डॉ.सरोजिनी साहू का विश्व की नारीवादी लेखिकाओं में एक विशिष्ट स्थान हैं. अपने ब्लॉग'सरोजिनी साहू की श्रेष्ठ कहानियां' में मैंने लेखिका की कई चुनी हुई कहानियों का अनुवाद पेश करने का प्रयास किया है. इस क्रम में सम्प्रति प्रस्तुत कहानी 'बलात्कृता' कहानीकार की सद्यतम प्रकाशित कहानियों में से है, जो न तो किसी दूसरी भाषा में अनुदित हुई है, न किसी कहानी संग्रह में संकलित हुई है. यह कहानी 'टाईम्स ऑफ़ इंडिया ग्रुप' की ओड़िया पत्रिका 'आमो समय' के जून , २००९ अंक में प्रकाशित हुई है. कहानी का मूल शीर्षक 'धर्षिता' था , पर'धर्षिता' शब्द हिंदी में न होने के कारण मैंने उस कहानी का शीर्षक 'बलात्कृता' रखना उचित समझा. कहानीकार की सद्यतम कहानी का प्रथम हिंदी अनुवाद पेश करते हुए मुझे अत्यंत हर्ष हो रहा है.
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आभारी
दिनेश कुमार माली