पार्थ शब्द

921 views
Skip to first unread message

Satya Prakash

unread,
Feb 7, 2011, 12:55:53 PM2/7/11
to शब्द चर्चा
मित्रवर 'पार्थ' शब्द पर थोड़ा प्रकाश डालें

अजित वडनेरकर

unread,
Feb 7, 2011, 1:08:31 PM2/7/11
to shabdc...@googlegroups.com
पार्थ बना है पृथा से जो कुन्ती का नाम था। इस नाते पृथा से उत्पन्न पुत्रों को पार्थ कहा जा सकता है मगर पार्थ नाम अर्जुन के लिए ही रूढ़ हुआ।
इसीलिए महाभारत में अर्जुन के सारथी बने कृष्ण को भी एक नया नाम मिल गया-पार्थसारथी।

2011/2/7 Satya Prakash <spm...@gmail.com>

मित्रवर 'पार्थ' शब्द  पर थोड़ा  प्रकाश डालें



--
शुभकामनाओं सहित
अजित
http://shabdavali.blogspot.com/

Satya Mishra

unread,
Feb 7, 2011, 1:55:04 PM2/7/11
to shabdc...@googlegroups.com

पृथा से पार्थ बना लेकिन इस शब्द का वास्तविक  अर्थ और आशय ?



2011/2/7 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>

अजित वडनेरकर

unread,
Feb 7, 2011, 2:01:40 PM2/7/11
to shabdc...@googlegroups.com
इतना अर्थ काफी नहीं?

2011/2/8 Satya Mishra <spm...@gmail.com>

Satya Mishra

unread,
Feb 7, 2011, 2:10:40 PM2/7/11
to shabdc...@googlegroups.com
कैसे काफी हो सकता है ...

2011/2/8 अजित वडनेरकर <wadnerk...@gmail.com>

Abhay Tiwari

unread,
Feb 7, 2011, 8:58:31 PM2/7/11
to shabdc...@googlegroups.com
पृथा का अर्थ पृथ्वी है। पृथ् धातु का अर्थ है विस्तार करना। जो दूर तक फैली हुई है वही है पृथिवी (ऐसे भी लिखते हैं)। जो चौड़ा है, प्रशस्त है वह है पृथु या पृथुल।
 
पर पार्थ का अर्थ सिर्फ़ पृथा का पुत्र है। पृथा भी स्रिफ़ एक ही मिलती है जो कुंती के नाम से जानी गई। असल में तीन पाण्डव पार्थ है, बाक़ी दो तो माद्रेय हैं। हालांकि कुंती की सर्वाधिक ममता सबसे छोटे और सबसे सुन्दर माद्रीपुत्र सहदेव पर थी।
Reply all
Reply to author
Forward
0 new messages