
| Name | Gender | Origin | Meaning | |||||
| Simar | Girl | Punjabi | One who is filled with God's spirit | |||||
On 23 दिस., 12:33, अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com> wrote:
> हाँ विनोदजी,
> सिमरन की ओर संकेत ज्यादा हैं।
> बलजीत भाई का इन्तजार है। वे ही सिमरराज और सिमरनजीत को सुलझाएँगे।
>
> सिमरराज समरराज हो सकता है।
>
> 2011/12/23 Vinod Sharma <vinodjisha...@gmail.com>
>
>
>
>
>
> > एक और लिंक है जिस पर भी यही अर्थ दिया है The baby girl name<http://www.birthvillage.com/Baby/Girl/Names/>
> > *Simar* comes from the Indian<http://www.birthvillage.com/Names/Origins//>word which means, "god's favorite."
> > Punjabi <http://www.birthvillage.com/Names/Origins/Punjabi/> word which
> > means, "to remember..usually used with reference to remebering God!."
> > Punjabi <http://www.birthvillage.com/Names/Origins/Punjabi/> word which
> > means, "to remember..usually used with reference to remebering God!."
> > लड़कियों के अलावा पुरुष नाम के रूप में इसका अर्थ यह दिया गया है
> > *(n.)* A woman's long dress or robe; also light covering; a scarf.
>
> > अजितजी और अनिलजी आपकी चर्चा के बीच मैं भी नेट पर ढूँढ रहा था तो यह अर्थ
> > मिला
> > Name Gender Origin Meaning
>
> > Simar <http://babynamesworld.parentsconnect.com/meaning_of_Simar.html>
> > Girl
> > Punjabi One who is filled with God's spirit
> > लिंक है
> >http://babynamesworld.parentsconnect.com/search.php?p=qsearch&s_copt3...
>
> > 2011/12/23 अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com>
>
> >> एक नया पेच आ गया है।
> >> अगर सिमर राज सिंह है तो *सिमरराज* से ही सिमर बना है।
> >> सिमरराज का असली रूप *समरराज* भी हो सकता है और *सिमरनराज *भी।
> >> यानी *सिमर* नाम
> >> *समर *से बना भी हो सकता है।
>
> >> *सिमरराज* भी मेरे लिए नया नाम है यानी सिखों से जुड़े जितनी तरह के नाम
> >> मैने जाने हैं उनमें।
>
> >> 2011/12/23 अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com>
>
> >>> बहुत शुक्रिया अनिल भाई,
> >>> यानी मेरा मानना सही है कि *सिमरन* से ही *सिमर* बना होगा।
>
> >>> *सिमर *की स्वतंत्र अर्थवत्ता नहीं है।
>
> --
>
> *
> अजित*http://shabdavali.blogspot.com/
> मोबाइल-
> औरंगाबाद- 07507777230- उद्धृत पाठ छिपाएँ -
>
> उद्धृत पाठ दिखाए
> > उद्धृत पाठ दिखाए- उद्धृत पाठ छिपाएँ -

On 24 दिस., 04:51, Abhay Tiwari <abhay...@gmail.com> wrote:
> सेमल के फल फीके नहीं होते बासी जी.. उनमें गूदे की जगह रूई भरी होती है। [?]
>
> बाक़ी सिमर चर्चा चालू रहे! [?]
>
> 2011/12/24 Baljit Basi <baljit_b...@yahoo.com>
> 330.png
> < 1Kदेखेंडाउनलोड करें
>
> 362.gif
> < 1Kदेखेंडाउनलोड करें- उद्धृत पाठ छिपाएँ -
उत्तर लम्बा हो जाने के डर से मैंने अगली तुक नहीं लिखी थी, उसका अर्थ ही


On 24 दिस., 06:51, अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com> wrote:
> *अनिल भाई,
> स्मरण, सुमिरन पर एक आलेख लिखा था। *
> Friday, June 24, 2011
> *स्मरण, सुमिरन से मेमोरंडम
> तक<http://shabdavali.blogspot.com/2011/06/blog-post_24.html>
> *
>
> 2011/12/24 Baljit Basi <baljit_b...@yahoo.com>

On 24 दिस., 09:58, अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com> wrote:
> युद्ध के अर्थ वाले *समर *की पृथक अर्थवत्ता है।
> यह संस्कृत का स्वतंत्र शब्द है। उसका *स्मरण* से सम्बन्ध नहीं।
>
> सिमर तो सिमरन का रूप ही है, यह आपकी गवाही से साबित हो गया।
>
> 2011/12/24 Baljit Basi <baljit_b...@yahoo.com>

Motiya, chameli, bela, ketki tarek phul tara-mira saronh te palayi
de,
Kesu, kachnaar ni sharee te amaltaas, tere layi hi khetan che ugayi
de,
Maruae da buta ik laya, ohde utte sohne hathan naal pani chhidkaja
ni,
Lehnga banvaya lajwantri da vekhi, haiga mech zara pa ke ta dikhaja
ni,
Kaahi diya dumbiya di jhallar bana ke, ni eh chet diya dhupan vich
payidi,
Kesu, kachnaar ni sharee te amaltaas, tere layi hi khetan che ugayi
de,
Motiya, chameli, bela, ketki tarek phul tara-mira saronh te palayi
de,
Ketki da phul tere kessan vich lava, dekhi digge na khayal zara rakh
ni,
Kashni je range ni tarek wale phul, teri chunni te lagavan sawa lakh
ni,
Chari deya sitteya da banuga paranda, phul san wale goteya nu layide,
Kesu, kachnaar ni sharee te amaltaas, tere layi hi khetan che ugayi
de,
Motiya, chameli, bela, ketki tarek phul tara-mira saronh te palayi
de,
Alsi de phullan de bana lawange gajre ni haar, tikka, jhanjhra te
boonde ni,
Kanka de siteya de banuge clip main udeekda sunehri kadon hunde ni,
Middiya saja ke chunni gal wich pa ke ni eh jaan-jaan lokan nu dikhayi
de,
Kesu, kachnaar ni sharee te amaltaas, tere layi hi khetan che ugayi
de,
Motiya, chameli, bela, ketki tarek phul tara-mira saronh te palayi
de,
Boota gulmohar da lagavange jado, tu ohde phul fulkari te lagayi ni,
Gula'nari kurti te chitte phul paune, je tu tinn-char dina layi aayi
ni,
Jana paina fer sanu maalve de val, ke doabe vich phul ni kapahi de,
Kesu, kachnaar ni sharee te amaltaas, tere layi hi khetan che ugayi
de,
Motiya, chameli, bela, ketki tarek phul tara-mira saronh te palayi
de,
Chhalli de sunheri vaal kalgi nu lavage, te daneya da ban juga daaj
ni,
Appe hi rang lavange gulabi chire chunniya, te surma vi pa lau
'Sartaj' ni,
Jehri rutte phul lagge aasa wale baans nu ni, supne vi odon hi vyahi
de,
Kesu, kachnaar ni sharee te amaltaas, tere layi hi khetan che ugayi
de,
Motiya, chameli, bela, ket
On 24 दिस., 10:55, अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com> wrote:
> कच्ची कली कचनार की
>
> मन्नाडे साब का गाना याद आ गया:)
>
> 2011/12/24 अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com>
>
>
>
> > हाँ कोटा में नयापुरा स्थित मेरे दफ्तर के पीछे भी काफी हरियाली थी। वहाँ
> > इसके पेड़ थे। मेरे ख्याल से सिविल लाइंस में जहाँ मैं रहता था वहां भी इसे
> > मैने देखा है।
> > इसकी तकिया बहुत आरामदेह होता है।
> > पर सब्ज़ी और भी ग़ज़ब होती है:)
>
> > 2011/12/24 दिनेशराय द्विवेदी <drdwive...@gmail.com>
>
> >> रुई वाले ये पेड़ इधर कोटा के आसपास कम नहीं हैं। एक तो जिला अदालत के परिसर
> >> में हैं। यहाँ हम इसे सेमल कहते हैं। जब इस के सुर्ख रंग के फूल आते हैं तो
> >> पत्ते सब झड़ चुके होते हैं। सारा पेड़ लाल हो जाता है। ठीक पलाश की तरह। बस
> >> फर्क इतना है कि पलाश कुछ केसरिया रंग का होता है और सेमल के फूल का रंग
> >> गुड़हल के फूल से कुछ हल्का लाल। फिर फूलों की पंखुरियाँ झड़ जाती हैं और
> >> फलों के फटने से रुई निकलती है। जो अदालत में जहाँ तहाँ हवा के साथ उड़ती रहती
> >> है। लोग कहते हैं इस की रुई गरम रहती है और स्पोंडिलाइटिस के मरीजों के लिए इस
> >> का तकिया बहुत काम का है।
>
> >> 2011/12/24 Baljit Basi <baljit_b...@yahoo.com>
> ...
>
> और पढ़ें »- उद्धृत पाठ छिपाएँ -
On 24 दिस., 10:55, अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com> wrote:
> कच्ची कली कचनार की
>
> मन्नाडे साब का गाना याद आ गया:)
>
> 2011/12/24 अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com>
>
>
>
> > हाँ कोटा में नयापुरा स्थित मेरे दफ्तर के पीछे भी काफी हरियाली थी। वहाँ
> > इसके पेड़ थे। मेरे ख्याल से सिविल लाइंस में जहाँ मैं रहता था वहां भी इसे
> > मैने देखा है।
> > इसकी तकिया बहुत आरामदेह होता है।
> > पर सब्ज़ी और भी ग़ज़ब होती है:)
>
> > 2011/12/24 दिनेशराय द्विवेदी <drdwive...@gmail.com>
>
> >> रुई वाले ये पेड़ इधर कोटा के आसपास कम नहीं हैं। एक तो जिला अदालत के परिसर
> >> में हैं। यहाँ हम इसे सेमल कहते हैं। जब इस के सुर्ख रंग के फूल आते हैं तो
> >> पत्ते सब झड़ चुके होते हैं। सारा पेड़ लाल हो जाता है। ठीक पलाश की तरह। बस
> >> फर्क इतना है कि पलाश कुछ केसरिया रंग का होता है और सेमल के फूल का रंग
> >> गुड़हल के फूल से कुछ हल्का लाल। फिर फूलों की पंखुरियाँ झड़ जाती हैं और
> >> फलों के फटने से रुई निकलती है। जो अदालत में जहाँ तहाँ हवा के साथ उड़ती रहती
> >> है। लोग कहते हैं इस की रुई गरम रहती है और स्पोंडिलाइटिस के मरीजों के लिए इस
> >> का तकिया बहुत काम का है।
>
> >> 2011/12/24 Baljit Basi <baljit_b...@yahoo.com>
> ...
>
> और पढ़ें »- उद्धृत पाठ छिपाएँ -
हिन्दी में भी अब सिमरन नाम रखा जाने लगा है।
साथियों,
इन दिनों एक टीवी सीरियल आ रहा है-ससुराल सिमर का। चैनल नहीं पता कौन सा है, पर प्रोमो (प्रमो) देखते हुए इसका नाम सुनने को मिलता है।
मैं जानना चाहता हूँ कि सिमर नाम का क्या अर्थ है? यह किसी चर्चित नाम का रूपान्तर है? मैने यह नाम पहली बार सुना है।
स्मरण को लोकबोली में सुमिरन कहा जाता है। भजने वाली माला को सुमिरनी कहते हैं। यह भी इसी मूल का है।
पंजाबी में यह सिमरन होता है और संज्ञा की तरह इससे व्यक्तिनाम भी बनते हैं जैसे सिमरनजीत सिंह या सिमरन कौर।
हिन्दी में भी अब सिमरन नाम रखा जाने लगा है।
क्या सिमरन से न का लोप होकर सिमर बनाया गया है? इससे पहले तो यह नाम मैने कहीं नहीं सुना। हिंखोज वाले भी इसमें उलझ गए। वे कहते हैं कि इसका डाटा उनके पास नहीं
है। बदले में वे समर शब्द आपके हवाले कर देते हैं, ज़ाहिर है इससे कुछ लेना देना नहीं है। गूगल पर सिमर की सर्च का परिणाम भी इसी धारावाहिक के सिमर से मुलाकात कराता है।
हिन्द शब्दसागर सिमर का अर्थ एक तरह का कपड़ा बताता है। ज़ाहिर है सेमल (सेमर) की रूई से बना होने की वजह से पूर्वी हिन्दी में इसे सिमर कहा जाता हो। इसका सम्बन्ध व्यक्तिनाम से
नहीं जुड़ता। टर्नर कोश में भी सिमर का रिश्ता शाल्मली वृक्ष बताया गया है। शाल्मली व्यक्ति नाम हो सकता है।
शाल्मली को स्त्रीवाची नाम हैं। बांग्ला और मराठी में भी यह नाम होता है। हिन्दी में भी कन्याओं का नाम शाल्मली रखा जाता है।
शाल्मली > शामली > सामली > सेमल > सिमर यह क्रम मान सकते हैं। पर क्या सचमुच सिमर नाम किसी ने इससे पहले सुना है?
शाल्मली का सिमर रूप तार्किक है मगर इस रूपान्तर से व्यक्तिनाम सिमर हुआ यह गले नहीं उतरता।
हाँ, सिमरन से न का लोप कर सिमर बनाया होगा, यह अज्ञानतावश हुआ रूपान्तर है, पर इस मूल से यह व्यक्तिनाम बना हो सकता है।
आपके मत की प्रतीक्षा है।
--
अजित
http://shabdavali.blogspot.com/
मोबाइल-
औरंगाबाद- 07507777230
On 24 दिस., 21:25, ePandit | ई-पण्डित <sharma.shr...@gmail.com> wrote:
> > हिन्दी में भी अब *सिमरन *नाम रखा जाने लगा है।
>
> अपने यहाँ यह नाम आम है। आजकल जनगणना के लिये जा रहा हूँ तो सिमरन नाम कई जगह
> मिला हाँ सिमर अब तक नहीं मिला।
>
> २३ दिसम्बर २०११ ९:२७ अपराह्न को, अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com> ने
> लिखा:
>
>
>
>
>
> > साथियों,
> > इन दिनों एक टीवी सीरियल आ रहा है-*ससुराल सिमर का*। चैनल नहीं पता कौन सा
> > है, पर प्रोमो (प्रमो) देखते हुए इसका नाम सुनने को मिलता है।
> > मैं जानना चाहता हूँ कि *सिमर* नाम का क्या अर्थ है? यह किसी चर्चित नाम का
> > रूपान्तर है? मैने यह नाम पहली बार सुना है।
>
> > स्मरण को लोकबोली में *सुमिरन* कहा जाता है। भजने वाली माला को *सुमिरनी*कहते हैं। यह भी इसी मूल का है।
> > पंजाबी में यह *सिमरन *होता है और संज्ञा की तरह इससे व्यक्तिनाम भी बनते
> > हैं जैसे *सिमरनजीत सिंह* या *सिमरन कौर*।
> > हिन्दी में भी अब *सिमरन *नाम रखा जाने लगा है।
>
> > क्या *सिमरन *से *न* का लोप होकर सिमर बनाया गया है? इससे पहले तो यह नाम
> > मैने कहीं नहीं सुना। *हिंखोज* वाले भी इसमें उलझ गए। वे कहते हैं कि इसका
> > डाटा उनके पास नहीं
> > है। बदले में वे *समर* शब्द आपके हवाले कर देते हैं, ज़ाहिर है इससे कुछ
> > लेना देना नहीं है। गूगल पर सिमर की सर्च का परिणाम भी इसी धारावाहिक के *
> > सिमर* से मुलाकात कराता है।
>
> > हिन्द शब्दसागर *सिमर *का अर्थ एक तरह का कपड़ा बताता है। ज़ाहिर है *सेमल
> > (सेमर) *की रूई से बना होने की वजह से पूर्वी हिन्दी में इसे *सिमर *कहा
> > जाता हो। इसका सम्बन्ध व्यक्तिनाम से
> > नहीं जुड़ता। टर्नर कोश में भी *सिमर* का रिश्ता *शाल्मली* वृक्ष बताया गया
> > है। शाल्मली व्यक्ति नाम हो सकता है।
>
> > *शाल्मली *को स्त्रीवाची नाम हैं। बांग्ला और मराठी में भी यह नाम होता है।
> > हिन्दी में भी कन्याओं का नाम *शाल्मली* रखा जाता है।
>
> > *शाल्मली > शामली > सामली > सेमल > सिमर* यह क्रम मान सकते हैं। पर क्या
> > सचमुच सिमर नाम किसी ने इससे पहले सुना है?
>
> > *शाल्मली *का *सिमर *रूप तार्किक है मगर इस रूपान्तर से व्यक्तिनाम *सिमर*हुआ यह गले नहीं उतरता।
>
> > हाँ, सिमरन से *न* का लोप कर *सिमर *बनाया होगा, यह अज्ञानतावश हुआ रूपान्तर
> > है, पर इस मूल से यह व्यक्तिनाम बना हो सकता है।
>
> > आपके मत की प्रतीक्षा है।
>
> > --
>
> > *
> > अजित*
> >http://shabdavali.blogspot.com/
> > मोबाइल-
> > औरंगाबाद- 07507777230
>
> --
> *Shrish Benjwal Sharma* *(श्रीश बेंजवाल शर्मा <http://hindi.shrish.in>)*
> ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
> *If u can't beat them, join them.*
>
> ePandit <http://epandit.shrish.in/>:* *http://epandit.shrish.in/- उद्धृत पाठ छिपाएँ -
On 23 दिस., 10:57, अजित वडनेरकर <wadnerkar.a...@gmail.com> wrote:
> साथियों,
> इन दिनों एक टीवी सीरियल आ रहा है-*ससुराल सिमर का*। चैनल नहीं पता कौन सा है,
> पर प्रोमो (प्रमो) देखते हुए इसका नाम सुनने को मिलता है।
> मैं जानना चाहता हूँ कि *सिमर* नाम का क्या अर्थ है? यह किसी चर्चित नाम का
> रूपान्तर है? मैने यह नाम पहली बार सुना है।
>
> स्मरण को लोकबोली में *सुमिरन* कहा जाता है। भजने वाली माला को *सुमिरनी* कहते
> हैं। यह भी इसी मूल का है।
> पंजाबी में यह *सिमरन *होता है और संज्ञा की तरह इससे व्यक्तिनाम भी बनते हैं
> जैसे *सिमरनजीत सिंह* या *सिमरन कौर*।
> हिन्दी में भी अब *सिमरन *नाम रखा जाने लगा है।
>
> क्या *सिमरन *से *न* का लोप होकर सिमर बनाया गया है? इससे पहले तो यह नाम मैने
> कहीं नहीं सुना। *हिंखोज* वाले भी इसमें उलझ गए। वे कहते हैं कि इसका डाटा
> उनके पास नहीं
> है। बदले में वे *समर* शब्द आपके हवाले कर देते हैं, ज़ाहिर है इससे कुछ लेना
> देना नहीं है। गूगल पर सिमर की सर्च का परिणाम भी इसी धारावाहिक के *सिमर* से
> मुलाकात कराता है।
>
> हिन्द शब्दसागर *सिमर *का अर्थ एक तरह का कपड़ा बताता है। ज़ाहिर है *सेमल
> (सेमर) *की रूई से बना होने की वजह से पूर्वी हिन्दी में इसे *सिमर *कहा जाता
> हो। इसका सम्बन्ध व्यक्तिनाम से
> नहीं जुड़ता। टर्नर कोश में भी *सिमर* का रिश्ता *शाल्मली* वृक्ष बताया गया
> है। शाल्मली व्यक्ति नाम हो सकता है।
>
> *शाल्मली *को स्त्रीवाची नाम हैं। बांग्ला और मराठी में भी यह नाम होता है।
> हिन्दी में भी कन्याओं का नाम *शाल्मली* रखा जाता है।
>
> *शाल्मली > शामली > सामली > सेमल > सिमर* यह क्रम मान सकते हैं। पर क्या सचमुच
> सिमर नाम किसी ने इससे पहले सुना है?
>
> *शाल्मली *का *सिमर *रूप तार्किक है मगर इस रूपान्तर से व्यक्तिनाम *सिमर* हुआ
> यह गले नहीं उतरता।
>
> हाँ, सिमरन से *न* का लोप कर *सिमर *बनाया होगा, यह अज्ञानतावश हुआ रूपान्तर
> है, पर इस मूल से यह व्यक्तिनाम बना हो सकता है।
>
> आपके मत की प्रतीक्षा है।
>
> --
>
> *
> अजित*http://shabdavali.blogspot.com/
