रविकान्त
anil janvijay wrote:
> अदा सायास भी हो सकती है और अनायास भी । किसी को भी पसन्द आने वाली किसी की
> कोई भंगिमा अदा कहलाती है । अगर कोई भंगिमा पसन्द नहीं की जाती तो उसके लिए अदा
> शब्द का उपयोग नहीं किया जाएगा । हालाँकि मैंने यह वाक्य भी सुना है-- " अदाएँ तो
> बहुत दिखाती है, पर वो किसी को भाती नहीं हैं।"
> यहाँ सायास की गई भंगिमा को अदा कहा गया है । इसलिए यह माना जाना चाहिए कि
> सायास की गई भंगिमाएँ अगर पसन्द न आएँ तो भी कभी-कभी उन्हें अदा कहा जा सकता है।
>
> 2010/11/1 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com <mailto:abha...@gmail.com>>
>
> अदा का प्रचलित मतलब हाव-भाव, भंगिमा है। पहले यह सिर्फ़ आशिकों का दिल लुभाने
> वाली नायिकाओं के लिए प्रयोग होता था, लेकिन अब इसका दायरा व्यापक हो रहा
> है। जैसे देवानन्द की अदा, शाहरुख की अदा। इसके भीतर यह भाव निहित है कि एक
> अदा दिखाने वाला/वाली है और एक या कुछ या तमाम दर्शक हैं जिनके लाभार्थ अदा
> का प्रदर्शन हो रहा है। दर्शक न होने की स्थिति में अदा बेमतलब हो जाएगी। इस
> लिहाज़ से अदा हमेशा सायास ही होगी।
>
> अगर आप किसी के भी व्यवहार को अदा कहते हैं तो उसका अर्थ है कि वह विशेष
> प्रदर्शन के लिए ही वो व्यवहार कर रहा है जिसे अदा कहा जा रहा है।
>
> ----- Original Message -----
> *From:* ashutosh kumar <mailto:ashuv...@gmail.com>
> *To:* shabdc...@googlegroups.com
> <mailto:shabdc...@googlegroups.com>
> *Sent:* Monday, November 01, 2010 10:46 AM
> *Subject:* Re: [शब्द चर्चा] अदा
>
>
>
> क्या बात है दिनेशरायजी. बहुत खूब.
> असल में शब्दों के मायने सन्दर्भ से तय होते हैं.मसलन अगर अभय यह कहें कि
> इंडियाबैशिंग अरुंधती की अदा है, तो उनका मतलब शायद यही होगा कि वे
> जानबूझ कर ऐसा करती हैं. न कि यह कि ऐसा उन का जन्मसिद्ध संस्कार है.
> लेकिन अगर कोई यह कहे कि अरुंधतीबैशिंग अभय की अदा है , तो मतलब यह होगा
> कि यह उन की आम आदत है !
> ( और यह टीप उस बहस पर *नहीं *है .)
>
>
>
>
> --
> anil janvijay
> कृपया हमारी ये वेबसाइट देखें
> www.kavitakosh.org <http://www.kavitakosh.org>
> www.gadyakosh.org <http://www.gadyakosh.org>
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From: "ravikant" <ravi...@sarai.net>
To: <shabdc...@googlegroups.com>
On 1 नव, 15:36, "Abhay Tiwari" <abhay...@gmail.com> wrote:
> ईरान कल्चर हाउस वाले फ़ारसी शब्द कोष में अदा के ये अर्थ मिलते हैं-
> १. (क्रिया) चुकाना, उतारना [यह अरबी मूल का अदा है, मद्दाह के कोष के अनुसार,
> जबकि बाक़ी के नीचे के अर्थ फ़ारसी मूल के हैं]
> २. रमणीय भाव-भंगिमा, नाज़-नख़रा, चापल्य, चोचलेबाज़ी,
> ३. संकेत, इशारा
> ४. (आम बोलचाल) बेढ़ंगापन, बेढंगा व्यवहार, असंगत आचरण,
> ५. (आम बोलचाल) अनुकरण, अनुयाय, नक़ल
>
> ----- Original Message -----
> From: "ravikant" <ravik...@sarai.net>
> To: <shabdc...@googlegroups.com>
> Sent: Monday, November 01, 2010 12:10 PM
> Subject: Re: [शब्द चर्चा] अदा
>
> > सादगी भी तो क़यामत की अदा हो(सक)ती है?
>
> > रविकान्त
>
> > anil janvijay wrote:
> >> अदा सायास भी हो सकती है और अनायास भी । किसी को भी पसन्द आने वाली किसी की
> >> कोई भंगिमा अदा कहलाती है । अगर कोई भंगिमा पसन्द नहीं की जाती तो उसके लिए
> >> अदा शब्द का उपयोग नहीं किया जाएगा । हालाँकि मैंने यह वाक्य भी सुना है-- "
> >> अदाएँ तो बहुत दिखाती है, पर वो किसी को भाती नहीं हैं।"
> >> यहाँ सायास की गई भंगिमा को अदा कहा गया है । इसलिए यह माना जाना चाहिए कि
> >> सायास की गई भंगिमाएँ अगर पसन्द न आएँ तो भी कभी-कभी उन्हें अदा कहा जा सकता
> >> है।
>
> >> 2010/11/1 Abhay Tiwari <abhay...@gmail.com <mailto:abhay...@gmail.com>>
>
> >> अदा का प्रचलित मतलब हाव-भाव, भंगिमा है। पहले यह सिर्फ़ आशिकों का दिल
> >> लुभाने
> >> वाली नायिकाओं के लिए प्रयोग होता था, लेकिन अब इसका दायरा व्यापक हो
> >> रहा
> >> है। जैसे देवानन्द की अदा, शाहरुख की अदा। इसके भीतर यह भाव निहित है कि
> >> एक
> >> अदा दिखाने वाला/वाली है और एक या कुछ या तमाम दर्शक हैं जिनके लाभार्थ
> >> अदा
> >> का प्रदर्शन हो रहा है। दर्शक न होने की स्थिति में अदा बेमतलब हो
> >> जाएगी। इस
> >> लिहाज़ से अदा हमेशा सायास ही होगी।
> >> अगर आप किसी के भी व्यवहार को अदा कहते हैं तो उसका अर्थ है कि वह
> >> विशेष
> >> प्रदर्शन के लिए ही वो व्यवहार कर रहा है जिसे अदा कहा जा रहा है।
>
> >> ----- Original Message -----
> >> *From:* ashutosh kumar <mailto:ashuvand...@gmail.com>