चोन्हरई

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अभय तिवारी

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Oct 6, 2010, 8:06:51 AM10/6/10
to शब्द चर्चा
हमारे 'नखलवी' मित्र गिरिजेश राव आज ज़रा क्रोध में हैं और उस क्रोध में
उनकी भाषा और ग़ज़ब ढा रही है.. उसी संयोजन में से एक यह शब्द मित्रों की
विवेचना के लिए उड़ा लाया हूँ: चोन्हरई।

उनकी क्रोधसिक्त पोस्ट यहाँ देखी जा सकती है:
http://girijeshrao.blogspot.com/2010/10/blog-post_06.html


narayan prasad

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Oct 6, 2010, 9:17:16 AM10/6/10
to shabdc...@googlegroups.com
चोन्हरई = चोंधरई
चोंधर (चाँधर भी, विशेष रूप से समास में) या चोन्हर का मगही में भी अकसर प्रयोग होता है ।
मगही हिन्दी शब्दकोश के अनुसार -
चोन्हर - वि॰ - दे॰ 'चोंधर'
चौंध, चोंधर - वि॰ (हि॰ चौंधियाना) छोटी आँखों वाला, लिबड़ी आँखों वाला; चकाचौंध के कारण ठीक से नहीं देख सकने वाला; मूर्ख, नासमझ ।  दे॰ "बुधचोंधर" ।

चोन्हा का भी उपर्युक्त अर्थ में प्रयोग होता है ।

---नारायण प्रसाद

 
2010/10/6 अभय तिवारी <abha...@gmail.com>

Baljit Basi

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Oct 6, 2010, 9:40:43 AM10/6/10
to शब्द चर्चा
पंजाबी शब्द 'चुन्हा' के भी लग भाग यही अर्थ हैं, छोटी आँख वाला और
चकाचौंध हुआ.
बलजीत बासी

On 6 अक्तू, 09:17, narayan prasad <hin...@gmail.com> wrote:
> चोन्हरई = चोंधरई
> चोंधर (चाँधर भी, विशेष रूप से समास में) या चोन्हर का मगही में भी अकसर प्रयोग
> होता है ।
> मगही हिन्दी शब्दकोश के अनुसार -
> चोन्हर - वि॰ - दे॰ 'चोंधर'
> चौंध, चोंधर - वि॰ (हि॰ चौंधियाना) छोटी आँखों वाला, लिबड़ी आँखों वाला; चकाचौंध
> के कारण ठीक से नहीं देख सकने वाला; मूर्ख, नासमझ ।  दे॰ "बुधचोंधर" ।
>
> चोन्हा का भी उपर्युक्त अर्थ में प्रयोग होता है ।
>
> ---नारायण प्रसाद
>

> 2010/10/6 अभय तिवारी <abhay...@gmail.com>


>
>
>
> > हमारे 'नखलवी' मित्र गिरिजेश राव आज ज़रा क्रोध में हैं और उस क्रोध में
> > उनकी भाषा और ग़ज़ब ढा रही है.. उसी संयोजन में से एक यह शब्द मित्रों की
> > विवेचना के लिए उड़ा लाया हूँ: चोन्हरई।
>
> > उनकी क्रोधसिक्त पोस्ट यहाँ देखी जा सकती है:

> >http://girijeshrao.blogspot.com/2010/10/blog-post_06.html- उद्धृत पाठ छिपाएँ -
>
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Anand D

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Oct 6, 2010, 10:53:56 PM10/6/10
to shabdc...@googlegroups.com
बड़े बुजुर्ग चोन्‍हराना शब्‍द का प्रयोग इस संबंध में करते हैं जब कोई बच्‍चा सहानुभूति पाने के लिए अकारण ही रोने का नाटक करता है या मुँह बनाकर रोता है (सहानुभूति पाने के लिए)। इसलिए मुझे इसी पोस्‍ट पर श्री अरविंद मिश्रा जी की व्‍याख्‍या सही लगती है, बस इसमें स्त्रियों के साथ बच्‍चों या बालसुलभ हरकतों को भी शामिल कर देखा जा सकता है।

"मैं भी बीते पचास बावन साल से चोन्हरई शब्द का अर्थबोध करने में लगा हूँ -और यह शब्द स्त्रियों के एक सहज स्वाभाविक हाव भाव एक दिल न्योछावर होने वाली अदा के लिए है ऐसी मेरी मान्यता है -चोन्हराना....भाव लेना /खाना मतलब इतराना,नोचराना,इठलाना -तनिक असामान्य व्यवहार - कोई पुरुष कभी चोन्हरा नहीं सकता अगर चोन्हराता है तो वह स्त्रैण है -चोन्हरा पुरुष कम ही हैं .." (अरविंद मिश्रा जी का कमेंट)

- आनंद 


2010/10/6 Baljit Basi <balji...@yahoo.com>:

> पंजाबी शब्द 'चुन्हा' के भी लग भाग यही अर्थ हैं, छोटी आँख वाला और
> चकाचौंध हुआ.
> बलजीत बासी
>
> On 6 अक्तू, 09:17, narayan prasad <hin...@gmail.com> wrote:
>> चोन्हरई = चोंधरई
>> चोंधर (चाँधर भी, विशेष रूप से समास में) या चोन्हर का मगही में भी अकसर प्रयोग
>> होता है ।
>> मगही हिन्दी शब्दकोश के अनुसार -
>> चोन्हर - वि॰ - दे॰ 'चोंधर'
>> चौंध, चोंधर - वि॰ (हि॰ चौंधियाना) छोटी आँखों वाला, लिबड़ी आँखों वाला; चकाचौंध

>> के कारण ठीक से नहीं देख सकने वाला; मूर्ख, नासमझ ।  दे॰ "बुधचोंधर" ।
>>
>> चोन्हा का भी उपर्युक्त अर्थ में प्रयोग होता है ।
>>
>> ---नारायण प्रसाद
>>
>> 2010/10/6 अभय तिवारी <abhay...@gmail.com>
>>
>>
>>
>> > हमारे 'नखलवी' मित्र गिरिजेश राव आज ज़रा क्रोध में हैं और उस क्रोध में
>> > उनकी भाषा और ग़ज़ब ढा रही है.. उसी संयोजन में से एक यह शब्द मित्रों की
>> > विवेचना के लिए उड़ा लाया हूँ: चोन्हरई।

eg

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Oct 6, 2010, 11:08:38 PM10/6/10
to शब्द चर्चा
हमारे यहाँ इसे 'चोनराना' कहते हैं। 'चोनरई' और 'चोन्हरई' में फर्क
है। :)

On Oct 7, 7:53 am, Anand D <anande...@gmail.com> wrote:
> बड़े बुजुर्ग चोन्‍हराना शब्‍द का प्रयोग इस संबंध में करते हैं जब कोई बच्‍चा
> सहानुभूति पाने के लिए अकारण ही रोने का नाटक करता है या मुँह बनाकर रोता है
> (सहानुभूति पाने के लिए)। इसलिए मुझे इसी पोस्‍ट पर श्री अरविंद मिश्रा जी की
> व्‍याख्‍या सही लगती है, बस इसमें स्त्रियों के साथ बच्‍चों या बालसुलभ हरकतों
> को भी शामिल कर देखा जा सकता है।
>
> "मैं भी बीते पचास बावन साल से चोन्हरई शब्द का अर्थबोध करने में लगा हूँ -और
> यह शब्द स्त्रियों के एक सहज स्वाभाविक हाव भाव एक दिल न्योछावर होने वाली अदा
> के लिए है ऐसी मेरी मान्यता है -चोन्हराना....भाव लेना /खाना मतलब
> इतराना,नोचराना,इठलाना -तनिक असामान्य व्यवहार - कोई पुरुष कभी चोन्हरा नहीं
> सकता अगर चोन्हराता है तो वह स्त्रैण है -चोन्हरा पुरुष कम ही हैं .." (अरविंद
> मिश्रा जी का कमेंट)
>
> - आनंद
>

> 2010/10/6 Baljit Basi <baljit_b...@yahoo.com>:> पंजाबी शब्द 'चुन्हा' के भी लग भाग यही अर्थ हैं, छोटी आँख वाला और


> > चकाचौंध हुआ.
> > बलजीत बासी
>
> > On 6 अक्तू, 09:17, narayan prasad <hin...@gmail.com> wrote:
> >> चोन्हरई = चोंधरई
> >> चोंधर (चाँधर भी, विशेष रूप से समास में) या चोन्हर का मगही में भी अकसर
> प्रयोग
> >> होता है ।
> >> मगही हिन्दी शब्दकोश के अनुसार -
> >> चोन्हर - वि॰ - दे॰ 'चोंधर'
> >> चौंध, चोंधर - वि॰ (हि॰ चौंधियाना) छोटी आँखों वाला, लिबड़ी आँखों वाला;
>
> चकाचौंध
>
>
>
> >> के कारण ठीक से नहीं देख सकने वाला; मूर्ख, नासमझ ।  दे॰ "बुधचोंधर" ।
>
> >> चोन्हा का भी उपर्युक्त अर्थ में प्रयोग होता है ।
>
> >> ---नारायण प्रसाद
>
> >> 2010/10/6 अभय तिवारी <abhay...@gmail.com>
>
> >> > हमारे 'नखलवी' मित्र गिरिजेश राव आज ज़रा क्रोध में हैं और उस क्रोध में
> >> > उनकी भाषा और ग़ज़ब ढा रही है.. उसी संयोजन में से एक यह शब्द मित्रों की
> >> > विवेचना के लिए उड़ा लाया हूँ: चोन्हरई।
>
> >> > उनकी क्रोधसिक्त पोस्ट यहाँ देखी जा सकती है:

> >> >http://girijeshrao.blogspot.com/2010/10/blog-post_06.html-उद्धृत पाठ

Abhay Tiwari

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Oct 6, 2010, 11:26:21 PM10/6/10
to shabdc...@googlegroups.com
मैं इस शब्द के प्रयोग से बहुत परिचित नहीं हूँ इसलिए एक-दो और मिलते-जुलते
शब्दों का उल्लेख कर रहा हूँ बस :
एक शब्द है चौधरी जिस की क्रिया बनती है चौधराना.. क्या इस चोन्हरई का उस से
कोई सम्बन्ध सम्भव है? कई दफ़े कालान्तर में अर्थ पूरी तरह उलट भी हो जाता है
जैसे बुद्ध और बुद्धू!
एक और शब्द है चोंहका.. गाय को दुहने के पहले उसके बछड़े को नाम मात्र का मिलने
वाला दूध, रसाल जी इसका सम्बन्ध चूषण (चूसने) से करते हैं। क्या इस का कोई
तआल्लुक़ गिरजेश के चोनराना से हो सकता है?
इसके अलावा रसाल जी के ही कोष में एक और ग्रामीण शब्द है चोंथना जिसका अर्थ है
नोचना.. शायद वो अरविंद जी के चोन्हरई से जुड़ता होगा?

Abhay Tiwari

unread,
Oct 6, 2010, 11:42:16 PM10/6/10
to shabdc...@googlegroups.com
गिरिजेश की पोस्ट पर ही डा० अमर कुमार की टिप्पणी भी ग़ौरतलब है:

हमारे मिथिला-वैशाली क्षेत्र में चोन्हराना का सोझा मतलब किसी स्थितिविशेष से
बैठता है ।
१ -Looking London Talking Tokyo ( हम देखा कुछ रहे हैं अउर ई बुरबक देख कुछ
रहा है, काहे चोन्हराता है बे ? )
२ -मूर्ख ( ई चोन्हरा से कुच्छौ कहिये, इसका दिमगिये में नहीं ठँसता है )
३ -जानबूझ कर धुँधला देखना ( सोझे सामने त लउक रहा है, त जबरजस्ती काहे चोन्हरा
रहे हैं, जी ? )
४ -नेत्रों का विस्फारित होना ( अईसि जुलुमी कटरिया रही के हम त देखते हि
चोन्हरा गये )
५ -अचानक दृष्टिभ्रम हो जाना ( ऊ टरकवा अ ईसा न लाइट मार दिहिस कि हम साइकिल
लिये दिये चोन्हरा के उसी में घुस गये )
६ -एक और भी है.. का नाम से :)
७ -एक याद नहीं आ रहा है :)
८ -एक कुछ भूल रहा हूँ :)
९ -ई वाला भोर में अम्मा के उठने पर पूछ कर बताऊँगा :)

----- Original Message -----
From: "eg" <girij...@gmail.com>
To: "शब्द चर्चा" <shabdc...@googlegroups.com>
Sent: Thursday, October 07, 2010 8:38 AM
Subject: [शब्द चर्चा] Re: चोन्हरई

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