इमोशनल इंटेलिजेंस

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अभय तिवारी

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Dec 8, 2010, 8:20:58 AM12/8/10
to शब्द चर्चा
एक मित्र ने emotional intelligence का हिन्दी समान्तर शब्द पूछा है।
मेरा उत्तर उन्हे था- भावनात्मकबुद्धि। उनकी राय में ये काफ़ी कुछ
अनुवाद सा है; क्या कोई ऐसा शब्द मुमकिन है जो अनुवाद न हो मगर भाव
स्पष्ट हो। जैसा कि इमोशनली इंटेलीजेंट लोग कर लेते हैं। :)

बाद में सोचने पर मैंने दो पद और सोचे- भावबुद्धि व भावबोध। आप भी बताएं!

lalit sati

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Dec 8, 2010, 8:32:12 AM12/8/10
to shabdc...@googlegroups.com
भावबोध अच्छा है। भाव प्रज्ञा या भावात्मक प्रज्ञा पर भी विचार करें।

2010/12/8 अभय तिवारी <abha...@gmail.com>

अजित वडनेरकर

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Dec 8, 2010, 8:41:36 AM12/8/10
to shabdc...@googlegroups.com
भावबुद्धि-भावबोध दोनों ही सही हैं।
भावबोध का प्रयोग तो मैं बोलचाल में भी करता हूं।

2010/12/8 lalit sati <lalit...@gmail.com>



--
शुभकामनाओं सहित
अजित
http://shabdavali.blogspot.com/

anil janvijay

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Dec 8, 2010, 10:24:08 AM12/8/10
to shabdc...@googlegroups.com
भावबोध ही उचित है। मैं भी इस शब्द उपयोग प्रायः करता हूँ।
 
===============
2010/12/8 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>



--
anil janvijay
कृपया हमारी ये वेबसाइट देखें
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ashutosh kumar

unread,
Dec 8, 2010, 12:57:52 PM12/8/10
to shabdc...@googlegroups.com


आम तौर  पर हिंदीवाले  जब भावबोध कहते हैं तो उन का मतबल  किसी रचना की केन्द्रीय संवेदना और विचार से होता है. EI शायद किसी व्यक्ति की भावनात्मक बुद्धिमत्ता को कहते हैं.  

अजित वडनेरकर

unread,
Dec 8, 2010, 4:13:38 PM12/8/10
to shabdc...@googlegroups.com
मराठी में हम भावनात्मक बुद्धिमत्ता वाला अभिप्राय ही रखते हैं और हिन्दी में काफ़ी हद तक वही बात है जो आप कह रहे हैं आशु भाई।

2010/12/8 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com>



आम तौर  पर हिंदीवाले  जब भावबोध कहते हैं तो उन का मतबल  किसी रचना की केन्द्रीय संवेदना और विचार से होता है. EI शायद किसी व्यक्ति की भावनात्मक बुद्धिमत्ता को कहते हैं.  

Abhay Tiwari

unread,
Dec 9, 2010, 3:24:18 AM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
अगर भावबोध पहले से ही चलन में है तो भावनाबोध पर नक्की किया जाय?

ravikant

unread,
Dec 9, 2010, 3:37:19 AM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
मुझे भावबुद्धि ज़्यादा सही लग रहा है, शक सिर्फ़ ये है कि यह शब्द संदर्भ से ही स्पष्ट
होगा, और चलन से ही चलेगा। भावनात्मक बुद्धिमत्ता में तर्जुमाई की गंध है, इसलिए वह
दुभाषियों के लिए फ़ौरन पकड़ में आने लायक़ है।

रविकान्त

Abhay Tiwari wrote:
> अगर भावबोध पहले से ही चलन में है तो भावनाबोध पर नक्की किया जाय?
>
> ----- Original Message -----

> *From:* अजित वडनेरकर <mailto:wadnerk...@gmail.com>
> *To:* shabdc...@googlegroups.com
> <mailto:shabdc...@googlegroups.com>
> *Sent:* Thursday, December 09, 2010 2:43 AM
> *Subject:* Re: [शब्द चर्चा] इमोशनल इंटेलिजेंस


>
> मराठी में हम भावनात्मक बुद्धिमत्ता वाला अभिप्राय ही रखते हैं और हिन्दी में काफ़ी
> हद तक वही बात है जो आप कह रहे हैं आशु भाई।
>
> 2010/12/8 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com

> <mailto:ashuv...@gmail.com>>
>
>
>
> आम तौर पर हिंदीवाले जब भावबोध कहते हैं तो उन का /मतबल/ किसी रचना


> की केन्द्रीय संवेदना और विचार से होता है. EI शायद किसी व्यक्ति की
> भावनात्मक बुद्धिमत्ता को कहते हैं.
>
>
>
>
> --
> शुभकामनाओं सहित

> *अजित*
> http://shabdavali.blogspot.com/
>

Pritish Barahath

unread,
Dec 9, 2010, 7:05:15 AM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
भावुक-बुद्धि भी चल सकता है क्या ? इन्टेलीजैंस के लिये इसे भावुक-बुद्धिमत्ता करलें  

2010/12/9 ravikant <ravi...@sarai.net>



--
Pritish Barahath
Jaipur

Pritish Barahath

unread,
Dec 9, 2010, 7:08:37 AM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
वैसे यहां आया इमोशनल शब्द  बुद्धि की कैटगरी है या विशेषण ?

2010/12/9 Pritish Barahath <priti...@gmail.com>



--
Pritish Barahath
Jaipur

anil janvijay

unread,
Dec 9, 2010, 1:31:53 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
क्या भाव बोध का मतलब भी वही नहीं है जो भावना बोध का है? इसमें फ़र्क कहाँ पर है? क्या किसी पराई भाषा में आने वाले शब्दों का अपनी भाषा में शाब्दिक अनुवाद करना ज़रूरी होता है? हिन्दी की महान आलोचक निर्मला जैन का एक ऐसा ही अनुवाद 'वाणी प्रकाशन' से प्रकाशित हुआ था। मैंने उस अनुवाद को देखा और पढ़ा तो सिर पीट लिया। भाषा विज्ञान की उस पूरी किताब में जो भाषा है, वह सिर्फ़ तथाकथित विद्वानों की ही समझ में आ सकती है। ज़बरदस्ती शब्द बनाकर असहज भाषा में सहज और सरल बातों को भी कहना और समझाना ज़रूरी तो नहीं। किसी रचना की केन्द्रीय संवेदना का मतलब क्या उसकी भावना से ही नहीं है? उस रचना में अभिव्यक्त विचार का मतलब क्या उस में अभिव्यक्त बौद्धिक-विचार से ही नहीं है? फिर विरोधाभास कहाँ है? भावबोध  शब्द का उपयोग emotional intelligence के लिए क्यों नहीं हो सकता है? संतो ! इस  नादान को ज्ञान दें कुछ । बेहद आभारी रहूँगा। 

2010/12/9 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

anil janvijay

unread,
Dec 9, 2010, 1:33:37 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
क्या भाव बोध का मतलब भी वही नहीं है जो भावना बोध का है? इसमें फ़र्क कहाँ पर है? क्या किसी पराई भाषा में आने वाले शब्दों का अपनी भाषा में शाब्दिक अनुवाद करना ज़रूरी होता है? हिन्दी की महान आलोचक निर्मला जैन का एक ऐसा ही अनुवाद 'वाणी प्रकाशन' से प्रकाशित हुआ था। मैंने उस अनुवाद को देखा और पढ़ा तो सिर पीट लिया। भाषा विज्ञान की उस पूरी किताब में जो भाषा है, वह सिर्फ़ तथाकथित विद्वानों की ही समझ में आ सकती है। ज़बरदस्ती शब्द बनाकर असहज भाषा में सहज और सरल बातों को भी कहना और समझाना ज़रूरी तो नहीं। किसी रचना की केन्द्रीय संवेदना का मतलब क्या उसकी भावना से ही नहीं है? उस रचना में अभिव्यक्त विचार का मतलब क्या उस में अभिव्यक्त बौद्धिक-विचार से ही नहीं है? फिर विरोधाभास कहाँ है? भावबोध  शब्द का उपयोग emotional intelligence के लिए क्यों नहीं हो सकता है? संतो ! इस  नादान को ज्ञान दें कुछ । बेहद आभारी रहूँगा।

2010/12/9 Pritish Barahath <priti...@gmail.com>

Anand D

unread,
Dec 9, 2010, 9:42:32 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
भाव बोध इसलिए नहीं जम रहा है कि इससे लगता है किसी रचना, लेख या कविता को पढ़ने के बाद उसकी भावना समझ में आ रही है, उस कविता / लेख की में निहित भाव का बोध हो रहा है अथवा नहीं। यदि भाव बोध हो रहा है तो आप उसे पढ़कर उसका भाव समझ पा रहे हैं। मेरे हिसाब से भाव बोध से यह अर्थ निकलता है।
 
जबकि Emotional Intelligence बिलकुल अलग चीज़ है। सामान्‍य रूप से बुद्धिमत्ता Intelligence का प्रयोग उस व्‍यक्ति के लिए किया जाता है जो तार्किक दृष्टि से तेज़ है, सवाल जल्‍दी हल करता है। जबकि Emotional Intelligence का प्रयोग ऐसे व्‍यक्ति के लिए किया जाता है जो अपनी भावनाओं पर काबू पाता है, अपने क्रोध, भय आदि को परिस्थिति के अनुकूल नियंत्रित और जाहिर करता है। भले ही उसकी तार्किक या गणितीय क्षमता कम हो, पर वह लोक व्‍यवहार में सामाजिक रूप से अधिक सफल माना जाता है।  उसका सामान्‍य IQ भले जी कमजोर हो पर EQ ज्‍यादा अच्‍छा होता है। जैसे बड़े- बड़े व्‍यापारी या उद्यमी / राजनेता या प्रबंधक। इनका Emotional Intelligence सामान्‍य Intelligence की तुलना में बेहतर होता है। स्‍वयं शैक्षणिक रूप से चाहे पिछड़े हों, अव्‍वल न आते हों, पर अव्‍वल आने वालों को अपने यहाँ नौकरी पर रखते हैं। Emotional Intelligent व्‍यक्ति भावुक तो हरगिज नहीं होता। संवदेनशील अलबत्ता हो सकता है, पर अपनी भावनाओं को काबू में रखना जानता है।
 
इसलिए इसके लिए भावनात्‍मक बुद्धिमत्ता जैसे शब्‍द कठिन लगते हैं, तो दुनियादारी, समझदारी जैसे प्रचलित शब्‍दों को ढूँढा जा सकता है, बशर्ते उसमें उपरोक्त विशेषता जाहिर होती है, अन्‍यथा भावनात्‍मक बुद्धिमत्ता चलने दें, कम से कम अर्थ का अनर्थ तो नहीं होगा।
 
- आनंद
 

 
2010/12/10 anil janvijay <anilja...@gmail.com>

Anand D

unread,
Dec 9, 2010, 9:44:56 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
भाव बोध इसलिए नहीं जम रहा है कि लगता है किसी रचना, लेख या कविता को पढ़ने के बाद उसकी भावना समझ में आ रही है, उस कविता / लेख की में निहित भाव का बोध हो रहा है अथवा नहीं। यदि भाव बोध हो रहा है तो आप उसे पढ़कर उसका भाव समझ पा रहे हैं। मेरे हिसाब से भाव बोध से यह अर्थ निकलता है।
 
जबकि Emotional Intelligence बिलकुल अलग चीज़ है। सामान्‍य रूप से बुद्धिमत्ता Intelligence का प्रयोग उस व्‍यक्ति के लिए किया जाता है जो तार्किक दृष्टि से तेज़ है, सवाल जल्‍दी हल करता है। जबकि Emotional Intelligence का प्रयोग ऐसे व्‍यक्ति के लिए किया जाता है जो अपनी भावनाओं पर काबू पाता है, अपने क्रोध, भय आदि को परिस्थिति के अनुकूल नियंत्रित और जाहिर करता है। भले ही उसकी तार्किक या गणितीय क्षमता कम हो, पर वह लोक व्‍यवहार में सामाजिक रूप से अधिक सफल माना जाता है।  बड़े- बड़े व्‍यापारी या उद्यमी / राजनेता या प्रबंधक की स्थिति पर पहुँच
 

 
2010/12/10 anil janvijay <anilja...@gmail.com>

Abhay Tiwari

unread,
Dec 9, 2010, 10:03:59 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
भावनाबोध में क्या दिक़्क़त है?

ashutosh kumar

unread,
Dec 9, 2010, 10:14:54 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com


भाई , दिक्कत यह है कि bodh , buddhi aur buddhimattaa alag alag arth rakhate hain. 
bodh ---- samjh 
buddhi---- samjhane kee shakti 
buddhimataa---- samjhane kee shakti kaa  ,vyaawahaari kjeevan men,  upayog karane kee kalaa. 
baakee aanand ne bataa hee diyaa है. 

Abhay Tiwari

unread,
Dec 9, 2010, 10:15:38 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
क्या गति का वही मतलब नहीं है जो प्रगति का है? कल्प और संकल्प में क्या कोई अन्तर नहीं? ज्ञान और विज्ञान में? लेख और लेखनी में क्या कोई फ़र्क़ नहीं?
 
भावबोध पहले से ही एक विशेष अर्थ में प्रचलित है जबकि भावना और बोध दोनों शब्दों की अलग-अलग सत्ता होते हुए भी उनका कोई समास मौजूद नहीं है। अगर भावनाबोध रूप में उनका समास बनाया जाय तो यह तो स्पष्ट होता ही है कि भावनाओं को समझने की बात हो रही है साथ ही किसी साहित्यिक विमर्श का भी भ्रम नहीं होता।
----- Original Message -----

Abhay Tiwari

unread,
Dec 9, 2010, 10:25:36 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
तुमने दोस्त बड़ी बुद्धि की बात कही..

नहीं-नहीं बड़ी बुद्धिमत्ता की बात कही..

या फिर बुद्धिमानी की बात कही?

अरे! तीनों एक हैं भैया..

----- Original Message -----
From: ashutosh kumar
To: shabdc...@googlegroups.com
Sent: Friday, December 10, 2010 8:44 AM
Subject: Re: [शब्द चर्चा] इमोशनल इंटेलिजेंस

ashutosh kumar

unread,
Dec 9, 2010, 10:26:48 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com


EI ' भावनाओं को समझने की बात 'नहीं है.समझदारी से भावनाओं को व्यवस्थित करने की बात है. 

ashutosh kumar

unread,
Dec 9, 2010, 10:28:39 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com


 इनमे से केवल  तीसरा जुमला दुरुस्त है. 

Abhay Tiwari

unread,
Dec 9, 2010, 10:37:16 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
बुद्धि एक अमूर्त प्रत्यय है। उसे धारण करने वाले को आपने बुद्धिमान कह दिया।
फिर वापस उसकी बुद्धि को नाम देने के लिए आपने धारक की संज्ञा में ई प्रत्यय
लगाया - बुद्धिमानी।ऐसे कहते हैं घुमा के नाक पकड़ना। सीधे-सीधे बुद्धि क्यों
नहीं कहते भाई?

ऐसा एक और उदाहरण है - दयालुता।
दया> दयालु> दयालुता जबकि दयालुता का दया से अलग कोई अर्थ नहीं है!

(अध्यापक की तरह कौपी मत जांचो! )

----- Original Message -----
From: ashutosh kumar
To: shabdc...@googlegroups.com
Sent: Friday, December 10, 2010 8:58 AM
Subject: Re: [शब्द चर्चा] इमोशनल इंटेलिजेंस

ashutosh kumar

unread,
Dec 9, 2010, 10:43:44 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com


''मेरे पास इस जिद का जवाब देने लायक बुद्धि नहीं है , न न देने की बुद्धिमानी. '

कुछ फर्क है न बुद्धि और बुद्धिमानी में ?

Rajendra Swarnkar

unread,
Dec 9, 2010, 10:49:43 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
यहां बुद्धि का अर्थ साधारण समझ और बुद्धिमानी का अर्थ विशेष चातुर्य/ दक्षता जैसा प्रतीत हो रहा है …

राजेन्द्र स्वर्णकार 










~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

2010/12/10 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com>

Abhay Tiwari

unread,
Dec 9, 2010, 11:04:59 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
चलिए माना फ़र्क़ है लेकिन बात एक सन्दर्भ में हो रही है इसलिए इस बहस को अब वापस
मूल शब्द पर लौटा लाया जाय?

बुद्धिमानी में आप कह रहे हैं कि व्यावहारिक बुद्धि है। जबकि बुद्धि निरपेक्ष
बुद्धि है! रसाल जी के कोष में बुद्धिमत्ता के अर्थ हैं - समझदारी, होशियारी,
अक़लमंदी। और बुद्धिमानी के पहले के तीनों के अलावा बुद्धिमत्ता। यानी
बुद्धिमत्ता और बुद्धिमानी में तो कोई फ़र्क़ नहीं है। आम चलन में बुद्धि का भी
यह भी अर्थ है - आप न मानें।


एमोशनल इंटेलिजेंस के इंटेलिजेंस को आप बुद्धिमानी मानते हैं कि बुद्धि? कामिल
बुल्के उसे सीधे-सीधे बुद्धि या समझ बताते हैं।

इमोशनल इंटेलिजेंस मे व्यावहारिकता का पहलू नहीं है। कुत्तो की इमोशनल
इंटेलिजेंस बहुत तीव्र होती हैं, क्या वे व्हावहारिक होते हैं? नहीं!

----- Original Message -----
From: ashutosh kumar
To: shabdc...@googlegroups.com
Sent: Friday, December 10, 2010 9:13 AM
Subject: Re: [शब्द चर्चा] इमोशनल इंटेलिजेंस

अजित वडनेरकर

unread,
Dec 9, 2010, 11:28:18 PM12/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
भावना-बोध में मुझे कोई दिक्कत नहीं है।

2010/12/10 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

--
शुभकामनाओं सहित
अजित
http://shabdavali.blogspot.com/

ashutosh kumar

unread,
Dec 10, 2010, 12:12:27 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
भावना- बोध में मुझे थोड़ी सी दिक्कत है. भावनाओं   की समझ .'किस के लिए हलकान हो रही हो ?वह तुम्हारी भावनाओं को क्या समझेगा. भावना- बोध उस में है ही नहीं. " 
वैसे , भावबुद्धि के लिए मैं राजी हूँ.   

अजित वडनेरकर

unread,
Dec 10, 2010, 12:15:34 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
हम भी राजी

2010/12/10 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com>

भावना- बोध में मुझे थोड़ी सी दिक्कत है. भावनाओं   की समझ .'किस के लिए हलकान हो रही हो ?वह तुम्हारी भावनाओं को क्या समझेगा. भावना- बोध उस में है ही नहीं. " 
वैसे , भावबुद्धि के लिए मैं राजी हूँ.   
330.gif

ashutosh kumar

unread,
Dec 10, 2010, 12:17:04 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com


लॉक किया जाए, स्वामी अभयानंद जी ?

Abhay Tiwari

unread,
Dec 10, 2010, 12:42:14 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
भाव में प्रवृत्ति, विचार, उद्देश्य, इच्छा, मुद्रा, कल्पना तमाम अर्थ हैं,
भावना भी उसमें हैं लेकिन इमोशन के लिए भावना सटीक शब्द है। इसलिए भावनाबुद्धि,
भावबुद्धि से अधिक उपयुक्त मालूम दे रहा है। मगर मेरी पहली पसन्द अभी भी
भावनाबोध ही है। और वह इसलिए नहीं कि शब्द मैंने सुझाया है। बल्कि इसलिए कि
भावनाबोध बुद्धि से स्वतंत्र एक प्रत्यय है।

मेरी एक भतीजी उन बच्चों में है जिन्हे आजकल स्पेशल चाइल्ड कहा जाता है। किसी
भी चीज़ को सीखने में वह एक बहुत लम्बा समय लगाती है। लेकिन भावनाबोध उसका इतना
विकसित है कि सब उसकी इस प्रतिभा से चमत्कृत रहते हैं। कौन दुखी है, कौन परेशान
है, कौन प्रफ़ुल्लित है वह पलक झपकते ही ताड़ लेती है। उसकी प्रतिभा की सत्ता उस
प्रतिभा से स्वतंत्र है जिसे पारम्परिक रूप से बुद्धि के रूप में चिह्नित किया
जाता है। इसीलिए मैं इसके लिए शब्द का चयन करने में भी बुद्धि के बदले बोध को
वरीयता देना चाहूँगा, हालांकि दोनों का मूल बुध्‌ ही है। वैसे ध्वनि भी मुझे
भावनाबोध की ही जंच रही है।

----- Original Message -----
From: अजित वडनेरकर
To: shabdc...@googlegroups.com
Sent: Friday, December 10, 2010 10:45 AM
Subject: Re: [शब्द चर्चा] इमोशनल इंटेलिजेंस


हम भी राजी

lalit sati

unread,
Dec 10, 2010, 12:54:39 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
ध्वनि तो भावनाबोध की ही सुहाती है और यह सही भी है। यहाँ बुद्धि, प्रज्ञा में से एक चुनना हो तो मैं प्रज्ञा  का चुनाव करूँ। बोलने सुनने में अच्छा लगता है।

2010/12/10 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>
भाव में प्रवृत्ति, विचार, उद्देश्य, इच्छा, मुद्रा, कल्पना तमाम अर्थ हैं, भावना भी उसमें हैं लेकिन इमोशन के लिए भावना सटीक शब्द है। इसलिए भावनाबुद्धि, भावबुद्धि से अधिक उपयुक्त मालूम दे रहा है। मगर मेरी पहली पसन्द अभी भी भावनाबोध ही है। और वह इसलिए नहीं कि शब्द मैंने सुझाया है। बल्कि इसलिए कि भावनाबोध बुद्धि से स्वतंत्र एक प्रत्यय है।

anil janvijay

unread,
Dec 10, 2010, 1:04:56 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
सबसे पहले तो संतों का आभार कि इस परिभाषिक शब्द का मतलब समझाया । मुझे दोनों ही शब्द अच्छे लग रहे हैं। भावनाबोध भी और भावबुद्धि भी । लेकिन भावनाबोध अधिक उपयुक्त लग रहा है

2010/12/10 lalit sati <lalit...@gmail.com>

ashutosh kumar

unread,
Dec 10, 2010, 1:34:28 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com


हे संत शिरोमणि अभयानंद जी , 
आप की भतीजी में जो गुण है , उस के लिए भावानाबोध अत्यंत उपयुक्त है. लेकिन यह emotinal intelligence नहीं है.  वह यह है कि कहाँ किस प्रसंग में कितनी भावना का अभिनिवेश करना है .  अतिरिक्त भावुकता और बुद्धि के अतिरेक - इन दो अतियों से बचने की होशियारी है यह . आप इस फर्क को गुनें   और भावबुद्धि को अपना वोट दें. यह भी आप का ही सुझाया हुआ है. बुद्धि  के कंट्रास्ट से भाव  का यहाँ जो अर्थ बनता है वह भावना ही है. 

Santosh Kushwaha

unread,
Dec 10, 2010, 1:38:25 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
emotional intelligent लोगों का EQ बहुत अच्छा होता है. इसका मतलब है वे सूक्ष्म से सूक्ष्म और जटिल से जटिल  भावनाओं को ठीक ठीक महसूसने, समझने, और जाहिर करने की असाधारण क्षमता रखते हैं. लेखक , कलाकार  आदि इस श्रेणी के प्राणी माने जाते हैं.  जो लोग अपनी भावनाओं पर काबू करना जानते है, उन्हें भावनात्मक रूप  से मज़बूत 'emotionally srong कहते हैं जैसे - नेता, व्यापारी और औरतें आदि.  
हिंदी के एक बहुत बड़े कवि मुक्तिबोध ने 'संवेदनात्मक ज्ञान' शब्द युग्म का प्रयोग किया है, इसके प्रकाश में मैं एक विकल्प सुझाना चाहूँगा- भावनात्मक समझ या भावनात्मक बुद्धि.
 
संतोष कुशवाहा, मुंबई.  

Abhay Tiwari

unread,
Dec 10, 2010, 2:37:09 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
मेरा वोट भावनाबोध को ही है!
----- Original Message -----
Sent: Friday, December 10, 2010 12:04 PM
Subject: Re: [शब्द चर्चा] इमोशनल इंटेलिजेंस



Abhay Tiwari

unread,
Dec 10, 2010, 3:07:06 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
माई डिअर आशु!

दो बिंदु पर झगड़ा है:
१. भाव या भावना; इस सन्दर्भ में भाव नहीं भावना प्रबल है इसलिए जो भी पद बने
उसमें भावना की उपस्थिति को मेरा १०० टक्के समर्थन है।
२. बुद्धि या बोध में। इमोशनल इंटेलिजेंस का मतलब विविध है लेकिन जो मूल अर्थ
है, उसी को लेके चला जाय। और वो यह कि अपनी और दूसरों की भावनाओं को त्वरित ढंग
से पहचानने की क्षमता। उसका इस्तेमाल कौन और कैसे किस सन्दर्भ में करता है यह
दूसरा मसला है। बोध मुझे क्यों रुचता है मैंने पिछले सन्देश में साफ़ किया है।


अतिरिक्त भावुकता और बुद्धि के अतिरेक - इन दो अतियों से बचने की होशियारी.. यह
आपकी अपनी एक परिभाषा हो सकती है। लेकिन यह मूल शब्द में निहित नहीं है।

[पादटिप्पणी: 'हे संत शिरोमणि अभयानन्द' कहने में आशु का मंतव्य 'हे महामूर्ख
गर्दभानन्द' कहने का बिलकुल नहीं है। आशुतोष मेरा पुराना मित्र है और शुरु से
ही मेरे संतत्व का भक्त है। :) ]

----- Original Message -----
From: ashutosh kumar
To: shabdc...@googlegroups.com
Sent: Friday, December 10, 2010 12:04 PM
Subject: Re: [शब्द चर्चा] इमोशनल इंटेलिजेंस

Baljit Basi

unread,
Dec 10, 2010, 10:43:55 AM12/10/10
to शब्द चर्चा
'मेरे संतत्व का भक्त है। ' अभय जी क्या आप का परमहंसीकरण हो चूका है?!

> अर्थ बनता है वह भावना ही है.- उद्धृत पाठ छिपाएँ -
>
> उद्धृत पाठ दिखाए

Abhay Tiwari

unread,
Dec 10, 2010, 10:47:51 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
आशु ने ही तो किया है!

Baljit Basi

unread,
Dec 10, 2010, 11:07:30 AM12/10/10
to शब्द चर्चा
वह तो परमहँसीकरण है!

> >> उद्धृत पाठ दिखाए- उद्धृत पाठ छिपाएँ -

Abhay Tiwari

unread,
Dec 10, 2010, 11:17:30 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
ये सूक्ष्म भेद आप ही भाँप सकते थे!

Baljit Basi

unread,
Dec 10, 2010, 11:29:12 AM12/10/10
to शब्द चर्चा
वैसे मैं तो आप को परमहंस ही मानता हूँ .

अजित वडनेरकर

unread,
Dec 10, 2010, 11:41:01 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
क्या बात है बलजीत भाई। ़
तुसी दिल लूट लिया।
मैने तो अपना मत परमहंसीकरण के पक्ष में पहले ही दे दिया था। 


2010/12/10 Baljit Basi <balji...@yahoo.com>
वैसे मैं तो आप को परमहंस ही मानता हूँ .

On 10 दिस., 11:17, "Abhay Tiwari" <abhay...@gmail.com> wrote:
> ये सूक्ष्म भेद आप ही भाँप सकते थे!
>
>
>
> ----- Original Message -----
> From: "Baljit Basi" <baljit_b...@yahoo.com>
> To: "शब्द चर्चा" <shabdc...@googlegroups.com>
> Sent: Friday, December 10, 2010 9:37 PM
> Subject: [शब्द चर्चा] Re: इमोशनल इंटेलिजेंस
>
> > वह तो परमहँसीकरण है!
>
> > On 10 दिस., 10:47, "Abhay Tiwari" <abhay...@gmail.com> wrote:
> >> आशु ने ही तो किया है!
>
> >> ----- Original Message -----
> >> From: "Baljit Basi" <baljit_b...@yahoo.com>
> >> To: "शब्द चर्चा" <shabdc...@googlegroups.com>
> >> Sent: Friday, December 10, 2010 9:13 PM
> >> Subject: [शब्द चर्चा] Re: इमोशनल इंटेलिजेंस
>
> >> > 'मेरे संतत्व का भक्त है। ' अभय जी क्या आप का परमहंसीकरण हो चूका है?!
>
> >> > On 10 दिस., 03:07, "Abhay Tiwari" <abhay...@gmail.com> wrote:
> >> >> माई डिअर आशु!
>
> >> >> दो बिंदु पर झगड़ा है:

> >> >> १. भाव या भावना; इस सन्दर्भ में भाव नहीं भावना प्रबल है इसलिए जो भी पद
> >> >> बने
> >> >> उसमें भावना की उपस्थिति को मेरा १०० टक्के समर्थन है।
> >> >> २. बुद्धि या बोध में। इमोशनल इंटेलिजेंस का मतलब विविध है लेकिन जो मूल
> >> >> अर्थ
> >> >> है, उसी को लेके चला जाय। और वो यह कि अपनी और दूसरों की भावनाओं को
> >> >> त्वरित
> >> >> ढंग
> >> >> से पहचानने की क्षमता। उसका इस्तेमाल कौन और कैसे किस सन्दर्भ में करता
> >> >> है
> >> >> यह
> >> >> दूसरा मसला है। बोध मुझे क्यों रुचता है मैंने पिछले सन्देश में साफ़ किया

Abhay Tiwari

unread,
Dec 10, 2010, 11:43:49 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
आप की ज़र्रानवाज़ी है वरना नाचीज़ किस क़ाबिल है.. ये मैं ज़रूर कहता लेकिन.. मैं
तो परमहंस हूँ। .. हूँ ना?

Bharatbhooshan Tiwari

unread,
Dec 10, 2010, 11:46:40 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
वैसे अभय जी को परमहंस मान ही लिया गया है तो बिनती है कि 'अभयतिवारीकरण' या 'अतिकरण' पर भी विचार किया जाए:)

2010/12/10 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

अजित वडनेरकर

unread,
Dec 10, 2010, 11:57:17 AM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
अतिकरण?
क्या बात है?

2010/12/10 Bharatbhooshan Tiwari <bharatbhoo...@gmail.com>
वैसे अभय जी को परमहंस मान ही लिया गया है तो बिनती है कि 'अभयतिवारीकरण' या 'अतिकरण' पर भी विचार किया जाए:)

2010/12/10 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>
आप की ज़र्रानवाज़ी है वरना नाचीज़ किस क़ाबिल है.. ये मैं ज़रूर कहता लेकिन.. मैं तो परमहंस हूँ। .. हूँ ना?


:)


----- Original Message ----- From: "Baljit Basi" <balji...@yahoo.com>
To: "शब्द चर्चा" <shabdc...@googlegroups.com>
Sent: Friday, December 10, 2010 9:59 PM
Subject: [शब्द चर्चा] Re: इमोशनल इंटेलिजेंस


वैसे मैं तो आप को परमहंस ही मानता हूँ .

On 10 दिस., 11:17, "Abhay Tiwari" <abhay...@gmail.com> wrote:
ये सूक्ष्म भेद आप ही भाँप सकते थे!



----- Original Message -----
From: "Baljit Basi" <baljit_b...@yahoo.com>
To: "शब्द चर्चा" <shabdc...@googlegroups.com>
Sent: Friday, December 10, 2010 9:37 PM
Subject: [शब्द चर्चा] Re: इमोशनल इंटेलिजेंस

> वह तो परमहँसीकरण है!

> On 10 दिस., 10:47, "Abhay Tiwari" <abhay...@gmail.com> wrote:
>> आशु ने ही तो किया है!

>> ----- Original Message -----
>> From: "Baljit Basi" <baljit_b...@yahoo.com>
>> To: "शब्द चर्चा" <shabdc...@googlegroups.com>
>> Sent: Friday, December 10, 2010 9:13 PM
>> Subject: [शब्द चर्चा] Re: इमोशनल इंटेलिजेंस

>> > 'मेरे संतत्व का भक्त है। ' अभय जी क्या आप का परमहंसीकरण हो चूका है?!

>> > On 10 दिस., 03:07, "Abhay Tiwari" <abhay...@gmail.com> wrote:
>> >> माई डिअर आशु!

>> >> दो बिंदु पर झगड़ा है:

>> >> १. भाव या भावना; इस सन्दर्भ में भाव नहीं भावना प्रबल है इसलिए जो भी >> >> पद
>> >> बने
>> >> उसमें भावना की उपस्थिति को मेरा १०० टक्के समर्थन है।
>> >> २. बुद्धि या बोध में। इमोशनल इंटेलिजेंस का मतलब विविध है लेकिन जो >> >> मूल
>> >> अर्थ
>> >> है, उसी को लेके चला जाय। और वो यह कि अपनी और दूसरों की भावनाओं को
>> >> त्वरित
>> >> ढंग
>> >> से पहचानने की क्षमता। उसका इस्तेमाल कौन और कैसे किस सन्दर्भ में >> >> करता
>> >> है
>> >> यह
>> >> दूसरा मसला है। बोध मुझे क्यों रुचता है मैंने पिछले सन्देश में साफ़ >> >> किया

Baljit Basi

unread,
Dec 10, 2010, 11:58:59 AM12/10/10
to शब्द चर्चा
यह तो अतिश्य है....इस बहाने, जिन को न पता हो जानकारी दे दूं , अंगरेजी
का goose 'हंस' का सुजाति है. अंगरेजी में एक supergoose चीज भी होती
है.

On 10 दिस., 11:46, Bharatbhooshan Tiwari


<bharatbhooshan.tiw...@gmail.com> wrote:
> वैसे अभय जी को परमहंस मान ही लिया गया है तो बिनती है कि 'अभयतिवारीकरण' या
> 'अतिकरण' पर भी विचार किया जाए:)
>

> 2010/12/10 Abhay Tiwari <abhay...@gmail.com>


>
>
>
> > आप की ज़र्रानवाज़ी है वरना नाचीज़ किस क़ाबिल है.. ये मैं ज़रूर कहता लेकिन.. मैं
> > तो परमहंस हूँ। .. हूँ ना?
>
> > :)
>

> > ----- Original Message ----- From: "Baljit Basi" <baljit_b...@yahoo.com>

अजित वडनेरकर

unread,
Dec 10, 2010, 12:02:59 PM12/10/10
to shabdc...@googlegroups.com
और लुफ्तांसा में भी यही हंस झाँक रहा है। चिह्न भी यही है। 
लुफ्त में लॉफ्ट यानी ऊपर उठने या ऊँचाई का भाव है। 

2010/12/10 Baljit Basi <balji...@yahoo.com>
यह तो अतिश्य है....इस बहाने, जिन को न पता हो जानकारी दे दूं , अंगरेजी
का goose 'हंस' का सुजाति है. अंगरेजी में एक supergoose चीज भी होती
है.

On 10 दिस., 11:46, Bharatbhooshan Tiwari
<bharatbhooshan.tiw...@gmail.com> wrote:
> वैसे अभय जी को परमहंस मान ही लिया गया है तो बिनती है कि 'अभयतिवारीकरण' या
> 'अतिकरण' पर भी विचार किया जाए:)
>
> 2010/12/10 Abhay Tiwari <abhay...@gmail.com>
>
>
>
> > आप की ज़र्रानवाज़ी है वरना नाचीज़ किस क़ाबिल है.. ये मैं ज़रूर कहता लेकिन.. मैं
> >>> >> >> दो बिंदु पर झगड़ा है:

> >>> >> >> १. भाव या भावना; इस सन्दर्भ में भाव नहीं भावना प्रबल है इसलिए जो भी
> >>> >> >> पद
> >>> >> >> बने
> >>> >> >> उसमें भावना की उपस्थिति को मेरा १०० टक्के समर्थन है।
> >>> >> >> २. बुद्धि या बोध में। इमोशनल इंटेलिजेंस का मतलब विविध है लेकिन जो
> >>> >> >> मूल
> >>> >> >> अर्थ
> >>> >> >> है, उसी को लेके चला जाय। और वो यह कि अपनी और दूसरों की भावनाओं को
> >>> >> >> त्वरित
> >>> >> >> ढंग
> >>> >> >> से पहचानने की क्षमता। उसका इस्तेमाल कौन और कैसे किस सन्दर्भ में >>
> >>> >> करता
> >>> >> >> है
> >>> >> >> यह
> >>> >> >> दूसरा मसला है। बोध मुझे क्यों रुचता है मैंने पिछले सन्देश में साफ़

Baljit Basi

unread,
Dec 10, 2010, 12:41:36 PM12/10/10
to शब्द चर्चा
Luft का जर्मन में अर्थ है हवा , और Hansa, Hanseatic League से लिया
गया है जिस में Hansa एक मध्ययुगी उतरी यूरप के देशों के गिल्डों के संघ
की और इशारा करता है. हंसा का मतलब गिल्ड है और यह शब्द पुरानी अंगरेजी
के hos से निकला है जिस का मतलब सेना है.

On 10 दिस., 12:02, अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com> wrote:
> और लुफ्तांसा में भी यही हंस झाँक रहा है। चिह्न भी यही है।
> लुफ्त में लॉफ्ट यानी ऊपर उठने या ऊँचाई का भाव है।
>

> 2010/12/10 Baljit Basi <baljit_b...@yahoo.com>

> *अजित*http://shabdavali.blogspot.com/- उद्धृत पाठ छिपाएँ -

ashutosh kumar

unread,
Dec 11, 2010, 1:26:37 AM12/11/10
to shabdc...@googlegroups.com


@अति 

हे परमहंस, हे नित्यलीलालीनब्रह्मस्वरूप , हे  अखंडमंडलाचार्य , हे नानालोकावालोकनक्षमदिव्यदृष्टिसंपन्नसच्चिदानदस्वरुपपरात्परगुरु 

यह नालायक शिष्य  बोध ( understanding/comprihenson/perception), बुद्धि (intellect) और बुद्धिमता ( intelligence )के भेद को न भूल पाने के कारण  intelligence को बुद्धि कहने  तक के लिए तो राजी हो गया था, शायद बुद्धि की अर्थ्च्छाया intelligence तक जाती भी हो , लेकिन उसे बोध कहने का साहस नहीं कर पायेगा . आप कर सकते हो . आप तो अब सारे  भेद भाव ऊपर उठ चुके हो ! 

vishal srivastava

unread,
Dec 16, 2010, 7:13:25 AM12/16/10
to shabdc...@googlegroups.com
अगर तकनीकी झंझट से हटकर इस ओर भी सोचा जाये कि
बुद्धि और भावुकता  में कोई संगत संभव है क्या ?
इसलिए मेरा मत भावबोध या भावनात्मक समझ को
भावबुद्धि से बात बनती नज़र नहीं आती
मन तो emotional  intelligence  को भी पीटने का करता है
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