करण में करने का और
सरण में चलने का, पीछे जाने का भाव है। सरण की रिश्तेदारी सरणि यानी मार्ग से है। सड़क शब्द भी इसी कड़ी में आता है।
अनुसरण और
अनुगमन समानार्थी हैं। अनुगामी यानी पीछे चलने वाला।
अनुसार शब्द का अर्थ होता है "...की तरह से" "...के मुताबिक"
अनुकरण में किसी के जैसा करने का भाव है।
अनुसरण और
अनुगमन में किसी की शैली को अपनाने का भाव है।
किसी के साथ-साथ चरने के संदर्भ में भी अनुसरण शब्द का प्रयोग होता है। पर किसी के साथ कंधे से कंधा मिला कर काम करने को अनुकरण नहीं कहा जा सकता, यही सूक्ष्म फ़र्क है दोनों में वर्ना व्यावहारिक तौर पर दोनों में किसी के समान आचरण करने का ही भाव है। वाक्य या संदर्भ के अनुसार ही दोनों का प्रयोग किया जाना चाहिए।
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अजितhttp://shabdavali.blogspot.com/
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