अभयजी भी ठीक कह रहे हैं. अधिकारी शब्द तो इसलिए उपयु्क्त नहीं क्योंकि प्रत्येक अधिकारी employer नहीं होता.
किंतु मालिक वाली बात सही है. चूंकि मालिक शब्द दास प्रथा की ओर इंगित करता है, अतः इस शब्द की अपेक्षा नियोक्ता
या नियोजक का उपयोग किया जाता है. वैसे आप चाहें तो किसी भी सरकारी या गैर सरकारी विभागोंयकंपनियों के आचरण
एवं अनुशासन नियम पढ़ेंगे तो उनके आरंभ में ही लिखा मिलेगा कि कर्मचारी का नियोक्ता के साथ मालिक/स्वामी और सेवक
का रिश्ता होगा. इसीलिए कर्मचारी को (सरकारी) पब्लिक सर्वेंट कहा जाता है.