डिम्पल

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अजित वडनेरकर

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Jul 31, 2010, 9:23:35 AM7/31/10
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गालों में पड़नेवाले गढ़े के लिए अंग्रेजी का डिम्पल शब्द ही हिन्दी में भी प्रयुक्त है।
क्या इसके लिए कोई हिन्दी-उर्दू का शब्द याद आता है?
हिन्दी में कपोलभंग शब्द है पर यह भर्ती का लगता है।
--
शुभकामनाओं सहित
अजित
http://shabdavali.blogspot.com/

दिनेशराय द्विवेदी

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Jul 31, 2010, 9:24:58 AM7/31/10
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डिम्पल बहुत खूबसूरत है।

2010/7/31 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>



--
दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्थान, भारत
Dineshrai Dwivedi, Kota, Rajasthan,
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अनवरत
तीसरा खंबा


अजित वडनेरकर

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Jul 31, 2010, 9:50:51 AM7/31/10
to shabdc...@googlegroups.com
हां एकदम। अभी अभी रवीशकुमार का फोन आया था। वे पूछ रहे थे।
मैने बताया कि यही प्रचलित है और अन्य अभिव्यक्ति अब तो सामने नहीं आई।

2010/7/31 दिनेशराय द्विवेदी <drdwi...@gmail.com>

Kapil Swami

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Jul 31, 2010, 10:24:22 AM7/31/10
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डॉ. सुरेश अवस्‍थी के अंग्रेजी-हिन्‍दी शब्‍दकोष में इसके लिए गुल शब्‍द भी दिया गया है। पर डिम्‍पल से बेहतर नहीं लग रहा।

कपिल

ई-स्वामी

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Jul 31, 2010, 10:36:14 AM7/31/10
to shabdc...@googlegroups.com
hamare idhar "gaal mein gaDDhe padna" kahte hain! 

2010/7/31 Kapil Swami <kapi...@gmail.com>



--
http://hindini.com
http://hindini.com/eswami

narayan prasad

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Jul 31, 2010, 10:58:44 AM7/31/10
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आपलोग यदि चाहें तो अंग्रेजी शब्द डिम्पल का प्रयोग शौक से कर सकते हैं । लेकिन हिन्दी में भी इसके लिए फारसी से लिया गया "गुल" शब्द है जिसका बृहत् हिन्दी कोश में अर्थ दिया गया है - "हँसते समय भरे हुए गालों में पड़नेवाला गड्ढा" । shabdkosh.com पर भी "गुल" का dimple अर्थ मिलता है ।

मैंने पहले English-Russian Dictionary से dimple का रूसी शब्द खोजा - ямочка (यामच्का) । फिर इसे रूसी-हिन्दी शब्दकोश में खोजा तो मिला - "गुल" । फिर बृहत् हिन्दी कोश में "गुल" का अर्थ खोजा तो जो कुछ मिला वह ऊपर लिख दिया है ।

---नारायण प्रसाद

2010/7/31 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>
हां एकदम। अभी अभी रवीशकुमार का फोन आया था। वे पूछ रहे थे।

दिनेशराय द्विवेदी

unread,
Jul 31, 2010, 11:16:18 AM7/31/10
to shabdc...@googlegroups.com
गुल भी अच्छा शब्द है। गालों में गुल, क्या बात है। शायरों का तो काम बन गया।

2010/7/31 narayan prasad <hin...@gmail.com>

Rajendra Swarnkar

unread,
Jul 31, 2010, 11:23:53 AM7/31/10
to shabdc...@googlegroups.com

दुरुस्त फ़रमाया द्विवेदीजी !
काम बन गया हमारा तो…


गालों में गुल



~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
2010/7/31 दिनेशराय द्विवेदी <drdwi...@gmail.com>

farid khan

unread,
Jul 31, 2010, 1:54:21 PM7/31/10
to शब्द चर्चा
वाह, डिम्पल के लिए हिन्दी का 'गुल' बहुत अच्छा शब्द है। दिनेश जी ने सही
कहा, शायरों का काम बन गया।

On Jul 31, 8:23 pm, Rajendra Swarnkar <swarnkarrajen...@gmail.com>
wrote:


> दुरुस्त फ़रमाया द्विवेदीजी !
> काम बन गया हमारा तो…
>
> गालों में गुल
>
> ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

> 2010/7/31 दिनेशराय द्विवेदी <drdwive...@gmail.com>


>
> > गुल भी अच्छा शब्द है। गालों में गुल, क्या बात है। शायरों का तो काम बन गया।
>
> > 2010/7/31 narayan prasad <hin...@gmail.com>
>
> > आपलोग यदि चाहें तो अंग्रेजी शब्द डिम्पल का प्रयोग शौक से कर सकते हैं ।
> >> लेकिन हिन्दी में भी इसके लिए फारसी से लिया गया "गुल" शब्द है जिसका बृहत्
> >> हिन्दी कोश में अर्थ दिया गया है - "हँसते समय भरे हुए गालों में पड़नेवाला
> >> गड्ढा" । shabdkosh.com पर भी "गुल" का dimple अर्थ मिलता है ।
>
> >> मैंने पहले English-Russian Dictionary से dimple का रूसी शब्द खोजा - ямочка
> >> (यामच्का) । फिर इसे रूसी-हिन्दी शब्दकोश में खोजा तो मिला - "गुल" । फिर बृहत्
> >> हिन्दी कोश में "गुल" का अर्थ खोजा तो जो कुछ मिला वह ऊपर लिख दिया है ।
>
> >> ---नारायण प्रसाद
>

> >> 2010/7/31 अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com>


>
> >>> हां एकदम। अभी अभी रवीशकुमार का फोन आया था। वे पूछ रहे थे।
> >>> मैने बताया कि यही प्रचलित है और अन्य अभिव्यक्ति अब तो सामने नहीं आई।
>
> > --
> > दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्थान, भारत
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Ghost Buster

unread,
Jul 31, 2010, 2:15:22 PM7/31/10
to shabdc...@googlegroups.com
इसके लिये गुल प्रचलित शब्द लगता है. जरा "गुल पनाग" का फ़ोटो देख लें. गूगल इमेजेस पर ही सर्च मार लें.

2010/7/31 दिनेशराय द्विवेदी <drdwi...@gmail.com>



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घोस्ट बस्टर का ब्लॉग
http://pret-vinashak.blogspot.com

संजय | sanjay

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Aug 1, 2010, 1:16:37 AM8/1/10
to shabdc...@googlegroups.com
अंग्रेजी के विकल्प का शब्द कहीं का ले लेंगे, पारसी और न जाने कहाँ कहाँ से मगर अंग्रेजी का न लेंगे. क्या इस मानसिकता से गुल लेंगे? गुल उतना ही पराया है जितना डिम्पल. हाँ गुल प्यारा जरूर है. वैसे गुल माने फूल भी होता है शायद..और संस्कृत में गालों के खडे के लिए शब्द न हो यह हजम नहीं होता.

2010/8/1 अफ़लातून Aflatoon <afla...@gmail.com>
गुल से थोड़ा अलग ’गुल्फ़’ कैसा है? जुल्फ के निकट की गुल्फ़ें !


On Jul 31, 8:16 pm, दिनेशराय द्विवेदी <drdwive...@gmail.com> wrote:
> गुल भी अच्छा शब्द है। गालों में गुल, क्या बात है। शायरों का तो काम बन गया।
>
> 2010/7/31 narayan prasad <hin...@gmail.com>
>
>
>
> > आपलोग यदि चाहें तो अंग्रेजी शब्द डिम्पल का प्रयोग शौक से कर सकते हैं ।
> > लेकिन हिन्दी में भी इसके लिए फारसी से लिया गया "गुल" शब्द है जिसका बृहत्
> > हिन्दी कोश में अर्थ दिया गया है - "हँसते समय भरे हुए गालों में पड़नेवाला
> > गड्ढा" । shabdkosh.com पर भी "गुल" का dimple अर्थ मिलता है ।
>
> > मैंने पहले English-Russian Dictionary से dimple का रूसी शब्द खोजा - ямочка
> > (यामच्का) । फिर इसे रूसी-हिन्दी शब्दकोश में खोजा तो मिला - "गुल" । फिर बृहत्
> > हिन्दी कोश में "गुल" का अर्थ खोजा तो जो कुछ मिला वह ऊपर लिख दिया है ।
>
> > ---नारायण प्रसाद
>
> > 2010/7/31 अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com>

>
> >> हां एकदम। अभी अभी रवीशकुमार का फोन आया था। वे पूछ रहे थे।
> >> मैने बताया कि यही प्रचलित है और अन्य अभिव्यक्ति अब तो सामने नहीं आई।
>
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> दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्थान, भारत
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संजय बेंगाणी | sanjay bengani | 09601430808
छवि मीडिया एण्ड कॉम्यूनिकेशन
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         www.tarakash.com
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V S Rawat

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Aug 1, 2010, 5:28:55 AM8/1/10
to shabdc...@googlegroups.com
On 8/1/2010 11:17 AM India Time, _Rajendra Swarnkar_ wrote:

> *संजय भाई *की बात में दम तो है ।

इस समूह में हम शब्द चर्चा कर रहे हैं। अच्छा हुआ कि इस डिम्पल के बहाने से इतने सारे
शब्दों पर चर्चा हो गई और हमको कुछ नए शब्द पता चले।

> *
> इस मानसिकता से गुल लेंगे?* से ध्यान आया
> गुल होना से हम गायब होने का अर्थ भी तो लेते हैं …
> *बिजली गुल हो गई
> होश गुल हैं

जली हुई सिगरेट पर आगे जो राख बनती है, उसको भी गुल कहा जाता है जिसको झाड़ा जाता है।

क्या गुल्ली डंडे में गुल भी इन्हीं किसी गुल से आया है? या बजने वाले बिगुल में?

गुल-गपाड़ा मचाया जाता है। इसमें कौन सा गुल है?

रावत

> *
> राजेन्द्र स्वर्णकार
> *शस्वरं * <%20http://shabdswarrang.blogspot.com/>
> *http://shabdswarrang.blogspot.com/* <%20http://shabdswarrang.blogspot.com/>
>
>
> ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
>
>
> 2010/8/1 संजय | sanjay <sanjay...@gmail.com
> <mailto:sanjay...@gmail.com>>


>
> अंग्रेजी के विकल्प का शब्द कहीं का ले लेंगे, पारसी और न जाने कहाँ कहाँ से मगर अंग्रेजी
> का न लेंगे. क्या इस मानसिकता से गुल लेंगे? गुल उतना ही पराया है जितना डिम्पल. हाँ
> गुल प्यारा जरूर है. वैसे गुल माने फूल भी होता है शायद..और संस्कृत में गालों के खडे के
> लिए शब्द न हो यह हजम नहीं होता.
>
> 2010/8/1 अफ़लातून Aflatoon <afla...@gmail.com

> <mailto:afla...@gmail.com>>


>
> गुल से थोड़ा अलग ’गुल्फ़’ कैसा है? जुल्फ के निकट की गुल्फ़ें !
>
> On Jul 31, 8:16 pm, दिनेशराय द्विवेदी <drdwive...@gmail.com

> <mailto:drdwive...@gmail.com>> wrote:
> > गुल भी अच्छा शब्द है। गालों में गुल, क्या बात है। शायरों का तो काम बन गया।
> >
> > 2010/7/31 narayan prasad <hin...@gmail.com

> <mailto:hin...@gmail.com>>


> >
> >
> >
> > > आपलोग यदि चाहें तो अंग्रेजी शब्द डिम्पल का प्रयोग शौक से कर सकते हैं ।
> > > लेकिन हिन्दी में भी इसके लिए फारसी से लिया गया "गुल" शब्द है जिसका बृहत्
> > > हिन्दी कोश में अर्थ दिया गया है - "हँसते समय भरे हुए गालों में पड़नेवाला

> > > गड्ढा" । shabdkosh.com <http://shabdkosh.com> पर भी "गुल" का


> dimple अर्थ मिलता है ।
> >
> > > मैंने पहले English-Russian Dictionary से dimple का रूसी शब्द खोजा
> - ямочка
> > > (यामच्का) । फिर इसे रूसी-हिन्दी शब्दकोश में खोजा तो मिला - "गुल" ।
> फिर बृहत्
> > > हिन्दी कोश में "गुल" का अर्थ खोजा तो जो कुछ मिला वह ऊपर लिख दिया है ।
> >
> > > ---नारायण प्रसाद
> >
> > > 2010/7/31 अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com

> <mailto:wadnerkar.a...@gmail.com>>

Rajendra Swarnkar

unread,
Aug 1, 2010, 1:47:38 AM8/1/10
to shabdc...@googlegroups.com



संजय भाई की बात में दम तो है  ।

इस मानसिकता से गुल लेंगे?
  से ध्यान आया
गुल होना से हम गायब होने का अर्थ भी तो लेते हैं …
बिजली गुल हो गई
होश गुल हैं

राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं 
http://shabdswarrang.blogspot.com/


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~


2010/8/1 संजय | sanjay <sanjay...@gmail.com>
अंग्रेजी के विकल्प का शब्द कहीं का ले लेंगे, पारसी और न जाने कहाँ कहाँ से मगर अंग्रेजी का न लेंगे. क्या इस मानसिकता से गुल लेंगे? गुल उतना ही पराया है जितना डिम्पल. हाँ गुल प्यारा जरूर है. वैसे गुल माने फूल भी होता है शायद..और संस्कृत में गालों के खडे के लिए शब्द न हो यह हजम नहीं होता.

अफ़लातून Aflatoon

unread,
Aug 1, 2010, 12:29:39 AM8/1/10
to शब्द चर्चा
गुल से थोड़ा अलग ’गुल्फ़’ कैसा है? जुल्फ के निकट की गुल्फ़ें !

On Jul 31, 8:16 pm, दिनेशराय द्विवेदी <drdwive...@gmail.com> wrote:
> गुल भी अच्छा शब्द है। गालों में गुल, क्या बात है। शायरों का तो काम बन गया।
>
> 2010/7/31 narayan prasad <hin...@gmail.com>
>
>
>
> > आपलोग यदि चाहें तो अंग्रेजी शब्द डिम्पल का प्रयोग शौक से कर सकते हैं ।
> > लेकिन हिन्दी में भी इसके लिए फारसी से लिया गया "गुल" शब्द है जिसका बृहत्
> > हिन्दी कोश में अर्थ दिया गया है - "हँसते समय भरे हुए गालों में पड़नेवाला
> > गड्ढा" । shabdkosh.com पर भी "गुल" का dimple अर्थ मिलता है ।
>
> > मैंने पहले English-Russian Dictionary से dimple का रूसी शब्द खोजा - ямочка
> > (यामच्का) । फिर इसे रूसी-हिन्दी शब्दकोश में खोजा तो मिला - "गुल" । फिर बृहत्
> > हिन्दी कोश में "गुल" का अर्थ खोजा तो जो कुछ मिला वह ऊपर लिख दिया है ।
>
> > ---नारायण प्रसाद
>

> > 2010/7/31 अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com>


>
> >> हां एकदम। अभी अभी रवीशकुमार का फोन आया था। वे पूछ रहे थे।
> >> मैने बताया कि यही प्रचलित है और अन्य अभिव्यक्ति अब तो सामने नहीं आई।
>
> --
> दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्थान, भारत
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Abhay Tiwari

unread,
Aug 1, 2010, 2:20:13 AM8/1/10
to shabdc...@googlegroups.com
On 8/1/10, Rajendra Swarnkar <swarnkar...@gmail.com> wrote:
> *संजय भाई *की बात में दम तो है ।
> *
> इस मानसिकता से गुल लेंगे?* से ध्यान आया

> गुल होना से हम गायब होने का अर्थ भी तो लेते हैं …
> *बिजली गुल हो गई

> होश गुल हैं
> *

> राजेन्द्र स्वर्णकार
> *शस्वरं * <%20http://shabdswarrang.blogspot.com/>
> *http://shabdswarrang.blogspot.com/* <%20http://shabdswarrang.blogspot.com/>

अजित वडनेरकर

unread,
Aug 1, 2010, 1:02:23 PM8/1/10
to shabdc...@googlegroups.com
दोस्तों,
कई संदर्भ देखे। गुल शब्द बेहद खूबसूरत है।
गालों पर पढ़ते गढ़े के लिए यह उपयुक्त है। गुल यानी फूल।
गालों पर गुलो का खिलना यानी मुस्कुराहट के फूल खिलना।
हंसते हुए सबके गालों में गढ़े नहीं पड़ते। गालों में गढ़ों का पड़ना यानी फूलों का खिलना।
फूलों की तुलना खूबसूरत होठों से की जाती है। मगर गढ़ों के लिए गुल शब्द के मायने भी
फूल खिलने से ही वाबस्ता हैं।

सो आज से हमारी भाषा में डिम्पल के साथ गालों पर गुल भी खिलेंगे



2010/8/1 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>
330.gif

सुमितकुमार ओम कटारिया

unread,
Aug 1, 2010, 1:53:53 PM8/1/10
to शब्द चर्चा
चांद जब हँसता है तो उसके दोनों गालों पर टिप्पे पड़ते हैं।

ऐसा कुछ लेखक गुलज़ार को टीवी पर कहते सुना था। मैंने ऐसा और कहीं पढ़ा-
सुना नहीं है।

Abhay Tiwari

unread,
Aug 1, 2010, 8:36:30 PM8/1/10
to shabdc...@googlegroups.com

दिनेशराय द्विवेदी

unread,
Aug 1, 2010, 10:55:12 PM8/1/10
to shabdc...@googlegroups.com
संजय उवाच-
और संस्कृत में गालों के खडे के लिए शब्द न हो यह हजम नहीं होता.
पर शायद ऐसा ही है। आप्टे जी के शब्दकोष से Dimple के लिए जो शब्द बरामद हुए हैं वे "कपोलभंगः, गंडतरंगः; कपोलोर्मि" हैं। 

2010/8/2 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

--
दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्थान, भारत
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अनवरत
तीसरा खंबा


सुमितकुमार ओम कटारिया

unread,
Aug 2, 2010, 12:06:14 AM8/2/10
to शब्द चर्चा

<<आप्टे जी के शब्दकोष से Dimple के लिए जो शब्द बरामद हुए
> हैं वे* "**कपोलभंगः**, गंडतरंगः; **कपोलोर्मि"* हैं।>>

बंगाली-अंग्रेज़ी कोश में ऐसा ही एक शब्द मिला-- गंडकूप (গণ্ডকূপ)

इधर-- <http://goo.gl/7ZwY>

nrohilla

unread,
Aug 2, 2010, 12:46:47 AM8/2/10
to शब्द चर्चा
तौबा है इलाही...
उनके गालों पर गुल देखकर,
हम होश गुल कर बैठे :)


गुल बेहद हसीन शब्द लग रहा है गालों पर गड्ढों के लिये, लेकिन बोलचाल में
गालों पर गड्ढे ही ज्यादा सुना/पढा है ।

दिनेशराय द्विवेदी

unread,
Aug 2, 2010, 1:08:18 AM8/2/10
to shabdc...@googlegroups.com
डिम्पल के लिए इस के अतिरिक्त गुल के अलावा कोई एक शब्द संभवतः है ही नहीं। गुल के मिलने के बाद शायद उस की जरूरत भी नहीं।

2010/8/2 nrohilla <nroh...@gmail.com>

Abhay Tiwari

unread,
Aug 2, 2010, 1:11:38 AM8/2/10
to shabdc...@googlegroups.com
हम तो बचपन से गड्ढा ही सुनते आए हैं.. मैं ने उनको लेकर अश्लील पद भी सुने हैं जो लड़कों के गाल में पड़ने वाले गड्ढों को समलैंगिकता की निशानी मानते हैं।

Rajendra Swarnkar

unread,
Aug 2, 2010, 2:40:38 AM8/2/10
to shabdc...@googlegroups.com

ॐ नमः शिवाय

तो क्या ज्ञान बांटने की महफ़िल में अब … ???
… और लड़कियों के गालों के गड्ढे ?


राजेन्द्र स्वर्णकार

शस्वरं
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~

2010/8/2 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

Abhay Tiwari

unread,
Aug 2, 2010, 3:07:52 AM8/2/10
to shabdc...@googlegroups.com
इसे भी आप ज्ञान का हिस्सा मान कर ही लें.. :)
चूंकि गाल के गड्ढे सौन्दर्य का साक्षात प्रतीक हैं इसलिए पुरुषोचित कठोरता व शौर्य और स्त्रियोचित कोमलता व सौन्दर्य के आधार पर विभाजित समाज में पुरुषों के गाल के गड्ढे यदि समलैंगिकता की निशानी माने जायें और उस पर अश्लील पद रचें जायें तो इसमें अचरज कैसा?
 
पद का एक सम्बन्धित अंश कुछ ऐसे था: हँसत गाल गड्ढा पड़े..

Rajendra Swarnkar

unread,
Aug 2, 2010, 3:25:55 AM8/2/10
to shabdc...@googlegroups.com
हां , आगे  ?


~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
2010/8/2 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

V S Rawat

unread,
Aug 2, 2010, 3:58:32 AM8/2/10
to shabdc...@googlegroups.com
On 8/2/2010 12:37 PM India Time, _Abhay Tiwari_ wrote:

> इसे भी आप ज्ञान का हिस्सा मान कर ही लें.. :)

सही है। अश्लील शब्दावली भी भाषा का ही भाग है। उसको जान कर ही लोग उसका
प्रयोग करने से बच सकते हैं। कई बच्चे शब्दों का अश्लील अर्थ जाने बिना उनका प्रयोग करते
रहते हैं और घर समाज वाले भौचक्के रह जाते हैं कि बच्चों को उनका अर्थ समझा भी नहीं
सकते हैं इसलिए कैसे कहें कि इन शब्दों का प्रयोग क्यों न किया जाए।

इस समूह के स्वामी स्पष्ट कर सकते हैं कि क्या यहाँ पर अश्लील शब्दावली पर कभी कभी
चर्चा की जा सकती है।

वैसे कुछ शब्द स्वयं में अश्लील न होने पर भी उनके प्रयोग से अश्लील हो जाते हैं। जैसे कौन
सोच सकता था कि मशहूर शायर फ़िराक़ साहब अपने तक़ल्लुस फ़िराक़, इसके अर्थ ताक में, या
उसके पीछे पड़ना और लड़कियों की क़मीज़ - फ़्रॉक में संबंध बिठा कर शेर तक कह डालेंगे

"फ़िराक़ उसकी फ़िराक़ में है जो तेरी फ़िराक़ में है"
- फ़िराक़ शायद समलैंगिक थे तो वो उस लड़के के पीछे पड़े थे जो किसी लड़की के पीछे पड़ा था।

"फ़िराक़ उसकी फ़िराक़ में है जो तेरी फ़्रॉक में है।"
- फ़िराक़ साहब उस लड़की की फ़्रॉक के अंदर के अंगों को पाना चाहते थे। जैसे कि चोली के
पीछे क्या है

> चूंकि गाल के गड्ढे सौन्दर्य का साक्षात प्रतीक हैं इसलिए पुरुषोचित कठोरता व शौर्य और
> स्त्रियोचित कोमलता व सौन्दर्य के आधार पर विभाजित समाज में पुरुषों के गाल के गड्ढे यदि
> समलैंगिकता की निशानी माने जायें और उस पर अश्लील पद रचें जायें तो इसमें अचरज कैसा?
> पद का एक सम्बन्धित अंश कुछ ऐसे था: हँसत गाल गड्ढा पड़े..

रावत

>
> ----- Original Message -----
> *From:* Rajendra Swarnkar <mailto:swarnkar...@gmail.com>
> *To:* shabdc...@googlegroups.com
> <mailto:shabdc...@googlegroups.com>
> *Sent:* Monday, August 02, 2010 12:10 PM
> *Subject:* Re: [शब्द चर्चा] Re: डिम्पल


>
>
> ॐ नमः शिवाय
>
> तो क्या ज्ञान बांटने की महफ़िल में अब … ???
> … और लड़कियों के गालों के गड्ढे ?
>
>
> राजेन्द्र स्वर्णकार

> *शस्वरं <http://shabdswarrang.blogspot.com>*
> ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
>
> 2010/8/2 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com <mailto:abha...@gmail.com>>


>
> हम तो बचपन से गड्ढा ही सुनते आए हैं.. मैं ने उनको लेकर अश्लील पद भी सुने हैं जो
> लड़कों के गाल में पड़ने वाले गड्ढों को समलैंगिकता की निशानी मानते हैं।
>
> ----- Original Message -----

> *From:* दिनेशराय द्विवेदी <mailto:drdwi...@gmail.com>
> *To:* shabdc...@googlegroups.com
> <mailto:shabdc...@googlegroups.com>
> *Sent:* Monday, August 02, 2010 10:38 AM
> *Subject:* Re: [शब्द चर्चा] Re: डिम्पल


>
> डिम्पल के लिए इस के अतिरिक्त गुल के अलावा कोई एक शब्द संभवतः है ही
> नहीं। गुल के मिलने के बाद शायद उस की जरूरत भी नहीं।
>
> 2010/8/2 nrohilla <nroh...@gmail.com

> <mailto:nroh...@gmail.com>>


>
> तौबा है इलाही...
> उनके गालों पर गुल देखकर,
> हम होश गुल कर बैठे :)
>
>
> गुल बेहद हसीन शब्द लग रहा है गालों पर गड्ढों के लिये, लेकिन बोलचाल में
> गालों पर गड्ढे ही ज्यादा सुना/पढा है ।
>
>
>
>
> --
> दिनेशराय द्विवेदी, कोटा, राजस्थान, भारत
> Dineshrai Dwivedi, Kota, Rajasthan,
> क्लिक करें, पढ़ें ...

Abhay Tiwari

unread,
Aug 2, 2010, 4:09:05 AM8/2/10
to shabdc...@googlegroups.com
जैसा कि इसके स्वागत संदेश से स्पष्ट है, अपनी अभिव्यक्ति को माँजने के लिए यह
मंच किन्ही नैतिक और धार्मिक बेड़ियों से सीमित नहीं है; इसका उद्देश्य आपसी
सहायता से सही शब्द और सही अर्थ तक पहुँचना है। अगर यहाँ पर भी हमें श्लील और
अश्लील की विभाजक रेखा के लंघन के विचार मात्र से सिहरने लगें तो अर्थ विवेचना
कैसे होगी? अगर डौक्टर से मरीज़ और मरीज़ से डौक्टर शर्माने लगे तो हो चुका
इलाज! मगर इसका अर्थ ये भी नहीं है कि हम व्यर्थ की माच्चो बैंच्चो करने लगें..
जो लोग शब्द के अर्थ के प्रति सचेत होते हैं वे जब तक ज़रूरत न हो किसी शब्द का
प्रयोग नहीं करते..

----- Original Message -----
From: "V S Rawat" <vsr...@gmail.com>
To: <shabdc...@googlegroups.com>

Kapil Swami

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Aug 2, 2010, 4:14:15 AM8/2/10
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अगर यहाँ पर भी हमें श्लील और अश्लील की विभाजक रेखा के लंघन के विचार मात्र से सिहरने लगें तो अर्थ विवेचना कैसे होगी?

अभय जी से पूर्ण सहमति।

कपिल

2010/8/2 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

संजय | sanjay

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Aug 2, 2010, 5:40:13 AM8/2/10
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मुझे नहीं लगता यहाँ इस मंच पर कोई अपरिपक्व मस्तिष्क वाला होगा भी. अतः शब्दों को आने दो. संकोच होगा वहाँ चूप कर जाएंगे, और क्या?

2010/8/2 Kapil Swami <kapi...@gmail.com>

anil janvijay

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Aug 2, 2010, 6:15:36 AM8/2/10
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शब्द अश्लील नहीं होता शब्द के पीछे छिपी भावना अश्लील होती है। जैसे पुरूष अंग के लिए उपयोग में आने वाला दो अक्षरों का शब्द अश्लील माना जाता है, लेकिन उसकी उत्त्पत्ति के बारे में मुझे जो जानकारी मिली है उसके अनुसार तैमूर लंग लंगड़ा था और उसका एक पैर घुटनों तक कटा हुआ था। तैमूर लंग ने जब भारत पर आक्रमण किया तो उसके साथ जो सैनिक भारत आए वे तैमूर लंग का मज़ाक उड़ाते हुए अपने पुरूष अंग को लंग कहने लगे । उसी से वह शब्द निकल कर सामने आया जो आज अंग विशेष के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। आप लोग क्या सोचते हैं ? 

2010/8/2 संजय | sanjay <sanjay...@gmail.com>



--
anil janvijay
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संजय | sanjay

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Aug 2, 2010, 6:49:41 AM8/2/10
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क्या शिवलिंग की पूजा तैमूर के आने के बाद शुरू हुई होगी? या इससे पहले यह शिवलिंग न कहला कर कुछ और कहलाता था?

2010/8/2 anil janvijay <anilja...@gmail.com>

Pritish Barahath

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Aug 2, 2010, 6:54:24 AM8/2/10
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वाह जन विजय जी ! आपने तो खुले दिमाग़ों की दीवारें भी ढहा दी हैं। @ संजय जी ! आप गलत समझे हैं विजय जी ने लिंग के विषय में नहीं कहा है। लेकिन जन विजय जी संजय जी की बात पर गौर करें क्या आपके द्वारा इंगित किये गये शब्द का संबंध लिंग से नहीं है !
--
Pritish Barahath
Jaipur

अविनाश वाचस्पति

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Aug 2, 2010, 10:30:10 AM8/2/10
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पल का डिम पड़ जाना
डिम्‍पल कहलाता है
पर यहां तो गालों पर
रोशनाई लाता है। 
सादर

2010/7/31 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>
गालों में पड़नेवाले गढ़े के लिए अंग्रेजी का डिम्पल शब्द ही हिन्दी में भी प्रयुक्त है।
क्या इसके लिए कोई हिन्दी-उर्दू का शब्द याद आता है?
हिन्दी में कपोलभंग शब्द है पर यह भर्ती का लगता है।
--
शुभकामनाओं सहित
अजित
http://shabdavali.blogspot.com/

Abhay Tiwari

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Aug 2, 2010, 10:50:44 AM8/2/10
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लिंग सम्बन्धी शब्दों की चर्चा के लिए अलग चर्चा की शुरुआत की जा सकती है..

anil janvijay

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Aug 2, 2010, 11:00:40 AM8/2/10
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अभय जी, चाहें तो अलग से शुरूआत करें । लेकिन अगर हम मन में अश्लीलता नहीं रखें और शब्द को मात्र शब्द मानकर चलें तो यहाँ भी बात की जा सकती है। आख़िर तमाम शब्दकोशों में भी तो ये शब्द हैं ही। मैं तो अपने रूसी छात्रों को एक पूरा लैक्चर ही हर वर्ष इस सिलसिले में देता हूँ।

2010/8/2 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>
लिंग सम्बन्धी शब्दों की चर्चा के लिए अलग चर्चा की शुरुआत की जा सकती है..

Abhay Tiwari

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Aug 2, 2010, 11:22:50 AM8/2/10
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अनिल जी,
अलग चर्चा करने के तकनीकि लाभ हैं, और कोई परहेज़ नहीं.. डिम्पल की चर्चा लगभग समाप्त हो चुकी है.. इसलिए नए शब्द की चर्चा नए सूत्र में हो वही बेहतर है!
 
सादर

anil janvijay

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Aug 2, 2010, 11:49:13 AM8/2/10
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ठीक है, अभय जी ।

2010/8/2 Abhay Tiwari <abha...@gmail.com>

अजित वडनेरकर

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Aug 2, 2010, 1:00:53 PM8/2/10
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अहा...
अविनाशी विवेचना

बहुत खूब भाई....

2010/8/2 अविनाश वाचस्पति <avinashv...@gmail.com>
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