रेप तथा अन्य कहानियाँ

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Sense & Sensuality

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Jul 27, 2011, 9:13:16 PM7/27/11
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औरतों के प्रति रेप से बड़ा शायद ही कोई अपराध हो। यह हर उस समाज के मुंह
पर करारा तमाचा है जो सभ्य होने का दावा करता है। पर क्या रेप केवल एक
अनजान आदमी के हाथों ही होता है? क्या रेप केवल शरीर का ही हो सकता है?
प्रस्तुत कहानियां महिलाओं से जुड़े कुछ ऐसे ही सवाल उठाती हैं और पाठकों
को उनके उत्तर तलाशने को मजबूर कर देती हैं।

उड़ीसा साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित सरोजिनी साहू एक स्त्रीवादी
लेखिका के रूप में जानी जाती है। आप अंग्रेज़ी पत्रिका ‘इंडियन एज’ की
सहायक संपादक हैं और ‘द न्यू इंडियन इक्सप्रेस’ में नियमित रूप से लिखती
हैं। आपके उड़िया में आठ उपन्यास और दस कहानी-संग्रह छप चुके हैं।

अनुक्रम


रेप
बलात्कृता
दुःख अपरिमित
छिन्न-मूल
चौखट
गैरेज
लोफर
प्रतिबिम्ब
अमृत-प्रतीक्षा
माया
छिः!
असार

रेप तथा अन्य कहानियाँ
सरोजनी साहू
पृष्ठ : 174
मूल्य : Rs. 175
प्रकाशक : राजपाल प्रकाशन
आईएसबीएन : 81-7028-921-1
प्रकाशित : जनवरी ०१, २०१०
पुस्तक क्रं : 7947
http://pustak.org:2671/home.php?bookid=7947

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