चर्चा शब्द पुल्लिंग है या स्त्रीलिंग ?

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narayan prasad

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Oct 9, 2010, 9:38:11 AM10/9/10
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तत्सम शब्द चर्चा स्त्रीलिंग है -
आज की बैठक में इस समस्या पर बहुत देर तक चर्चा हुई ।

परन्तु इस फ़िल्मी गीत पर गौर करें -
आजकल तेरे मेरे प्यार के चरचे हर जबान पर, सबको मालूम है और सबको खबर हो गई ।

---नारायण प्रसाद

2010/10/9 Rajendra Swarnkar <swarnkar...@gmail.com>

#  चर्चा शब्द पुल्लिंग है या स्त्रीलिंग ?

चर्चा  शब्द  क्या मूलतः संस्कृत से ही आया है , अथवा … ?


राजेन्द्र स्वर्णकार

दिनेशराय द्विवेदी

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Oct 9, 2010, 9:45:05 AM10/9/10
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यहाँ तो चर्चा बहुवचन हो कर चरचे हो गई है। जब कि चर्चाएँ होना चाहिए था। चरचे होते ही यह पुल्लिंग भी हो गयी। लगता है हिन्दी में लिंग परिवर्तन होता रहता है।

2010/10/9 narayan prasad <hin...@gmail.com>



--
दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्थान, भारत
Dineshrai Dwivedi, Kota, Rajasthan,
क्लिक करें, ब्लाग पढ़ें ...  अनवरत    तीसरा खंबा

Rajendra Swarnkar

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Oct 9, 2010, 9:51:17 AM10/9/10
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यही तो गड़बड़ है 

#  कल चौदहवीं की रात थी शब भर रहा चर्चा तेरा 

ग़ज़लकार द्वारा भूलवश ग़लत प्रयोग ही है …



~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

2010/10/9 narayan prasad <hin...@gmail.com>
तत्सम शब्द चर्चा स्त्रीलिंग है -
आज की बैठक में इस समस्या पर बहुत देर तक चर्चा हुई ।

परन्तु इस फ़िल्मी गीत पर गौर करें -

Rajendra Swarnkar

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Oct 9, 2010, 9:54:36 AM10/9/10
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हिंदी के किसी स्थापित कवि/ साहित्यकार द्वारा चर्चा को पुल्लिंग की तरह शायद ही काम में लिया गया होगा ।







2010/10/9 दिनेशराय द्विवेदी <drdwi...@gmail.com>
यहाँ तो चर्चा बहुवचन हो कर चरचे हो गई है। जब कि चर्चाएँ होना चाहिए था। चरचे होते ही यह पुल्लिंग भी हो गयी। लगता है हिन्दी में लिंग परिवर्तन होता रहता है।

2010/10/9 narayan prasad <hin...@gmail.com>

तत्सम शब्द चर्चा स्त्रीलिंग है -
आज की बैठक में इस समस्या पर बहुत देर तक चर्चा हुई ।

परन्तु इस फ़िल्मी गीत पर गौर करें -

आजकल तेरे मेरे प्यार के चरचे हर जबान पर, सबको मालूम है और सबको खबर हो गई ।

---नारायण प्रसाद

2010/10/9 Rajendra Swarnkar <swarnkar...@gmail.com>

#  चर्चा शब्द पुल्लिंग है या स्त्रीलिंग ?

चर्चा  शब्द  क्या मूलतः संस्कृत से ही आया है , अथवा … ?


राजेन्द्र स्वर्णकार

दिनेशराय द्विवेदी

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Oct 9, 2010, 10:20:21 AM10/9/10
to shabdc...@googlegroups.com
नईम की रचना है....
छोड़ो छोड़ो चरचे अब ये बहुत पुराने।
कब तक इनमें हम रस, रूप, सुगंध तलाशें?
जीवित हैं कुछ शब्द और कुछ केवल लाशें।
लोगों को लगता है आए नए ज़माने-

2010/10/9 Rajendra Swarnkar <swarnkar...@gmail.com>

Baljit Basi

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Oct 9, 2010, 11:15:13 AM10/9/10
to शब्द चर्चा
मैं संस्कृत का कोई ज्ञान नहीं रखता, फिर भी कुछ व्याख्या करने की कोशिश
करता हूँ. संस्कृत में वस्तुओं को प्रकट करने वाले कई शब्दों के
अंत में ' ा' लगता है और वह स्त्रीलिंग होते हैं. लेकिन आधुनिक भाषाओँ
में ऐसे शब्द पुलिंग होते है. इस लिए जब यह शब्द एकवचन के रूप में
इस्तेमाल होता है तो यह संस्कृत की तरह स्त्रीलिंग ही रहता है जब कि
बहुवचन होकर हिंदी के और शब्दों की तरह पुलिंग हो जाता है. यह एक दुर्लभ
केस लगता है.,शायद और भी मिल जाएं.
बलजीत बासी

On 9 अक्तू, 10:20, दिनेशराय द्विवेदी <drdwive...@gmail.com> wrote:
> नईम की रचना है....

> छोड़ो छोड़ो *चरचे *अब ये बहुत पुराने।


> कब तक इनमें हम रस, रूप, सुगंध तलाशें?
> जीवित हैं कुछ शब्द और कुछ केवल लाशें।
> लोगों को लगता है आए नए ज़माने-
>

> 2010/10/9 Rajendra Swarnkar <swarnkarrajen...@gmail.com>
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> > *हिंदी के किसी स्थापित कवि/ साहित्यकार द्वारा चर्चा को पुल्लिंग की तरह
> > शायद ही काम में लिया गया होगा ।*
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> > 2010/10/9 दिनेशराय द्विवेदी <drdwive...@gmail.com>


>
> >>  यहाँ तो चर्चा बहुवचन हो कर चरचे हो गई है। जब कि चर्चाएँ होना चाहिए था।
> >> चरचे होते ही यह पुल्लिंग भी हो गयी। लगता है हिन्दी में लिंग परिवर्तन होता
> >> रहता है।
>
> >> 2010/10/9 narayan prasad <hin...@gmail.com>
>
> >> तत्सम शब्द चर्चा स्त्रीलिंग है -
> >>> आज की बैठक में इस समस्या पर बहुत देर तक चर्चा हुई ।
>
> >>> परन्तु इस फ़िल्मी गीत पर गौर करें -
>
> >>> आजकल तेरे मेरे प्यार के चरचे हर जबान पर, सबको मालूम है और सबको खबर हो गई
> >>> ।
>
> >>> ---नारायण प्रसाद
>

> >>> 2010/10/9 Rajendra Swarnkar <swarnkarrajen...@gmail.com>
>
> >>>> #  *चर्चा* शब्द पुल्लिंग है या स्त्रीलिंग ?
>
> >>>> *चर्चा*  शब्द  क्या मूलतः संस्कृत से ही आया है , अथवा … ?


>
> >>>> राजेन्द्र स्वर्णकार
>
> >> --
> >> दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्थान, भारत
> >> Dineshrai Dwivedi, Kota, Rajasthan,

> >> *क्लिक करें, ब्लाग पढ़ें ...  अनवरत <http://anvarat.blogspot.com/>    तीसरा
> >> खंबा <http://teesarakhamba.blogspot.com/>*


>
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> दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्थान, भारत
> Dineshrai Dwivedi, Kota, Rajasthan,

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Rajendra Swarnkar

unread,
Oct 9, 2010, 12:48:49 PM10/9/10
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शायद उर्दू्दां शायरों/अदीबों द्वारा असावधानीवश हिंदी शब्दों के ग़लत प्रयोग की परंपरा का ही यह उदाहरण है ।


पानी की धारा को भी उर्दूदां पानी का धारा बनाते हुए पाए गए हैं …




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2010/10/9 Baljit Basi <balji...@yahoo.com>

Abhay Tiwari

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Oct 9, 2010, 1:01:13 PM10/9/10
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हिन्दी-उर्दू में लिंग का बड़ा लफड़ा है, संस्कृत में चीज़ें जहाँ साफ़ हैं
हिन्दी-उर्दू में बड़ा भ्रम है.. इस पर कितनी भी चर्चा कर लीजिये कहीं नहीं
पहुँचने वाली बात..

अजित वडनेरकर

unread,
Oct 9, 2010, 1:40:05 PM10/9/10
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अभय भाई से सहमत।
शब भर रहा चर्चा तेरा

2010/10/9 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>



--
शुभकामनाओं सहित
अजित
http://shabdavali.blogspot.com/

ashutosh kumar

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Oct 9, 2010, 10:50:11 PM10/9/10
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संतों , इस में न कोई झगड़ा है, न कोई वहम है. बात महज़ इतनी है कि 
चर्चा और धारा दोनों उर्दू में पुल्लिंग हैं, जब कि हिंदी में स्त्रीलिंग.वचन  से लिंग -विवेक  पर कोई फर्क नहीं पड़ता.  

anil janvijay

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Oct 10, 2010, 1:59:37 AM10/10/10
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ऐसा प्राय: होता है कि जब हिन्दी से उर्दू में जाते हैं या उर्दू से हिन्दी में आते हैं तो अपना लिंग बदल लेते हैं । शुरूआत, गेंद, पतलून, चर्चा, धारा आदि उर्दू में पुल्लिंग हैं और हिन्दी में स्त्रीलिंग । इसी  से पता लगता है कि ये दोनों भाषाएँ एक होते हुए भी काफ़ी भिन्न हैं ।

2010/10/10 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com>



संतों , इस में न कोई झगड़ा है, न कोई वहम है. बात महज़ इतनी है कि 
चर्चा और धारा दोनों उर्दू में पुल्लिंग हैं, जब कि हिंदी में स्त्रीलिंग.वचन  से लिंग -विवेक  पर कोई फर्क नहीं पड़ता.  



--
anil janvijay
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Pritish Barahath

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Oct 11, 2010, 5:38:37 AM10/11/10
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कहीं! यहाँ पर आये चरचे, चर्चा को किस्सा के अर्थ में तो प्रयुक्त नहीं किया जा रहा है जो कि पुलिंग है ?

2010/10/10 anil janvijay <anilja...@gmail.com>



--
Pritish Barahath
Jaipur
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