बहुत समय से इस शब्द के बारे में सोचता रहा हूँ, क्या हो सकती है इसकी
व्युत्पत्ति? बंगला और हिन्दी में ख़ूब प्रचलित है और अरबी-फ़ारसी से कोई
सम्बन्ध नहीं है। मोनियर-विलियम्स के अनुसार ब्रह्मवैवर्त पुराण में इसका
उल्लेख है.. आप्टे जी के कोश में इस शब्द की प्रविष्टि है तो सही मगर दी
हुई व्युत्पत्ति का ठीक-ठीक अर्थ कर सकने जितनी संस्कृत नहीं आती है
मुझे। जानकार लोग समझायें ;
पागल: पारक्षणम, तस्मात गलति विच्युतो भवति; पा+गल्+अच्