अदा

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Bharatbhooshan Tiwari

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Oct 31, 2010, 3:04:47 AM10/31/10
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एक सवाल संतों से. क्या 'अदा' शब्द में डेलीबरेशन का भाव निहित है? अर्थात क्या अदाएँ हमेशा सुचिंतित होती हैं? या स्वाभाविक भी?

ashutosh kumar

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Oct 31, 2010, 5:40:44 AM10/31/10
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ये तो उनकी अदा है - ऐसा कहने मेँ बनावट को छुपाया और सहजता को उभारा जा रहा है

ई-स्वामी

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Oct 31, 2010, 11:32:07 PM10/31/10
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अदा - स्टाईल है.. ये दोनो ही [सुचिंचित या सहज]  हो सकती है.
फ़ूल और कांटे फ़िल्म में अजय देवगन का एक डायलॉग था "ये अदा है, ये खून से आती है"
मैने भी देखा है कि बच्चे कई चीज़ें/हरकतें बिल्कुल अपने अभिभावकों जैसी करते हैं, वे उन्हे देख कर नकल नही कर रहे होते बल्कि कई बार यह एकदम वंशानुगत सी चीज़ होती है.

2010/10/31 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com>



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दिनेशराय द्विवेदी

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Nov 1, 2010, 12:09:59 AM11/1/10
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सब की होती है अपनी अलग अदा। पर कुछ लोग अदाकार भी होते हैं।

2010/11/1 ई-स्वामी <esw...@gmail.com>



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दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्थान, भारत
Dineshrai Dwivedi, Kota, Rajasthan,
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ashutosh kumar

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Nov 1, 2010, 1:16:22 AM11/1/10
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क्या बात है दिनेशरायजी. बहुत खूब. 
असल में शब्दों  के मायने सन्दर्भ से तय होते हैं.मसलन अगर अभय यह कहें कि इंडियाबैशिंग अरुंधती की अदा है, तो उनका मतलब शायद यही होगा कि वे जानबूझ  कर ऐसा करती हैं. न कि यह कि ऐसा उन का जन्मसिद्ध संस्कार है. लेकिन अगर कोई यह कहे कि अरुंधतीबैशिंग अभय की अदा है , तो मतलब यह होगा कि यह उन की आम  आदत है !
( और यह टीप उस बहस पर नहीं है .)      

Santosh Kushwaha

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Nov 1, 2010, 1:02:20 AM11/1/10
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अदाएं स्वाभाविक और जन्मजात होती हैं. इसे सायास सीखा , अपनाया और नक़ल भी किया जा सकता है. लड़कियों के बाल झटकने की अदा लड़कों को बहुत पसंद है. किसी के चलने या बोलने की अदा का कोई सायास नक़ल करता है.
 
संतोष कुशवाहा
मुंबई
 
 

Abhay Tiwari

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Nov 1, 2010, 1:54:14 AM11/1/10
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अदा का प्रचलित मतलब हाव-भाव, भंगिमा है। पहले यह सिर्फ़ आशिकों का दिल लुभाने वाली नायिकाओं के लिए प्रयोग होता था, लेकिन अब इसका दायरा व्यापक हो रहा है। जैसे देवानन्द की अदा, शाहरुख की अदा। इसके भीतर यह भाव निहित है कि एक अदा दिखाने वाला/वाली है और एक या कुछ या तमाम दर्शक हैं जिनके लाभार्थ अदा का प्रदर्शन हो रहा है। दर्शक न होने की स्थिति में अदा बेमतलब हो जाएगी। इस लिहाज़ से अदा हमेशा सायास ही होगी।
 
अगर आप किसी के भी व्यवहार को अदा कहते हैं तो उसका अर्थ है कि वह विशेष प्रदर्शन के लिए ही वो व्यवहार कर रहा है जिसे अदा कहा जा रहा है।

ashutosh kumar

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Nov 1, 2010, 2:20:52 AM11/1/10
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एक इक जिस की अदा  हम को भी हरजाई लगे 
लेकिन उस को चाहते रहने में दानाई लगे 

anil janvijay

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Nov 1, 2010, 2:22:10 AM11/1/10
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अदा सायास भी हो सकती है और अनायास भी । किसी को भी पसन्द आने वाली किसी की कोई भंगिमा अदा कहलाती है । अगर कोई भंगिमा पसन्द नहीं की जाती तो उसके लिए अदा शब्द का उपयोग नहीं किया जाएगा । हालाँकि मैंने यह वाक्य भी सुना है-- " अदाएँ तो बहुत दिखाती है, पर वो किसी को भाती नहीं हैं।"
यहाँ सायास की गई भंगिमा को अदा कहा गया है । इसलिए यह माना जाना चाहिए कि सायास की गई भंगिमाएँ अगर पसन्द न आएँ तो भी कभी-कभी उन्हें अदा कहा जा सकता है।

2010/11/1 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>



--
anil janvijay
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ravikant

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Nov 1, 2010, 2:40:58 AM11/1/10
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सादगी भी तो क़यामत की अदा हो(सक)ती है?

रविकान्त

anil janvijay wrote:
> अदा सायास भी हो सकती है और अनायास भी । किसी को भी पसन्द आने वाली किसी की
> कोई भंगिमा अदा कहलाती है । अगर कोई भंगिमा पसन्द नहीं की जाती तो उसके लिए अदा
> शब्द का उपयोग नहीं किया जाएगा । हालाँकि मैंने यह वाक्य भी सुना है-- " अदाएँ तो
> बहुत दिखाती है, पर वो किसी को भाती नहीं हैं।"
> यहाँ सायास की गई भंगिमा को अदा कहा गया है । इसलिए यह माना जाना चाहिए कि
> सायास की गई भंगिमाएँ अगर पसन्द न आएँ तो भी कभी-कभी उन्हें अदा कहा जा सकता है।
>

> 2010/11/1 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com <mailto:abha...@gmail.com>>


>
> अदा का प्रचलित मतलब हाव-भाव, भंगिमा है। पहले यह सिर्फ़ आशिकों का दिल लुभाने
> वाली नायिकाओं के लिए प्रयोग होता था, लेकिन अब इसका दायरा व्यापक हो रहा
> है। जैसे देवानन्द की अदा, शाहरुख की अदा। इसके भीतर यह भाव निहित है कि एक
> अदा दिखाने वाला/वाली है और एक या कुछ या तमाम दर्शक हैं जिनके लाभार्थ अदा
> का प्रदर्शन हो रहा है। दर्शक न होने की स्थिति में अदा बेमतलब हो जाएगी। इस
> लिहाज़ से अदा हमेशा सायास ही होगी।
>
> अगर आप किसी के भी व्यवहार को अदा कहते हैं तो उसका अर्थ है कि वह विशेष
> प्रदर्शन के लिए ही वो व्यवहार कर रहा है जिसे अदा कहा जा रहा है।
>
> ----- Original Message -----

> *From:* ashutosh kumar <mailto:ashuv...@gmail.com>
> *To:* shabdc...@googlegroups.com
> <mailto:shabdc...@googlegroups.com>
> *Sent:* Monday, November 01, 2010 10:46 AM
> *Subject:* Re: [शब्द चर्चा] अदा


>
>
>
> क्या बात है दिनेशरायजी. बहुत खूब.
> असल में शब्दों के मायने सन्दर्भ से तय होते हैं.मसलन अगर अभय यह कहें कि
> इंडियाबैशिंग अरुंधती की अदा है, तो उनका मतलब शायद यही होगा कि वे
> जानबूझ कर ऐसा करती हैं. न कि यह कि ऐसा उन का जन्मसिद्ध संस्कार है.
> लेकिन अगर कोई यह कहे कि अरुंधतीबैशिंग अभय की अदा है , तो मतलब यह होगा
> कि यह उन की आम आदत है !

> ( और यह टीप उस बहस पर *नहीं *है .)

>
>
>
>
> --
> anil janvijay
> कृपया हमारी ये वेबसाइट देखें

> www.kavitakosh.org <http://www.kavitakosh.org>
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Abhay Tiwari

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Nov 1, 2010, 6:36:44 AM11/1/10
to shabdc...@googlegroups.com
ईरान कल्चर हाउस वाले फ़ारसी शब्द कोष में अदा के ये अर्थ मिलते हैं-
१. (क्रिया) चुकाना, उतारना [यह अरबी मूल का अदा है, मद्दाह के कोष के अनुसार,
जबकि बाक़ी के नीचे के अर्थ फ़ारसी मूल के हैं]
२. रमणीय भाव-भंगिमा, नाज़-नख़रा, चापल्य, चोचलेबाज़ी,
३. संकेत, इशारा
४. (आम बोलचाल) बेढ़ंगापन, बेढंगा व्यवहार, असंगत आचरण,
५. (आम बोलचाल) अनुकरण, अनुयाय, नक़ल

----- Original Message -----
From: "ravikant" <ravi...@sarai.net>
To: <shabdc...@googlegroups.com>

farid khan

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Nov 1, 2010, 7:54:12 AM11/1/10
to शब्द चर्चा
अभिनय को भी उर्दू के अदाकारी कहते हैं। अभिनय सायास ही होता है।

On 1 नव, 15:36, "Abhay Tiwari" <abhay...@gmail.com> wrote:
> ईरान कल्चर हाउस वाले फ़ारसी शब्द कोष में अदा के ये अर्थ मिलते हैं-
> १. (क्रिया) चुकाना, उतारना [यह अरबी मूल का अदा है, मद्दाह के कोष के अनुसार,
> जबकि बाक़ी के नीचे के अर्थ फ़ारसी मूल के हैं]
> २. रमणीय भाव-भंगिमा, नाज़-नख़रा, चापल्य, चोचलेबाज़ी,
> ३. संकेत, इशारा
> ४. (आम बोलचाल) बेढ़ंगापन, बेढंगा व्यवहार, असंगत आचरण,
> ५. (आम बोलचाल) अनुकरण, अनुयाय, नक़ल
>
> ----- Original Message -----
> From: "ravikant" <ravik...@sarai.net>
> To: <shabdc...@googlegroups.com>
> Sent: Monday, November 01, 2010 12:10 PM
> Subject: Re: [शब्द चर्चा] अदा
>
> > सादगी भी तो क़यामत की अदा हो(सक)ती है?
>
> > रविकान्त
>
> > anil janvijay wrote:
> >> अदा सायास भी हो सकती है और अनायास भी । किसी को भी पसन्द आने वाली किसी की
> >> कोई भंगिमा अदा कहलाती है । अगर कोई भंगिमा पसन्द नहीं की जाती तो उसके लिए
> >> अदा शब्द का उपयोग नहीं किया जाएगा । हालाँकि मैंने यह वाक्य भी सुना है-- "
> >> अदाएँ तो बहुत दिखाती है, पर वो किसी को भाती नहीं हैं।"
> >> यहाँ सायास की गई भंगिमा को अदा कहा गया है । इसलिए यह माना जाना चाहिए कि
> >> सायास की गई भंगिमाएँ अगर पसन्द न आएँ तो भी कभी-कभी उन्हें अदा कहा जा सकता
> >> है।
>

> >> 2010/11/1 Abhay Tiwari <abhay...@gmail.com <mailto:abhay...@gmail.com>>


>
> >>     अदा का प्रचलित मतलब हाव-भाव, भंगिमा है। पहले यह सिर्फ़ आशिकों का दिल
> >> लुभाने
> >>     वाली नायिकाओं के लिए प्रयोग होता था, लेकिन अब इसका दायरा व्यापक हो
> >> रहा
> >>     है। जैसे देवानन्द की अदा, शाहरुख की अदा। इसके भीतर यह भाव निहित है कि
> >> एक
> >>     अदा दिखाने वाला/वाली है और एक या कुछ या तमाम दर्शक हैं जिनके लाभार्थ
> >> अदा
> >>     का प्रदर्शन हो रहा है। दर्शक न होने की स्थिति में अदा बेमतलब हो
> >> जाएगी। इस
> >>     लिहाज़ से अदा हमेशा सायास ही होगी।
> >>      अगर आप किसी के भी व्यवहार को अदा कहते हैं तो उसका अर्थ है कि वह
> >> विशेष
> >>     प्रदर्शन के लिए ही वो व्यवहार कर रहा है जिसे अदा कहा जा रहा है।
>
> >>         ----- Original Message -----

> >>         *From:* ashutosh kumar <mailto:ashuvand...@gmail.com>

ई-स्वामी

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Nov 1, 2010, 10:25:07 AM11/1/10
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फ़ॉर द रिकॉर्ड लिख दूं भाई जी की, अपवाद स्वरूप ही सही एक्स्ट्रीम चुगदपन के चलते जो पसंद हो उसकी हर अदा [अच्छी या बुरी] पसंद आने लगती है - चाहे फ़िर प्रदर्शन के लिये हो या सहज हो!

मसलन -
तू बेवफ़ा है मगर मुझ को जाँ से प्यारा है
इसी अदा ने तो राही तेरा गुलाम किया


वैसे दूरदर्शन के ज़माने में पिनाज़ मसानी की अदाएं... याद हैं? ये गज़ल सुनोगे तो याद आ जाएंगी!
http://www.youtube.com/watch?v=lBGtznjQHmA

किसी दौर में इसे कैसेट पर रिवाईंड कर कर के सुने हम! :)




2010/11/1 farid khan <kfari...@gmail.com>
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