hansrajsu...@msn.com> wrote:
> अजित जी,
> शायद राज शब्द का अर्थ ही प्रधान, मुख्य व प्रमुख है।
> राजा में राज्य के प्रधान मुखिया या प्रमुख का भाव है।
> यही विशेषण अन्यत्र समूह प्रधान वाची हो? (राजमिस्त्री)
> गुण प्रधान वाची भी हो? (राजदुलारा)

> और सम्बंध वाची भी हो। (राजवैद्य)अर्थात् भाव के अनुसार अर्थ।

अजित वडनेरकर

unread,
Aug 21, 2012, 9:59:55 AM8/21/12
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बलजीत भाई,
कुछ गड़बड़ है । फ़ारसी का राज़ संस्कृत के रहस् का समतुल्य है जिससे रहस्य बना है ।
राज़ में भी भेद , रहस्य का भाव है । राज़दार, हमराज़ यानी जो भेद जानता हो ।
दो साल पहले इस पर आलेख लिखा जा चुका है ।
रासलीला और रहस का रहस्य



  


Anil Janvijay

unread,
Aug 21, 2012, 11:49:19 AM8/21/12
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फ़ारसी में राजेह है। मैं पहले ही लिख चुका हूँ।

2012/8/21 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>
बलजीत भाई,

अजित वडनेरकर

unread,
Aug 21, 2012, 12:20:27 PM8/21/12
to shabdc...@googlegroups.com
अनिल भाई,
माफी चाहूँगा । आपकी पहली प्रविष्टि पर प्रतिक्रिया नहीं दे सका था । मेरा आशय बलजीत भाई के कहे की ओर ध्यान दिलाना था । नुक्ते वाले ज़ युक्त राज़ की गड़बड़ी की ओर । राजेह के बारे में आपने जो सम्भावना जताई थी वो भी सही है । खास, प्रमुख के अर्थ में फ़ारसी में राजेह् शब्द भी मिलता है जिसका अर्थ प्रमुख, खास, विशेष ही है । अलबत्ता राजेह मिहतरी जैसी कोई टर्म मुझे नज़र नहीं आई ।  मिहतरी महत्तर के अर्थ वाला है अर्थात यहाँ भी प्रमुख, खास जैसी अर्थवत्ता स्थापित होती है । यहाँ मिस्त्री का रूपान्तर मिहतरी नहीं है । हालाँकि दिलचस्प यह कि फ़ारसी में स का ह आसानी से होता है । मगर मिस्तरी या मिस्त्री में कारीगर की अर्थवत्ता का मूल पुर्तगाली मेस्त्रा है । बाकी मिहतरी, महत्तर, मेस्त्रो, मास्टर या मिस्त्री सभी एक ही मूल के हैं ।


2012/8/21 Anil Janvijay <anilja...@gmail.com>

Abhay Tiwari

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Aug 21, 2012, 1:29:30 PM8/21/12
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राज का पहला अर्थ है चमकना, शानदार दिखना। इसी भाव से प्रमुख होने का अर्थ बनता है.. (सन्दर्भ- आप्टे कोष)

Anil Janvijay

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Aug 21, 2012, 1:40:37 PM8/21/12
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अजित भाई, मैं आपके विश्लेषण से सहमत हूँ।

2012/8/21 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

राज का पहला अर्थ है चमकना, शानदार दिखना। इसी भाव से प्रमुख होने का अर्थ बनता है.. (सन्दर्भ- आप्टे कोष)

अजित वडनेरकर

unread,
Aug 21, 2012, 1:44:52 PM8/21/12
to shabdc...@googlegroups.com
बिलकुल सही है । प्राकृतिक संकेत ही प्रारम्भिक शब्दावली निर्माण का आधार रहे हैं ।
राज में निहित प्रमुख वाला भाव ही 'राजमिस्त्री' में है । उसमें 'मुख्य राजकीय' अथवा 'प्रमुख सरकारी' जैसा आशय नहीं है ।

2012/8/21 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>
राज का पहला अर्थ है चमकना, शानदार दिखना। इसी भाव से प्रमुख होने का अर्थ बनता है.. (सन्दर्भ- आप्टे कोष)


Baljit Basi

unread,
Aug 21, 2012, 2:22:21 PM8/21/12
to शब्द चर्चा
राज़ के भेद वाले अर्थों का तो मुझे ज्ञान है. मेरी जानकारी का आधार
प्लेट्स और स्टेनगेस के कोष हैं. प्लेट्स के अनुसार :
P راز rāz, s.m. A builder, mason, bricklayer (=rāj, q.v.).
और स्टेनगेस राज़ को अरबी से आया मानता है:
A راز rāz, An architect, master-builder.
यह भी देखें:
راز دار rāz-dār, Trusty, faithful, who keeps a secret; a mason.
Hobsan-Jobsan भी राज को फारसी राज़ से आया मानता है. देखिये mistry
प्रविष्टि के अधीन:
rāj-mistrī (properly Pers. rāz), 'a mason or bricklayer ....
कुछ गड़बड़ तो ज़रूर है, सुलझानी चाहिए.
बलजीत बासी


On 21 अग, 13:44, अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com> wrote:
> बिलकुल सही है । प्राकृतिक संकेत ही प्रारम्भिक शब्दावली निर्माण का आधार रहे
> हैं ।

> *राज* में निहित *प्रमुख* वाला भाव ही *'राजमिस्त्री'* में है । उसमें *'मुख्य
> राजकीय'* अथवा *'प्रमुख सरकारी*' जैसा आशय नहीं है ।
>
> 2012/8/21 Abhay Tiwari <abhay...@gmail.com>


>
> > राज का पहला अर्थ है चमकना, शानदार दिखना। इसी भाव से प्रमुख होने का अर्थ
> > बनता है.. (सन्दर्भ- आप्टे कोष)
>
> --
>

> *
> अजित*http://shabdavali.blogspot.com/

अजित वडनेरकर

unread,
Aug 21, 2012, 2:58:29 PM8/21/12
to shabdc...@googlegroups.com
बलजीत भाई,
प्लैट्स की प्रविष्टी को गौर से देखें ।
यह उच्चारण भिन्नता का मामला है और कुछ नहीं । प्लैट्स इस प्रविष्टी में Quod Vide क्वोद वीदे के ज़रिये स्पष्ट संकेत कर रहे हैं कि सही रूप और उच्चारण राज rā है न कि राज़ rāz . यह सम्भव ही नहीं है कि राज और राज़ की व्युत्पत्ति अलग अलग हो, दोनों के अर्थ अलग हों किन्तु किसी एक की अर्थवत्ता दूसरे के साथ भी चस्पा हो जाए । ऐसा सिर्फ़ उच्चारण दोष के रूढ़ हो जाने की वजह से होता है और इसीलिए सही रूप का हवाला देना पड़ता है । हिन्दी शब्दकोशों में भी किसी शब्द के एकाधिक रूपों को शामिल करते हुए  'देखे' ज़रिए सही रूप तक पहुँचाया जाता है ।

सादर
अजित





Abhay Tiwari

unread,
Aug 21, 2012, 4:02:40 PM8/21/12
to shabdc...@googlegroups.com
बलजीत जी, मेरे पास जो फ़ारसी कोष है न तो उसमें, न मद्दाह में, न ऑनलाइन फ़ारसी कोष में और ही गूगल ट्रांसलेट में राज/ राज़ का अर्थ मेसन मिल रहा है.. जो भी गड़बड़ी दिख रही है, मालूम देता है कि फ़िरंगियों की करी-धरी है.. 

अजित वडनेरकर

unread,
Aug 21, 2012, 4:30:09 PM8/21/12
to shabdc...@googlegroups.com
अभय भाई,
प्लैट्स और स्टैंगस राजगीर शब्द के संक्षिप्त रूप 'राज' से भ्रमित हुए हैं जिसका चलन भी राजगीर की तर्ज़ पर राजमिस्त्री के अर्थ में हिन्दुस्तानी में डेढ़ दशक पहले होने लगा था । इसका हवाला कोशों में मिलता है । सिर्फ़ राज शब्द में मुख्य कारीगर की अर्थवत्ता का संकेत आपने भी किया है । पश्चिमोत्तर प्रान्तों में इसके उच्चारण में नुक़ता लगा होगा । जैसा हरियाणवी लोग साहबज़ी में भी लगाते हैं । प्लैट्स ने इतना तो किया है कि प्रमुख, विशिष्ट के अर्थ में राज़ की बजाय राज को (rāj, q.v.) प्रमुखता दी है । इस राज का अर्थ ही उन्होंने मैसन भी बताया है जो सम्भवतः राजगीर का प्रचलित संक्षिप्त रूप रहा होगा ।

2012/8/22 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

बलजीत जी, मेरे पास जो फ़ारसी कोष है न तो उसमें, न मद्दाह में, न ऑनलाइन फ़ारसी कोष में और ही गूगल ट्रांसलेट में राज/ राज़ का अर्थ मेसन मिल रहा है.. जो भी गड़बड़ी दिख रही है, मालूम देता है कि फ़िरंगियों की करी-धरी है.. 



--


अजित

http://shabdavali.blogspot.com/
औरंगाबाद/भोपाल, 07507777230


  


Baljit Basi

unread,
Aug 23, 2012, 11:55:07 AM8/23/12
to शब्द चर्चा
बहुत से फारसी, उर्दू और अरबी कोष मैंने भी देखे हैं , उनमें राज़ शब्द
नहीं मिलता. अभय जी की बात सही लगती है, यह फिरंगियों की की हुई गड़बड़ी
हो सकती है. वैसे फिरंगियों की भारतीय कोषकारी प्रति बहुत देन है. उनके
पास बहुत साधन थे, बेशुमार लोग उन कोषकारों के सहायक थे. अब कंप्यूटर और
इन्टरनेट के युग में हमारे पास भी बहुत सुविधा हो गई है. वैसे कश्मीरी
भाषा में भी राज को राज़ कहा जाता है. चलिए इस बहाने कुछ और बातें सामने
आईं.
बलजीत बासी

On 21 अग, 16:30, अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com> wrote:
> अभय भाई,

> प्लैट्स और स्टैंगस राजगीर शब्द के संक्षिप्त रूप* 'राज'* से भ्रमित हुए हैं
> जिसका चलन भी *राजगीर *की तर्ज़ पर *राजमिस्त्री* के अर्थ में हिन्दुस्तानी


> में डेढ़ दशक पहले होने लगा था । इसका हवाला कोशों में मिलता है । सिर्फ़

> *राज*शब्द में मुख्य कारीगर की अर्थवत्ता का संकेत आपने भी किया है ।


> पश्चिमोत्तर

> प्रान्तों में इसके उच्चारण में नुक़ता लगा होगा । जैसा हरियाणवी लोग*
> साहबज़ी*में भी लगाते हैं । प्लैट्स ने इतना तो किया है कि प्रमुख,


> विशिष्ट के अर्थ

> में *राज़* की बजाय *राज* को (rāj, q.v.) प्रमुखता दी है । इस *राज* का अर्थ
> ही उन्होंने *मैसन* भी बताया है जो सम्भवतः *राजगीर* का प्रचलित संक्षिप्त रूप
> रहा होगा ।
>
> 2012/8/22 Abhay Tiwari <abhay...@gmail.com>


>
> > बलजीत जी, मेरे पास जो फ़ारसी कोष है न तो उसमें, न मद्दाह में, न ऑनलाइन
> > फ़ारसी कोष में और ही गूगल ट्रांसलेट में राज/ राज़ का अर्थ मेसन मिल रहा है..
> > जो भी गड़बड़ी दिख रही है, मालूम देता है कि फ़िरंगियों की करी-धरी है..
>
> --
>

> *
> अजित*http://shabdavali.blogspot.com/

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