हिमालयात् समारभ्य यावत् इन्दु सरोवरम्। तं देवनिर्मितं देशं हिन्दुस्थानं प्रचक्षते॥
अर्थात, हिमालय से प्रारम्भ होकर इन्दु सरोवर (हिन्द महासागर) तक यह देव निर्मित देश हिन्दुस्थान कहलाता है।
हाँ यह सम्भव है कि हिन्दुस्थान का अपभ्रंश हिन्दुस्तान अरबी देशों की भाषाओं के प्रभाव से हुआ हो।
हिन्दू शब्द उस समय धर्म की बजाय राष्ट्रीयता के अर्थ में प्रयुक्त होता था। चूँकि उस समय भारत में केवल वैदिक धर्म को ही मानने वाले लोग थे, बल्कि तब तक अन्य किसी धर्म का उदय नहीं हुआ था इसलिये "हिन्दू" शब्द सभी भारतीयों के लिये प्रयुक्त होता था। भारत में केवल वैदिक धर्मावलम्बियों (हिन्दुओं) के बसने के कारण कालान्तर में विदेशियों ने इस शब्द को धर्म के सन्दर्भ में प्रयोग करना शुरु कर दिया।
2011/3/17 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com>
हिन्दुस्थान किस तरह सही है ?हिंदु +स्थान ? हिंदु माने क्या ?हिन्दू तो नहीं.हिन्दुस्तान शायद हिन्दोस्ताँ से विकसित रूप है.
हिंदी विकिपीडिया के आलेख "हिंदुस्तान" में भी फ़िलहाल इसी लेख के शब्द
दिए हुए हैं। वहाँ स्रोत में इसका लिंक नहीं जोड़ा।
प्रचलित धारणा के विपरीत "हिन्दुस्थान" भारत का प्राचीन नाम है जिसका अपभ्रंश "हिन्दुस्तान" है। प्राचीन ग्रन्थ "बृहस्पति आगम" के अनुसार:
हिमालयात् समारभ्य यावत् इन्दु सरोवरम्। तं देवनिर्मितं देशं हिन्दुस्थानं प्रचक्षते॥अर्थात, हिमालय से प्रारम्भ होकर इन्दु सरोवर (हिन्द महासागर) तक यह देव निर्मित देश हिन्दुस्थान कहलाता है।
हाँ यह सम्भव है कि हिन्दुस्थान का अपभ्रंश हिन्दुस्तान अरबी देशों की भाषाओं के प्रभाव से हुआ हो।
हिन्दू शब्द उस समय धर्म की बजाय राष्ट्रीयता के अर्थ में प्रयुक्त होता था। चूँकि उस समय भारत में केवल वैदिक धर्म को ही मानने वाले लोग थे, बल्कि तब तक अन्य किसी धर्म का उदय नहीं हुआ था इसलिये "हिन्दू" शब्द सभी भारतीयों के लिये प्रयुक्त होता था। भारत में केवल वैदिक धर्मावलम्बियों (हिन्दुओं) के बसने के कारण कालान्तर में विदेशियों ने इस शब्द को धर्म के सन्दर्भ में प्रयोग करना शुरु कर दिया।
2011/3/17 ashutosh kumar <ashuv...@gmail.com>
हिन्दुस्थान किस तरह सही है ?हिंदु +स्थान ? हिंदु माने क्या ?हिन्दू तो नहीं.हिन्दुस्तान शायद हिन्दोस्ताँ से विकसित रूप है.
यदि सही ही जानना चाहते है तो हिन्दुस्थान ही सही है। यदि भेड़ चाल में आप भी चलना चाहते है तो फिर हिन्दुस्तान कह सकते है।
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Shrish Benjwal Sharma (श्रीश बेंजवाल शर्मा)
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हिन्दुस्तान को उर्दू में हिन्दोस्तां भी लिखते हैं। जैसा कि ज़ाहिर है
इस शब्द के दो हिस्से हैं एक हिन्द और दूसरा स्तान। पहले दूसरे की बात।
स्तान उस भाषा समूह का शब्द है जिसे भारोपीय कहा जाता है। इसमें स्थिरता
का भाव है। संस्कृत के स्थान और स्तान, दोनों के मूल में स्था धातु है।
इस स्था धातु के दर्शन अंग्रेज़ी के स्टेशन और स्टैण्ड में भी होते हैं।
अंग्रेज़ी या योरोपीय भाषाओं में इस धातु का प्रयोग बड़े भौगोलिक हिस्से
की संज्ञा बनाने में नहीं होता। संस्कृत या भारतीय परम्परा में भी
जनस्थान या देवस्थान जैसे शब्द आते हैं मगर किसी देश या प्रदेश को
चिह्नित करने के लिए इस धातु का प्रयोग नहीं देखा जाता। जबकि फ़ारसी और
दूसरी मध्येशियाई भाषाओं ने इस धातु का इस अर्थ में व्यापक इस्तेमाल किया
है। जिसके चलते तुर्किस्तान, तुर्कमेनिस्तान, कज़ाकिस्तान, ताज़िकस्तान,
उज़बेकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान आदि नाम सामने आए।
अब हिन्दोस्तां शब्द का पहला हिस्सा- हिन्द। संस्कृत के किसी प्राचीन
ग्रंथ में यह शब्द नहीं मिलता। हम जिसे अपना देश जानते हैं उस भौगोलिक
प्रदेश की संज्ञा जम्बूद्वीप या भारतवर्ष मिलती है। अगर किसी संस्कृत
श्लोक में यह शब्द आया है तो उसे इस शब्द की प्राचीनता का प्रमाण मान
लेना, सिर्फ़ इस आधार पर कि श्लोक की भाषा संस्कृत है, बचकाना निष्कर्ष
है। वैसे भी हिन्दोस्तां का अर्थ पूरा भारत देश नहीं रहा है। उसका अर्थ
सिर्फ़ पंजाब और बंगाल को निकालने के बाद जो उत्तर भारत का हिस्सा बचता
है, वही रहा है। १८५७ तक महाराष्ट्र के लोग जब ग्वालियर-झांसी जाते थे तो
कहते कि हिन्दोस्तां जा रहे हैं।
इस हिन्द शब्द की निश्चित रिश्तेदारी सिन्धु नदी से है। सिकन्दर जब भारत
आया तो सिन्धु पार करके ही लौट गया। तब से यूनान में इस देश की संज्ञा
इण्डिया हो गयी- सिन्धु का इण्ड हो कर। अरब देशों का नाता भारत से पुराना
है- अरब संस्कृत से भी पुराना। मगर वे तब हमें किस नाम से जानते थे, इसके
प्रमाण नहीं है। पर इस्लाम आने के बाद अरब और तुर्की में सिन्द और हिन्द
दोनों के स्वतंत्र अस्तित्व की जानकारी उनके पास थी। रूमी ने एक जगह लिखा
है, जिसका अनुवाद मैंने अपनी किताब कलामे रूमी में यूं किया है:
हिन्दुओं के वास्ते है सही हिन्दी तरीक़ा
सिन्धियों के वास्ते है सही सिन्धी सलीक़ा
[यहाँ हिन्दू का अर्थ हिन्द के वासी ही है। बाद में भी जब मुसलमानों की
ज़ुबान से हिन्दू शब्द प्रचलित हुआ तो उसका अर्थ भारत में रहने वाले सभी
ग़ैर-मुस्लिम ही था।]
ये तो साफ़ है कि हिन्द का सम्बन्ध सिन्ध से ही है मगर ये कब और कैसे अलग-
अलग हुए, यह नहीं कहा जा सकता। सम्भव है यूनानियों के इण्डिया को उन्होने
हिन्द के बतौर क़बूल किया हो। मगर ये बात पक्की तौर नहीं कह सकता। पर एक
बात ज़रूर पक्की तौर पर कह सकता हूँ कि हिन्दुस्थान, हिन्दोस्तां का एक
परिष्कृत रूप है और यह भौगोलिक और सांस्कृतिक से ज़्यादा एक राजनैतिक
शब्द है।