बसकठ

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पीयूष ओझा

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Jul 10, 2022, 6:51:50 PM7/10/22
to शब्द चर्चा
 विनोद कुमार शुक्ल की कविता 'दूब और हल्दी की पहली गाँठ' में आये इस शब्द का अर्थ किसी शब्दकोश में नहीं मिला। संदर्भ से लगता है कि यह बच्चे के पालने से सम्बन्धित है।

सुधीजन कृपया अर्थ बताएँ और यह भी कि दूब और हल्दी की गाँठ क्यों बाँधी जाती है।


दूब और हल्दी की पहली गाँठ

तुम्हारे जन्म के ठीक बाद

लिखी यह कविता

तुम्हारे जन्म के साथ की है

और जुड़वाँ है

परन्तु तुम बड़े हो

मनुष्य का जन्म बड़ा है

किसी भी कविता के जन्म से

और यद्यपि कविता मनुष्य को बड़ा बनाती है

और तुमको बड़ा होते देखने की यही कविता है

और इसीलिए कल ही जन्मे हो

और अभी से एक वर्ष बड़ा होने के इंतज़ार में

सत्तर का हो रहा हूँ चिरंजीव

तुम्हारी बसकठ के धागे में

दूब और हल्दी की पहली गाँठ

देखने की जल्दी है

और यह वर्षों की गाँठ

इतनी लम्बी हो चिरंजीव

यह मैं अन्तस से कह रहा हूँ

कि तुम्हारे पीछे दौड़ते-दौड़ते

यह समय थक जाएगा।


विनोद कुमार शुक्ल

Anil Janvijay

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Jul 11, 2022, 12:42:04 PM7/11/22
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बसकठ पालने को ही कहते हैं। बाँस के काठ को जोड़कर बनाया गया पालना बसकठ कहलाता है।
हल्दी और दूब का उपयोग पहले घर के सभी मांगलिक कामों में किया जाता था। इस बारे में
विद्या निवास मिश्र जी का एक लेख भी है, जो ’हिन्दी समय’ वेबसाइट में उपलब्ध है। उस लेख को पढ़ 

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पीयूष ओझा

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Jul 11, 2022, 7:05:30 PM7/11/22
to शब्द चर्चा
शुक्रिया, जनविजय जी!

Bodhi Sattva

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Jul 13, 2022, 5:15:42 AM7/13/22
to shabdc...@googlegroups.com
हमारे यहाँ यह 
"बंस खट" 
यानी 
"बाँस की खाट " या बाँस की छोटी खाट 

के रूप में प्रयोग होता है। 



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Dr. Bodhisattva, mumbai
0-9820212573
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